00:00झाल झाल झाल झाल
00:33की ओरा न्यूजिलेंड
00:46हम भारत के लोग सुनते आये थे 20 साल के बाद
00:54लेकिन आज 40 साल के बाद
01:04कोई भारतिय पिएम न्यूजिलेंड की धर्ति पर आया है
01:14ये मेरा सवभाग्य है मैं न्यूजिलेंड के सभी निवास्यों के लिए
01:26आप सभी लोगों के लिए
01:30एक सो चालीस करोड भारतियों की शुक कामनाए लेकर आया हूँ
01:51प्रधान मंत्री के रूप में भले ही मेरा पहला न्यूजिलेंड दोरा है
01:59लेकिन 25-30 साल पहले जब मैं किसी सरकार में भी हिस्था नहीं था सारवजिनिक जीवन में मुझे कोई जानता
02:09नहीं था
02:11तब भी मुझे यहां न्यूजिलेंड आने का आउसर मिला था
02:20और उत समय मुझे किसीने गिप में तीन चीजें दी थी
02:27जो मैं वापस इंडिया लेकर के गया था एक यह मफलर
02:45एक कैप और एक दस्ताना क्योंकि ठंड का मुझे था
02:57और उस में से एक चीज मैं अभी यहां इस कारकम में भी लेकर आया हूँ
03:09यह मफलर जो आप देख रहे हैं यह 25-30 साल पहले मुझे न्यूजिलेंड के एक साथी ने दिया था
03:22इतने साल में मैंने कई बार इसका उप्योग किया और आज भी इसे बहुत समाल करके रखा है
03:36जैसे आपके प्यार को समाल कर रखता हूं इस बार जब मेरा यहां आने का कारकम बना
03:55तो मैं विशेश तोर पर इसे अपने साथ लेकर के आया क्योंकि खबरतिक ठंड ज़्यादा है
04:08साथियों भारत और न्यूजिलेंड के रिष्टे में यादे भी है दोस्ती भी है
04:19वैल्यूज भी है और एक कमिट्मेंट भी है
04:27इस रिष्टे को न्यूजिलेंड के एक सुंदर परंपरा अच्छे से डिफाइन करती है
04:40यहां सदियों से एक शब्द लोगों को जोड़ता आया है वाका
05:00वाका सिर्फ एक नाव का नाम नहीं है वाका हमारी शैर्ड जर्नी की प्रतीक है
05:12और आज भारत न्यूजिलेंड की यही वाका एक नई यात्रापन निकलने के लिए तैयार है
05:25हमारे सामने अवसरों से भरा खूला समुद्र है
05:36हवाएं हमारे साथ है
05:40समंदर की विशाल लहरे हमारे साथ है
05:45इच्छा सक्ति का निला आस्मान हमारे साथ है
05:54पाने को काफी कुछ है
05:57और मैं जानता हूँ
06:00हम सफल होंगे
06:06हम
06:10हम
06:12हम
06:14हम
06:19साथियों
06:20मुझे इस यात्रा की सफलता पर
06:24पूरा भरोसा है
06:34जानते हैं क्यों
06:59मुझे नहीं
07:01क्योंकि इसके असली नाविक
07:05आप सभी है
07:13आकलेंड से वेलिंटन तक
07:18क्राइस्ट चर्थ से एक पिंस्ट ताउन तक
07:25नुजिलेंड के कौने कौने में फैला भारतिय समुदाए
07:32इस शेड जनरी का एक नाविक है
07:35इसके का उनरी नाविक
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