00:00वरना अंजाम वही होगा जो पहले भी हुआ
00:03कुरसी तो कुरसी है निगाहों से उतर जाओगे
00:06मौत आनी है जब आएगी तुम्हारी खातिर
00:09मौत से पहले बहुत पहले ही मर जाओगे
00:12कोई खुश्बू न कोई फूल न कोई रोनक
00:15उस पे काटों की जहालत नहीं देखी जाती
00:18हमने खोली थी इसी बाग में अपनी आखे
00:22हमसे इस बाग की हालत नहीं देखी जाती
00:25रात बस रात ही होती तो कोई बात नहीं
00:28उसका आकार मगर दूना नजर आता है
00:32जितने चमकीले सितारे थे वो सब डूप चुके
00:35सारा आकाश बड़ा सूना नजर आता है
00:38बुलबुले खुश थी उमीदों के तराने गाए
00:41लेके पद्जर से बहारों को चमन सौप दिया
00:45अब तो मासूम गुलाबों की ये घायल खुश्बू
00:48शीश धुनती है के खारों को चमन सौप दिया
00:51तुमने क्या काम किया उनके अभाओं के लिए
00:54जिनकी महनत से तुम्हे तख्त मिला ताज मिला
00:58उनके सपनों के जनाजों में तो शामिल होते
01:01जिनके चुप रहने की वजहा से तुम्हे राज मिला
01:05बोदे परताब जी ने बहुत शांदार ये कविता कही है
01:08कि कभी की आवाज बगावत पे उतर आई है
01:10दल के दलदल से हमें कोई सरोकार नहीं
01:14तुमने इस देश की तस्वीर बिगाड़ी ऐसे
01:17जैसे इस देश की मिट्टी से तुम्हें प्यार नहीं
01:20वरना अंजाम वही होगा जो पहले भी हुआ
01:24कुरसी तो कुरसी है निगाहों से उतर जाओगे
01:27मौत आनी है जब आएगी तुम्हारी खातिर
01:30मौत से पहले बहुत पहले ही मर जाओगे
01:33सरकार के सामने लगा तार अपनी मांगे लेकर के खड़ा रहा
01:37लेकिन इस सरकार ने दिल्ली के रास्ते की तरब पूझ करने वाले किसानों की रा में फूल नहीं बिचाए बलकि
01:45कीले बिचाई
01:46साहे 700 से ज्यादा किसान शहीद हुए
01:49कीमत तो बहुत बढ़ गई शहरों में धान की
01:52लेकिन विदा नहो सकी बेटी किसान की
01:55मौका मिला तो लोगों ने कुरसी के वास्ते तस्वीर ही बिगाड़ दी हिंदोस्तान की
02:00वरना अंजाम वही होगा जो पहले भी हुआ
02:03कुरसी तो कुरसी है निगाहों से उतर जाओगे
02:07मौत आनी है जब आएगी तुम्हारी खातिर
02:09मौत से पहले बहुत पहले ही मर जाओगे
02:12कोई खुश्बू न कोई फूल न कोई रोनक
02:15उस पे काटों की जहालत नहीं देखी जाती
02:19हमने खोली थी इसी बाग में अपनी आँखें
02:22हमसे इस बाग की हालत नहीं देखी जाती
02:25रात बस रात ही होती तो कोई बात नहीं
02:29उसका आकार मगर दूना नजर आता है
02:32जितने चमकीले सितारे थे वो सब डूप चुके
02:35सारा आकाश बड़ा सूना नजर आता है
02:39बुलबुले खुश थी उमीदों के तराने गाए
02:42लेके पधजर से बहारों को चमन सौप दिया
02:45अब तो मासूम गुलाबों की ये घायल खुश्बू
02:48शीश धुनती है के खारों को चमन सौप दिया
02:52तुमने क्या काम किया उनके अभाओं के लिए
02:55जिनकी महनत से तुम्हे तख्त मिला ताज मिला
02:58उनके सपनों के जनाजों में तो शामिल होते
03:02जिनके चुप रहने की वजहा से तुम्हे राज मिला
03:05उदे प्रताग जी ने बहुत शांदार ये कविता कही है
03:08कि कवी की आवाज बगावत पे उतर आई है
03:11दल के दलदल से हमें कोई सरोकार नहीं
03:14तुमने इस देश की तस्वीर बिगाड़ी ऐसे
03:17जैसे इस देश की मिट्टी से तुम्हें प्यार नहीं
03:20वरना अंजाम वही होगा जो पहले भी हुआ
03:24कुरसी तो कुरसी है निगाहों से उतर जाओगे
03:27मौत आनी है जब आएगी तुम्हारी खातिर
03:30मौत से पहले बहुत पहले ही मर जाओगे
03:33सभापती महोदे गाओं की परिकल्पना में प्यार था
03:39अपना पन था भाई चारा था
03:42कभी महात्मा गांधी ने जब गाओं का सपना बुना
03:46तो मुझे लगता है उसमें वो महबत थी
03:49कि गाओं में अगर किसी बिटिया की शादी होती थी
03:52तो पूरा गाओं अपने संसाधन लेकर के
03:54कोई चारपाई लेकर के
03:56कोई गुड लेकर के
03:57कोई प्रेम लेकर के खड़ा हुआ करता था
04:00लेकिन पिछले 2014 के बाद से गाओं में जो
