00:08शिवसेना यूबीटी के भीतर चलदहा राधितिक संकड अब एक नए और निवनायक मोड पर पहुच गया है।
00:30हालात ऐसे बन गए हैं कि अगर लोकसभा अध्यक्ष द्वारा इन 6 संसदों के शिंदे गुट में शामिल होने को
00:36आपचारिक मानता मिल जाती है तुशिवसेना यूबीटी की संसद में ताकत घट कर केवल 4 संसदों तक सीमित रह जाएगी।
01:00को ऑफिस और अन्य सुविधाएं तभी मिलती हैं जब उसके पास 5 या 5 से जादा सांसद हों।
01:07शिर्षेना यूबीटी के लिए ये स्थिती बेहत संविधनशील बन गई है।
01:11अगर संख्या घटती है तो उन्हें संसदभावन का कमरा नंबर 128A खाली करना पर सकता है जो अभी उनका आधिकारिक
01:20कार्याले भी है।
01:21इस पूरे घटना करम को गंभीरता से लेते हुए शिर्षेना यूबीटी के वरिष्ट सांसद अनिल देसाई और अरविन सामत ने
01:29लोगसभा अध्यक्ष ओम बिल्ला से मुलाकात की है।
01:32इस मुलाकात में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी बागी गुट को मानता देने से पहले उनकी पार्टी
01:39का पक्ष भी सुना जाना चाहिए।
02:02उस समय शुर्षेना के कुल नौ लोगसभा सांसदों में से छे सांसदों ने पार्टी छोड़कर एकनाशिंदे के नित्रत वाले गुट
02:10का दामन थाम लिया था।
02:12इस घटना ने उद्धो ठाकरे गुट को बड़ा जटका दिया था और तभी से पार्टी लगातार अपनी इस्थिती को सम्हालने
02:19की कोशिश कर रही है।
02:20संसद में संख्या घटने का असर केवल राधनीतिक छवी पर नहीं बलकि व्योहारिक सुविधाओं पर भी पड़ता है।
02:50अध्यक्ष से मुलाकात के दोरान ये भी कहा किस पूरे मामले में संविधान की दसवी अंसूची के प्रावधानों का पालन
02:58करना जरूरी है।
02:59उन्होंने जोड़ देकर कहा कि कोई भी संसदिय दल अपने आप अलग या विले करके मानता प्राप नहीं कर सकता
03:06और इस पर अंतिम निर्णे नियमों के आधार पर ही होना चाहिए।
03:11लोगसबाद ध्यक्ष ओम बिल्ला ने उनकी बातों को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया किस मामले में जो भी निर्णे
03:17लिया जाएगा वो पूरी तरह नियमों और संविधान के अनुसार होगा।
03:41दूसरी तरफ शिंदे गुट लगातार अपनी पकड मजबूत करता हुआ दिखाई दे रहा है।
04:13अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि लोकसभाद ध्यच का अगला कदम क्या होगा और क्या शूसे ना
04:19यूबिटी अपने संसदी एधिकार और कार्याले को बचा पाएगी या फिर नहीं।
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