00:00आज भारत की एकॉनमी और आपकी जेब के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर लेके आया हूँ
00:05वाशिंटन से एक ऐसा फैसला आया है जिसने पूरे ग्लोबल ओयल मार्किट को हिला कर रख दिया है
00:10और इस बार अच्छी वजए से अमेरिका ने इरान के कच्चे तेल यानी क्रूड ओयल पर सारे प्रतिबंद यानी सांक्शन्स
00:18को हता दिया है वो भी ओफिशली
00:21अब यहाँ पर सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण सवाल ये उठता है कि साथ समंदर पार वाशिंटन में हुए इस फैसले
00:28से भारत में आपके घर का बजट कैसे तै होगा
00:32क्या सच में अगली सुबा से ही पेट्रोल और डीजल के दाम सस्ते होने वाले हैं और कैसे इरान से
00:40आने वाला ये कच्चा तेल आपकी रसोई यानी आपके किचन तक का खर्च भी कम कर देगा
00:46इस वीडियो में हम पूरी जियो पॉलिटिकल विसात को समझेंगे इसके हर एक पहलू को बिलकुल आसान भाशा में स्टेप
00:54बाई स्टेप आपके सामने रखेंगे और आपको हकीकत भी बता देंगे कि अगर पेट्रोल सस्ता होगा तो क्या उसका फायदा
01:02आपको मिलेगा क
01:03के नहीं इस पूरी कहानी के तार को जोड़ने के लिए हम थोड़ा पीछे जाते हैं साल 2018 में जब
01:08डॉनल्ड ट्रम पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपती बने थे तो उन्होंने इरान के साथ हुए न्यूक्लियर डील से हाथ पीछे
01:16खीच लिया था और इरान पर सबसे क�
01:18अर्थिक प्रतीबंद लगा दिये थे उस वक्त भारत समय दुनिया के कई तमाम बड़े देशों को एक चितावनी दी गई
01:26थी एक वर्निंग दी गई थी कि कोई भी देश इरान से एक बूंद भी तेल नहीं खरीदेगा नतीजा यह
01:31हुआ कि साल 2019 तक आते आते भारत का जो
01:48चोड़ना पड़ा क्योंकि भईया इरान का तेल पास से आता था तो ट्राविलिंग कॉस्ट भी सस्ती पड़ती थी और तेल
01:55वो सस्ते रेट में हमें दे देते थे लेकिन अब देखिए समय का चक्का घूम गया है और 2026 में
02:02फिर वहीं आ गया है ट्रम्प एड्मिनिस्टे�
02:17को हिला दिया हमारा काफी नुकसान हुआ देश में महंगाई हो गई लेकिन सबसे एहम बात की पूरी दुनिया में
02:25एक टर का महल बन गया था उसके बाद अब यूएस और इरान के बीच में ये पीस दील साइन
02:31हुई है इसका मतलब चीजें बहतर हो जाएंगी पिछले कु�
02:46जोते के तहट अमेरिका ने इरानियन क्रू रॉयल पर से टेंपररी रूप से बैन हटा दिया है लेकिन यहाँ पर
02:53एक ट्विस्ट है ये चूट अभी पर्मनेंट नहीं है ये रिलीफ सिरफ 21 अगस 2026 तक के लिए ली गई
03:00है यानि लगबग दो महीने से भी कम का समय अब स�
03:15समझे भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ओयल कंज्यूमर है और इंपोर्टर देश है हम अपनी जरूरत का 85%
03:23से जादा कच्छा तेल बाहर के देशों से मनवाते हैं यानि हमारी एनरजी सेक्योरिटी पूरी तरह से इंटरनाशनल मार्किट पर
03:31डिपेंड करती है जब
03:44ने भारत को सस्ते दाम पर तेल ओफर किया और पिछले दो तीन साल में रश्यों ओयल हमारी ओयल बास्किट
03:51में सबसे उपर पहुंच गया लेकिन अब
04:14भारत के लिए परफेक्ट टाइमिंग पर आया है और एक वर्दान साबित हो सकता है बैंड से पहले भारत हर
