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Chandipura Virus Kya Hai: हाल ही में गुजरात में चांदीपुरा वायरस के संक्रमण ने एक बार फिर से चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस बीमारी के प्रकोप से अब तक 22 बच्चों की जान जा चुकी है। वैसे तो यह वायरस काफी दुर्लभ है, लेकिन सालों से एक बात जो सबसे ज्यादा डराने वाली रही है, वह यह है कि महज 24 से 48 घंटे के भीतर स्थिति जानलेवा बन जाती है। आखिर ऐसा क्यों है कि यह वायरस बड़ों की तुलना में छोटे बच्चों को ही अपना सबसे बड़ा शिकार बना रहा है? क्या बच्चे आसानी से संक्रमित हो जाते हैं या फिर वायरस उनके शरीर पर कुछ अलग तरीके से हमला करता है? आइए, समझते हैं इसके पीछे छिपे हुए वो खतरे जिन्हें माता-पिता को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।Chandipura Virus Kya Hai: Gujarat Chandipura Virus Ke Lakshan,Karan Aur Kaise Bache ?

The recent Chandipura virus outbreak in Gujarat has once again raised concerns. The outbreak has claimed the lives of 22 children so far. Although this virus is quite rare, one thing that has been most frightening for years is that it can become fatal within just 24 to 48 hours. Why is this virus hitting young children harder than adults? Are children more easily infected, or does the virus attack their bodies differently? Let's understand the underlying dangers that parents should never ignore.

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Gujarat's Chandipura Virus Outbreak: 22 Children Dead, Here's What Parents Must Know :: https://www.boldsky.com/health/gujarats-chandipura-virus-outbreak-22-children-dead-heres-what-parents-must-know-172151.html?ref=DMDesc



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00:08इस बीमारी के प्रकोप ने अब तक 22 बच्चों की जान जा चुकी है
00:12वैसे तो ये वाइरस काफी दुरलब है लेकिन सालों से एक बाद जो सबसे डराने वाली है
00:17वो ये की महज 24 से 48 घंटों के भीतर ही इस्तिती जानलेवा बन जाती है
00:23आखर ऐसा क्यों है ये वाइरस बड़ों की तुलना में चोटे बच्चों को ही अपना शकार क्यों बना रहा है
00:28क्या बच्चे आसानी से संक्रमत हो जाते हैं या फिर वाइरस उनके शरीर पर कुछ अलग तरीके से हमला करता
00:35है
00:35आईए समझते हैं इसके लक्षन, कारण और किस तरह से इससे बचा किया जाए
00:41ये वाइरस जानबूज कर बच्चों को नहीं चुनता
00:44बलकि छोटे बच्चों का नर्वस सिस्टेम इसस वाइरस से होने वाले नुकसान को जेल ही नहीं पाता
00:48दरसल पांच साल से कम उम्र के बच्चों के दिमाग में बलेड ब्रेन बैरियर पूरी तरह से डेवलप नहीं होता
00:56आमतर पर ये परत हानिकारक तत्वों को दिमाग तक पहुँशने से रोकती है
01:01इसके पूरी तरह से मेच्चे और नहोने के कारण वाइरस आसानी से ब्रेन तक पहुँच जाता है और भारी सूजन
01:08पैदा कर देता है
01:09चुकि शुरुवाती सालों में बच्चे का दिमाग बहुत तेजी से बढ़ रहा होता है
01:12इसले वाइरस का ये हमला उनके चलने, फिरने, बोलने, सीखने और व्यभार के श्रमता को गंभी रूप से रोक देता
01:20है
01:20बच्चों के रोजमरा की एक्टिविटीज भी उने संक्रमत होने का जोखिम बढ़ाती है
01:25चांदीपरा वाइरस मुख्य रूप से सैंड फ्लाई के जरिये फैलता है
01:29ये मक्खिया जादा उचाई तक नहीं उड़ पाती और जमीन के करीब ही रहती है
01:33छोटे बच्चे अपना जायतार वक्त जमीन पर रिंगते हुए, खेलते हुए या सोते हुए बिताते हैं
01:38अकसर उनके हाथ पैर खुले रहते हैं जिससे वयसकों की तुलना में उन्हें सैंड फ्लाई के काटने का खत्रा कई
01:44गुना रहता है
01:45खास्तोर से ग्रामेड अलाकों में रहने वाले बच्चों को इसका जोखिम जादा होता है
01:50इस बीमारी की सबसे डिरावनी बात इसकी तेजी है
01:53संक्रमन होने पर इसके लक्षन बहुत तेजी से बदलते हैं
01:57शुरवात में बच्चे को अचानक बहुत तेज बुखार आता है
02:01उल्टियां होती है और भयंकर सिरदर्द के शिकायत होती है
02:04अगर ध्यान ना दिया जाए तो ये तेजी से एक्यूट एंसेफलाइटिस का रूप ले लेता है
02:09बच्चे को मिर्गी जैसे दौरे पढ़ने लगते हैं
02:12और वो बेहोशी या मानसिक भ्रहम का शिकार हो सकता है
02:15मरीज की हालत महज 24 से 48 घंटों के भीतर ही नाजुक हो जाती है
02:20ऐसे में बीमारी को जल्दी पहचानना और बच्चे को तुरंत अस्पताल में भरती करना बेहद एहम कदम है
02:27चांदीपुरा वाइरस के इलाज में सबसे बड़ी चुनौती ये है कि फिलहाल इसके लिए मेडिकल साइंस में कोई खास एंटी
02:33वाइरल दवा या लाइसेंसी वैक्सीन मौजूद नहीं है
02:36अस्पताल में डॉक्टरों की पूरी कोशिस, इंटेंसिव, सपोर्टिव केर के जरीए मरीज की जान बचाने पर होती है
02:44इसमें खासतोर पर शरीर में पानी की कमी को रोकना, मिर्गी के दौरों को काबू में करना, बच्चे को नियूरोलाजिकल
02:50स्थिती पर लगातार नजर बना रखना
02:52जब किसी बीमारी की सटीक दवा ना हो तो बचा भी सबसे बड़ा हतियार होता है
02:57अपने बच्चे को सुरक्षत रखने के लिए माता पिता हमेशा उन्हें पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं मच्छरों और मक्यों से
03:03बचा कर रखें
03:04घर और आसपास बिलकुल भी गंदगी या पानी जमा ना होने दे ताकि सैंडफलाई और मच्छरों को पनपने की जगा
03:10न मिले
03:11अगर आप ऐसे इलाके में रहते हैं जहां चांदी पुरा वाइरस के मामले बढ़ गए हैं
03:15तो एक्स्ट्रा साफधानी बरते बच्चों को बाहर खेलने ना भेजें अचानक तेज बुखार आए और साथ में बहुशी या दौरे
03:22जैसे दिमागी लक्षण दिखें तो बिना एक पल गवाए सीधे डॉक्टर के पास जाएं
03:27फिल्हालस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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