00:00इतिहास की सबसे बड़ी खूबी जानते हैं क्या है? ये कभी ठैरता नहीं जो जमीन कभी बारू दुगलती थी जहां
00:07दो देशों की दुश्मनी में लाखो लोगों का खूम बह गया
00:10आज वक्त के पएये ने ऐसा चतकर काटा है कि उसी दुश्मन देश की धरती पर एक देश के सबसे
00:16बड़े रहबर का जनाजा पहुचने वाला है
00:19नमस्कार मैं हूँ संद्या और आज हम आपको लेकर चल रहे हैं पश्चिमेशिया यानि मिडलीज की उस एतिहासिक कहानी के
00:25बीच जिसने पूरी दुनिया को जगचोर कर रख दिया है
00:28इरान के सुप्रीम लीडर आयातुला ली खामनाई अब इस दुनिया में नहीं रहा है और बड़ी दोजाट शब्रीस में हुए
00:33एक हमले के बाद से जो तनाव शुरू हुआ था वो आज एक ऐसे मोड पर आकर खड़ा हुआ है
00:38जिस पर यकीन करना मुश्किल है
00:40इरान के सरवोच नेता की मैयत को अब उस देश ले जाया जा रहा है जो कभी उनका जानी दुश्मन
00:46हुआ करता था यानि की इरान
00:48कर्शान तक इरान की राजधानी तेहरान की सड के इंसानों के समंदर में तब्दील हो चुकी थी लाखो लोग अपने
00:54रहबर के आखरी दीदार के ये सड को पर थे
00:57अजादी स्ट्रीट पर तो पैर रखने तक भी जगा नहीं थी लोगों के हाथों में लाल जुंडे थे जो शिया
01:03परमपरा में प्रतिरोध और बदले का प्रतीक माने जाते हैं
01:06हवाओं में या लथारत अल खामिनाई के नारे गूंड रहे थे और आज यानि 7 जुलाई को खामिनाई के पार्थिफ
01:13शवीर को हेलिकॉप्टर के जरिये शिया मजभवी तालीम के सबसे बड़े मरकस कौम शहर ले जाया जाएगा
01:19कौम की जमकरान मस्दिद में इस वक्त उनके पार्थिफ शवीर को अंतिम रस्मों के लिए रखा गया है
01:24ये वही शहर है जहां से खामिनाई ने कभी धार्मिक सिक्षाली थी
01:28इरान के राश्यपती मसूद पेजश्कियन और सेना प्रमुक अमेर हात्मी ने दो टूक कह दिया है कि इस शहादत का
01:35बदला लिया जाएगा
01:36लेकिन इस पूरी खबर का सबसे दिल्चस्प और हैरान करने ने वाला हिस्सा आप शुरू होता है
01:42कल यानी 8 जुलाई को खामिनाई का जुनाजा इरान के सरहत पार करके इराक जाएगा
01:46वही इराक जिसके साथ इरान ने 1980 से 1988 तक पूरे आठ साल तक एक बेहत पूनी जंग लड़ी थी
01:54कहाने को थोड़ा पीछे ले चलते हैं
01:56इस साल 1989 में इरान में इस्लामिक क्रांती हुए
01:59अयातुला रहोला खौमैनी देश के पहले सुप्रीम लीडर बने
02:03पड़ोसी देश इराक के राश्रपती सदम हुसेन शिया बहुल देश के इस क्रांती से डर गया
02:08लगा कि ये चुंगारी इराक के शिया इलाकों में भी भड़क सकती है
02:12इसी डर और सीमा विवाद के चलते 1980 में सदम हुसेन ने इरान पर हमला कर देए
02:16इस आठ साल की लंबी जंग में रसाइनिक हथियारों का इस्तमाल हुआ
02:20शहर के शहर मलबे में तब्दील हो गए और करीब आठ लाक लोगों की जान चली
02:25खुदली खामनाई ने इस जंग में एक सैनेक और कमांडर की तौर पर इराक के खिलाफ लोगा लिया था
02:30सोची जिस देश के किलाफ खामनाई खुद लड़े आज उसी देश के पवित्र शहरों नजब और कर्बला में उनका जनाजा
02:37ले जाया जा रहा है
02:38पर क्यों इसके पीछे बहुत गहरा धार्मिक और राजनीतिक संदेश है
02:42दरसल सद्दम हुसेन का दौर अब खत्म हो चुका है और आज इराक की राजनीति पर इरान का बहुत मजबूत
02:48प्रभाव है
02:49नजब और कर्बला पूरी दुनिया के शिया मुसल्मानों के लिए आस्था के सबसे बड़े केम रहे
02:54नजब में हजरत इमाम अली का रोजे मुबारक है खामनाई के शब को वहाँ ले जाने का मतलब ये है
03:00कि उन्हें सीधे तोर पर शिया इतिहास की महान शहादतों और इमामों की विरास्त से जोड़ा जा रहा है
03:06ये कदम पूरी दुनिया को ये संदेश देता है कि अली कामनाई सर्थ इरान के नेता नहीं थे बलकि वो
03:11पूरी दुनिया के शिया समुदाय के रहबर थे
03:14ये इरान के बढ़ते रणनीतिक और धार्मित प्रुभाव की जीती जाकती तस्वीर
03:19इराक में बुद्वार को पवित्र रस्मी पूरी होने के बाद गुरुवार यानी 9 जुलाई को खामनाई की पार्थिव शरीर को
03:26वापस इरान लाया जाएगा
03:27उन्हें उनके ग्रहनेगर मशहद ले जाया जाएगा जहां शिया समुदाय के बेहद मुकद्दस इमाम रजा के दरगा परिसर में उन्हें
03:35सुकुर देखा किया जाएगा
03:37इसी बीच इसराइल के पुदान मंत्री बेंजमीन नितिन याहू ने एक बयान देकर आग में घी डालने का काम किया
03:42है
03:42उन्होंने कहा है कि अंतिम यात्र में उम्डी ये भीड पूरे इरान की आवाज नहीं है
04:00ये लाल ज्वंडे ये गूंज तेनारे और दुश्मन देश की जमीन पर होने वाली ये अंतिम रस्मे क्या श्वान्ती की
04:07तरफ का इशारा कर रही है या फिर ये किसी बहुत बड़े तूफान की आने से पहले की हामोशी
04:12क्या खामराएं कि ये अंतिम यात्रा मिडल इस में एक नए युद्ध का बिगुल फूख देगी इतिहास गवा है कि
04:18जब-जब इस खिते में खून बाहा है उसकी तपिश पूरी दुनिया ने में सूस की है
04:23आगे क्या होगा हमारी नजर बनी रहेगी आप देखते रहिए One India है
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