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शिवसेना (UBT) में राजनीतिक संकट अब और गहरा गया है क्योंकि शिंदे गुट में गए 6 सांसदों को लेकर उद्धव ठाकरे खेमे ने बड़ा कदम उठाया है। मामला अब सिर्फ पार्टी टूटने का नहीं, बल्कि संसद में पहचान, अधिकार और ऑफिस तक पहुंच का बन गया है। अगर लोकसभा अध्यक्ष इन सांसदों के अलग होने को मान्यता देते हैं, तो UBT की ताकत घटकर 4 सांसद रह जाएगी और संसद में उनका ऑफिस भी खतरे में पड़ सकता है। इस पूरे विवाद पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का फैसला अहम माना जा रहा है।

The political crisis within Shiv Sena (UBT) has deepened as Uddhav Thackeray’s faction takes a major step against the six MPs who joined the Eknath Shinde camp. The issue has now moved beyond party division and is impacting parliamentary recognition, rights, and even office allocation in Parliament. If the Speaker of Lok Sabha formally recognizes the split, Shiv Sena UBT’s strength will fall to just four MPs, potentially forcing them to vacate their Parliament office. The matter now awaits a crucial decision from Lok Sabha Speaker Om Birla, which could shape the party’s future in Parliament.

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00:08शिवसेना यूबीटी के भीतर चलदहा राधितिक संकड अब एक नए और निवनायक मोड पर पहुच गया है।
00:30हालात ऐसे बन गए हैं कि अगर लोकसभा अध्यक्ष द्वारा इन 6 संसदों के शिंदे गुट में शामिल होने को
00:36आपचारिक मानता मिल जाती है तुशिवसेना यूबीटी की संसद में ताकत घट कर केवल 4 संसदों तक सीमित रह जाएगी।
01:00को ऑफिस और अन्य सुविधाएं तभी मिलती हैं जब उसके पास 5 या 5 से जादा सांसद हों।
01:07शिर्षेना यूबीटी के लिए ये स्थिती बेहत संविधनशील बन गई है।
01:11अगर संख्या घटती है तो उन्हें संसदभावन का कमरा नंबर 128A खाली करना पर सकता है जो अभी उनका आधिकारिक
01:20कार्याले भी है।
01:21इस पूरे घटना करम को गंभीरता से लेते हुए शिर्षेना यूबीटी के वरिष्ट सांसद अनिल देसाई और अरविन सामत ने
01:29लोगसभा अध्यक्ष ओम बिल्ला से मुलाकात की है।
01:32इस मुलाकात में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी बागी गुट को मानता देने से पहले उनकी पार्टी
01:39का पक्ष भी सुना जाना चाहिए।
02:02उस समय शुर्षेना के कुल नौ लोगसभा सांसदों में से छे सांसदों ने पार्टी छोड़कर एकनाशिंदे के नित्रत वाले गुट
02:10का दामन थाम लिया था।
02:12इस घटना ने उद्धो ठाकरे गुट को बड़ा जटका दिया था और तभी से पार्टी लगातार अपनी इस्थिती को सम्हालने
02:19की कोशिश कर रही है।
02:20संसद में संख्या घटने का असर केवल राधनीतिक छवी पर नहीं बलकि व्योहारिक सुविधाओं पर भी पड़ता है।
02:50अध्यक्ष से मुलाकात के दोरान ये भी कहा किस पूरे मामले में संविधान की दसवी अंसूची के प्रावधानों का पालन
02:58करना जरूरी है।
02:59उन्होंने जोड़ देकर कहा कि कोई भी संसदिय दल अपने आप अलग या विले करके मानता प्राप नहीं कर सकता
03:06और इस पर अंतिम निर्णे नियमों के आधार पर ही होना चाहिए।
03:11लोगसबाद ध्यक्ष ओम बिल्ला ने उनकी बातों को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया किस मामले में जो भी निर्णे
03:17लिया जाएगा वो पूरी तरह नियमों और संविधान के अनुसार होगा।
03:41दूसरी तरफ शिंदे गुट लगातार अपनी पकड मजबूत करता हुआ दिखाई दे रहा है।
04:13अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि लोकसभाद ध्यच का अगला कदम क्या होगा और क्या शूसे ना
04:19यूबिटी अपने संसदी एधिकार और कार्याले को बचा पाएगी या फिर नहीं।
04:27वन इंडिया को सब्सक्राइब करें और कोई भी अपटेट विस्टा करें।
04:32अभी वन इंडिया एप डाउनलोड करें।
04:33झाल
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