00:06राम मंदिर चढ़ावा चोरी की SIT रिपोर्ट सोमवार को राम जन्म भुमी तीर्थ शेत्रन्यास की बैठक में रखी गई
00:13रिपोर्ट के मुताबिक राम शंकर यादव उर्फ तिन्नू मंदिर परिसर में विभिन स्थानों पर रखी हुंडियों की चाबियां ट्रस्ट प्रतिनिधी
00:22के तौर पर अपने पास रखता था
00:23हाला कि इसका कोई आपचारिक अधिकार जारी नहीं किया गया था
00:27उसी ने गबन करने के लिए भतीजे मनीश यादव को ट्रस्ट में नौकरी दिला कर गणना में ड्यूटी लगवाई थी
00:33रिपोर्ट में गणना प्रभारी सुभाष शिवासकव की जिम्मेदारी भी तै की गई है क्योंकि उसकी मौजूदगी में रकम पार की
00:39गई
00:39इसलिए उस पर भी केस दर्ज किया गया है
00:42SIT रिपोर्ट के पहले बिंदू में बताया गया है कि आरोपी नोटों की गड़ियां पार करते थे
00:47उपलब्ध CCTV फुटेज के मुताबिक 45 दिनों में वो 70 बार चोरी करते हुए कैद हुआ
00:53रिपोर्ट में बताया गया है कि 27 अपरेल 2026 से लेकर 45 दिनों की ही फुटेज मिली है
00:59इसलिए ये पता नहीं लग सका है कि उसके पहले कब-कब चोरी की गई
01:03शायद अब ये पता भी नहीं चल पाएगा
01:05SIT ले ये भी सपश्ट लिखा है कि फुटेज सीमित समय की मिलने के कारण
01:09चोरी के घटनाओं और वास्तविक गबन राशी का आकलन नहीं हो पाया है
01:14SIT रेपोर्ट के अन्य प्रमुक बिंदु
01:16अपराध इसलिए हुआ क्यूकि निर्धारित सुरक्षा उपायों का अनुपालन नहीं किया गया
01:21प्रवेश, तलाशी, निर्धारित वेश भूशा, निजी वस्तुओं पर नियंत्रण, हुंडिवार गणना, मूल्य वर्गवार अभिलेखी करण
01:28व प्रभावी पर्यवेक्षन जैसी व्यवस्ताएं लागू नहीं थी
01:32ट्रस्ट और बैंक से संबंधित पर्यवेक्षकों, प्रतिनिधियों की उपस्थिती के बावजूद, निर्धारित सुरक्षा उपाय प्रभावी रूप से लागू नहीं किये
01:40गये
01:40गणना कक्ष में CCTV कैमरों की व्यवस्ता थी, यदि ट्रस्ट द्वारा नियूप्त कार्मिक गणना के समय CCTV फुटेज सतर्क होकर
01:48देखते, तो चोरी होती ही नहीं
01:50गणना का काम काफी समवेदन शील है, इसके लिए मात्र 45 दिन की CCTV फुटेज सुरक्षित रखना उचित नहीं था,
01:57180 दिन की CCTV फुटेज संरक्षित रखने का सुझाव दिया गया था, जिसका अनुपालन नहीं किया गया
02:03बैंक की अधिकारियों द्वारा गणना कार्मिकों को निर्धारित वेशभूशा उपलब्ध नहीं कराई गई, बैंक के प्रतिनिधी भी गणना कारे के
02:10दौरान उपस्थित रहते थे, गणना फ्रक्रिया में शामिल कार्मिकों की देखरेक की जिम्मिदारी बैंक की थी, �
02:17बैंक अधिकारियों का मासिक अंतराल में रोटेशन भी प्रावधानित था, लेकिन किसी भी नियम का पालन नहीं किया गया, ये
02:23प्रारंभिक जांच रिपोर्ट है, जांच अभी जारी है, पर्यवेक्षनिये विफलताएं, प्रशासनिक उत्तरदायित्व, संस्थागत खाम
02:32बंध में विस्तरित आख्या अंतिम रिपोर्ट में शामिल की जाएगी, गणना निगरानी के नियम किये कमजोर, चमपत गोपाल का जिक्र
02:39तक नहीं, राम मंदिर चढ़ावा चोरी की SIT रिपोर्ट सामने आ गई है, इसके मुताबिक गणना प्रक्रिया की निगरानी के
02:46न
02:59मंदिर परिसर में सुमवार को हुई ट्रस्ट की बैठक में रखी गई SIT रिपोर्ट के मुताबिक 6 फरवरी 2025 को
03:06गणना प्रक्रिया की निगरानी को लेकर SOP तैयार की गई थी, इसमें तै किया गया था कि गणना कक्ष में
03:12किस किस की आवाजा ही रहेगी, गणना कर्मियों क
03:15की एंट्री कब होगी और वे कैसे कपरे पहनेंगे, गणना प्रक्रिया के पहले और बाद में कर्मियों की तलाशी भी
03:21होगी, लेकिन निगरानी नियमों को शिथिल कर दिया गया और आरोपियों ने इसका फाइदा उठा कर रकम पार की, रिपोर्ट
03:28में लिखा गया है ये �
03:29जांच का विशे है कि किन परिस्थितियों में ये बदलाव किये गए, रिपोर्ट में चंपत राय और गोपाल राव का
03:35जिख्र नहीं होने पर सवाल उठ रहा है कि क्या SIT ने उनको क्लीन चिट दे दी है या विस्तरित
03:40जांच में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है, �
03:55इसलिए उनको दोशी पाया गया है.
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