00:04शुक्रवार दस जुलाई को आशान माज के कृष्ण पक्ष की एकादशी है इसे योगिनी एकादशी कहते हैं इस दिन ग्रिहस्त
00:12लोग वरत रखेंगे वहीं 11 जुलाई के दिन वैशनो भक्त वरत करेंगे
00:17मानेता है कि इस वरत को करने मातर से 88,000 ब्रामणों को भोजन कराने के बराबर उन्ने फल प्राप्त
00:26होता है ये वरत जाने अंजाने में हुए पापों के प्रभाव को भी नश्ट करता है
00:31आईए इस वीडियो में आपको बताते हैं कि योगिनी एकादशी का वरत कैसे करें इस वरत को नर्जला या फलाहार
00:39रखना चाहिए कब और क्या खाएं साथी पारण का सही समय क्या होगा
00:44योगिनी एकादशी वरत में जो लोग निराहार यानी भूके नहीं रह पाते वो एक समय फलाहार ग्रहन कर सकते हैं
00:52इसके साथ ही दूद का सेवन और फलो का रस भी पी सकते हैं
00:56जो लोग एकादशी वरत नहीं कर पा रहे वो इस दिन भगवान वश्नु की विदिवत पूजा करें
01:02अगर विदिवत पूजा भी नहीं कर पा रहे तो विश्नो जी को जल और तुलसी चड़ा कर भी सामान्य पूजा
01:09की जा सकती है
01:10ग्रंथों में लिखा है कि भगवान विश्नु को तुलसी अर्पित करने से भी पूरे वरत का पुन्य फल जरूर मिलता
01:17है
01:17अगर आप भी उनी लोगों में से हैं जो एकादशी का वरत करने वाले हैं तो उन्हें एक दिन पहले
01:22यानि दशमी तिति 9 जुलाई की शाम संतुलिक भोजन करना चाहिए
01:26रात में भगवान विश्नु का पूजा करें मंत्र जाप करें आप चाहे तो ग्रंत भी पढ़ सकते हैं या प्रवचन
01:33भजन सुन सकते हैं
01:34योगी ने एकादशी यानी 10 जुलाई की सुबा जल्दे उटकर स्नान करें सूरी को जल अरपित करें घर के मंदिर
01:41में भगवान गनेश भगवान विश्नु और मातालक्ष्मी की पूजा करें भगवान के सामने एकादशी वरत का संकल पलें
01:47पूजा में विश्णो और महालक्ष्मी की मूर्ति को गंगाजल से स्नान करें, पंचामरत चड़ाएं
01:53चंदन, रोली, धूप, दीप और लाल पीले फूलों से श्रिंगार करें
01:57उन्हें तुलसी के साथ मिठाई मौसमी फलों का भोग लगाएं
02:01ओम नमो, भगवते, वासुदेवाय, मंत्र का जाब करें
02:04पूजा के बाद वरत करने वाले भक्त को दिन भर निराहार रहना चाहिए
02:09भूके रहना संभव ना हो तो दिन में पूजा के बाद एक बार फलाहार ग्रहन कर सकते हैं
02:14एकादशी की रात में भजन कीर्टन करें और सोने से परहेज करें
02:19वाणी और व्यावार पर नियंत्रन रखें, क्रोध निंदा से बचें, मन को स्थर और शांत रखें
02:24जरुवत मंद लोगों को अन्न वस्त्र जल आदी का दान करें
02:28अगले दिन 11 जुलाई को दोपहर एक बचकर पचास मिनट से लेकर शाम चार बचकर छपपन मिनट तक पारण का
02:36समय रहेगा
02:37इस दोरान सात्विक भोजन बनाए और जरुवत मंदों को दान करने के पश्चात ही भोजन ग्रहन करके अपना वरत खोलें
02:46वरत खोलते समय चावल खाना जरूरी है
02:49आपको बता दे जो वैशन वभक्त हैं वो 11 जुलाई को वरत रख रहे हैं
02:55तो ऐसे में 12 जुलाई को सूरदय के पश्चात वो भी वरत का पारण कर सकते हैं
03:00फिलहाल इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें
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