00:00मुकर जी नौ जुलाई के बाद आप समझे यतने भी डिग्निरिटीज आयोए महाँ पर अलग-अलग देशों से डेलिगेशन आये
00:07हैं अब वो आस्ते आस्ते दस और ग्यारा जुलाई को चले जाएंगे इरान का एयर स्पेस जो है वो खाली
00:14हो जाएगा उसके बाद दोनों �
00:17पक्ष उभए पक्ष मिलकर फिर से बादचीत कर सकते हैं इंडिकेशन तो यही आ रहे है कि शायद बादचीत पाकिस्तान
00:25में पाकिस्तान में बादचीत की शुरुआत कैसे होगी एक पॉइंट तो यह आएगा कि स्टेट आफ हर्मस खुला रहना चाहिए
00:33इरान भी चाहता
00:47के बंदर गाउं से जो जहाज करचा तेल और गैस लेके निकल रहे हैं अमेरिका उनको रुकेगा नहीं वही ऑपि
00:55तरह की हीए कि शायज अगरों
01:01कई चाहता है पॉप आलो हमे tapes को आच ठोना है तो तो अकaggi पामिफ को हुलना है तो
01:20इरान ने तो कह दिया है कि वो दुनिया की किती भी चाहज को स्टेट आफ उससे रोप नहीं रहा
01:25है और वागा ही रोप नहीं रहा है अगर आप देखें पिछले एक हथे में करीबन सौ से ज्यादा जहाज
01:31निकल चुके हैं भारत के जहाज भी निकल के भारत तक पहुंचे है
01:35इनफेक्ट मैं आपको बताना चाहता हूँ बड़ी ख़ुत समस्या है जो तीन भारतिय जहाजियों पर पिछले पंद्रा दिन में हमले
01:44हुए है तीनों यूएस नेवी ने किये हैं तो स्टेट आफ वागी फॉफिलने के इंपॉर्टेंग दूसरी बात है कि अमेरीका
01:53इसर
01:58सामने को जाहें अब अमरीका को यह समचना पड़ेगा कि कोछ भी हो जाहें इरान की जो सकता है वह
02:14कभी ना कि जुझा है वह कभी बी 추가 सो किलो यूरोनिय्यम अमरीका को
02:24अगर दो देशों में या दो गरानों के बीच में युद्ध होता है तो कमजोर पक्ष क्या भारी पक्ष को
02:30अपने परिवार के गहने हैंड ओवर कर देता है यह कुछ हुआ था यह कभी भी नहीं जान चली जाएगी
02:37गहने कभी नहीं दुश्मन को देंगे तो इस तरह से 400 किल
02:42युरिवन कभी भी नहीं देगा अमेरिका चाएग कुछ भी कर लिए और अब मैं फाजी एक्स कीरेंस से जाएगा और
02:50क्या कर सकता है अब तो बहुत का सकता है जी क्या कर सकता है जी चारीटियों की उन्हें उन्हें
02:59पतीस हजार बॉब्स गिराए इरान के ऊपद उनका अ�
03:12तो और चारजार बॉम गिरा लेंगे उससे एरान को कुछ फरक नहीं पड़ता है इरान जो है अब जानता है
03:21कि अमेरिका कुछ नहीं कर सकता इसराइल कुछ नहीं कर सकता सिर्फ बॉम गिराएंगे जिससे कि एरान को कोई फरक
03:28नहीं पड़ता तो अमेरिका को समझना पड़े
03:31कि निद्रियाव को काभू में लाएं और जो इरान की शर्ते हैं उनको जहां तक संभव है वो मान ले
03:39जी बिल्कुल तमदर जी अपसे समझना चाहेंगे हॉर्मूस को लेकर देवनाजीन अच्छे समझाने के कोशिश की जब भारत सरकार तमाम
03:47कमर्शल एल्पीजी सप्लाई स
