00:00क्या आपने कभी सोचा है कि अगर किसी एक दिन विशाल रॉकेट चांद से टक्रा जाए तो क्या होगा?
00:06क्या चांद पर इसका कोई असर पड़ेगा या रॉकेट टूप जाएगा?
00:10कैसी आवाज आएगी? क्या धर्ती पर इसका कोई असर पड़ेगा?
00:14और अगर वैग्यानिकों को पहले से ही पता हो कि टक्कर होने वाली है, कब होने वाली है, कहा होने
00:20वाली है, कितनी रफ्तार से होने वाली है, तो क्या वे इसे लाइप देख सकेंगे? आज ठीक वैसा ही होने
00:27चा रहा है
00:27दुनिया भर के वैज्यानिक अपने दूर्बीन चंद्रमा पर टिकाए बैठे हैं
00:31क्योंकि पुछी हंटो में Space X के Falcon 9 रॉकेट का एक हिस्सा जांद की सितह से टकराने वाला है
00:38इसे अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास की सबसे दुरलब घटनाओं में से एक माना जा रहा है
00:44चलिए आपको पूरी कहानी बताते हैं
00:45नमस्कार फेरा नाम में रिचापर आशर और आप देख रहे हैं वो अनितिया है
00:49दरसली रॉकेट स्पेस एक्स के फालकन नौ मिशन का एक उपरी हिस्सा है
00:54जिसे जैनवरी 2025 में एक अंतरिक्ष मिशन के दौरान लौंच किया गया था
00:58मिशन पूरा होने के बाद इस हिस्से को पृत्वी की ओर वापस लाया जाना था
01:03लेकिन इंदन खत्म होने के कारण इसे नियांतरिक्ष में भटकता रहा
01:09और अब चंद्रमा के फुर्तवाकर्शन की वजह से उसकी ओर तेजी से बढ़ रहा है
01:14रैग्यानिव के अनुसार लगभग 4,000 किलोग्राम वजनी ये रॉकेट का हिस्सा
01:20करीब 8,700 किलोमेटर प्रति घंडे की रफ्तार से चान की सिथे से जखराएगा
01:25यही बजह है कि नासा, यूरोपियन स्पेस एजनसी और दुनिया की कई वेदशालाए इस पल का इंतजार करने है
01:31सवाल उठता है कि आखिर इस टककर को लेकर वेज्ञानिक इतने उच्साहित था
01:36असल में चान्द पर हर साल हजारों उलका पिंड गिरते हैं
01:40लेकिन उनकी टककर कब होगी, कहा होगी और कितनी ताकत से होगी इसका पहले से पता नहीं चलता है
01:45ये पहले ऐसी घटना है जोसमें वेज्ञानिकों को टककर का समय, रफ्तार, बजन और संभावित स्थान पहले से मालूम है
01:53इसलिए इसे एक प्रकृतिक प्रयोग की तरह देखा जा रहा है
01:56वेज्ञानिकों का अनुमान है कि टककर के बाद दिचंद्रमा की सथे पर एक नया क्रेटर बनेगा
02:01और धूल तथा चट्टानों का विशाल गुबार अंतरिक्ष में उचलेगा
02:05चुकि चांद पर वायू मंडल नहीं है और गृत्वाकर्षन भी प्रत्वी से लगभग शेगुना कम है
02:10दसलिए ये धूल लगभग 50 किलोमेटर या फिर उससे अधिक उचाई तक जा सकती है
02:15अंतरिक्ष में मौझूद ओर्बिटर और शक्तिशाली टेलिस्कोप इस पूरे गृत्नाकरम को रिकॉर्ड करने है
02:20अब सबसे बड़ा सवाल है क्या इस टकर से धर्थी को कोई खत्रा है
02:25इसका जवाब है बिल्कुल नहीं
02:27नासा और सेंटर फॉर नियर अर्थ ऑब्जेक्स स्टाडीज यानि की सी एंटी ओएस निस पर्ष्ट किया है