04:21महीने लगभग
04:22साड़े चार लाख दारल प्रती दिन तेल इरान से ले रहा था और हमारी रिफाइनरी उसी हिसाब से डिसाइंड थी
04:30लेकिन चलिए अब बात करते हैं आपके सबसे बड़े सवाल की इस पूरे जियो पॉलिटिक से आपका पेट्रोल डीजर और
04:37किचल का बजट कैसे सस्ता ह
04:39इसके पीछे चार बड़े रीजन से सबसे पहले तो सीधा आठ से दस डॉलर का डिसकाउंट और कम इंपोर्ट बिल
04:46इरान का जो कच्छा तेल है वो इंटरनाशनल बेंचमार्क यानि ब्रेंट क्रूड के मुकाबले मार्किट में हमेशा आठ से दस
04:54डॉलर प्रती बैरल सस्
05:03बहतरीन क्रेडिट दे देगा और कम फ्राइट चार्जिज यानि माल्ड होने के चार्ज को कम लेगा और आप अंदाजा लगाईए
05:11कि फाइनाशनल यर दोजार पच्छिस चपविस में भारत का कुल क्रूड ओयल इंपोर्ट का बिल लगभग 140 अरब डॉलर था
05:20और अगर �
05:20इस इंपोर्ट का एक छोटा हिस्सा भी हम इरान के सस्ते तेल से रिप्लेस कर देते हैं तो देश के
05:26अरबो डॉलर बच जाएंगे इससे हमारे करन्ट अकाउंट डेफिसेट कम हो जाएगा और जब देश का पैसा बचेगा तो इंडियन
05:34रुपी डॉलर के मुकाबले और म�
05:49की रिफाइनिंग को सीधा नीचे आएगी पिछले काफी समय से इंटरनाशनल मार्किट के उथल पुथल की वज़े से पेट्रोल डीजल
05:57के दान एक जगा टिके हुए हैं और वो इसी वज़े से हैं क्योंकि ये कंपनिया घाटा खा रही हैं
06:03लेकिन कंपनियों पर दबाव �
06:05इरान के आने से कंपनीज का प्रॉफिट मार्जन बहतर होगा और सस्तो ऐल आने पर सरकार के पास ये मौका
06:12होगा कि वो एक साइस जूटी कम करके या कंपनियों पर दबाव बनाके पेट्रोल डीजल की कीमतों में तीन से
06:19पांच रुपे तक की कटोती का तौफा आम जनता क
06:23दे सके इसके बाद कुरूड ओयल का रेट सिरफ आपकी कार या बाइक के पेट्रोल तक सीमित नहीं होता हमारे
06:29देश में सबसे ज़्यादा असर डीजल के दाम से पड़ता है
06:35तो देश भर में चलने वाले ट्रकों का भड़ा घट जाता है
06:39जब ट्रांस्पोर्ट सस्ता होगा तो खेट से निकल कर मंडी तकाने वाली सबजियां, दूद, फल और रोजमर्रा का राशन सस्ता
06:47हो जाएगा
06:47यानी इरान का सस्ता तेल डारेक्टली आपकी किचन के बजट को भी राहत पहुँचाएगा और रीटेल इंफलेशन यानी महेंगाई को
06:56नीचे रखने में मदद करेगा
06:58इसके साथ साथ चौथी बड़ी बात की अगर मैं बात करूँ तो रूपी रियाल अरेंजमेंट डॉलर के बिना धंदा चलेगा
07:05ये पॉइंट सबसे बड़ा गेम चेंजर है
07:07पुराने समय में भारत और इरान की बीच एक अन्नोखा सिस्टम चलता था जिसे रूपी रियाल ट्रेड मेकानिजम कहते थे
07:14भारत इरान से तेल खरीता था और उसका भुकतान डॉलर में नहीं बलकि इंडियन रुपी में करता स्टूड एक स्पेशल
07:21अकाउंट में जमा होता था
07:22फिर इरान उसी रुपे का इस्तमाल भारत से चावल, चाय, दवाईयां और इंजिनिरिंग घुच खरीदने के लिए करता था
07:29फाइनेंशल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबित हाला कि अभी इस टेंपररी वेवर में पेमेंट रूल्स पूरी तरह साफ नहीं है
07:36लेकिन अगर ये पुराना सिस्टम दुबारा चालू हो गया तो भारत को अपना डॉलर रिजर्फ खर्ची नहीं करना पड़ेगा