03:49प्रतिबंध हटाती है तो ये भी एक हिंट है कि अब शायद हॉर्मूस को लेकर अच्छी ख़बर आ रही है
03:55जब क्रूड ओयल के हम दाम कम होते देखते हैं तो भी हमें लगता है कि शायद हॉर्मूस से अच्छी
03:59खबर आ रही है पर जब बात आती है सच में इन लीडर्स क
04:12पर इरान का अधिकार नहीं होगा, हॉर्मूस सब के लिए खुला है, दुनिया के जहाजों अपना तेल बह जाने दो,
04:18हॉर्मूस खुल चुका है, आपके पास क्या जान कर यह सर्प, जो हमारे दर्शों को बता सके, समझा सके, कि
04:23सच मुझ क्या यह हॉर्मूस वाली जो समस्य
04:25जा थी, वो खत्म हो गई है, कम हो गई है, या आने वाले दिनों में इसमें कुछ सुधार देखने
04:30को मिलेगा, दामूदर जी,
04:35आपने सुना होगा कि इरान की जो गवर्मेंट ने जब समझाता चल रहा था, उसके ठीक दो दिन बात, जब
04:40सुर्जे लैंड से विजिट से वापस आयते, एक बात बोली थी, और वो मुझे लगता हुसे हमें समझना चाहिए, कि
04:45अब हार्मूस पहले जैसा बिजनस नहीं क
04:51पाएंगे, हमुस खुला तो रहेगा, लेकिन वो नियन्परल में रहेगा, वो इरान का वर्चस महां रहेगा, अमरीका, अमरीका नहीं भी
04:58बहुत जादा दिन तक वहाँ पेट्रोलिंग करके, या वहाँ पे अपने, आपको सस्टेन नहीं करेगी और करेगी भी क्योंकि इ
05:16उनके हाथ में की लगी है, जहां से वो उसको यूज कर सकते हैं, और बहुत सेंस्टिव जगह है, बहुत
05:21काम की जगह हमुस पे वो उन्हें पता ही कोई भी देश आके बाहर से आएगा, वो कमजोर रहेगा, इरान
05:28वहाँ पर मदबूत इस्तिती में उनकी जो सुसाइट बो
05:45कोशिश करेगा, टोल किसी भी तरह से लिया जाए, वसूली की जाए, इस लड़ाई की भरफाई हमुस से ही होनी
05:50है, अमरीका एक पैसा नहीं देने वाला डिरेक्टि आप ये बात मान लीजे, क्योंकि ये बात उन्हें बोल देगा, अगर
05:56इरान को पैसा चाए तो वो हमारे
05:57किसानों से अन्द खरीदेगा, वहाँ बिजनेस इसमें भी अमरीका ने अपना ठोल लिया, तो इरान को पता है कि सबसे
06:04बढ़ी है हमुस में अपना नियंतरन रखो, हमुस से टोल वसूल हो, क्यों जाना अमरीका के पास, क्योंगि अमरीका एक
06:09रुपया देगा, उसकी दे�
06:23कर सके, रिहाबिलेट कर सके, और IRGC, एक बार को इरान गवर्मेंट टोल या ऐसी चीजों पर थोड़ा रियायत देने
06:29की सोच भी सकती, पर IRGC बिल्कुल नहीं करें, क्योंगि IRGC को भी आपको अपने आर्मामेंट सकते जखीरों को बढ़ाना
06:36है, जो नुकसान हुआ उनक
06:51हमोस से एक समय आएगा कि जब हमोस के उपर निकलने वाले हर जहाज को वहां पर इरान को इसकी
06:56कीमत देनी पड़ेगी, बेसक लड़ाई नुकसान अमरीका नहीं किया, अमरीका यहां पर कोई टोल देने नहीं है, यह बात आप
07:01मालने, जब यह आपने सुना होगा कि एक उम
07:28हमोस में कोई भी बिजनस करना असान अब नहीं हो.