02:33ये टकर के अबल चंद्रमा तक सिनित रहेगी
02:35इसका कोई मलवा पृत्वी तक नहीं पहुँचेगा
02:38और नाहीं इस सिधर्दी की कख्षा, गुर्टवा का रुशन या फिर मानाव जीवन पत कोई भी प्रभाव पड़ेगा
02:44इसलिए लोगों को खबराने की ज़रूरत नहीं है
02:47लेकिन वैज्यानिकों के लिए ये घचना किसी खजाने से कम नहीं है
02:50जब रॉकेट चांद से टकराएगा तब सथे के नीचे छेपी मिट्टी और चटाने बाहर दखेएगा
02:55इनका ध्यान करके वैज्यानिक ये समझ पाएंगे कि चंद्रमा की आंतरिक संदर्शना कैसे
03:00इसके लावा भविश्य में अगर कोई बड़ा उल्का बिंड चांद या फिर किसी दूसरे ग्रह से टखताता है
03:05तो उसके प्रभाव का बहतर अनुमान लगाया जा सकेगा
03:09ये डेटा भविश्य के आर्टेमिस मिश्यन चंद्रमा पर मानो बस्तियां बसाने की योजनाओं, रोबोटिक मिश्यनों और चंद्र खनन परियोजनाओं के
03:17लिए बेहद्म है तो कुन साबित होगा
03:19वैग्यानिक ये भी जान सकेंगे कि बना वायू मंडल वाले किसी ग्रह या उप ग्रह पर टकर के बाद धूल
03:25और मलबा किस तरह फैलना है
03:27यानि ये सिर्फ एक रोकेट की टकर नहीं रहने वाली है बलकि अतरिक्ष विज्ञान के लिए एक ऐसा प्रयोग है
03:32जुसके तयारी विज्ञान एक लंबे समय से कर रहे थे
03:35आने वाले कुछ घंटों में पूरी दुनिया की नजरे चंद्रबा पर हों ली क्योंकि ये टकर भविश्य की अतरिक्ष फोजों
03:41के लिए नई जानकारी और नए रास्तिक हो सकती है
03:44इस खबर में इतना ही वीडियो पर हमारी नजर बनी हुई है जैसी अपडेट आएगा आप तक पहुचाते रहें तब
03:49देखते रहें ये वनी गए
04:03दुनिया भर के वैज्यानिक आस्मान की तरफ टक टकी लगाए हैं
04:06अंतरिक्ष लैब में सारी तयारियां पूरी कर ली गई है
04:09स्पेस एक्स का रोकेट चांद की तरफ तेजी से बढ़ चुका है और वो पल आ चुका है
04:15जब वैज्यानिक पहली बार अंतरिक्ष में चांद से टकराती किसी चीज को देखेंगे
04:21वैसे तो चांद अब तक अंगिनत बार उलका पिंडो की टकर जहेल चुका है लेकिन ये बहुत खास है
04:26कलपना कीजिए अंतरिक्ष में एक ऐसा धमाका होने वाला है जिसका इंतजार दुनिया भर के वैज्यानिक महीनों से कर रहे
04:34है
04:34आज पहली बार वैज्यानिकों को पहले से पता है कि एक विशाल रॉकेट का हिस्सा चंद्रबा से टकराने वाला है
04:40ये सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बलकि अंतरिक्ष विज्यान के लिए एक ऐसा प्रयोग है जिससे चंद्रबा के कई रहे से
04:47खुल सकते है
04:48नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India India
04:51दुनिया भर की अंतरिक्ष एजेंसियों और वैज्यानिकों की नजरे आज चंद्रबा पर टिकी हुई है
04:56स्पेस एक्स के फालकन 9 रॉकेट का एक बड़ा हिस्सा चंद्रबा की से टकराने जा रहा है
05:01ये टकर भारतिया समया नुसार दोपहर करीब 12 बच कर 5 मिनट पर पर परने की संभावना जटाई गई है