07:43इससे हमारे डॉमेस्टिक ट्रेड भी बड़ेगा और देश की करंसी को इंटरनाशनल लेवल पर मजबूती मिलेगी
07:49आप समझे इरान को जो हमसे चाहिए वो एक फंड में डालके हम इरान को वापिस दे देंगे और डॉलर
07:56का कहीं इस्तमाल ही नहीं होगा
07:57ये लड़ाई सिरफ सस्ते तेल की नहीं है ये भारत की एनरजी सेक्योरिटी और स्राटेजी की भी है
08:02अब तक क्या हो रहा था भारत की जादा तरतेल कुछ गिन अचने देशों से आ रहे थे रशिया एराक
08:08और साउदी अरेविया इनी पर हम डिपेंडेंडेंट थे
08:11किसी एक या दो सप्लाई पर बहुत जादा निर्भर रहना किसी भी देश के लिए बड़ा रिस्क होता है
08:16कल को अगर ओपेक प्लस देशों ने प्रोडक्शन और कम कर दिया या रशिया ने जियो पॉलिटिकल प्रेशन में सप्लाई
08:22रोग दी तो भारत संकट में आ सकता है
08:25इरान की मार्केट में वापसी से भारत को अपने ओयल सोर्सिस को डाइवर्सिफाई करने का यानि एक ब्लाक अप प्लान
08:31तयार करने का मौका मिल गया
08:32एक रिपोर्ट के मुताबित भारत की जो सबसे बड़ी मेगा रिफाइनरी है जैसे जामनगर, वदोद्रा और मैंगलोर ये सब हाई
08:40सलफर क्रूड को प्रसेस करने के लिए परफिक्ट है और एरान का तेल इसी कैटेगरी में आता है
08:46यानि हमारी फाक्टरीज इस तेल को प्रसेस करने के लिए पहले से रेडी बैठी है लेकिन एक पत्रकार के नाते
08:53मेरा फर्ज है कि मा आपको इस पूरी पिच्चर का दूसरा रुख भी दिखाऊं
08:57सब कोच इतना सिंपल और परफिक्ट नहीं है जितना दिख रहा है इसमें तीन बड़ी चुनौती है पहली बड़ी चुनौती
09:03है वक्त जैसा कि मैंने शुरुआत में बताया अमेरिका ने चूट सिरफ 21 अगस 2026 तक के लिए दी है
09:10यानि मुश्किल से दो महीने
09:12इसके अलावा JNU के विदेश मामलों के एक्सपर्ट प्रोफेसर राजन कुमार कहते हैं कि इतने चोटे टाइम विड्डो में बड़ी
09:19मात्रा में तेल का सौधा करना उसके लिए बड़े शिप्स का इंतजाम करना होगा उनका इंशॉरेंस करवाना और लॉजिस्टिक्स म
09:42दुबारा तनाफ बड़ा या दोनों देशों ने समझोते की शर्ते तोड़ी तो अमेरिका ये बैन रातो रात दुबारा लगा देगा
09:49और रातो रात इस पूरे प्लान पर पानी फिर जाएगा तीसरी चुनोती है अमेरिकन सैंक्शन्स की शर्ते यूएस टेट डिपार्�
09:59कि ये छूट लिमिटेड और कंडिशनल है भारत को हर एक ट्रांजाक्शन बहुत फूक फूक कर करना होगा ताकि उन
10:06पर किसी भी तरहें का सेकेंडरी सैंक्शन का खत्रा ना आये क्योंकि अगर यूएस हम पे सैंक्शन लगा देगा तो
10:13उसके और कई नुक्सान है दोस्तो
10:15को निशकर्ष क्या निकलता है चुनौतियां जरूर है लेकिन भारत सरकार और हमारी ओयल कंपनीज इस मौके को हाथ से
10:22निकलने नहीं देना चाहती इंडियन ओयल कॉपरेशन और भारत पेट्रूलियम जैसे बड़े प्लैज ने इरान के साथ कमोश्रल टोम्स और
10:29प्राइस
10:45बड़ा ग्राहक बनकर उबरेगा और इसका सीधा नतीजा आने वाले दिलों में आपके पेट्रोल पंप की कीमतों और सबजी मंडी
10:52के भाव में देखने को मिल जाएगा आपको क्या लगता है क्या इस फैसले से सच में महंगाई कम होगी
10:57अपनी राए कॉमें सेक्शन में ज
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