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Aerial footage captures vast crowds gathered at the Jamkaran Mosque in Qom as mourners attend the funeral prayer for Ayatollah Ali Khamenei on July 7, 2026. The prayer was led by Grand Ayatollah Javadi Amoli before the late leader's funeral procession. Thousands filled the mosque complex and surrounding areas, creating a sea of mourners during the solemn ceremony. The event marks a pivotal moment for Iran as the country bids farewell to its longtime Supreme Leader, with the proceedings drawing close attention across the Middle East and around the world amid heightened regional uncertainty.

7 जुलाई 2026 को ईरान के क़ोम स्थित जमकरान मस्जिद में अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम नमाज़-ए-जनाज़ा में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे। हवाई दृश्यों में मस्जिद परिसर और उसके आसपास का इलाका शोक मनाने वालों की भारी भीड़ से खचाखच भरा दिखाई दिया। दिवंगत सर्वोच्च नेता की अंतिम यात्रा से पहले ग्रैंड अयातुल्ला जवादी आमोली ने जनाज़े की नमाज़ अदा कराई। इस भावुक और ऐतिहासिक अवसर पर पूरे परिसर में मातम का माहौल देखने को मिला। ईरान के लंबे समय तक सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए आयोजित यह समारोह देश के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण माना जा रहा है। मध्य पूर्व में जारी तनाव और क्षेत्रीय अनिश्चितताओं के बीच इस अंतिम संस्कार पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं।

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Transcript
00:00इतिहास की सबसे बड़ी खूबी जानते हैं क्या है? ये कभी ठैरता नहीं जो जमीन कभी बारू दुगलती थी जहां
00:07दो देशों की दुश्मनी में लाखो लोगों का खूम बह गया
00:10आज वक्त के पएये ने ऐसा चतकर काटा है कि उसी दुश्मन देश की धरती पर एक देश के सबसे
00:16बड़े रहबर का जनाजा पहुचने वाला है
00:19नमस्कार मैं हूँ संद्या और आज हम आपको लेकर चल रहे हैं पश्चिमेशिया यानि मिडलीज की उस एतिहासिक कहानी के
00:25बीच जिसने पूरी दुनिया को जगचोर कर रख दिया है
00:28इरान के सुप्रीम लीडर आयातुला ली खामनाई अब इस दुनिया में नहीं रहा है और बड़ी दोजाट शब्रीस में हुए
00:33एक हमले के बाद से जो तनाव शुरू हुआ था वो आज एक ऐसे मोड पर आकर खड़ा हुआ है
00:38जिस पर यकीन करना मुश्किल है
00:40इरान के सरवोच नेता की मैयत को अब उस देश ले जाया जा रहा है जो कभी उनका जानी दुश्मन
00:46हुआ करता था यानि की इरान
00:48कर्शान तक इरान की राजधानी तेहरान की सड के इंसानों के समंदर में तब्दील हो चुकी थी लाखो लोग अपने
00:54रहबर के आखरी दीदार के ये सड को पर थे
00:57अजादी स्ट्रीट पर तो पैर रखने तक भी जगा नहीं थी लोगों के हाथों में लाल जुंडे थे जो शिया
01:03परमपरा में प्रतिरोध और बदले का प्रतीक माने जाते हैं
01:06हवाओं में या लथारत अल खामिनाई के नारे गूंड रहे थे और आज यानि 7 जुलाई को खामिनाई के पार्थिफ
01:13शवीर को हेलिकॉप्टर के जरिये शिया मजभवी तालीम के सबसे बड़े मरकस कौम शहर ले जाया जाएगा
