00:00अगर आपकी गाड़ी पेट्रोल से चलती है, अगर आपने हाल के महीनों में महसूस किया है कि पहले जितना माईलिज
00:06नहीं मिल रहा या आपको लग रहा है कि इंजिन की परफॉर्मेंस में बदलाव आया है, तो ये खबर आपके
00:11लिए बहुत महतोपूर्ण है, क्योंकि अब
00:14सवाल सर्थ E20 पेट्रोल का नहीं है, बलकि सरकार की अगली योजना E25 एथनॉल ब्लेंडिन पेट्रोल पर भी खड़े होने
00:21लगे हैं, पचले कुछ समय से सोशल मीडिया से लेकर संसत तक एथनॉल मिशुद पेट्रोल को लेकर बहस तेज है,
00:28अब खबर है कि लगतार बढ
00:42की उर्जा सुरक्षा का भविश्य बताया जा रहा था, उसी को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं, क्या वाकई E20
00:48से माइलज कम हो रहा है, क्या पुरानी गाडियों को नुकसान बहुत सकता है और अगर ऐसा होता है तो
00:54सरकार E25 तक क्या से पहुँचेगी, आए पूरी कहान
01:09जिसमें 20% एथनॉल और 80% सामाने पेट्रॉल मिला हुआ, यहीं कि सामाने पेट्रॉल में 20% एथनॉल मिला
01:16दीजिए, वो हो गया E20, इसी तरह E25 में 25% एथनॉल और 76% पेट्रॉल होगा, भारत ने पहले
01:24वर्ष 2030 तक E20 लागू करने का लक्ष रखा था, लेकिन यह लक्ष
01:39हपतों में दो ऐसे फैसले हुए जिदों ने संकेत दिया कि सरकार
01:43E25 के दिशा में आगे बढ़ रही है पहला 22 प्रतिशत से
01:4830 प्रतिशत एथनोल मिश्टन वाले इंधन को एक साइस ड्यूटी
01:51में रहाद दी गई दूसरा Bureau of Indian Standards यानि की
01:56BIS ने इस श्रेनी के इंधन को लेकर तक्नीकी मानक भी
01:59अधिसों चित करती है इन दोनों फैसलों को देखकर
02:02माना जाने लगा कि अगला कदम E25 को सकता है लेकिन
02:06इसे बीच देश भर से लगतार शिकायते सामने आने लगी कई वाहन
02:09मालिकों ने दावा किया कि E20 इस्तेमाल करने के बाद
02:13उनकी गाड़ी पहले जितना माइलेज नहीं दे रही है
02:15कुछ लोगों ने इंजन की आवाज बदलने पिकप कम होने और
02:19फ्यूल एफिशेंसी घटने की शिकायत भी दर्ज की इसके बाद
02:23खासतोर पर पूरानी कारों और मोटरसाइकिलों के मालिक ने चुंता जताई
02:27कि इथनौल मुश्वित पेट्रोल उनके इंजन और फ्यूल सिस्टम के लिए
02:30नुकसान दायक साबित हो सकता है
02:32यही वज़ा है कि अब सरकार ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है
02:37हाल ही में एक उच्च स्तर्य बैठक में वहां निर्माता कमपनियों
02:41और आटो पार्ट्स उद्यों के प्रतिंजियों के साथ इन शिकायतों पर चर्चा हूँ
02:46सरकार ने कमपनियों से कहा कि अगर तकनीकी समस्याएं हैं तो उनके सामाधान खोज जाएं
02:51हाला कि कुछ अधिकारियों का ये भी मानना है कि सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को जरूरत से ज्यादा बढ़ा
02:57चढ़ा कर पेश किया जा रहा है
02:58और वास्तिक तस्वीर इससे अलग हो सकती है तो अब सवाल है कि आखिर एथनॉल को लेकर इतनी चिंता क्यों
03:05है
03:05दरसल इतनॉल और पेट्रॉल दोनों की रासायनिक प्रकृती अलग होती है
03:10इतनॉल में ऑक्सीजन की मात्रा अधिक होती है और इसकी उर्जा घनत्व यानिकी एनरजी डेंसिटी सामाने पेट्रॉल से कम होती