05:07ये रॉकेट का वही हिस्सा है जिसे जन्वरी 2025 में अमेरिका और जापान के स्तयुक्त अंतरिक्ष मिशन के दोरान लॉंज
05:16किया गया था
05:16मिशन पूरा होने के बाद इसे प्रिशीर पर वापस लाया जाना था लेकिन इंधन फत्म होने के कारण इसे नियंतरिक
05:23तरीके से डी और्बिट नहीं किया जा सका
05:26इसके बाद ये अंतरिक्ष में भटकता रहा और अब चंद्रमा के गुत्वाकर्शन के प्रभाव में आकर उसकी स्यतह की ओर
05:32तेजी से बढ़ रहा है
05:33रैग्यानिकों के मताबक इस रोकेट के हिस्से का वजन लगभग 4,000 किलोग्राम है और करीब 8,700 किलोग्राम प्रती
05:41घंटे की रफतार से चंद्रमा से टकराएगा
05:43हलाकि चंद्रमा पर उलका पिंडो की टकर कोई नई बात नहीं है और बोवर्शों से वहाँ लगतार टकराव कोते रहे
05:50हैं लेकिन ये घटना इसलिए अतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि पहली बार रैग्यानिकों को पहले से पता है कि
05:57कौन सी वस्तू कितने वजन की किस ग
06:13कोत्वेल के अनुसार इस टकर से चंद्रमा की सथय पर एक नया क्रेटर बनेगा और धूल का विशाल गुबार बलगभग
06:20पचास किलोमेटर या उससे अधिक उचाई तक उच सकता है
06:24चुकि चंद्रमा पर प्रित्वी की तरह कोई वायू मंडल नहीं है इसलिए ना तो रॉकेट की गति कम होगी और
06:30नहीं उसे उड़ने वाला मलबा हवा में रुप पाएगा
06:33कमजोर गृत्वाकर्शन के कारण धूल और चटानों के कंड काफी दूर तक पैल सकते हैं
06:40अच्छी बात यह है कि इस तक्कर से प्रित्वी को किसी भी तरह का खतरा नहीं है नासा के सेंटर
06:46फॉर नियर अर्थ ऑब्जेक्ट स्टाडीज यान की CNEOS ने साफ किया है कि ये पूरी तरह वैग्यानिक अध्ययान का विशाय
06:53है और प्रित्वी पर इसका कोई प्रतिकूल
06:58इस तक्कर से बनने वाले नए क्रेटर और बाहर निकलने वाली मिट्टी और चट्टान का ध्यान करके चंद्रमा के सठय
07:05के नीचे मौजूद परतों की सद्रचना को बहतर तरीके से समझा जासे लिए इस सभविशन में चंद्रमा पर बननने वाले
07:13मानोबेस, रोबोटिक म
07:14खनन पर योजनाओं और अन्य अंतरिक्ष अभ्यानों की योजना तयार करने में भी मदद मिलेगा, इतना ही नहीं, नासा का
07:21लूनर रिकॉनेंस और इस से तक्कर से पहले और बाद की तस्वीरे लेकर नए बने एक लेटर का विशलेशन करेगा,
07:29इस से यह समझने में मदद
07:30मिलेगी कि चंद्रमा जैसी वायू मंडल रहित सथय पर किसी बड़ी वस्तु के टक्राने पर मलबा कैसे फैलता है और
07:38उर्जा का प्रभाव कितना होता है, यानि यह सिर्प एक रॉकेट का चंद्रमा से टक्राना नहीं, बल्कि अंतरिक्ष विज्ञान से
07:45इतिहास का एक द
07:59अब तूरी दुनिया की नजरे इस अतिहासिक पल पर दे कुंगी है, जो भी अपडेट्स आएंगी, जो भी नए विज्वल्स
08:05आएंगे, हम आप तक पहुंचाते रहेंगे, तब तक देखते लिए One India है
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