Skip to playerSkip to main content
बांकीपुर उपचुनाव के बाद बिहार की राजनीति में एक नया दावा चर्चा का विषय बन गया है। क्या चुनाव से पहले प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव से मदद मांगी थी? इस दावे के पीछे की पूरी कहानी क्या है और इसका चुनावी समीकरणों पर कितना असर पड़ा? इस वीडियो में देखिए बांकीपुर उपचुनाव का विस्तृत विश्लेषण, प्रशांत किशोर और तेजस्वी यादव से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम, जन सुराज की रणनीति, नेताओं के सार्वजनिक बयान और बिहार की बदलती सियासत की पूरी तस्वीर। यह विश्लेषण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी, मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक बयानों पर आधारित है।

The Bankipur By-Election has triggered fresh political discussions across Bihar. Reports and political claims have fueled speculation over whether Prashant Kishor reached out to Tejashwi Yadav before the election. What is the story behind these claims, and could such political outreach have influenced the campaign? In this video, we examine the Bankipur by-election, the statements made by political leaders, Jan Suraaj's strategy, Tejashwi Yadav's role, and the broader political implications for Bihar. This discussion is based on publicly available reports, political statements, and election developments, and explores the claims and counterclaims without treating unverified assertions as established fact.

#BankipurByElection #PrashantKishor #TejashwiYadav #JanSuraaj #BiharPolitics #ElectionAnalysis #BankipurResult #BJP #RJD #BreakingNews

~HT.410~PR.540~ED.520~GR.538~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:00प्रशान किशोर के बाकिपूर यानी बीजेपी के गढ़ में जीतने की वजह हैं क्या-क्या हो सकती हैं
00:05बहुत सारी चर्चाएं हो चुकी हैं तीन अगस्त के बाद से
00:07जैसे कहा गया कि समण वोट अब पीके के साथ आ गया था बाकिपूर में
00:12इसलिए बीजेपीहरी, युजिसी के मुद्दे के बारे में लोग चर्चा कर रहे हैं
00:15भरतिवारी वाले मामले को ले कर बात हो रही है और भी तमामतरा की बाते की जा रही है
00:19लेकिन एक और चर्चा हो रही है इस उफटडना में कहा यह जा रहा है
00:24कि राष्टिय जन्ता दल ने पूरी ताकत के साथ चुनाव नहीं लड़ा
00:27ये भी PK के जीत की बड़ी वजा है
00:30ये भी कहा जा रहा है कि तेसफी यादो ने जान बूझ कर
00:34PK के लिए खुला मैदान छोड़ दिया
00:36ताकि वो BJP को काटे की टक्कर दे सके
00:39जो कि उनने देकर दिखाई और 1324 वोट से जीत हासिल की
00:43तो PK की जीत में RJD का क्या फेक्टर हो सकता है
00:46क्या सच में ऐसी कोई बात हो सकती है
00:48इस पर ही आज हम चर्चा करेंगे हमाई सब केशो जी है
00:51केशो जी प्रोफेसर चंस्रेकर यादो
00:53जो मंत्री रह चुके हैं बिहार सरकार में RJD की विधायक है
00:57उन्होंने कहा है बयान दिया है
00:59कि बाकिपुर में RJD कारकरताओं की भावना यही थी
01:02कि प्रशांत किशोर का साथ दिया जाए उनका समर्थन दिया जाए चुनाओ में
01:07बिल्कुल और RJD कारकरताओं की जो भावना थी RJD की एक कारकारी अध्यक्ष ने उस भावना का सम्मान किया
