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अमेरिका द्वारा ईरान को तेल बेचने की अनुमति मिलने के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों को मिलने की उम्मीद है।विशेषज्ञों का मानना है कि ईरानी तेल की सप्लाई बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल की कीमतों पर दबाव आ सकता है।
अगर कच्चा तेल सस्ता होता है तो भारत का आयात बिल भी कम होगा।
इससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।भारत और ईरान के बीच ऊर्जा व्यापार को भी नया जीवन मिल सकता है।क्या सच में आम जनता को सस्ता पेट्रोल मिलेगा या फिर सरकार टैक्स के जरिए कीमतों को स्थिर रखेगी?इस वीडियो में जानिए अमेरिका के फैसले का भारत की अर्थव्यवस्था, तेल बाजार और आपकी जेब पर क्या असर पड़ सकता है।पूरी जानकारी और विश्लेषण के लिए वीडियो अंत तक देखें।

The US decision to allow Iran to sell oil again could significantly impact global energy markets.
India, one of the world’s largest crude oil importers, is expected to benefit from this development.
Experts believe increased Iranian oil supply may put downward pressure on international crude prices.
Lower crude prices could reduce India’s overall import bill and improve economic stability.This may also create room for relief in petrol and diesel prices across the country.The move could revive energy trade ties between India and Iran after years of restrictions.
Will Indian consumers actually see cheaper fuel, or will taxes keep retail prices unchanged?In this video, we break down the economic, geopolitical, and energy implications of this major development.
Watch till the end for a complete analysis of what it means for India and your wallet.

#IranOil #IndiaIran #PetrolPrice #DieselPrice #CrudeOil #USIran #OilMarket #IndianEconomy #FuelPrices

~HT.318~PR.512~GR.508~VG.HM~

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Transcript
00:00आज भारत की एकॉनमी और आपकी जेब के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर लेके आया हूँ
00:05वाशिंटन से एक ऐसा फैसला आया है जिसने पूरे ग्लोबल ओयल मार्किट को हिला कर रख दिया है
00:10और इस बार अच्छी वजए से अमेरिका ने इरान के कच्चे तेल यानी क्रूड ओयल पर सारे प्रतिबंद यानी सांक्शन्स
00:18को हता दिया है वो भी ओफिशली
00:21अब यहाँ पर सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण सवाल ये उठता है कि साथ समंदर पार वाशिंटन में हुए इस फैसले
00:28से भारत में आपके घर का बजट कैसे तै होगा
00:32क्या सच में अगली सुबा से ही पेट्रोल और डीजल के दाम सस्ते होने वाले हैं और कैसे इरान से
00:40आने वाला ये कच्चा तेल आपकी रसोई यानी आपके किचन तक का खर्च भी कम कर देगा
00:46इस वीडियो में हम पूरी जियो पॉलिटिकल विसात को समझेंगे इसके हर एक पहलू को बिलकुल आसान भाशा में स्टेप
00:54बाई स्टेप आपके सामने रखेंगे और आपको हकीकत भी बता देंगे कि अगर पेट्रोल सस्ता होगा तो क्या उसका फायदा
01:02आपको मिलेगा क
01:03के नहीं इस पूरी कहानी के तार को जोड़ने के लिए हम थोड़ा पीछे जाते हैं साल 2018 में जब
01:08डॉनल्ड ट्रम पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपती बने थे तो उन्होंने इरान के साथ हुए न्यूक्लियर डील से हाथ पीछे
01:16खीच लिया था और इरान पर सबसे क�
01:18अर्थिक प्रतीबंद लगा दिये थे उस वक्त भारत समय दुनिया के कई तमाम बड़े देशों को एक चितावनी दी गई
01:26थी एक वर्निंग दी गई थी कि कोई भी देश इरान से एक बूंद भी तेल नहीं खरीदेगा नतीजा यह
