00:00प्रशान किशोर के बाकिपूर यानी बीजेपी के गढ़ में जीतने की वजह हैं क्या-क्या हो सकती हैं
00:05बहुत सारी चर्चाएं हो चुकी हैं तीन अगस्त के बाद से
00:07जैसे कहा गया कि समण वोट अब पीके के साथ आ गया था बाकिपूर में
00:12इसलिए बीजेपीहरी, युजिसी के मुद्दे के बारे में लोग चर्चा कर रहे हैं
00:15भरतिवारी वाले मामले को ले कर बात हो रही है और भी तमामतरा की बाते की जा रही है
00:19लेकिन एक और चर्चा हो रही है इस उफटडना में कहा यह जा रहा है
00:24कि राष्टिय जन्ता दल ने पूरी ताकत के साथ चुनाव नहीं लड़ा
00:27ये भी PK के जीत की बड़ी वजा है
00:30ये भी कहा जा रहा है कि तेसफी यादो ने जान बूझ कर
00:34PK के लिए खुला मैदान छोड़ दिया
00:36ताकि वो BJP को काटे की टक्कर दे सके
00:39जो कि उनने देकर दिखाई और 1324 वोट से जीत हासिल की
00:43तो PK की जीत में RJD का क्या फेक्टर हो सकता है
00:46क्या सच में ऐसी कोई बात हो सकती है
00:48इस पर ही आज हम चर्चा करेंगे हमाई सब केशो जी है
00:51केशो जी प्रोफेसर चंस्रेकर यादो
00:53जो मंत्री रह चुके हैं बिहार सरकार में RJD की विधायक है
00:57उन्होंने कहा है बयान दिया है
00:59कि बाकिपुर में RJD कारकरताओं की भावना यही थी
01:02कि प्रशांत किशोर का साथ दिया जाए उनका समर्थन दिया जाए चुनाओ में
01:07बिल्कुल और RJD कारकरताओं की जो भावना थी RJD की एक कारकारी अध्यक्ष ने उस भावना का सम्मान किया
01:13इधर दाखिला होता है इनका प्रशांत किशोर का चुनाओई मैदान में रेखा कुमारे भी अपना परचा भरती हैं
01:22और उधर तेजस्वी यादव विदेश यात्रा पर चले जाते हैं पूरे कैमपेंग में कहीं RJD की शक्ती नहीं देखी बाकिपुर
01:31में जब एक्तम आखरी दौर था दो दिन के बाद मत्दान होना था आखरी दिन का चुनाओई परचार था उसमें
01:38तेजस्वी यादव वा
01:50करते रहें तेजस्वी यादव की पार्टी पिछले साल हुए विदान सफा चुनाओं में बाकिपुर में दूसरे नंबर की पार्टी रही
02:00थी और उम्मीदवार भी यही थी रेखा कुमारी गुपता और इन्हें करीब 46,000 वोट आये थे पिछली बार और
02:07इस चुनाओं मे
02:16कि तो है फिर आप को क्या समझा जाएगा उस पूरे विदान सबामे और पूरे राज़ में तो उम्मीदवार उतारना
02:25तो राज़त की मजबूरी थी वह उनकी विदाई
02:40के भी समर्थक वोटर्स हैं उनका रुख प्रशान की सोर की तरफ नहीं होता दूसरी बात पूरे राज में रास्ट्रिय
02:48जनतादल के खिलाफ एक संदेश जाता कि यह ऐसे सीट पर भी अपने उमिदवार नहीं उतारता है जहां पर यह
02:55दूसरे नंबर पर रहा है मैदान से भ
03:10पहले हुए चुनाओं में च्यालिस हजार वोट आते हैं रेखा कुमारी गुपता को और आश्ट्रिय जनतादल के टीकट पे ही
03:15और इस चुनाओं में केवल चौदा हजार चौदा हजार पंद्रे हजार के आसपास उन्हें वोट आते हैं तो आखिर यह
03:21तीस हजार जो वो�
03:40जो उन्नीस हजार से जीत रहे हैं प्रशांत किशोर संभव था कि अगर यह तीस हजार वोट रेखा कुमारी को
03:47मिलते तो वो चुनाओं जीत जाती यह भी हो सकता था बिलकुल एक बात और हो रही है किशोर जी
03:54ऐसा कि आपने बताया कि चुनाओं की घूश्टा होते ही पां
04:09इस चुनाओं में बहुत हलका हाथ रखिये ज्यादा ताकत मत लगाईए इन दोनों के बीच में पुल का काम किस
04:16ने किया होगा सब को पता है पिछले चुनाओं में प्रशांत की शोर ने लालू परिवार को बिलकुल भी नहीं
04:21बखशा था तेसवी आदों की पढ़ाई लि
04:39और हम बार बार कहते आ रहे हैं कि कांग्रेस ने तेजश्वी यादों को तो पहले समझाने की भी कोशिछ
04:45कि थी यहिमार की बाकिपूर हूं में कांग्रेस काम लिए।
04:58और उनकी भी क्या हार हुई थी वे जगजा ही रहे खैर
05:012025 में RJD अपना उमीदबार उतारती है
05:042026 में कांग्रेस RJD को मनाने की कोशिश करती है
05:08कि बाकिपूर से प्रशांद की सोर को लड़ने दिया जाये
05:11प्रशांद की सोर वर से सुभाजपा हो
05:12मुकाबले को त्रिकोणिये नहीं बनाना चाहिए ताकि भारतिय जनता पार्ठी को हडाया जा सके एक सीट पर भी अगर सप्ताधारी
05:21दल हारता है तो उनके मनोबल पर इसका असर परेगा और एक परसेप्शन भी बदलेगा राजेभर में लेकिन जैसा कि
05:29मैंने पहले कहा रा�
05:42वाक ओवर दे दे आजाए अब मैदान में तो आहीं गया है लेकिन वाक ओवर दे देते हैं लेकिन सबसे
05:48बड़ा सवाल वैभव यहां पर यह है कि तेजस्वी यादव की क्या मजबूरी थी ऐसी जो सीट वो जीत सकते
05:56थे जहां पर पिछली बार उनके उमीदवार को च्या
06:12पर नहीं परता है हलांकि एक सीट हारने से विधान सवा का जो गणित है उस पर कोई फरक नहीं
06:17परेगा विपक्ष के नेता पहले भी थे अभी है लेकिन एक एक सीट का महत्व होता है उस इस्थिती में
06:24तेजस्वी यादव की ऐसी क्या मजबूरी थी कि कांग्रेस द्वार
06:28मेडियेशन करने पर वो इस बात के लिए राजी हो गए कि पीके को वाक ओवर दे दिया जाए क्या
06:37मजबूरी है ऐसी क्या बिहार की राजनीती मेई करवट ले रही है क्या नए गट बंधन की पटकता लिखी जा
06:46रही है यह सोचने वाली बात है क्योंकि जिस इस्थिती से �
06:50आर जेडी गुजर रही है उसी स्थिती से कमोवेस जेडी यू भी गुजर रही है तो भारतिये जनता पार्टी एक
06:56धृब पर कायम है लेकिन आर जेडी जेडी यू कांग्रेस पिर जो छोटी छोटी पार्टियां है चिराग पासवान की लजपी
07:06जीतनराम माजी की हम और �
07:09पार्टियां क्या इनका रूख है क्या बिहार की राजनीती में एक भारतिये जनता पार्टी वर्सिस ओल होने वाला है या
07:18फिर जो दो पारमपरिक धुरूब हैं जो दो परमपरागा धुरूब हैं एक पर बीजेती रहेगी दूसरी तरफ कांग्रेस और आरजडी
07:26और तीसरी
07:27कि तरफ नई पार्टियां रुशान्थ की सौर के साथ इक चथर चाया में एक उसमें आएंगी एक बात की चर्चा
07:37और हो रही है किशोग जी लोगों को कहना है खास कर बीजेपी के लोगों का कि पीके के जीत