03:18है
03:19आसान भाषा में कहें तो 1 लिटर एथिनॉल से मिलने वाली उर्जा, 1 लिटर पेट्रोल से मिलने वाली उर्जा से
03:25कम होती है
03:26यही कारण है कि यदि इंजन विशेश रूप से एथिनॉल मिशृत इंधन के लिए डिजाइन नहीं किया गया होगा
03:32तो माइलेज पर इसका असर दिखाई देगा
03:34दूसरी बड़ी बात है नमी यानि की मौश्चर
03:37एथनॉल हवा से पानी को तेजी से सोपता है
03:40अगर लंबे समय तक फ्यूल स्टोरेज में नमी चली जाए
03:44तो फ्यूल की गुणवक्ता प्रभावित हो सकती है
03:46पुराने इंजन, पुराने फ्यूल पाइप और पारंपरिक रबर सील वाले वाहनों में
03:51इस से जंग लगने या पूर्जों के खराब होने का खत्रा भी बढ़ सकता है
03:55यही वज़य है कि जब भारत में पहले E10 लागू किया गया था
03:59तब इसका असर बहुत ज़्यादा महसूस नहीं हुआ
04:02क्योंकि 10 प्रतिशत तक एथनॉल मिश्रन पर अधिकांश वाहन बिना किसी भी बड़े बदलाओ के चल जा रहे थे
04:09लेकिन जैसे ही मिश्रन 20 प्रतिशत तक पहुँचा अंतर ज्यादा स्पष्ट होने लगा
04:13इसलिए अब E25 को लेकर आटो मुबाइल कमपनिया अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है
04:30अगर बिना परियाब तयारी के E25 लागों किया गया तो इन बाहनों के मालिकों को अतरिक्त मरम्मत और रख रखाव
04:38का खर्च उठाना पड़ सकता है
04:39हाला कि इस पूरी तस्वीर का दूसरा पक्ष भी है जिससे समझना बहत जरूरी है
04:44सरकार एथिनॉल ब्लेंडिंग को सिर्फ परियावरणिया कदम नहीं बलकि उर्जा सुरक्षा की रणीती के रूप में देखती है
04:51भारत अपनी जरूरत का अधिकांज कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है
04:55हर साथ अर्बो डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार केवल तेल खरीदने में खर्च होता है
05:01अगर पेट्रॉल में एथिनॉल की मात्रा बढ़ती है तो आयाती तकच्चे तेल की जरूरत कम होगी
05:07इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और देश की उर्जा आत्म निर्भरता मजबूत होगी
05:13इसके अलावा एथिनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और अन्यकृशी उत्पादों से होता है
05:19इसका मतलब है कि एथिनॉल उत्योग बढ़ने से किसानों के लिए भी अत्रिक्त बाजार तयार होता है
05:25चीनी मिलों को भी नयारा जिस्व सोर्स मिलता है और ग्रामर अर्थ मिवस्था को मस्बूतिन होती है
05:31पर्यावरण के लिहाद से भी एथिनॉल मिश्वित इंधन को अपेक्षा कृत्य स्वक्ष माना जाता है
05:36इसके कारबन उत्सरजन में कमी आने की संभावना रहती है
05:40यही कारण है कि दुनिया के कई देशों ने भी अलग-अलग स्तर पर एथिनॉल मिश्वितन को अपनाया है
05:45लेकिन भारत के चिनौती बहुत अलग है
05:48यहाब करोणों वहन पूराने हैं
05:50इंधन वित्रन व्यवस्था विशाल है और मौसम भी अलग-अलग प्रकार का होता है
05:54इसलिए एक ऐसा समाधान तयार करना होगा
05:57जिसमें पर्यावरन, अर्थ व्यवस्था, किसानों के हित, वहन उद्योग और आम उभ्भोकता सभी का संतुलन बना रहे
06:04इसलिए अब माना जा रहा है कि सरकार E25 को जल्दबाजी में लागू करने के बजाए
