Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021

➖➖➖➖➖➖
वीडियो जानकारी: 17.05.2026, Chandigarh
रात और चाँद: 25.05.2026

#acharyaprashant #life #newbeginning #newlife #hope #strength #innerstrength #rationalism #rationalthinking

Category

📚
Learning
Transcript
00:00आई कुटुक बढ़ाओ मनुदू
00:02हाँ
00:03वह में गाड़ी पीछे बिछे आरी है अपके
00:05आप एठी पहले बहार जाई इधर आज़ेगो
00:07मैं रोक रहा है आप आई उधर आई
00:08मुझे जिए नहीं हो रहा है
00:10मेरे साम भाई गड़े
00:11मतलब मैं ना तेंदेव फादर की देशनी और हो चीजिए
00:13मैं कि अब फादर को सेले गए
00:14मेरे बहुत फादर मैं
00:15आशों से मिल पाऊं
00:15पता नहीं क्या इंसिजेंट बने देखो
00:18आप मिल ज़दी कि इतनी ज़दी
00:20जन्देगी हमेशा अराकार नहीं शुरुआती
00:26एक की बाद इतना उप्यात
00:29को है जैसा है आगे उससे अच्छा और उपर और बहकर ने सकता है
00:44अधी बढ़ते रही है
00:48इसमक्राइख
00:50मिला, मिला, मैं पासी है
01:11मुस्कराइख
01:14कर देखा है कि यह अर चाहिए अरगा कर दो अब तो इस इन्सान की सोच में हमेशा खाना और
01:25खडिया है वो इन्सान ही हाती है मैं क्या मेरी ले बोर रहे हैं तो
01:29तक शीर रहो यह हो सुखहा जो गुड़ा पर भी हम अप्रिप कर फ्रृटिए है अपड़ पाम अधी आधी जलिए
01:45डरियों परकेदार मॉलाकाहते है यसी नहीं हम पहते है
01:49में मेरी वे को जो है नंग जो बहुत ही नहीं है जो बाफ दूचान जो होता नहीं है
01:56मैं अचारे जी शुरू से नहीं मालती इंचीजों को वेरे पापर रेशनेलिस्ट नहीं थे इसले मैं आपके जल्री के पाई
02:01नहीं
02:01करतें दूझ से जीजों कि आपके जापने के अच्छी होती मंगलवा को तया होता है इंचीजों कि लुप सर्ब प्रश
02:07भी रेच्छी नहीं।
Comments

Recommended