01:13इधर दाखिला होता है इनका प्रशांत किशोर का चुनाओई मैदान में रेखा कुमारे भी अपना परचा भरती हैं
01:22और उधर तेजस्वी यादव विदेश यात्रा पर चले जाते हैं पूरे कैमपेंग में कहीं RJD की शक्ती नहीं देखी बाकिपुर
01:31में जब एक्तम आखरी दौर था दो दिन के बाद मत्दान होना था आखरी दिन का चुनाओई परचार था उसमें
01:38तेजस्वी यादव वा
01:50करते रहें तेजस्वी यादव की पार्टी पिछले साल हुए विदान सफा चुनाओं में बाकिपुर में दूसरे नंबर की पार्टी रही
02:00थी और उम्मीदवार भी यही थी रेखा कुमारी गुपता और इन्हें करीब 46,000 वोट आये थे पिछली बार और
02:07इस चुनाओं मे
02:16कि तो है फिर आप को क्या समझा जाएगा उस पूरे विदान सबामे और पूरे राज़ में तो उम्मीदवार उतारना
02:25तो राज़त की मजबूरी थी वह उनकी विदाई
02:40के भी समर्थक वोटर्स हैं उनका रुख प्रशान की सोर की तरफ नहीं होता दूसरी बात पूरे राज में रास्ट्रिय
02:48जनतादल के खिलाफ एक संदेश जाता कि यह ऐसे सीट पर भी अपने उमिदवार नहीं उतारता है जहां पर यह
02:55दूसरे नंबर पर रहा है मैदान से भ
03:10पहले हुए चुनाओं में च्यालिस हजार वोट आते हैं रेखा कुमारी गुपता को और आश्ट्रिय जनतादल के टीकट पे ही
03:15और इस चुनाओं में केवल चौदा हजार चौदा हजार पंद्रे हजार के आसपास उन्हें वोट आते हैं तो आखिर यह
03:21तीस हजार जो वो�
03:40जो उन्नीस हजार से जीत रहे हैं प्रशांत किशोर संभव था कि अगर यह तीस हजार वोट रेखा कुमारी को
03:47मिलते तो वो चुनाओं जीत जाती यह भी हो सकता था बिलकुल एक बात और हो रही है किशोर जी
03:54ऐसा कि आपने बताया कि चुनाओं की घूश्टा होते ही पां
04:09इस चुनाओं में बहुत हलका हाथ रखिये ज्यादा ताकत मत लगाईए इन दोनों के बीच में पुल का काम किस
04:16ने किया होगा सब को पता है पिछले चुनाओं में प्रशांत की शोर ने लालू परिवार को बिलकुल भी नहीं
04:21बखशा था तेसवी आदों की पढ़ाई लि
04:39और हम बार बार कहते आ रहे हैं कि कांग्रेस ने तेजश्वी यादों को तो पहले समझाने की भी कोशिछ
04:45कि थी यहिमार की बाकिपूर हूं में कांग्रेस काम लिए।
04:58और उनकी भी क्या हार हुई थी वे जगजा ही रहे खैर
05:012025 में RJD अपना उमीदबार उतारती है
05:042026 में कांग्रेस RJD को मनाने की कोशिश करती है
05:08कि बाकिपूर से प्रशांद की सोर को लड़ने दिया जाये
05:11प्रशांद की सोर वर से सुभाजपा हो
05:12मुकाबले को त्रिकोणिये नहीं बनाना चाहिए ताकि भारतिय जनता पार्ठी को हडाया जा सके एक सीट पर भी अगर सप्ताधारी
05:21दल हारता है तो उनके मनोबल पर इसका असर परेगा और एक परसेप्शन भी बदलेगा राजेभर में लेकिन जैसा कि
05:29मैंने पहले कहा रा�
05:42वाक ओवर दे दे आजाए अब मैदान में तो आहीं गया है लेकिन वाक ओवर दे देते हैं लेकिन सबसे
05:48बड़ा सवाल वैभव यहां पर यह है कि तेजस्वी यादव की क्या मजबूरी थी ऐसी जो सीट वो जीत सकते
05:56थे जहां पर पिछली बार उनके उमीदवार को च्या
06:12पर नहीं परता है हलांकि एक सीट हारने से विधान सवा का जो गणित है उस पर कोई फरक नहीं
06:17परेगा विपक्ष के नेता पहले भी थे अभी है लेकिन एक एक सीट का महत्व होता है उस इस्थिती में
06:24तेजस्वी यादव की ऐसी क्या मजबूरी थी कि कांग्रेस द्वार
06:28मेडियेशन करने पर वो इस बात के लिए राजी हो गए कि पीके को वाक ओवर दे दिया जाए क्या