07:50161 रुपए 50 पैसे तक कमर्शल LPG गया सिलेंडर के दाम बढ़ चुके थे, लेकिन जब हॉर्मूज अब उतना प्रभावित
07:57नहीं रहा, इस तरह की खबरें आती है, सुनने में यह मिलता है कि क्रूड ओयल के दामों में भी
08:015-6 फीस दी की घटना शुरू हो गया है, कमी हु
08:17अब जब आवजाही सामाने हो गई है, अब प्रभावित नजर नहीं आ रही, तो क्या वहाँ पर भी कोई कीमत
08:22कम होगी, क्रूड ओयल का जिक्र बैने इसले क्या, क्योंकि पैट्टोर डिजल को लेकर सबसे ज्यादा संशय बना रहता है,
08:27सरकार बार-बार दावे कर रही थ
08:44और इसका भी एक दूसरा पक्ष क्या और बढ़ भी सकते हैं आने वाले दिनों में?
09:19अब जहां तक गैस की बारत है, तोड़ा एक्विशन अलग है, गैस जो हम खाड़ी ते लाते थे, सबस्यादा गैस
09:27हम लाते थे कतार से, कतार में जो गैस का जो प्रॉडिक्शन प्लांट है, उसको काफी हारी शती हुई है,
09:33और ऐसा क्यास लगाया जा रहा है, इंजिनियर
09:44तो इस पीच भार सरकार गैस को दुनिया के दूसरे देशों से लाने की कुश्च कर रही है, अभी हाली
09:52में हमने अमरीका के साथ कुछ नए का इंपर्ट सीधा अमरीका से भारत तक लाने की, तो इसमें थोड़ा समय
10:03लग जाता है, क्योंकि गैस के जो शिप्स होते हैं, वो
10:12इसमें बड़े-बड़े इंवर्टिड सिलिंड्रिकल वाकल्स होते हैं, तो यह आम तोर पर अंतरश्री मार्केट में ऐसा नहीं है कि
10:21आप बस आप गए और एक को किराये पर ले लिया, इनकी बुकिंग शे महीने एडवांस में हो जाते हैं,
10:27तीन महीने एडवांस में हो ज
10:53इस प्रकेरिया में और भी कम से कम एक महीना मेरा अंदाजा है, दो महीना लग जाएगा, यार पेट्रोल डीजल
11:00की कीमते कम होगी, चाहिर बात है, आप देखेंगे, और दस दिन के अंदर ही पेट्रोल डीजल की कीमत में
11:06एक एक रुपया, दो दो रुपया, पर लिड़े �
11:10कमी आएगी, क्या गैस की कमी आएगी, देखें, गैस यो है, जो डोमेस्टिक कुकिंग गैस की बात नहीं कर रहा,
11:20जो उनीस किलोग्राम है, उसकी कीमत अभी अगले एक महीने तक इसी लेवल पर रहेगी, लेकिन दो महीने के बाद
11:31उसकी कीमत में हम थोड़ा सा नर्मी दे
11:39देवनार जी तो बड़ी राहत की बात होगी, क्योंकि बेशक उसको कमर्शल गया सिलिंडर हम लोग कहते हैं, लेकिन उसका
11:46असर हमारी जेव पर, आम जनता पर, उसकी निजे जेव पर ज़रूर होता नजर आता है, क्योंकि रेस्टोरेंट धाबे, टपरी
11:52पर आप चाय पी
12:07हम ही आगे पीतने वाले हैं, एक हफता आने वाला क्या कुछ तैय करने वाला है सर, दामुदर जी पहले
12:12आपसे सवाल, वो इरान हो, इसराइल हो, अमेरिका हो, ये लोग क्या बड़ा कदम उठा सकते हैं, संक्षिप में समझना
12:18चाहूँगा, कैसे दुनिया देखे आने वा
12:36किया, वहाँ से थोड़ा पीछा है, कि साउथ लिबनान में अपना होल्ड बना कर रखे, लेकिन हिजबुल्ला के उपर थोड़ा