07:42में सारी वजहे
07:43रही होंगी UGC का मामला भरतिवारी का मामला बीजेपी मुद्वार से नाराजगी तमाम सारी वजह रही लेकिन इस बात को
07:49भी नकारा नहीं जा सकता कि पीके ने पैसे के दम पर भी चुनाओ लड़ा है और जीता है बीजेपी
07:55के मंतरी हैं वो पहुचे हैं नीरच कुमार सिन
08:13उसको आपने कड़ी टकर दी खरपती का मतलब वो पीके के पैसो की बात कर रहे हैं जो की बिहार
08:18में लगाता 25 ही बात उठ रही है कि इतनी महेंगे तरीके से उनका कैंपेन रहता है प्रोफेशनल की भीड
08:24रहती है जो सैली लेते हैं तो पीके बहुत पैसा लगा कर चुना�
08:43पाजहा विपक्ष था इंक्लूडिंग जन सुराज उन्होंने भारतिये जनता पार्टी को भारतिये जनता पार्टी के फॉर्मूले से ही पठकनी दी
08:51है जिस सोसल मीडिया गिमिक में भारतिये जनता पार्टी पहले से ही मास्टरी कर चुकी है अगर 2014 की जीत
08:59की बात करे 2019 के
09:01जीद की बात करें तो क्या इसमें social media का योगदान नहीं है,
09:04क्या इसमें ऐसे बयानों का योगदान नहीं है जिसे भारतिय जंता
09:08पार्टी के परवक्ता बार-बार दोरा रहे थे जिस बयान को किसी
09:11ने दिया ही नहीं था आलू से सोना बनाने वाला बयान क्या था,
09:14भारतिय जन्ता पार्टी ने इसको किस तरह से प्रशारीद किया
09:17और आखिरकार उसका फायदा किसको मिला
09:19तो ये जो सारी जो सारे तिकरम भारतिय जन्ता पार्टी के
09:25जो मास्टर स्ट्रोक्स थे विपक्षी पार्टियों ने इस बार
09:28सब का बेहतरी निस्तमाल किया
09:30और इनके खिलाफ किया
09:31नमबर वन, नमबर टू
09:32छल से चुनाव लड़ने और चुनाव जीतने की बात
09:36कही जा रही है
09:37SIR का फाइदा किसे मिला है
09:40ये सवाल भी आना चाहिए
09:42इसी चुनाव की बात करते हैं
09:44इसी बाकी पूर उप चुनाव की बात करते हैं
09:46चुनाव से 24 घंटे पहले
09:49प्रशांत किशोर के 16 कारे करताओं को
09:53जो ग्राउंड पर सबसे ज़्यादा एक्टिव थे
09:55उन्हें पुलिस क्यों डिटेन करके रहती है
10:11यह सब क्या हो रहा था
10:12क्या यह फिर इलेक्शन का लक्षन था
10:15चुनाव जब होता है
10:16तो उसमें शाम, दाम, दंडवेद
10:18सब कुछ लगता है
10:19सारी पार्टियां लगाती है
10:21बीजेपी भी सामदाम करती है
10:23प्रशांत की सोर ने भी किया
10:35उसका इस्तमाल उने किया होगा इसमें
10:42तो यह तो एक बात रही प्रशांत की सोर की बात
10:44लेकिन जो मंत्री गए कहने के लिए
10:48उनको सोचना चाहिए
10:50कि प्रशांत की सोर तो एक व्यक्ती है
10:53हो सकता है वो खरब पती हो
10:56कोई व्यक्ति अपने मेहनत से कमाया हुआ पैसा चुनाव में कितना लुटा सकता है यह तो मैं नहीं जानता लेकिन
11:02भारतिये जन्ता पार्टी जो दुनिया की सबसे बड़ी पॉलिटिकल पार्टी है और जिसको सबसे जादा डोनेशन मिलते हैं क्या उनके
11:11पास पैसों की कमी
11:12हो गई थी और अगर पैसे से चुनाव जीता जाता है तो इससे पहले आठ महीने पहले जो चुनाव हुआ
