00:05एक ऐसा अदेश जो किसी राश्ट्रपती की मौत के बाद भी जिन्दा रहें
00:09एक ऐसा ट्रिगर जो अगर दबा तो दुनिया की नक्षे पर महाविनार टेह
00:14अमेरिका और एरान की बीच चल रही जुबानी जंग अब एक ऐसे मुकाम पर पहुँच गई है
00:19जहां से वापसी का रास्ता बेहद संक्रा है
00:23अमेरिकी राश्ट्रपती डॉनल्ड श्राम उन्होंने एक ऐसा असाधारन दावा कर दिया है
00:28जुसने पेंटगॉन से लेकर तेहरान तक हलबली मचा दी है
00:31ट्राम का कहना है अगर मेरी हत्या हुई तो इरान का नामों निशान मिटा दिया जाएगा
00:37आज हम आपको समझाएंगे कि इस पेहत संसनिक है इस दावे के पीछे की पूरी कहानी क्या है
00:42और क्या वाकई कोई राष्ट्रपती अपनी मौत के बाद युद छुडने का हुकम दे सकता है
00:59बात सर्फ हवा हवाई बयानों की नहीं है
01:02तो अमेरिकी सिनाएक ऐसे बड़े पैमाने पर जवाबी हमला करेगी
01:05जोसे दुम्याने पहले कभी नहीं देखा होगा
01:09इतना ही नहीं नहीं नियू यॉर्क पोस्ट से बाच्चीत में भी ट्रम्प ने इस बात को दोहराया है
01:13उन्होंने कहा है कि अमेरिकी सेने संसादन पहले से ही लॉक अन्लोडेड है
01:17यानि बंदूग तनी हुई है और उंगली ट्रिगर पर है
01:20ट्रम्प का दावा है कि उन्होंने इस अभूत पूर्फ सेने कारवाई की आदेश पहले ही दे दिये है
01:25और इसे कागस पर छोड़ दिया
01:27अब सवाल उपता है कि ट्रम्प ने अचानक ऐसा बयान क्यों दिया
01:30दरसल इस्तनाव की टाइमिंग को समझे
01:32हाल ही में इरान की पूर्फ सरवोच नेता यातुलाली खामनाई की अंतिम संसकार के दोरान तहरान की सडकों पर भयंकर
01:39अमेरिका विरोधी नारी लगने लगे थे
01:41वहां मौझूद भीर ने खुले आम अमेरिकी और इस्राइली नेताओ को धमकी देने वाले बानर लहराए और ट्रम्प को मारेंगे
01:48के नारे गुंजे
01:49ट्रम्प का मानना है कि इरान लंबे समय से उन्हें अपने निशाने पर रखे हुए
01:54लेकिन इस कहानी में एक ट्विस्ट भी है
01:56अमेरिकी अकपार बॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक रिपोर्ट छापी थी जिसमें दावा किया गया कि इसराइल ने अमेरिका को खुफिया
02:03जानकारी दी थी
02:04कि इरान ट्रम्प की हत्या की साजश रच रहा है
02:07लेकिन जब पत्रकारों ने ट्रम्प से इस बारे में पूछा तो उन्होंने इसराइल के इस दावे को सिरे से खारिच
02:11कर दिया
02:12ट्रम्प ने कहा इसराइल के पास ऐसा कोई सबूत नहीं था
02:15यानि ट्रॉम्प खत्रे को तो स्विकार कर रहे हैं लेकिन इसके लिए किसी तीसरे देश के खुफिया रिपोर्ट पर निर्भन
02:20नहीं है।
02:21अब आते हैं इस पूरी कहानी के स्थब से बड़े पेज़ पर।
02:24प्रॉम्प कह रहे हैं कि उन्होंने अपनी मौत के बाद एरान पर हमले का आदेश पहली ही दे दिया है।
02:29लेकिन क्या अमेरिकी कानून इसकी इजाज़त देता है।
02:32अमेरिके संविधान बहुत स्पष्ट है।
02:34अगर किसी राश्रपती की मृत्यों हो जाती है या वो पदपर नहीं रहता तो देश की सेन्ने कमांडर का आदेश
02:50देना मानने के लिए बाद धें नहीं होती।
02:56दिल्चस बात ये है कि ट्रम्प के इस बयान के बाद वाइट हाउस की तरफ से अमेरिकी सेनेत आती आधिकारिक
03:01रक्षानीती में किसी भी तरह के बदलाव की कोई खुशना नहीं की गई
03:05हाला कि अमेरिकी अधिकारिक ने ये जरूर कहा है कि जनप्रती निधियों को मिलने वाली किसी भी धमकी को वो
03:11बेहत गंभीता से नहीं ले
03:12तो फिर ट्रम्प ने ऐसा बयान क्यों दिया इसके दो पहलो पहला पहलो ट्रम्प के समर्थकों का है
03:19उनका कहना है कि ये बयान दरसल एक डिटेरेंट यानि एक निरोधक संदेश है
03:23इसका मकसद इरान को ये डराना है कि अगर उसने कोई दुस्साहस किया तो अंजाम बहुत बुरा हो
03:29दूसरा पहले अंतराश्ट्रे विशलेश्योकों का
03:32उनका मानना है कि इस तरह की तीखी बयान बाजी से इस बेहर समवेदन शील समय में कूटनीतिक रास्ते और
03:37कठिन हो जाते है
03:38लेकिन राहत की बात ये है कि इस भयंकर तनाव और जुबानी जंग के बावजूत पर्दे के पीछे वाशिंटन और
03:44तेहरान के वीच कूटनीति संपरक यानि बाच्छीत के रास्ते अभी पूरी तरह बन नहीं हुए
03:49दोनों नेश एक दूसरे से अविश्वाश के बावजूत संबाद बनाए हुए
03:53तो ले देकर बात ये आकर टिकती है कि क्या ट्रम्प का ये बयान सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट है और
03:59चुनावी मेसेजिंग
04:00या फिर पर्दे के पीछे बाकई को ऐसी रणनीती तयार हो चुकी है जो दुनिया को एक नए महायुद की
04:06तरफ धखेल सकती
04:07सोचे अगर सिर्फ ये एक बयान बाजी है तो ये कूटनीती को पच्री से उतारने के लिए ही काफी
04:13और अगर इसमें रत्ती भर भी सच्चाई है तो आने वाले दिनों में मिडलीज से लेकर वाशिंटन तक एक ऐसा
04:19नए आकूतनीती को सेने संकट खड़ा हो सकता है जोसकी आज पूई दुनिया को झेड़नी पड़ी
04:24कहते हरान ट्रॉम्प की इस लॉक्ट एन लोड़ेड वाली चेतावनी के बाद अपने कदम वीचे खीचेगा या फिर ये जुबानी
04:30जंग किसी बड़े धमाके की स्क्रिप्ट लिख रही है
04:33इस महा संकट की हर एक परत को हम आपके सामने खोलते रहेंगे आप बने रहें वान इंडिया हिंदी के
04:38साथ
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