06:09सभी हिद्धारकों से व्यापक चर्चा करेगी
06:12वहाँ नर्माता कंपनिया, आटो पार्ट्स उद्योग, टेल कंपनिया और उभ्भोकता संगठनों की राए लेने के बाद ही अगला कदम उठाया
06:20जाएगा
06:21यहने फिलहाल E25 पर ब्रेक नहीं तो कम से कम रफ्तार जरूर धीमी होती दिखाई दे रही है
06:26जिसके बाद एक और बड़ा सवाल है कि अगर एथनॉल इतना ही फायदे मंद है तो दुनिया के कई विकसित
06:31देशों में भी इसे धीरे धीरे ही क्यों लागू किया गया
06:34आखर ब्राजील, अमेरिका और यूरोप ने इस दिशा में कौन-कौन सी रनीती अपनाई जिससे वहाँ उभूक नाओं का भरोसा
06:40अभी भी बना रहा और आटो मोबाइल उद्योग को भी जटका नहीं लगा
06:44अगर सबसे पहले ब्राजील की बात करें तो वहाँ एथनॉल का प्रयोग कोई नई बात नहीं है
06:50पचले कई दशकों से वहाँ बड़ी मात्रा में गन्ने से एथनॉल तयार किया जाता है
06:55लेकिन वहाँ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वहाँ की अधिकांश नई गाडियां
06:59फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलोजी पर आधारित होती है
07:02यानि इंजन जरूरत के हिसाब से अलग-अलग अनुपात वाले पेट्रोल और एथनॉल मिश्टन पर खुद को एड़िस कर लेता
07:09है
07:09ज्राइवर को अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ती है
07:12भारत में फिलहाल यही सबसे बड़ी चुनौती है
07:15देश में अभी भी करोडो वाहन ऐसे हैं जो पारंपरिक पेट्रोल एंजन पर आधारित है
07:20अगर भविशे में अधिक एथनॉल मिश्टन को बड़े पैमाने पर लागू करना है
07:25तो किवल पेट्रोल बदलने से काम नहीं चलेगा
07:27बलकि वाहनों को तकनीक भी बदलनी होगी
07:31यही से तूसरे महत्यकूर्ण सवाल आता है
07:33कि आने वाले समय में भारत में नई गाड़ियों की कीमत बढ़ सकती है
07:37ओटो मोबाइल विशेशग्यों का मानना है कि यदि कंपनियों को ऐसे इंजन विक्सित करने होंगे
07:42जो अधिक एथनॉल मिश्टन पर भी बिना किसी परिशानी के काम करें
07:45तो शुरुआती लागत जरूर बढ़ सकती है
07:48फ्यूल पाइप, इंजेक्टर, रबर सील, इलेक्ट्रोनरिक कंट्रोल यूनिट, फ्यूल सेंसर और इंजन कैलिबरेशन जैसे कई हिस्सों में बदलाव करने पड़
07:57सकते है
07:57हला कि बड़े पैमाने पर उत्पाद शुरू होने के बाद ये अतरिक तलागत धीरी-धीरे कम भी हो सकती है
08:03तो अब बात करते हैं उस मुद्दे की जिस पर आम आदमी सबसे ज्याता ध्यान देता है
08:07वो है जेब, जेब पर क्या असर होगा
08:10मान लेजे भविश में सरकार E25 या उससे अधिक के मिश्रन का तक पहुँच जाती है
08:16ऐसे में सरकार का उदेश होगा कि कच्छे तेल का आयात कम हो
08:20और विदेशी मुद्रा की बचत हो
08:22लेकिन उभोगता का सवाल अलग है
08:24उसे ये देखना है कि महीने के आखिर में फ्यूल पर उसका कुल खर्च कितना हो रहा है
08:29अगर किसी बाहर में प्रती लीटर माइलेज कम हो जाता है
08:33तो कि और पेट्रॉल कदाम कम होने से उभोगता को वास्तिविक फायदा नहीं मिलेगा
08:37अखिरकार उसके लिए माइने ये रखता है कि 100 किलोबिटर चलने में कुल खर्चा कितना आता है
08:43इसलिए भविशे की सबसे बड़ी परिक्षा यही होगी कि नई तकनीक वाले इंजन वास्तों में बहतर माइलेज दे पाते हैं