11:18जिसमें नितिन नवीन दोहरे वोटों से जीते 46,000 वोट इनको मिले थे और 98,000 उन्हें तो क्या उस
11:24चुनाव में भी पैसे से जीता गया था कोई भी राजनेता कम स
11:28कम अगर ऐसे बयान देता है तो ये जनादेश का अपमान होता है लोगों ने अपने विवेक से किसी उम्मिदवार
11:36को चुना है लोगों के जनता के विवेक पर उनके intent पर उनकी मानदारी पर सवाल खड़े करने का हक
11:43राजनितिक व्यक्तियों को तो कम से कम नहीं ही होना चा
11:51सकती है और युवाक कार्य करता है निरज तो उनको धानस बढ़ाने का एक तरीका होगा उनके
11:59सिनियर्स का लेकिन इसको पॉलिटिकल स्फेर में राजनितिक मंचों पर बहुत जादा महतु नहीं दिया जाएगा ऐसे बयानों को पैसे
12:09से चुनाव जीता जाता है तो इसका आर्थ है भारतिय जन्ता पार्टी जो राज दर राज जीत रही है उसमें
12:15पैसे का युगदान है
12:16बिल्कुल एक आखरी सवाल और किशो जी क्या अब पीके की बातों का बातों में जो दम बढ़ चुका है
12:24मतलब उनका महत उनका वजन बातों का बढ़ चुका है एक जीत उन्होंने खुद की दर्ज करवा के बीजेपी गढ़
12:29में जैसे अभी हम खुजर पहले ही आप से बा
12:44बातों को उनके जो पहले के पुरानी पार्टियों जिनके लिए काम करते थे उनकी नजरों में उसका वजन अब बढ़
12:49चुका है एक सकसेस स्टोरी तो जुड़ी चुका है जो पहले यह कहते थे कि पीके खुद चुनाव नहीं जीत
12:56सकते हैं पहले खुद तो जीत कर दिख
13:14उन्हें चुनाव जीता है भारतिये जन्ता पार्टी सबसे बरी पार्टी दुनिया की सबसे शक्ति साली पार्टी उसको उसकी मांद में
13:20घुसकर उसका शिकार किया है तो इनका कद्ध जरूर बढ़ेगा और जो इनका प्रोफेशन था उसमें भी इनको थोड़ा और
13:28वेट
13:43प्रशांत की शोर के लिए और मुझे लगता है जिस तरह के कारीगर रहे हैं आने वाले समय में इस
13:50जीत को भी वो अपने जो उनका अलाहिदा प्रोफेशन है उसमें भूनाएंगे बिल्कुल तो पीके के लिए क्यों प्लबदी है
13:58ये और उन्होंने जिस तरह से जीत दर्ज क
14:12सकता है कि पीके के जीत खुद की उनकी जो अभी तक की समझ विक्सित हुई है उसकी वजह से
14:19जीते हैं वह 14-14 गंटे 15-15 गंटे लगतार मेहनत कर रहे थे उसकी भी उसका भी बड़ा योगदान
14:25हो सकता है तो पीके अब बाकिपुर के विधायक बन चुके हैं विधायक से �
14:29आगे का उनका रास्ता कैसे होगा बिहार की सियासत में यह आने वाले साढ़े चार सालों में पता चल पाएगा
14:34और 2030 में बिहार में अगलार जब विधानसभा कर चुनाओ होगा तब क्या पीके बड़े दावेदार के रूप में सामने
14:40रहेंगी ये भी देखने वाली बात ह
14:41होगी फिलाल तक की जो बेट थी में आपको बता दी है बाकी पूर को लेकर और पीके की सियासत
14:45को लेकर जो भी नई जानकरे सामने आगी वह भी लगातार वन इंडिया पर आपको मिलती रहेगी
14:52सब्सक्राइब टो आपको में सामने आपको
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