01:31हुआ कि साल 2019 तक आते आते भारत का जो
01:48चोड़ना पड़ा क्योंकि भईया इरान का तेल पास से आता था तो ट्राविलिंग कॉस्ट भी सस्ती पड़ती थी और तेल
01:55वो सस्ते रेट में हमें दे देते थे लेकिन अब देखिए समय का चक्का घूम गया है और 2026 में
02:02फिर वहीं आ गया है ट्रम्प एड्मिनिस्टे�
02:17को हिला दिया हमारा काफी नुकसान हुआ देश में महंगाई हो गई लेकिन सबसे एहम बात की पूरी दुनिया में
02:25एक टर का महल बन गया था उसके बाद अब यूएस और इरान के बीच में ये पीस दील साइन
02:31हुई है इसका मतलब चीजें बहतर हो जाएंगी पिछले कु�
02:46जोते के तहट अमेरिका ने इरानियन क्रू रॉयल पर से टेंपररी रूप से बैन हटा दिया है लेकिन यहाँ पर
02:53एक ट्विस्ट है ये चूट अभी पर्मनेंट नहीं है ये रिलीफ सिरफ 21 अगस 2026 तक के लिए ली गई
03:00है यानि लगबग दो महीने से भी कम का समय अब स�
03:15समझे भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ओयल कंज्यूमर है और इंपोर्टर देश है हम अपनी जरूरत का 85%
03:23से जादा कच्छा तेल बाहर के देशों से मनवाते हैं यानि हमारी एनरजी सेक्योरिटी पूरी तरह से इंटरनाशनल मार्किट पर
03:31डिपेंड करती है जब
03:44ने भारत को सस्ते दाम पर तेल ओफर किया और पिछले दो तीन साल में रश्यों ओयल हमारी ओयल बास्किट
03:51में सबसे उपर पहुंच गया लेकिन अब
04:14भारत के लिए परफेक्ट टाइमिंग पर आया है और एक वर्दान साबित हो सकता है बैंड से पहले भारत हर
04:21महीने लगभग
04:22साड़े चार लाख दारल प्रती दिन तेल इरान से ले रहा था और हमारी रिफाइनरी उसी हिसाब से डिसाइंड थी
04:30लेकिन चलिए अब बात करते हैं आपके सबसे बड़े सवाल की इस पूरे जियो पॉलिटिक से आपका पेट्रोल डीजर और
04:37किचल का बजट कैसे सस्ता ह
04:39इसके पीछे चार बड़े रीजन से सबसे पहले तो सीधा आठ से दस डॉलर का डिसकाउंट और कम इंपोर्ट बिल
04:46इरान का जो कच्छा तेल है वो इंटरनाशनल बेंचमार्क यानि ब्रेंट क्रूड के मुकाबले मार्किट में हमेशा आठ से दस
04:54डॉलर प्रती बैरल सस्
05:03बहतरीन क्रेडिट दे देगा और कम फ्राइट चार्जिज यानि माल्ड होने के चार्ज को कम लेगा और आप अंदाजा लगाईए
05:11कि फाइनाशनल यर दोजार पच्छिस चपविस में भारत का कुल क्रूड ओयल इंपोर्ट का बिल लगभग 140 अरब डॉलर था
05:20और अगर �
05:20इस इंपोर्ट का एक छोटा हिस्सा भी हम इरान के सस्ते तेल से रिप्लेस कर देते हैं तो देश के
05:26अरबो डॉलर बच जाएंगे इससे हमारे करन्ट अकाउंट डेफिसेट कम हो जाएगा और जब देश का पैसा बचेगा तो इंडियन
05:34रुपी डॉलर के मुकाबले और म�
05:49की रिफाइनिंग को सीधा नीचे आएगी पिछले काफी समय से इंटरनाशनल मार्किट के उथल पुथल की वज़े से पेट्रोल डीजल
05:57के दान एक जगा टिके हुए हैं और वो इसी वज़े से हैं क्योंकि ये कंपनिया घाटा खा रही हैं
06:03लेकिन कंपनियों पर दबाव �
06:05इरान के आने से कंपनीज का प्रॉफिट मार्जन बहतर होगा और सस्तो ऐल आने पर सरकार के पास ये मौका
06:12होगा कि वो एक साइस जूटी कम करके या कंपनियों पर दबाव बनाके पेट्रोल डीजल की कीमतों में तीन से
06:19पांच रुपे तक की कटोती का तौफा आम जनता क
06:23दे सके इसके बाद कुरूड ओयल का रेट सिरफ आपकी कार या बाइक के पेट्रोल तक सीमित नहीं होता हमारे
06:29देश में सबसे ज़्यादा असर डीजल के दाम से पड़ता है
06:35तो देश भर में चलने वाले ट्रकों का भड़ा घट जाता है
06:39जब ट्रांस्पोर्ट सस्ता होगा तो खेट से निकल कर मंडी तकाने वाली सबजियां, दूद, फल और रोजमर्रा का राशन सस्ता
06:47हो जाएगा
06:47यानी इरान का सस्ता तेल डारेक्टली आपकी किचन के बजट को भी राहत पहुँचाएगा और रीटेल इंफलेशन यानी महेंगाई को
06:56नीचे रखने में मदद करेगा
06:58इसके साथ साथ चौथी बड़ी बात की अगर मैं बात करूँ तो रूपी रियाल अरेंजमेंट डॉलर के बिना धंदा चलेगा