06:37मजबूरी है ऐसी क्या बिहार की राजनीती मेई करवट ले रही है क्या नए गट बंधन की पटकता लिखी जा
06:46रही है यह सोचने वाली बात है क्योंकि जिस इस्थिती से �
06:50आर जेडी गुजर रही है उसी स्थिती से कमोवेस जेडी यू भी गुजर रही है तो भारतिये जनता पार्टी एक
06:56धृब पर कायम है लेकिन आर जेडी जेडी यू कांग्रेस पिर जो छोटी छोटी पार्टियां है चिराग पासवान की लजपी
07:06जीतनराम माजी की हम और �
07:09पार्टियां क्या इनका रूख है क्या बिहार की राजनीती में एक भारतिये जनता पार्टी वर्सिस ओल होने वाला है या
07:18फिर जो दो पारमपरिक धुरूब हैं जो दो परमपरागा धुरूब हैं एक पर बीजेती रहेगी दूसरी तरफ कांग्रेस और आरजडी
07:26और तीसरी
07:27कि तरफ नई पार्टियां रुशान्थ की सौर के साथ इक चथर चाया में एक उसमें आएंगी एक बात की चर्चा
07:37और हो रही है किशोग जी लोगों को कहना है खास कर बीजेपी के लोगों का कि पीके के जीत
07:42में सारी वजहे
07:43रही होंगी UGC का मामला भरतिवारी का मामला बीजेपी मुद्वार से नाराजगी तमाम सारी वजह रही लेकिन इस बात को
07:49भी नकारा नहीं जा सकता कि पीके ने पैसे के दम पर भी चुनाओ लड़ा है और जीता है बीजेपी
07:55के मंतरी हैं वो पहुचे हैं नीरच कुमार सिन
08:13उसको आपने कड़ी टकर दी खरपती का मतलब वो पीके के पैसो की बात कर रहे हैं जो की बिहार
08:18में लगाता 25 ही बात उठ रही है कि इतनी महेंगे तरीके से उनका कैंपेन रहता है प्रोफेशनल की भीड
08:24रहती है जो सैली लेते हैं तो पीके बहुत पैसा लगा कर चुना�
08:43पाजहा विपक्ष था इंक्लूडिंग जन सुराज उन्होंने भारतिये जनता पार्टी को भारतिये जनता पार्टी के फॉर्मूले से ही पठकनी दी
08:51है जिस सोसल मीडिया गिमिक में भारतिये जनता पार्टी पहले से ही मास्टरी कर चुकी है अगर 2014 की जीत
08:59की बात करे 2019 के
09:01जीद की बात करें तो क्या इसमें social media का योगदान नहीं है,
09:04क्या इसमें ऐसे बयानों का योगदान नहीं है जिसे भारतिय जंता
09:08पार्टी के परवक्ता बार-बार दोरा रहे थे जिस बयान को किसी
09:11ने दिया ही नहीं था आलू से सोना बनाने वाला बयान क्या था,
09:14भारतिय जन्ता पार्टी ने इसको किस तरह से प्रशारीद किया
09:17और आखिरकार उसका फायदा किसको मिला
09:19तो ये जो सारी जो सारे तिकरम भारतिय जन्ता पार्टी के
09:25जो मास्टर स्ट्रोक्स थे विपक्षी पार्टियों ने इस बार
09:28सब का बेहतरी निस्तमाल किया
09:30और इनके खिलाफ किया
09:31नमबर वन, नमबर टू
09:32छल से चुनाव लड़ने और चुनाव जीतने की बात
09:36कही जा रही है
09:37SIR का फाइदा किसे मिला है
09:40ये सवाल भी आना चाहिए
09:42इसी चुनाव की बात करते हैं
09:44इसी बाकी पूर उप चुनाव की बात करते हैं
09:46चुनाव से 24 घंटे पहले
09:49प्रशांत किशोर के 16 कारे करताओं को
09:53जो ग्राउंड पर सबसे ज़्यादा एक्टिव थे
09:55उन्हें पुलिस क्यों डिटेन करके रहती है
10:11यह सब क्या हो रहा था
10:12क्या यह फिर इलेक्शन का लक्षन था
10:15चुनाव जब होता है
10:16तो उसमें शाम, दाम, दंडवेद
10:18सब कुछ लगता है
10:19सारी पार्टियां लगाती है
10:21बीजेपी भी सामदाम करती है
10:23प्रशांत की सोर ने भी किया
10:35उसका इस्तमाल उने किया होगा इसमें
10:42तो यह तो एक बात रही प्रशांत की सोर की बात
10:44लेकिन जो मंत्री गए कहने के लिए
