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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग स्थित नगरासू गुरुद्वारे में 96 घंटे तक चला निहंग विवाद आखिरकार शांतिपूर्ण तरीके से खत्म हो गया। बातचीत के बाद निहंग छत से नीचे उतर आए और पंजाब लौट गए। लेकिन सवाल है कि कर्णप्रयाग में पार्किंग को लेकर शुरू हुआ विवाद गुरुद्वारे तक कैसे पहुंचा? चार दिनों तक चला गतिरोध कैसे खत्म हुआ? इस एक्सप्लेनर में जानिए पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन, निहंगों की मांगें, प्रशासन की रणनीति और बातचीत से निकला समाधान।

The tense 96-hour standoff at Nagrasu Gurudwara in Uttarakhand has finally ended peacefully. Nihang Sikhs who had occupied the upper floors and roof of the shrine climbed down after negotiations involving Punjab representatives, local Sikh leaders, and district authorities. But how did a parking dispute in Karnaprayag escalate into a major standoff? This explainer traces the complete timeline, key demands, police strategy, and how talks eventually restored peace.

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00:16च्छानवे घंटे एक गुरुद्वारा उसकी छत पर डटेन निखंक सिक नीचे पुलिस प्रशासन और सुरक्षाबल और पूरे उत्राखंड में बना
00:28हुआ तर्माव
00:29लेकिन अब ये विवाद खत्म हो चुका है नगरासु गुरुद्वारे में चार दिनों से चला आ रहा गतिरोद बाचीत के
00:37बाद समाप्थ हो गया है
00:39च्छत पर डटे निहंग नीचे उतर आये हैं हालाद समान्य है और प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है
00:46लेकिन सवाल है कि आखिर मामला यहां तक पहुचा कैसे थैं क्या ये सिर्फ एक पार्किंग मेवाद था या फिर
00:53इसके पीछे की कहानी कहीं ज्यादा बड़ी थी
00:56कर्ण प्रियाग में हुई एक जड़ब आखिर कैसे नगरासो गुरुद्वारे तक पहुच गई निहंग गुरुद्वारे की छट पर क्यों चड़
01:05गए उनकी मांगे क्या थी
01:07पुलिस कार्यवाई से नराजगी क्यों बढ़ी और आखिर पंजाब से आये प्रतिमी धिमंडल ने ऐसा क्या किया कि 96 गंटे
01:16से चला आ रहा गतिरोध खत्म हो गया
01:18आईए समझते हैं नगरासो गुरुद्वारा विवाद की पूरी कहानी शुरुआत से आखिर तक
01:25नमस्कार मैं हूँ विशाख शर्मा और आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंडी
01:30इस पूरे विवाद की शुरुआत 16 जून को उत्रखंड के चमोली जिले के कर्ण प्रयाग से होती है
01:36हेमकुन साहे ब्यात्रा का सीजन चल रहा था
01:39हर साल की तरह इस बार भी पंजाब समय देश के अलग-अलग हिस्सों से हजारों श्रद्धालू उत्राखंड पहुझे थे
01:47इन्हीं श्रद्धालूं में कुछ निहंग सिख भी शामिल थे
01:50रिपोर्ट्स के मताबिक कर्ण प्रयाग में वाहन पार्किंग को लेकर कुछ स्थानिय दुकानदारों और निहंग सिखों के बीच विवाद हो
01:58गया
01:58शुरुआत में ये एक समान्य कहा सुने थी लेकिन कुछ ही देर में मामला बढ़ गया
02:04आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच जड़ाप हुई और धराधर हत्यारों के इस्तमाल की खबरे सामने आई
02:10घटना में कई लोग घायल हुए और इलाके में तनाव फैल गया
02:15सूशना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और कार्यवाई शुरू की पुलिस ने पंजाब के चार निहंग सिकों को गिरफतार
02:23कर लिया
02:23यही से शुरू हुआ वो विवाद जिसने अगले कुछ दिनों में पूरे उत्राखंट का ध्यान अपनी ओर खीश लिया
02:30गिरफतारियों की खबर फैलते ही निहंग समुदाए कि कुछ अन्य सदस्य नराज हो गए
02:36करीब चार दिन बाद 20 जून के आसपास कुछ निहंग सिक रुद्रप्याग जिले के नगरासु स्थित गुरुद्वारे पहुचे
02:44ये गुरुद्वारा हेमकुंसाहि व्यातरा मार्क पर पढ़ने वाला एक महत को पूर्ण पढ़ाव माना जाता है
02:50जहां बड़ी संख्या में श्रधालू रुखते हैं
02:54शुरुवात में निहंग अपने गिरफतार साथियों के समर्थन में वहां पहुचे थे
02:58लेकिन धीरे धीरे हलात बदलने लगी
03:00रिपोर्ट के मताबिक गुरुद्वारा प्रबंधन और निहंगों के बीच रहने की व्यवस्थ था
03:06और विरोध प्रदर्शन को लेकर मतभेट सामने आये
03:09तनाफ बढ़ता गया
03:11इसके बाद कुछ निहंग गुरुद्वारे की उपरी मन्जिल और छट पर चले गए
03:16अब स्थिती पहले से कहीं ज्यादा सम्वेदन शील हो चुकी थी
03:20एक तरफ धार्मिक स्थल था