07:05ये पॉइंट सबसे बड़ा गेम चेंजर है
07:07पुराने समय में भारत और इरान की बीच एक अन्नोखा सिस्टम चलता था जिसे रूपी रियाल ट्रेड मेकानिजम कहते थे
07:14भारत इरान से तेल खरीता था और उसका भुकतान डॉलर में नहीं बलकि इंडियन रुपी में करता स्टूड एक स्पेशल
07:21अकाउंट में जमा होता था
07:22फिर इरान उसी रुपे का इस्तमाल भारत से चावल, चाय, दवाईयां और इंजिनिरिंग घुच खरीदने के लिए करता था
07:29फाइनेंशल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबित हाला कि अभी इस टेंपररी वेवर में पेमेंट रूल्स पूरी तरह साफ नहीं है
07:36लेकिन अगर ये पुराना सिस्टम दुबारा चालू हो गया तो भारत को अपना डॉलर रिजर्फ खर्ची नहीं करना पड़ेगा
07:43इससे हमारे डॉमेस्टिक ट्रेड भी बड़ेगा और देश की करंसी को इंटरनाशनल लेवल पर मजबूती मिलेगी
07:49आप समझे इरान को जो हमसे चाहिए वो एक फंड में डालके हम इरान को वापिस दे देंगे और डॉलर
07:56का कहीं इस्तमाल ही नहीं होगा
07:57ये लड़ाई सिरफ सस्ते तेल की नहीं है ये भारत की एनरजी सेक्योरिटी और स्राटेजी की भी है
08:02अब तक क्या हो रहा था भारत की जादा तरतेल कुछ गिन अचने देशों से आ रहे थे रशिया एराक
08:08और साउदी अरेविया इनी पर हम डिपेंडेंडेंट थे
08:11किसी एक या दो सप्लाई पर बहुत जादा निर्भर रहना किसी भी देश के लिए बड़ा रिस्क होता है
08:16कल को अगर ओपेक प्लस देशों ने प्रोडक्शन और कम कर दिया या रशिया ने जियो पॉलिटिकल प्रेशन में सप्लाई
08:22रोग दी तो भारत संकट में आ सकता है
08:25इरान की मार्केट में वापसी से भारत को अपने ओयल सोर्सिस को डाइवर्सिफाई करने का यानि एक ब्लाक अप प्लान
08:31तयार करने का मौका मिल गया
08:32एक रिपोर्ट के मुताबित भारत की जो सबसे बड़ी मेगा रिफाइनरी है जैसे जामनगर, वदोद्रा और मैंगलोर ये सब हाई
08:40सलफर क्रूड को प्रसेस करने के लिए परफिक्ट है और एरान का तेल इसी कैटेगरी में आता है
08:46यानि हमारी फाक्टरीज इस तेल को प्रसेस करने के लिए पहले से रेडी बैठी है लेकिन एक पत्रकार के नाते
08:53मेरा फर्ज है कि मा आपको इस पूरी पिच्चर का दूसरा रुख भी दिखाऊं
08:57सब कोच इतना सिंपल और परफिक्ट नहीं है जितना दिख रहा है इसमें तीन बड़ी चुनौती है पहली बड़ी चुनौती
09:03है वक्त जैसा कि मैंने शुरुआत में बताया अमेरिका ने चूट सिरफ 21 अगस 2026 तक के लिए दी है
09:10यानि मुश्किल से दो महीने
09:12इसके अलावा JNU के विदेश मामलों के एक्सपर्ट प्रोफेसर राजन कुमार कहते हैं कि इतने चोटे टाइम विड्डो में बड़ी
09:19मात्रा में तेल का सौधा करना उसके लिए बड़े शिप्स का इंतजाम करना होगा उनका इंशॉरेंस करवाना और लॉजिस्टिक्स म
09:42दुबारा तनाफ बड़ा या दोनों देशों ने समझोते की शर्ते तोड़ी तो अमेरिका ये बैन रातो रात दुबारा लगा देगा
09:49और रातो रात इस पूरे प्लान पर पानी फिर जाएगा तीसरी चुनोती है अमेरिकन सैंक्शन्स की शर्ते यूएस टेट डिपार्�
09:59कि ये छूट लिमिटेड और कंडिशनल है भारत को हर एक ट्रांजाक्शन बहुत फूक फूक कर करना होगा ताकि उन
10:06पर किसी भी तरहें का सेकेंडरी सैंक्शन का खत्रा ना आये क्योंकि अगर यूएस हम पे सैंक्शन लगा देगा तो
10:13उसके और कई नुक्सान है दोस्तो
10:15को निशकर्ष क्या निकलता है चुनौतियां जरूर है लेकिन भारत सरकार और हमारी ओयल कंपनीज इस मौके को हाथ से
10:22निकलने नहीं देना चाहती इंडियन ओयल कॉपरेशन और भारत पेट्रूलियम जैसे बड़े प्लैज ने इरान के साथ कमोश्रल टोम्स और
10:29प्राइस
10:45बड़ा ग्राहक बनकर उबरेगा और इसका सीधा नतीजा आने वाले दिलों में आपके पेट्रोल पंप की कीमतों और सबजी मंडी
10:52के भाव में देखने को मिल जाएगा आपको क्या लगता है क्या इस फैसले से सच में महंगाई कम होगी
10:57अपनी राए कॉमें सेक्शन में ज
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