04:05नफरत वो करके विकास किया गया है
04:07वो अद्भूत और अकलपनी है
04:10हालत ये है
04:11हम जिस गाउं में पैदा हुए
04:14उन गाउं में कोई सीता राम चाचा
04:16कोई भगवती चाचा
04:17हम लोगों की उंगली पकड़ करके
04:19चोराहों पर हमें मिल जाता था
04:21आशिरवात भी देता था और डाटता भी था
04:23लेकिन मौजूदा इस्थिती
04:26ये हो गई है कि गाउं में
04:28चाए जो
04:29गुण की चाए बना करती थी
04:31उसकी चकलस में जो चर्चा होती थी
04:34उसमें जब से चाए में चर्चा वाली
04:36राज़िती घुसी है
04:37उसने पूरे गाउं का महौल ऐसा कर दिया
04:40कि आप अब एक दूसरे से प्रेम से बैठ के बाद भी नहीं कर सकते
04:45मैं माननी मंत्री जी यहां पर मौजूद है
04:49रूरल डिबलक्मेंट के मंत्राले के बजट पर चर्चा हो रही है
04:54चाहे मनरेगा हो चाहे किसान हो
04:59सारा इससे जुड़ा वर्ग परिशान है
05:02मजदूरों की इस्थिती ऐसी है
05:04कि आप मनरेगा को प्रोटसाहिद करने के बज़ाए
05:09मनरेगा को समाप्त करने की कोशिशों में लगे हुए
05:12सच बात यह है कि राज्यों पर भार डाल करके
05:16आप मनरेगा खत्म कर देना चाहते हैं
05:19और उसके लिए आपने नाम लिया है
05:22कि आप उसका नाम बदल करके
05:24भी ग्राम जी करके
05:26उसके पीछे आप इसको छुपा लेंगे
05:29गाओं में सड़कों की इस्थिती खस्ता आहाल है
05:32चाहे उत्तर प्रदेश हो
05:33चाहे मद्रदेश हो चाहे गुजरात हो
05:35चाहे राजस्थान हो
05:36गाओं में सड़कों की इस्थिती ऐसी है
05:39कि किसी गर्वती महिला को
05:41अगर अस्पताल ले जाना हो
05:43तो सड़कें ऐसी हैं
05:46कि उन पे चलने वाले वाहन
05:47शायद अस्पताल तक
05:49महिलाएं पहुँच भी नहीं पाती है
05:51उनका प्रसो रास्ते में ही हो जाता है
05:53महोदे गाओं में
05:56हालत यह है
05:57किसान आपके सामने
06:01सरकार के सामने
06:03लगातार अपनी मांगे लेकर के
06:05खड़ा रहा
06:06लेकिन इस सरकार ने
06:07दिल्ली के रास्ते की तरफ पूछ करने वाले किसानों की रा में फूल नहीं बिचाए बलकि कीलें बिचाईी
06:14साहे 700 से ज्यादा किसान शहीद हुए
06:18कीमत तो बहुत बढ़ गई शहरों में धान की
06:21लेकिन विदा नहो सकी बेटी किसान की
06:23मौका मिला तो लोगों ने कुरसी के वास्ते तस्वीर ही बिगार दी हिंदोस्तान की
06:28सवाबती महोदे इस सरकार में बाते तो बड़ी बड़ी रही
06:33बजट की बात करके ये कहा गया कि गाउं का विकास करेंगे
06:38लेकिन प्रधान मंत्री की जो आवास योजना है
06:41प्रधान मंत्री आवास योजना के तहट गाउं में आवास बनते हैं
06:45और इनकी राज्य सरकारे उन आवासों पर बुल्डोजर चलाती हैं
06:50ऐसे कई मामले अलग-अलग राज्यों में देश के सामने हैं
06:55आप कहेंगे तो मैं पटल पर रख दूँगा
06:58अभी हाँ पटल पर रख दूँगा आथंटिकेट कर दूँगा
07:02महोदे जब पीम आवास योजना के तहट बनने वाले घरों पर बुल्डोजर चलेंगे
07:09तो आप गाउं के कौन सी विकास की परकल्पना कर रहे हैं
07:12गाउं को तो आपने भगवान भरों से छोड़ दिया है
07:14गाउं में रहने वाला किसान अपनी महनत से अगर अन उप जा रहा है
07:20तो आप उसकी MSP भी नहीं दे पा रहे हैं
07:24आप उसको सहायता नहीं दे पा रहे हैं
07:26की धन्ना सेठों की सरकार बना के रख दिया है आपने महोदे मैं जानता हूँ मेरा समय समाप्त होने वाला
07:32है लेकिन एक मिर्ट मुझे मुझे मुझे कंक्ल्यूट करने सर हमारी आखों में तो ऐसे गाउं के सपने थे के
07:44जहां रहने वाले ग्रामीड अंचल के लोग शहरों की
07:47तरफ पलायां ना करें ऐसा सपना हम देखा करते थे लेकिन गाउं में डेबलप्मेंट के नाम पे सरकार ने मूल
07:55भूत सुविधाओं से भी गाउं को वंचित रखा हुआ है जिसकी वजा से गाउं पलायां करके शहर की तरफ भाग
08:02रहे हैं और गाउं के गाउं खाली
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