08:49या फिर नहीं
08:51यही कारण है कि अब automobile कंपनिया, high compression engine, advanced fuel injection system और smart engine management software पर
08:59तेजी से काम कर रही है
09:00इनका उदेश यही है कि अधिक ethanol mission के बावजूद performance और mileage तोनों सुरप्षित बने रहे
09:06तो अब बात करते हैं किसानों की
09:09सरकार लगतार यह तरक देती रही है कि ethanol mission केवल पेट्रोल का विकल्प नहीं बलकि किसानों की आय बढ़ाने
09:16का भी माध्यम है
09:17भरत में गन्ना उत्पादन कई बार जरूरत से अधिक हो जाता है
09:21इससे चीनी मिलो पर दबाब बढ़ जाता है और किसानों का भुगतान भी अटक जाता है
09:26अगर उसे गन्ने का बड़ा हिस्सा ethanol उत्पादन में इस्तेमाल होता है
09:31तो चीनी मिलो को अतरिक्त बाजार मिलता है और किसानों को समय पर भुगतान भी उसकी संभावना बढ़ती है
09:37इसी तरह मक्का उत्पादन को भी बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है ताकि एथिनॉल उद्ध्योग के लिए कच्चे
09:44माल की उपलब्धता बनी रहे
10:01पर भी असर पड़ सकता है इसलिए कई विश शग्या चाहते हैं कि आने वाले समय में प्रिशी अप्रिशिष्ट बायो
10:09मास और दूसरी पेड़ी यानि कि सेकंड जिनुरेशन एथनॉल तकनीक पर स्यादा जोर दिया जाए ताकि खाद्यान पर अतरिक दवाब
10:15ना पड़े
10:16अब सवाल आता है कि आम वाहन माली क्या करें? सबसे पहली बात घबराने के जरूरत नहीं है अगर आपकी
10:22गाड़े निर्माता कंपनी ने E20 या उससे अधिक एथनॉल मिश्टिन के लिए मंजूरी दी है तो उसी के अनुसार इंधन
10:28का उप्योग करें
10:29दूसरी बात अगर आपकी गाड़ी पुरानी है तो समय समय पर फ्यूल फिल्टर, फ्यूल लाइन, इंजेक्टर और इंजिन की सर्विस
10:37ज़रूर कराएं
10:38किसी भी असमान ने आवाज, स्टार्टिंग समस्या या माईलेज में अचानक घिरावट का उसको नजर अंदाज ना खरें
10:47तीसरी बात केवल सोशल मीडिया पर चल रहे दावों के आधार पर निश्कर्ष ना निकाले
10:52हर वाहन का इंजिन अलग होता है, एक ही इंधन का असर अलग-अलग मॉडल पर अलग हो सकता है
10:58तो अब बात करते हैं सरकार के सामने मौजूद सबसे बड़ी संतुलन की
11:01एक तरफ उजा आत निर्भरता का लक्ष है, दूसरी तरफ आटो मोवाइल उद्योग की तकनीकी तयारी
11:08तीसरी तरफ करोडो उभोकताओं की चिंता
11:10चौथी तरफ किसानों की आय और पाचवी तरफ पर्यावरनी अलक्ष
11:14यानि कि पाचों और से सरकार के लिए बैलन्स करना एक बहुत बड़ी चुनोती है
11:18और इन सभी को साथ लेकर चलना आसान नहीं है
11:21यही बज़ा है कि विशेश अग्य लगतार सुझाव दे रहे हैं
11:25कि भविशे में किसी भी बड़े बदलाव से पहले व्यापक परिक्षिन किये जाए
11:29अलग-अलग जलवायू, छेत्रों, अलग-अलग वाहन श्रेनियों और अलग-अलग इंजन तक्निकों पर लंबे समय तक अध्यायन किया जाए
11:37तब ही किसी नए मिश्टरन को राष्ट्री इस्तर पर लागू करना वेभारिक होगा
11:42एक और महतोपुन पहलू है, जन जागरुकता
11:45आज भी बहुत से लोगों को ये नहीं पता है कि उनकी गाड़ी किस तर तक एथनॉल मिश्टरन वाला पेट्रॉल
