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Imran Pratapgarhi Speech in Parliament: संसद भवन में कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी की शायरी पर जमकर हंगामा हुआ। पीएम मोदी पर तंज कसते हुए इमरान प्रतापगढ़ी ने ऐसी शायरी पढ़ी कि पूरा सदन गूंज उठा और राहुल गांधी ताली बजाते नज़र आए।

Congress MP and poet Imran Pratapgarhi created a stir in Parliament with his fierce poetic attack on PM Narendra Modi and the ruling government. As Opposition leaders including Rahul Gandhi applauded, the video of Pratapgarhi's speech went viral across social media platforms. Catch the full political drama and debate on Oneindia Hindi.

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Transcript
00:00वरना अंजाम वही होगा जो पहले भी हुआ
00:03कुरसी तो कुरसी है निगाहों से उतर जाओगे
00:06मौत आनी है जब आएगी तुम्हारी खातिर
00:09मौत से पहले बहुत पहले ही मर जाओगे
00:12कोई खुश्बू न कोई फूल न कोई रोनक
00:15उस पे काटों की जहालत नहीं देखी जाती
00:18हमने खोली थी इसी बाग में अपनी आखे
00:22हमसे इस बाग की हालत नहीं देखी जाती
00:25रात बस रात ही होती तो कोई बात नहीं
00:28उसका आकार मगर दूना नजर आता है
00:32जितने चमकीले सितारे थे वो सब डूप चुके
00:35सारा आकाश बड़ा सूना नजर आता है
00:38बुलबुले खुश थी उमीदों के तराने गाए
00:41लेके पद्जर से बहारों को चमन सौप दिया
00:45अब तो मासूम गुलाबों की ये घायल खुश्बू
00:48शीश धुनती है के खारों को चमन सौप दिया
00:51तुमने क्या काम किया उनके अभाओं के लिए
00:54जिनकी महनत से तुम्हे तख्त मिला ताज मिला
00:58उनके सपनों के जनाजों में तो शामिल होते
01:01जिनके चुप रहने की वजहा से तुम्हे राज मिला
01:05बोदे परताब जी ने बहुत शांदार ये कविता कही है
01:08कि कभी की आवाज बगावत पे उतर आई है
01:10दल के दलदल से हमें कोई सरोकार नहीं
01:14तुमने इस देश की तस्वीर बिगाड़ी ऐसे
01:17जैसे इस देश की मिट्टी से तुम्हें प्यार नहीं
01:20वरना अंजाम वही होगा जो पहले भी हुआ
01:24कुरसी तो कुरसी है निगाहों से उतर जाओगे
01:27मौत आनी है जब आएगी तुम्हारी खातिर
01:30मौत से पहले बहुत पहले ही मर जाओगे
01:33सरकार के सामने लगा तार अपनी मांगे लेकर के खड़ा रहा
01:37लेकिन इस सरकार ने दिल्ली के रास्ते की तरब पूझ करने वाले किसानों की रा में फूल नहीं बिचाए बलकि
01:45कीले बिचाई
01:46साहे 700 से ज्यादा किसान शहीद हुए
01:49कीमत तो बहुत बढ़ गई शहरों में धान की
01:52लेकिन विदा नहो सकी बेटी किसान की
01:55मौका मिला तो लोगों ने कुरसी के वास्ते तस्वीर ही बिगाड़ दी हिंदोस्तान की
02:00वरना अंजाम वही होगा जो पहले भी हुआ
02:03कुरसी तो कुरसी है निगाहों से उतर जाओगे
02:07मौत आनी है जब आएगी तुम्हारी खातिर
02:09मौत से पहले बहुत पहले ही मर जाओगे
02:12कोई खुश्बू न कोई फूल न कोई रोनक
02:15उस पे काटों की जहालत नहीं देखी जाती
02:19हमने खोली थी इसी बाग में अपनी आँखें
02:22हमसे इस बाग की हालत नहीं देखी जाती
02:25रात बस रात ही होती तो कोई बात नहीं
02:29उसका आकार मगर दूना नजर आता है
02:32जितने चमकीले सितारे थे वो सब डूप चुके
02:35सारा आकाश बड़ा सूना नजर आता है
02:39बुलबुले खुश थी उमीदों के तराने गाए
02:42लेके पधजर से बहारों को चमन सौप दिया
02:45अब तो मासूम गुलाबों की ये घायल खुश्बू
02:48शीश धुनती है के खारों को चमन सौप दिया
02:52तुमने क्या काम किया उनके अभाओं के लिए
02:55जिनकी महनत से तुम्हे तख्त मिला ताज मिला
02:58उनके सपनों के जनाजों में तो शामिल होते
03:02जिनके चुप रहने की वजहा से तुम्हे राज मिला
03:05उदे प्रताग जी ने बहुत शांदार ये कविता कही है
03:08कि कवी की आवाज बगावत पे उतर आई है
03:11दल के दलदल से हमें कोई सरोकार नहीं
03:14तुमने इस देश की तस्वीर बिगाड़ी ऐसे
03:17जैसे इस देश की मिट्टी से तुम्हें प्यार नहीं
03:20वरना अंजाम वही होगा जो पहले भी हुआ
03:24कुरसी तो कुरसी है निगाहों से उतर जाओगे
03:27मौत आनी है जब आएगी तुम्हारी खातिर
03:30मौत से पहले बहुत पहले ही मर जाओगे
