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China-Myanmar-Bangladesh Corridor: China-Myanmar-Bangladesh Corridor (CMBC): क्या चीन भारत को चारों तरफ से रणनीतिक रूप से घेरने की तैयारी कर रहा है? इस वीडियो में जानिए कैसे चीन का नया China-Myanmar-Bangladesh Economic Corridor (CMBC), Belt and Road Initiative (BRI) और String of Pearls Strategy के जरिए हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी में शक्ति संतुलन बदल सकता है।

हम विस्तार से समझेंगे कि CMBC, CPEC से कितना अलग है, चीन को बांग्लादेश के चटगांव (Chattogram) और मोंगला (Mongla) पोर्ट से क्या रणनीतिक फायदा मिलेगा, म्यांमार का क्याकफ्यू (Kyaukphyu) पोर्ट क्यों महत्वपूर्ण है, और भारत की Kaladan Multi Modal Transit Project तथा India-Myanmar-Thailand Highway चीन की इस रणनीति का जवाब कैसे हैं।

वीडियो में यह भी जानेंगे कि म्यांमार के रखाइन (Rakhine) राज्य में जारी संघर्ष इस परियोजना को कितना प्रभावित कर सकता है और क्यों भारतीय सुरक्षा विशेषज्ञ इसे भारत के पूर्वी समुद्री मोर्चे के लिए नई चुनौती मान रहे हैं।

भारतीय प्रवासी (Indian Diaspora) के लिए यह मुद्दा क्यों महत्वपूर्ण है? खाड़ी देशों, बांग्लादेश, म्यांमार और पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में लाखों भारतीय काम करते हैं। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव, समुद्री मार्गों में व्यवधान, व्यापारिक संकट या क्षेत्रीय संघर्ष सीधे भारतीय नागरिकों, उनके परिवारों, भारतीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। इसलिए यह केवल भू-राजनीति की कहानी नहीं, बल्कि हर भारतीय से जुड़ा एक महत्वपूर्ण रणनीतिक विषय है।

अगर आपको India-China Relations, Geopolitics, Indian Ocean, Bay of Bengal, China News, Bangladesh News, Myanmar Crisis, BRI, CPEC, CMBC, Defence Analysis जैसे विषय पसंद हैं, तो वीडियो को अंत तक देखें।

About the Story:
In a significant geopolitical shift, Beijing has proposed the China-Myanmar-Bangladesh Economic Corridor (CMBC) to secure direct access to the strategic Bay of Bengal. Mirroring the western flank's CPEC, this new transnational project connects China's Yunnan province to Bangladeshi seaports via Myanmar. Security analysts view this development as an aggressive advancement of China's "String of Pearls" encirclement strategy, posing immediate defense challenges for India in the Indian Ocean region.