11:51इस्तिमाल कर सकती है
11:52कई लोग वहन निर्माता की गाइडलाइन पढ़ते ही नहीं है
11:55भविश्य में अगर नई इंधन नीती लागू होती है तो सरकार और कमपनियां दोनों के जिम्यदारी होगी कि उपभोगताओं को
12:03स्पष्ट जानकारी दी जाए
12:04इसी तरहे बेट्रॉल पंपों पर भी इस पष्ट लेबिलिंग की उसकी जरूरत होगी ताकि उपभोगता जान सकें कि वो किस
12:11श्रेनी का इंधन खरीद रहा है
12:12अब नज़र डालते हैं भविश्य पर भविश्य में क्या सिती रहने वाली है
12:16दुनिया धीरे-धीरे एलेक्ट्रिक वाहन, ग्रीन हाइड्रोजन, बायो फ्यूल और सिंथेटिक फ्यूल जैसी कई तकनी को क्योर बढ़ रही है
12:24ऐसे में एथनॉल अकेला सामाधान नहीं है बलकि उज्जा परिवर्त इन्थी एक बड़ी श्रिंखला का हिस्सा है
12:30भारत भी एक साथ कई दिशाओं में काम कर रहा है
12:33एक तरफ एलेक्ट्रिक मॉबिलिटी को बढ़ावा दिया जा रहा है तो दूसरी तरफ एथनॉल मिशन को आगे बढ़ाया जा रहा
12:39है
12:40और साथ ही हर्त हाइड्रोजन यानि के ग्रीन हाइड्रोजन मिशन पर भी निविश किया जा रहा है
12:45उसका मतलब साफ है कि आने वाले दशक में भारत का इंधन बाजार पहले से कहीं ज्यादा वविद होगा
12:51लेकिन फिलहाल सबसे एहम बात यही है कि किसी भी नीती की सफलता केवल उसके उद्देश से तय नहीं होती
12:58बलकि इस बात से तय होती है कि उसका असर आम नागरिक पर कैसा पड़ता है
13:03अगर नई तकनीक उपभोकता को बहतर प्रदर्शन, कम प्रदूशन और उचित खर्च देती है तो लोग उसे स्विकार कर लेंगे
13:10लेकिन अगर उन्हें लगेगा कि उनकी जे परतरिक्त बोज पड़ रहा है या वाहन की विश्वस्नेता प्रभावित हो रही है
13:16तो विरोध भी उत्ती तेजी से आगे बढ़ेगा
13:18यही कारण है कि सरकार अब संकेत दे रही है कि भविश्य का हर कदम जल्दबाजी में नहीं बलकि चरणबद
13:25तरीके से उठाया जाएगा
13:27तकनीकी परिक्षन, उद्योग की तयारी, उभोकताओं की प्रतिक्रिया और आर्थिक प्रभाव
13:33इन सभी पहलों का मुल्यांकन करने के बाद ही अगले चरण का फैसला लिया जाएगा
13:38यानि फिलहाल बहस सिर्फ E-20 या E-25 की नहीं है
13:42अगली बहस इस बात की है कि भारत उर्जा आत्मिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ते हुए आम नागरिक के हित
13:49वहन उद्योग की शमता और किसानों की जरूरतों के बीच सही संतुलन कैसे बनाएगा
13:55आने वाले वर्षों में यही संतुलन तय करेगा कि भारत का एथनौल मिशन दुनिया के सबसे सफल उर्जा परिवर्तन अभियानों
14:02में शामिल होगा
14:03या फिर इसे बार-बार नई चुनोतियों का सामना करना पड़ेगा
14:07और सरकार के लिए ये चुनोति सबसे बड़ी रहने वाली है
14:10और शायद यही कारण है कि E25 पर अभिविचार किया जा रहा है
14:14आगे इसको कैसे बढ़ाया जाता है यह तो आने वाले समय में परता चलेगा
14:17लेकिन जो भी लोग इस देश की जो भी जनता इथनोल मिश्रन को इसका पोस कर रही थी
14:24उनके लिए एक रात भरी खबर जरूर है
14:26इस खबर में इतना ही बाकी अपडेट्स के लिए देखते रहें One India ही थी
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