00:00वाई दिए वाई दिए वाई दिए गाई शूज नीट है डॉक्टर सबसे वहली बात तो डॉक्टर एक बहुत बड़ा तर्म
00:07है किसी भी मतलब जैसे अभी कोई बीमार हो गया तो किसी भी एक बंदे की लाइफ हमारे हाथ में
00:17होती है अभी तो मैं नीट के लिए तैयारी कर �
00:29फिर पेपर देगा हो और फिर उसको बता दिया जाता है कि तुम्हारा पेपर लीग हो गया और फिर तुम्हें
00:37वापिस पेपर देना है तो हो टूट गई तो आपके अंदर जो बावना थी आपके अंदर जो बावना थी लोगों
00:49की मदद करने की बावना थी आप क्यू कर �
00:55मैं तो जेए कर रही हूँ, इंजिनियर, तो इंजिनिरिंग तो मैं सरफ इसले कर रही हूँ कि अच्छा मेर को
01:03एक्सपोजर मिले कॉलेज में जाके जाके जैसे की
01:06हायर कॉलेजिस है, IIT Bombay हो गया, IIT Delhi हो गया
01:09तो वो काफी अच्छे कॉलेजिस है, जिसमें आगे जाके हमें इंजिनिरिंग में नहीं, बाकी और थी जो में भी बहुत
01:14सारी
01:15opportunities मिलती है, तो में ली तो मैं अभी एक्सपोजर के लिए कर रही हूँ
01:18और आपका?
01:19Sir, actually, I have always been interested, I am a very social person, so I think UPSC would genuinely help
01:26me engage in society and make policies and decisions
01:30And you?
01:34Sir, हम लोगों को बच्छपन से सिखा ही यही दिया जाता है, कि आपको बड़े हो के डॉक्टर, इंजिनियर यह
01:39सब बनना है
01:40तो एक मन से बच्छपन से ही वो सपना बन जाता है, कि डॉक्टर बनना ही
01:44मगर अगर आप सब को बिलकुल फ्री छोड़ दिया होता
01:48और असलियत में आप क्या करना चाहते हो, तो फिर क्या जवाब मिलता
01:52आपको डांसिंग में बहुत शौक है, आपको
01:56आपको डॉक्टर ही बनना था, मेरे जो अंकल थे, वो हार्ट अटेक से डेट कर गए थे
02:01दोजार उनीस में, तो इसी के लिए मैं, मतलब अरजेंट मतलब वो हुने नहीं मिला, तो इसी के लिए यज़े
02:06से वो डेट कर गए, तो बैस इसी के कारण में डॉक्टर बनना चाहता हूं
02:10और आप, अगर आपको पूरी फ्रीडम दिया दिया गया, तो क्या करो गया?
02:19सबसे पहली बात तो यह, कि जैसे कि मैं कुछ पढ़ रहा था, तो मुझे बता चला कि सिर्फ पांच
02:25चीजे, पांच प्रोफेशन्स, जो लोग बस देखे देखी, फॉलो कर रहे हैं, डॉक्टर, लोग, इंजिनियरिंग, और, मैं बूल गया थोड़ा
02:36सा, सॉरी जर, रिल
02:46नीट के त्यारी कर रहे हूं, अप्रोक्सिमेटली कितना पैसा लगता है, बिगिनिंग तो एंड, अगर आपको ओफ-लाइन अच्छी कोचिंग
02:56में तैयारी करनी है, अगर आप 11 से आ रहे हो, मिनिमम थ्री लैक रुपी तो कोचिंग फीज है, दो
03:02साल की, फिर उसके लावा
03:04हॉस्टल फीज, हॉस्टल फीज, दस हजार रुपे, मिनिमम मंतली रूम, मतलब जिसमें खाना वाना सब आ गया, फिर उसके बात,
03:13बसके लावा एक्सपेंस भी रहते हैं, तो दो-तीन हजार वो, तो मोटा-मोटा आप मानिए, एक लाग भीस हजार
03:18हॉस्टल की फीज हो ग�
03:40हॉस्टल का बात
04:04जा सकते हैं आपके फैमिली ने लिया लोन तो नहीं लिया था लेकिन अगर हम गवर्मेंट इंडिया में इंडिया इतनी
04:18कम है कि हम प्राइवेट के लिए सोच भी नहीं सकते क्योंकि उनकी फीस बहुत जादा है और बहुत जादा
04:25है जैसे 24 लाग बच्चे हर साल अपेर करते
04:28है नीट एक्जाम में उसमें से 80,000 सीट से जो गॉर्मेंट है तो 23 लाग बच्चों को ना चाहते
04:34हुए भी हारना पड़ता ही है तो उनके लिए प्राइवेट से करने के लिए ऑप्षिन बचता ही नहीं है क्योंकि
04:39हर मिडल क्लास फैमिली एक करोड रुपर अफॉड नहीं
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