#CMBC #StringOfPearls #ChinaVsIndia #BayOfBengal

~HT.318~ED.106~PR.514~GR.506~VG.HM~

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Transcript
00:00अगर हिंद महासागर को 21 सदी का सबसे बड़ा रणितिक युद्ध छेत्र कहा जाए तो उसमें चीन का हर नया
00:06कदम भारत के लिए सिर्फ एक आर्थिक परियोजना नहीं बलकि राष्ट्रे सुरक्षा, समुद्री प्रभुत्व और छेत्रिय शक्ती संतुलन का जुड़ा
00:15
00:29पहली नजर में ये एक व्यापारिक और इंफ्रस्ट्रक्चरल परियोजना लग सकती है लेकिन इसके पीछे चिपी रणितिक तस्वीर कहीं ज्यादा
00:37बड़ी है भारत में सुरक्षा विशशग्या इसे चीन की लंबे समय से चली आ रहे ही स्ट्रिंग ओफ पॉल्स रणित
00:43का अगला चरण मार रहे हैं लेकिन सवाल सर्फ एक नए कॉरिडॉर का नहीं है सवाल ये है कि क्या
00:49चीन धीरे-धीरे भारत को चारों तरफ से रणिति ग्रूप से घेरने की कोशिश कर रहा है क्या ये परियोजना
00:55कीवल व्यापार के लिए है या भविश्य में इसका सैन मह
00:58भी हो सकता है आखिर क्यों भारत इस प्रिस्तावित कॉरिडॉर को लेकर सतर्क है इस कहारी में हम सब्झेंगे कि
01:05चीन का बेल्ट एंड रोड इनिशियेटिव भी आराई क्या है स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स की राजनीती और रणीती कैसे काम करती
01:12है स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स
01:27में जारी संधर्ष इस परियोजना को कैसे प्रभावित कर सकता है भारत की कलादान मल्टी मॉडल परियोजना और चीन की
01:34नई योजना में क्या मुकाबला है
01:37CPEC से इसकी तुलना क्यों की जा रही है और आखिर सुपूरे घटना क्रम का भारत की सुरक्षा हिंद महसागर
01:45बंगाल की खाड़ी और भविश्य की एशियाई भूराजुनीती पर क्या असर पड़ सकता है
01:50टॉपिक बहुत सारे हैं लेकिन देश के लिए हर एक टॉपिक बहद ही important है और खास करके जो देश
01:58से बाहर भारतिया रहते हैं
01:59जो चीन में रहते हैं, जो बंगलादेश के आसपास हैं, जो बंगाल या फिर बॉर्डरिंग स्टेट्स में भी रहते हैं,
02:06या फिर दूसरे देशों में भी रहते हैं, उनका भी जानना बेहत जरूरी है
02:10नमस्कार, मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं, वन इंडिया ही
02:24दरसली प्रस्तावित कोरिडॉर, चीन के युननान फ्रांत कुम्यानमार के रास्ते बंगलादेश से जोडने की उचना है
02:30अगर ये परियोजना पूरी होती है, तो चीन को सीधे बंगाल की खाड़ी तक पहुच बल जाएगी
02:35इतना ही नहीं, उसे बंगलादेश के दो मेहतोपुन बंदरगा, चिटगाउं और मुंगला तक भी आसान पहुच बल सकती है
02:44यही वो बिंदू है जहां भारत की रणे तक चंताएं शुरूब होती है
02:48यह पूरा मामला उस समय चर्चा में आया जब बंगलादेश की प्रिधान मंतरी तारिक रहमान ने परवरी में पर्द संपालने
02:54के बाद अपनी पहली चीन यात्रा की
02:56इसी दुरान चीन और बंगलादेश के बीच इस आर्थिक गलियारे को लेकर बाद चीत हो
03:00हलाकि अभे तक कोई अंतिम समझोता सामने नहीं आया है
03:03लेकिन बीजिंग ने सपष्ट संके दे दिये हैं कि वो इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए बेहत गंभीर है
03:10तो अब सवाल ये है कि आकर चीन इस कोरिडॉर में इतने दिल्चस्पी क्यों दिखा रहा है
03:15इसका जवाब उसकी महत्व कामशी Belt and Road Initiative BRI में छिपा है
03:20पचले एक दशक में चीन ने एशिया, अफ्रिका और यूरोप तक सड़कों, रेलवे, बंदर गाहों, उर्जया परियोजनाओं और अधिकारिक तोर
03:33पर इन परियोजनाओं का उदेश वियापार और आर्थिक विकास बताया जाता है
03:37लेकिन अंतराष्टी और रणितिक विशेशक ये मानते हैं कि इनका एक बड़ा उदेश चीन का वैशिक प्रभाव बढ़ाना भी है
03:43दक्षिन एशिया में चीन पहले ही कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्टरल प्रोजेक्स पर काम कर चुका है
03:49पाकस्तान में गौादर पोर्ट, श्रिलंका में हमबन टोटा पोर्ट और म्यानमार में क्याक्फियो डीप सी पोर्ट इसी रणितिक हिस्समाने जाते
03:57हैं
03:57अब यदि बांगलादेश भी इस नेटवर्क से जुड़ जाता है तो चीन का समुत्री और रणितिक दाइरा भारत के पुर्वी
04:03तटि तक भी फैल सकता है
04:05यही पर सामने आता है स्ट्रिंग ओफ पर्ल्स यानि की मोतियों की माला का सद्धान
04:11यह शब्द उन बंदरगाहों, नौसेनिक सुविधाओं और रणितिक परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है
04:17जिने चीन हिंद महसागर छेतर में विक्सीत कर रहा है
04:20इन सभी परियोजनाओं को अगर नक्षे पर देखा जाए तो वे भारत के चारो ओर एक श्रिंखला जैसी दिखाई देती
04:27है