03:33सभापती महोदे गाओं की परिकल्पना में प्यार था
03:39अपना पन था भाई चारा था
03:42कभी महात्मा गांधी ने जब गाओं का सपना बुना
03:46तो मुझे लगता है उसमें वो महबत थी
03:49कि गाओं में अगर किसी बिटिया की शादी होती थी
03:52तो पूरा गाओं अपने संसाधन लेकर के
03:54कोई चारपाई लेकर के
03:56कोई गुड लेकर के
03:57कोई प्रेम लेकर के खड़ा हुआ करता था
04:00लेकिन पिछले 2014 के बाद से गाओं में जो
04:05नफरत वो करके विकास किया गया है
04:07वो अद्भूत और अकलपनी है
04:10हालत ये है
04:11हम जिस गाउं में पैदा हुए
04:14उन गाउं में कोई सीता राम चाचा
04:16कोई भगवती चाचा
04:17हम लोगों की उंगली पकड़ करके
04:19चोराहों पर हमें मिल जाता था
04:21आशिरवात भी देता था और डाटता भी था
04:23लेकिन मौजूदा इस्थिती
04:26ये हो गई है कि गाउं में
04:28चाए जो
04:29गुण की चाए बना करती थी
04:31उसकी चकलस में जो चर्चा होती थी
04:34उसमें जब से चाए में चर्चा वाली
04:36राज़िती घुसी है
04:37उसने पूरे गाउं का महौल ऐसा कर दिया
04:40कि आप अब एक दूसरे से प्रेम से बैठ के बाद भी नहीं कर सकते
04:45मैं माननी मंत्री जी यहां पर मौजूद है
04:49रूरल डिबलक्मेंट के मंत्राले के बजट पर चर्चा हो रही है
04:54चाहे मनरेगा हो चाहे किसान हो
04:59सारा इससे जुड़ा वर्ग परिशान है
05:02मजदूरों की इस्थिती ऐसी है
05:04कि आप मनरेगा को प्रोटसाहिद करने के बज़ाए
05:09मनरेगा को समाप्त करने की कोशिशों में लगे हुए
05:12सच बात यह है कि राज्यों पर भार डाल करके
05:16आप मनरेगा खत्म कर देना चाहते हैं
05:19और उसके लिए आपने नाम लिया है
05:22कि आप उसका नाम बदल करके
05:24भी ग्राम जी करके
05:26उसके पीछे आप इसको छुपा लेंगे
05:29गाओं में सड़कों की इस्थिती खस्ता आहाल है
05:32चाहे उत्तर प्रदेश हो
05:33चाहे मद्रदेश हो चाहे गुजरात हो
05:35चाहे राजस्थान हो
05:36गाओं में सड़कों की इस्थिती ऐसी है
05:39कि किसी गर्वती महिला को
05:41अगर अस्पताल ले जाना हो
05:43तो सड़कें ऐसी हैं
05:46कि उन पे चलने वाले वाहन
05:47शायद अस्पताल तक
05:49महिलाएं पहुँच भी नहीं पाती है
05:51उनका प्रसो रास्ते में ही हो जाता है
05:53महोदे गाओं में
05:56हालत यह है
05:57किसान आपके सामने
06:01सरकार के सामने
06:03लगातार अपनी मांगे लेकर के
06:05खड़ा रहा
06:06लेकिन इस सरकार ने
06:07दिल्ली के रास्ते की तरफ पूछ करने वाले किसानों की रा में फूल नहीं बिचाए बलकि कीलें बिचाईी
06:14साहे 700 से ज्यादा किसान शहीद हुए
06:18कीमत तो बहुत बढ़ गई शहरों में धान की
06:21लेकिन विदा नहो सकी बेटी किसान की
06:23मौका मिला तो लोगों ने कुरसी के वास्ते तस्वीर ही बिगार दी हिंदोस्तान की
06:28सवाबती महोदे इस सरकार में बाते तो बड़ी बड़ी रही
06:33बजट की बात करके ये कहा गया कि गाउं का विकास करेंगे
06:38लेकिन प्रधान मंत्री की जो आवास योजना है
06:41प्रधान मंत्री आवास योजना के तहट गाउं में आवास बनते हैं
06:45और इनकी राज्य सरकारे उन आवासों पर बुल्डोजर चलाती हैं
06:50ऐसे कई मामले अलग-अलग राज्यों में देश के सामने हैं
06:55आप कहेंगे तो मैं पटल पर रख दूँगा
06:58अभी हाँ पटल पर रख दूँगा आथंटिकेट कर दूँगा
07:02महोदे जब पीम आवास योजना के तहट बनने वाले घरों पर बुल्डोजर चलेंगे
07:09तो आप गाउं के कौन सी विकास की परकल्पना कर रहे हैं
07:12गाउं को तो आपने भगवान भरों से छोड़ दिया है
07:14गाउं में रहने वाला किसान अपनी महनत से अगर अन उप जा रहा है
07:20तो आप उसकी MSP भी नहीं दे पा रहे हैं
07:24आप उसको सहायता नहीं दे पा रहे हैं
07:26की धन्ना सेठों की सरकार बना के रख दिया है आपने महोदे मैं जानता हूँ मेरा समय समाप्त होने वाला
07:32है लेकिन एक मिर्ट मुझे मुझे मुझे कंक्ल्यूट करने सर हमारी आखों में तो ऐसे गाउं के सपने थे के
07:44जहां रहने वाले ग्रामीड अंचल के लोग शहरों की
07:47तरफ पलायां ना करें ऐसा सपना हम देखा करते थे लेकिन गाउं में डेबलप्मेंट के नाम पे सरकार ने मूल
07:55भूत सुविधाओं से भी गाउं को वंचित रखा हुआ है जिसकी वजा से गाउं पलायां करके शहर की तरफ भाग
08:02रहे हैं और गाउं के गाउं खाली
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