12:41सा वो रियायत बरत सकता है, जिसकी वज़े से एरान अमरीका के साथ समझोते हैं, कि टेबल प्यानी के लिए
12:46प्रेवियर या उसकी सर्तों प
13:06से हो सकता है, वो इस हिरान को समझ में आए, कि अब लड़ाई नहीं, शांती में ही फायदा, तो
13:10दोनों मुल्क अपनी अपनी डील को 60 डेज के बाद को जोनों टाइम रखा है, उसे पहले 30 दिनों के
13:14अंदर इसको फार्मिलेट करके अपलाई करते हैं, लेकिन एक चीट जो
13:18मुझे समझ में नहीं आ रहे हैं या भी तक कि IRGC का रुख क्या है, क्या वो चाहते वाकई
13:22यहां पर शांती होगी, जब जब भी समझ होते हैं कि बात होती, IRGC की तरफ यह तो ऐसे स्टेटमेंट
13:27आते हैं, या वो कोई ऐसा हमला करते हैं, जिसकी वज़े से चीजे अलग ह
13:33जाती है, या बिल्कुल लगता है, सरकार और IRGC के बीच में एक मद्धेद है, तो इसको भी देखना है
13:39कि क्या IRGC एरान की जो गवर्मेंट है, उसके साथ में मिलकर के इस डील को लागू होने पर मदद
13:44करेगी, और अपने हां का रहाविलेशन और रिबिल्ट करने पर आ�
14:00उनके जो भी संसादन, तो वहाँ पर बिजनेस अपार्चियूटीज भी देख सकते हैं, सेमोन को और भारत को भी हो
14:05सकता है, एक मौका मिले, लेकिन भारत की तरफ से अभी तक जो रूख है, खामने के जो हमने देखा,
14:10सुकुर्देखार्ट में जो हमारी टीम, जो हमारी भ
14:30युद्ध की परिभाशा को गढ़ने के लिए, इस युद्ध की विविश्यका को गढ़ने के लिए, और आर्थिक तुफान जो पूरी
14:36दुनिया में है, उसको कैसे देखे दुनिया इस साथ दिनों में, दिवना जी आपके आवाज कटरी है, शायद म्यूटने हो
14:47हैं, जी ह
15:00इसके चाहित अगले इसके में हम देखेंगे कि अमेरिका इसराइल के ऊपर थोड़ा काबू पादेगा, ताकि इसराइल हेजबूला को गढ़ने
15:08करें, और अगर चोटे हमले करते हैं, तो वो भी एकदम बॉर्डर के पास वाले इधाके में चोट-चोटे हमले
15:17होंगे, इस
15:20की तरफ जाकर या सेंटरल लेजनां की तरफ जाकर नहीं करेगा, डेफिनेटी इसराइल लिटाने रिवार के उस्तर में हमले नहीं
15:27अब अमेरिका, अमेरिका जो है अभी एक ग्राउंड तयार कर रहा है कि किस तरह से नितनयाओं को समझा दे,
15:37कि इरान नुक्लियर बाम नह
15:50जो है वो अगले एक अपते में या अगले एक मीने में एरान जाये और जमीन से रिपोर्ट करें कि
15:57क्या एरान वाकर नुक्लियर बाम बना रहा है नहीं, आई एए ये कि जो लास्ट रिपोर्ट थी पिछले साल मैं
16:02की, उसमें उन्होंने का कि उन्हें कोई साक्षे नहीं मि
16:18हैं, रॉकेट्स, मिसाइल सब खतम हुए हैं, वो और भीट करना नहीं चाहते हैं, लेकिन वो चाहते हैं कि सम्मान
16:26जनक बराबरी का दर्जा हासिल करके एक सम्झावता साहीं दो जाए.
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