10:48उनको सोचना चाहिए
10:50कि प्रशांत की सोर तो एक व्यक्ती है
10:53हो सकता है वो खरब पती हो
10:56कोई व्यक्ति अपने मेहनत से कमाया हुआ पैसा चुनाव में कितना लुटा सकता है यह तो मैं नहीं जानता लेकिन
11:02भारतिये जन्ता पार्टी जो दुनिया की सबसे बड़ी पॉलिटिकल पार्टी है और जिसको सबसे जादा डोनेशन मिलते हैं क्या उनके
11:11पास पैसों की कमी
11:12हो गई थी और अगर पैसे से चुनाव जीता जाता है तो इससे पहले आठ महीने पहले जो चुनाव हुआ
11:18जिसमें नितिन नवीन दोहरे वोटों से जीते 46,000 वोट इनको मिले थे और 98,000 उन्हें तो क्या उस
11:24चुनाव में भी पैसे से जीता गया था कोई भी राजनेता कम स
11:28कम अगर ऐसे बयान देता है तो ये जनादेश का अपमान होता है लोगों ने अपने विवेक से किसी उम्मिदवार
11:36को चुना है लोगों के जनता के विवेक पर उनके intent पर उनकी मानदारी पर सवाल खड़े करने का हक
11:43राजनितिक व्यक्तियों को तो कम से कम नहीं ही होना चा
11:51सकती है और युवाक कार्य करता है निरज तो उनको धानस बढ़ाने का एक तरीका होगा उनके
11:59सिनियर्स का लेकिन इसको पॉलिटिकल स्फेर में राजनितिक मंचों पर बहुत जादा महतु नहीं दिया जाएगा ऐसे बयानों को पैसे
12:09से चुनाव जीता जाता है तो इसका आर्थ है भारतिय जन्ता पार्टी जो राज दर राज जीत रही है उसमें
12:15पैसे का युगदान है
12:16बिल्कुल एक आखरी सवाल और किशो जी क्या अब पीके की बातों का बातों में जो दम बढ़ चुका है
12:24मतलब उनका महत उनका वजन बातों का बढ़ चुका है एक जीत उन्होंने खुद की दर्ज करवा के बीजेपी गढ़
12:29में जैसे अभी हम खुजर पहले ही आप से बा
12:44बातों को उनके जो पहले के पुरानी पार्टियों जिनके लिए काम करते थे उनकी नजरों में उसका वजन अब बढ़
12:49चुका है एक सकसेस स्टोरी तो जुड़ी चुका है जो पहले यह कहते थे कि पीके खुद चुनाव नहीं जीत
12:56सकते हैं पहले खुद तो जीत कर दिख
13:14उन्हें चुनाव जीता है भारतिये जन्ता पार्टी सबसे बरी पार्टी दुनिया की सबसे शक्ति साली पार्टी उसको उसकी मांद में
13:20घुसकर उसका शिकार किया है तो इनका कद्ध जरूर बढ़ेगा और जो इनका प्रोफेशन था उसमें भी इनको थोड़ा और
13:28वेट
13:43प्रशांत की शोर के लिए और मुझे लगता है जिस तरह के कारीगर रहे हैं आने वाले समय में इस
13:50जीत को भी वो अपने जो उनका अलाहिदा प्रोफेशन है उसमें भूनाएंगे बिल्कुल तो पीके के लिए क्यों प्लबदी है
13:58ये और उन्होंने जिस तरह से जीत दर्ज क
14:12सकता है कि पीके के जीत खुद की उनकी जो अभी तक की समझ विक्सित हुई है उसकी वजह से
14:19जीते हैं वह 14-14 गंटे 15-15 गंटे लगतार मेहनत कर रहे थे उसकी भी उसका भी बड़ा योगदान
14:25हो सकता है तो पीके अब बाकिपुर के विधायक बन चुके हैं विधायक से �
14:29आगे का उनका रास्ता कैसे होगा बिहार की सियासत में यह आने वाले साढ़े चार सालों में पता चल पाएगा
14:34और 2030 में बिहार में अगलार जब विधानसभा कर चुनाओ होगा तब क्या पीके बड़े दावेदार के रूप में सामने
14:40रहेंगी ये भी देखने वाली बात ह
14:41होगी फिलाल तक की जो बेट थी में आपको बता दी है बाकी पूर को लेकर और पीके की सियासत
14:45को लेकर जो भी नई जानकरे सामने आगी वह भी लगातार वन इंडिया पर आपको मिलती रहेगी
14:52सब्सक्राइब टो आपको में सामने आपको
Comments

Recommended