01:19कौम की जमकरान मस्दिद में इस वक्त उनके पार्थिफ शवीर को अंतिम रस्मों के लिए रखा गया है
01:24ये वही शहर है जहां से खामिनाई ने कभी धार्मिक सिक्षाली थी
01:28इरान के राश्यपती मसूद पेजश्कियन और सेना प्रमुक अमेर हात्मी ने दो टूक कह दिया है कि इस शहादत का
01:35बदला लिया जाएगा
01:36लेकिन इस पूरी खबर का सबसे दिल्चस्प और हैरान करने ने वाला हिस्सा आप शुरू होता है
01:42कल यानी 8 जुलाई को खामिनाई का जुनाजा इरान के सरहत पार करके इराक जाएगा
01:46वही इराक जिसके साथ इरान ने 1980 से 1988 तक पूरे आठ साल तक एक बेहत पूनी जंग लड़ी थी
01:54कहाने को थोड़ा पीछे ले चलते हैं
01:56इस साल 1989 में इरान में इस्लामिक क्रांती हुए
01:59अयातुला रहोला खौमैनी देश के पहले सुप्रीम लीडर बने
02:03पड़ोसी देश इराक के राश्रपती सदम हुसेन शिया बहुल देश के इस क्रांती से डर गया
02:08लगा कि ये चुंगारी इराक के शिया इलाकों में भी भड़क सकती है
02:12इसी डर और सीमा विवाद के चलते 1980 में सदम हुसेन ने इरान पर हमला कर देए
02:16इस आठ साल की लंबी जंग में रसाइनिक हथियारों का इस्तमाल हुआ
02:20शहर के शहर मलबे में तब्दील हो गए और करीब आठ लाक लोगों की जान चली
02:25खुदली खामनाई ने इस जंग में एक सैनेक और कमांडर की तौर पर इराक के खिलाफ लोगा लिया था
02:30सोची जिस देश के किलाफ खामनाई खुद लड़े आज उसी देश के पवित्र शहरों नजब और कर्बला में उनका जनाजा
02:37ले जाया जा रहा है
02:38पर क्यों इसके पीछे बहुत गहरा धार्मिक और राजनीतिक संदेश है
02:42दरसल सद्दम हुसेन का दौर अब खत्म हो चुका है और आज इराक की राजनीति पर इरान का बहुत मजबूत
02:48प्रभाव है
02:49नजब और कर्बला पूरी दुनिया के शिया मुसल्मानों के लिए आस्था के सबसे बड़े केम रहे
02:54नजब में हजरत इमाम अली का रोजे मुबारक है खामनाई के शब को वहाँ ले जाने का मतलब ये है
03:00कि उन्हें सीधे तोर पर शिया इतिहास की महान शहादतों और इमामों की विरास्त से जोड़ा जा रहा है
03:06ये कदम पूरी दुनिया को ये संदेश देता है कि अली कामनाई सर्थ इरान के नेता नहीं थे बलकि वो
03:11पूरी दुनिया के शिया समुदाय के रहबर थे
03:14ये इरान के बढ़ते रणनीतिक और धार्मित प्रुभाव की जीती जाकती तस्वीर
03:19इराक में बुद्वार को पवित्र रस्मी पूरी होने के बाद गुरुवार यानी 9 जुलाई को खामनाई की पार्थिव शरीर को
03:26वापस इरान लाया जाएगा
03:27उन्हें उनके ग्रहनेगर मशहद ले जाया जाएगा जहां शिया समुदाय के बेहद मुकद्दस इमाम रजा के दरगा परिसर में उन्हें
03:35सुकुर देखा किया जाएगा
03:37इसी बीच इसराइल के पुदान मंत्री बेंजमीन नितिन याहू ने एक बयान देकर आग में घी डालने का काम किया
03:42है
03:42उन्होंने कहा है कि अंतिम यात्र में उम्डी ये भीड पूरे इरान की आवाज नहीं है
04:00ये लाल ज्वंडे ये गूंज तेनारे और दुश्मन देश की जमीन पर होने वाली ये अंतिम रस्मे क्या श्वान्ती की
04:07तरफ का इशारा कर रही है या फिर ये किसी बहुत बड़े तूफान की आने से पहले की हामोशी
04:12क्या खामराएं कि ये अंतिम यात्रा मिडल इस में एक नए युद्ध का बिगुल फूख देगी इतिहास गवा है कि
04:18जब-जब इस खिते में खून बाहा है उसकी तपिश पूरी दुनिया ने में सूस की है
04:23आगे क्या होगा हमारी नजर बनी रहेगी आप देखते रहिए One India है
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