03:22दूसरी तरफ गिरफतारी को लेकर नराज की थी
03:25और तीसरी तरफ प्रशासन पर जल समधान निकालने का दवाव बढ़ रहा था
03:30मामली की गंभीरता को देखते हुए
03:33पुलिस, ITBP और प्रशासनिक टीमें मौके पर तैनाथ करती गई
03:37सुरक्षा बढ़ा दी गई
03:39गुरुद्वारे और आसपास के इलाकों की निगरानी भी शुरू करती गई
03:44हाला कि प्रशासन ने शुरुवात से ही एक बात साफ बल प्रयोग आखरी विकल्फ होगा
03:51क्योंकि मामला एक धार्मिक स्थल से जुड़ा था और हेमकुन साहिब यात्रा भी जारी थी
03:56ऐसे में कोई भी कदम बेहत साफधानी से उठाना जरूरी था
04:00यही वज़ा थी कि प्रशासन ने तक्राफ की बजाए बाच्चीत की रणनी थी अपनाई
04:06दिन बीटते गए गुरुद्वारे में डटे निहंग अपनी मागों पर कायम रहे
04:11दूसरी तरफ पुलिस लगातार संपर्ग बनाए हुए थी
04:15दूद्रप्रयाक पुलिस, जिला प्रशासन, गुरुद्वारा प्रबंधन और थानिय सिख समुदाई के प्रतिनिधी लगातार समाधान तलाशने में जुटे रहे
04:24इस वरान कई तरह की खबरे सामने आई
04:41इसी भी तरह की अफवा से बचने की जरूरत है रूद्रप्याक की एसपी निहारिका तोमर खुद लगातार स्थिती की निगरानी
04:48कर रही थी इस दौरान प्रशासन ने द्रोन के जरिये भी निगरानी रखी ताकि हर गतिविधी पर नजर बनी रहे
04:55करीब 96 गंटे तक गतिरोद जारी रहा चार दिनों तक नगरासु गुरुद्वारा पूरे उत्रागंड की चर्चा का केंद्र बना रहा
05:03हाला की राहत की बात ये रही कि इस दौरान कोई बड़ा हिंसक तक्राव नहीं गुआ
05:09प्रशासन लगा तार धैरे के साथ समाधान निकालने की कोशिश करता रहा
05:14रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान एक निहंग ने आत्म समर्पन भी किया जबकि एक अन्य व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत
05:21में लिया
05:22लेकिन मुख्य गतिरोध अभी भी खत्म नहीं हुआ था फिर कहानी में एक एहम मोड आया पंजाब से निहंग समुदाय
05:30और सिक संगटनों के वरिष्ट प्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल उत्राखन पहुँचा इस प्रतिनिधिमंडल ने पहले प्रशासन के साथ
05:38बाचीत की फिर गुरुद्वारे में मौजूत निहंगों से मुलाकात की उन्होंने उनकी नराजगी सुन उनकी मांगों को समझा और दोनों
05:48पक्षों के बीच समबात का रास्ता तयार किया यहीं से हालाद बदलने शुरू हुए बाचीत के दरान प्रशासन ने भरोसा
05:56दि
06:07साथ ही यह मुद्दा भी उठा कि कर्ण प्रयाग मामले की जाच निश्पक्ष तरीके से बाद में प्रशासन ने जाच
06:14को हरिद्वार स्थाना तरित करने का फैसला किया जिसे गतिरोत खत्म होने की दिशा में एक महत्पूर्ण कदम माना गया
06:22कई दौर की बाचीत के बाद
06:24आखिरकार सहमती बन गई
06:2623 जून मंगलवार की दोपहर को वो दृष्य देखने को मिला जिसका इंतिजार प्रशासन स्थानिये लोगों और गुरुद्वारा प्रबंधन को
06:34कई दिनों से था
06:35गुरुद्वारे की उपरी मंजिल और चट पर मौजूद निहंग नीचे उतरने लगे
06:39सुरक्षा बल पूरी स्थिती पर नजर बनाये हुए थे
06:43लेकिन सब कुछ शान्ती पूर्ण तरीके से हुआ
06:45कोई टकराव नहीं हुआ
06:47कोई बल प्रयोग नहीं करना पड़ा
06:49निहंगों ने गुरुद्वारा परिसर छोड़ा
06:51इसके बाद उन्होंने अर्दास की
06:54धार में जैकारे लगाए
06:56और मोटर साइकलों पर सवार होकर
06:58वहां से रवाना हो गए
06:59बाद में वे पंजाब लॉण
07:01इस तरह चार दिनों से
07:03चला आ रहा नगरासु गुरुद्वारा
07:05गतिरोथ खत्म हो गया
07:06रुद्रप्या की S.P. नहारी का
07:08तोमर ने भी पुष्टी की
07:10कि बादचीत के बाद स्थिती पूरी तरह
07:12समान्य हो गई है और इलाके में
07:14शान्ती है फिलाल एक बाद साफ है
07:17नगरासु गुरुद्वारे में शान्ती बहाल हो चुकी है
07:20निहंग पंजाब लॉट चुके हैं
07:23केमकुर साहे ब्यात्रा समान्य रूख सिर्चारी है
07:25और स्थान्य लोग भी राहत की सांस ले रहे हैं
07:2896 गंटे तक चले इस तनाव फून घटना क्रम का अंत
07:32बिना किसी बड़े टकराफ के हुआ
07:34और शायद यही इस कहानी की सबसे बड़ी सीख है
07:38जब हालात बेहत समवेदन शील हो
07:41तब कई बार ताकत नहीं
07:42समवाद सबसे बड़ा समाधान साबित होता है
07:46आप इस पूरे मामने को कैसे देखते हैं
07:49क्या प्रशासन ने धैरे और बाच्छीत का सही रास्ता अपनाया
07:52या फिर ऐसे मामनों में और सक्त कारेवाई की जरुरत होती है
07:56कमेंट सेक्शन में अपनी राइज जरूर बताएए
07:59और देखते रहिए One India Hindi
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