04:27इसलिवजे से भारतिय रणितिक समुदाय लंबे समय से आशंग का जताता रहा है
04:32ये केवल व्यापारिक निवेश नहीं बलकि भविश्य की सामरिक तयारी भी हो सकती है
04:37चीन इन बंदरगाहों को व्यावसाइक परियोजनाय बताता है
04:53तो युद्पोतों की परिचालन्ज हमता कई गुणा बढ़ जाती है
04:57यही कारण है कि भारत इन परियोजनाओं को किवल आर्थिक नजरिय से नहीं देखता
05:01यदि चीन को चिटगाहों और मोंगला जैसे बंदरगाहों तक नियमित पहुँच मिलती है
05:07तो बंगाल की खाड़ी में उसकी मौजूदगी पहले से कहीं अधिक मजबूत हो सकती है
05:12बंगाल की खाड़ी भारत के पुर्वी समुद्री शेत्र का अत्यंत महतोपूर्ण हिस्सा है
05:17यहीं से भारत के पुर्वोतर राज्यों तक समुद्री संपर्ख और अंडमार निकोबार द्वीब समुद्र की रणितिक निगरानी भी जुड़ी हुई
05:25है
05:25भारतिय सुरक्षा विशशग्या की एक और चुंता यह है कि भविश्य में यदि चीन और पाकिस्तान के साथ एक साथ
05:32तनाव पैदा होता है
05:33तो भारत को पश्चिम और पुर्वों दोनों दिशाओं में अतरिक्त सामरिक दबाब जहिलना पड़ सकता है
05:39इसलिए इस कॉरिडॉर को किवल एक सडक या रेलवे परियोजना के रूप में नहीं देखा जा रहा है
05:43बल्किसे भारत की सुरक्षा रणीती के व्यापक संदर में समझा जा रहा है
05:48हलाकि इस परियोजना के सामने कई बड़ी चुनोतिया भी मौजूद है
05:51सबसे बड़ी चुनोती म्यानमार की आंतरिक स्तिती है
05:54प्रस्तावित कॉरिडॉर का बड़ा हिस्सा म्यानमार के रखाईन राज्य से होकर गुजरता है
05:59यही वो इलाका है जहां इस समय अराकान आर्मी और म्यानमार की सेना की बीच लकतार संग्यर्ष चल रहा है
06:06रखाईन के कई हिस्सों पर अराकान आर्मी का प्रभाव बढ़ चुका है
06:11ऐसे में किसी भी बड़े इंफ्रास्ट्रेक्टरल प्रोजेक्ट को लागू करना आसान भी होगा
06:16सुरक्षा के दृष्टी से यह पूरा शेत्र बेहत सम्वेदर्शील बना हुआ है
06:20सडक निर्मान, रेलवे लाइन और द्योगिक गलियारे और बंदरगाह विकास जैसी परियोजना है लंबे समय तक संघर्ष की वज़े से
06:27प्रभाव इठ हो सकती है
06:28रखाईन में चीन पहले से क्याक फ्यू डीप सी पोर्ट विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है
06:35दूसरी तरफ भारत ने सिट्वे बंदरगाह का निर्मान किया है जो अब परिचालन में भी आ चुका है
06:39ये बंदरगाह भारत की कलादान मल्टी मॉडल ट्रांजिट ट्रांस्पोर्ट परियोजना का एहम हिस्सा है
06:45कलादान परियोजना भारत के लिए अत्यंत महतोकुन मानी जाती है क्योंकि इसका उदेश जो है वो कुलकाता से म्यानमार के
06:52रास्ते मिजोरन तक वैकल्पिक संपर्ख स्थापित करना है।
07:15एक महतोकुन परियोजना भी सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रही है। इसलिए जब तक मियानमार किस्तिति स्थिर नहीं होती। तब
07:23तक CMBC केवल एकरर नितिक कल्पना बन कर रहे सकता है।
07:45विकास पर आधारित ये परियोजना लगभग 60 अरब डॉलर से अधिक की मानी जाती है।
07:49भारत शुरू से ही सीपेक का विरोध करता रहा है क्योंकि इसका एक हिस्सा पाकिस्तान अधिकरित कश्मीर से होकर गुजरता
07:56है।
07:57जिसे भारत अपना अभिन हिस्सा मानता है।
07:59नई दिल्ली का सपष्ट मत रहा है कि उसकी सम्प्रभुता से जुड़े छेतर में किसी तीसरे देश की परियोजना स्विकारे
08:06नहीं हो सकती है।
08:07अब यदि CMBC भी आगे बढ़ता है तो ये चीन की कोरिडॉर आधारी तरणीती का तूसरा बड़ा उधारन होगा।
08:37लेकिन इस सामरिक विशलेशकों का मानना है कि दक्षिन एशिया में चीन का बढ़ता इंफ्रस्ट्रक्चरल जो नेटवर्क है वो आने
08:44वाले वर्षों में अधिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
08:47भारत भी इस चुनौती का जवाब अपने तरीके से दे रहा है।
08:51क्वार्ट जैसे बहु पक्षिय मंचों में सक्रिय भागिदारी, अंडमान निकोबार कमांड को मजबूत करना, पुर्वी तट पर नौसायनिक शमताओं का
08:59विस्तार करना, बंगलादेश, श्रिलंका और मालदीव जैसे पडोसी देशों के साथ स्रियोग बढ़ाना और उ
09:18कमीन पर उतरता है या नहीं, लेकिन इतना तै है कि इस पर योजना ने भारत की सुरक्षा और विदेश
09:24नीती से जुड़े कई नए सवाल जरूर खड़े कर दिये हैं।
09:48में चीन और भारत की बीच प्रतिसपर्धा अब किवल सीमाओं तक सिमित नहीं है, ये बंदरगाहें, समुद्री मारगों, आर्थिक गलियारों
09:56और नितिक साज़ेदारियों तक फैल चुगी हैं।
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10:24अभी वन इंडिया एप डाउनलोड करें।
10:26हुआ प्राइब
10:27तक पर झाल करें।
10:28झाल झाल
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