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Indus Waters Treaty Suspension: सीमा पार आतंकवाद पर सख्त रुख अपनाते हुए भारत ने सिंधु जल समझौते को स्थगित करने के बाद चेनाब नदी पर बने बागलीहार बांध (Baglihar Dam) का पानी रोक दिया है। भारत के इस एक फैसले से पाकिस्तान के कृषि क्षेत्र और खरीफ फसलों में 21% पानी की भारी किल्लत हो गई है, जिससे वहां हाहाकार मच गया है।

भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहा कूटनीतिक और रणनीतिक तनाव अब पानी के मोर्चे पर एक बेहद आक्रामक मोड़ ले चुका है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए 1960 के सिंधु जल समझौते (Indus Waters Treaty) को सस्पेंड कर दिया था। अब भारत ने जमीन पर कार्रवाई करते हुए जम्मू के रामबन में चेनाब नदी पर स्थित बागलीहार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से पाकिस्तान की तरफ जाने वाले पानी के फ्लो को नियंत्रित कर दिया है। यही नहीं, उत्तरी कश्मीर के किशनगंगा बांध (Kishanganga Dam) पर भी इसी तरह की सख्त रणनीति अपनाने की तैयारी चल रही है।

इस जल संकट से परेशान पाकिस्तान ने भारत के फैसले को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की कोशिश की है। यहां तक कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने इसे "Act of War" यानी युद्ध जैसी कार्रवाई तक बता दिया। दूसरी ओर, भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद, आतंकी फंडिंग और घुसपैठ को पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक भारत अपने फैसले से पीछे नहीं हटेगा।

इस वीडियो में हम समझेंगे कि आखिर भारत के पास पानी को लेकर वास्तविक अधिकार कितने हैं, बागलीहार और किशनगंगा परियोजनाएं पाकिस्तान के लिए इतनी बड़ी चुनौती क्यों बन गई हैं, सिंधु जल संधि का भविष्य क्या होगा और इसका असर दक्षिण एशिया की भू-राजनीति पर कैसे पड़ेगा।
अगर आप विदेश में रहने वाले भारतीय (Indian Diaspora) हैं, खासकर अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, खाड़ी देशों या यूरोप में रहते हैं, तो यह मुद्दा आपके लिए भी बेहद अहम है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया और वैश्विक मंचों पर सिंधु जल संधि, आतंकवाद और भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर लगातार बहस हो रही है। ऐसे में हर भारतीय के लिए इस पूरे घटनाक्रम के तथ्य, कानूनी पक्ष और भारत के रणनीतिक रुख को समझना बेहद जरूरी है।

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते "वॉटर वार" की इस इनसाइड स्टोरी को विस्तार से समझने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें।


Following the suspension of the historic Indus Waters Treaty in the wake of cross-border terror attacks, India has tightened its strategic grip by restricting water flow through the Baglihar Dam on the Chenab River, with similar measures planned for the Kishanganga Dam. This move has triggered a severe agricultural crisis in Pakistan, causing a 21% water shortage at the onset of the crucial Kharif crop season. While Islamabad has condemned the action as an "act of war" on global platforms, New Delhi remains firm that water and terrorism cannot flow together.

#IndusWatersTreaty #IIndianDiaspora #BagliharDam #PakistanWaterCrisis #IndiaVsPakistan

~HT.178~PR.514~ED.276~VG.HM~

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Transcript
00:00भारत और पाकस्तान के बीच सिंधू जल संधी को लेकर जो तनाव आज दिखाई दे रहा है वो किवल कूट
00:05नीतिक बयान बाजी तक सिमित नहीं रहे गया है
00:08पहली बार भारत के फैसलों का असर जमीन पर भी दिखाई देने लगा है
00:13जिस सिंधू जल संधी को 65 साल तक दोरू देशों के रिष्टों का सबसे मजबूत स्तंभ माना जाता था
00:20अब वही संधू जोता भारत की राष्ट्य सुरक्षनीती का हिस्सा बन चुका है और इसकी सबसे बड़ी मिसाल है जम्मू
00:27कश्मीर का बागलिहार डैम
00:30भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि सिंधू जल संधी को स्थगित करने का फैसला केवल राज्जितिक संदेश देने
00:37के लिए नहीं था
00:37विदेश मिंतराले के प्रवक्तार रंधिर जयसवाल ने दो टूक कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पर आतंकवाद को पूरी तरह
00:45बंद नहीं करता तब तक भारत इस समझोते पर अपने फैसले पर कायम रहेगा
00:50यानि अब ये मुद्दा केवल पाने का नहीं बलकि आतंकवाद राष्ट्य सुरक्षा का भी बन चुका है
00:56लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत अब पाकिस्तान की और जाने वाले पाने के प्रवाह को स्थाई
01:02रूप से नियंतरिक करने के दिशा में आगे बढ़ चुका है
01:05आखिर बागलीहार और किशिन गंगा डैम पर भारत ने ऐसा क्या कत्म उठाया है जिससे पाकिस्तान में हड़ कंप मच
01:12गया
01:13पाकिस्तान के करशी छेतर और करोडों लोगों की पानी की जरूरत पर इसका कितना बड़ा असर पड़ सकता है
01:20क्या खरीब सीजन में 21 पतिशत पाने की कमी सिर्फ शिरूआत है
01:24पाकिस्तान बार बार इसे एक्ट ओफ वार क्यों बता रहा है और भारत इस दबाब के बावजूद पीछे हटने को
01:31तयार क्यों नहीं है
01:33इस रिपोर्ट में हम विस्तार से समझेंगे कि 1960 की सिंधू जलसंदी आखिर क्या थी
01:39भारत ने इसे स्थगित क्यों किया
01:41पहलगाम आतंकी हमले के बाद क्या-क्या बड़े फैसले लिए गए
01:44बागली हार और किशिन गंगा परियोजनाई रणितिक रूप से कितनी महतोपून है
01:49पाकिस्तान में जलसंकट कितना गंभीर होता जा रहा है
01:53और भारत के इस फैसले का वैश्वे कूट नीती पर क्या आसर पड़ सकता है
01:57और आखिर विदेशों में रहने वाले भारतियों के लिए इस पूरे घटना क्रम को समझना क्यों जरूरी है
02:02क्योंकि ये सिर्फ दो देशों के बीच पानी का विवाद नहीं है
02:05बलके दक्षिन एशिया की बदलती भू राजनीती आतंकवात की खिलाब भारत की नहीं नीती
02:10और आने वाले समय के रणेतिक समीकरणों की सबसे बड़ी कहानी बन चुकी है
02:15नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं वने जिया बिंदी
02:19बहुत सारे सवाल हमने आपको बताए जिनके जवाब हम आज की सर्पोर्ट में तलाश में जा रहे हैं
02:28दरसल ये पूरा खटना करेम पहलगा मातंकी हमले के बाद देश हुआ
02:31उस हमले में निर्दोश परियाटकों की मौत ने पूरे देश को जग जोड़ दिया था
02:36इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े कदम उठाए
02:39सैन्य अताशे को वापस भेजा गया
02:42अटारी बॉर्डर पर व्यपार बंद किया गया
02:45हवाई संपर्क पर सक्ती बढ़ाई गई
02:47और सबसे बड़ा फैसला था सिंधू जल समझोते को
02:50अब बेंस यानी की स्थागत करना
02:52अब इस फैसले का पहला बड़ा असर बागलिहार हाईड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर दिखाई दे रहा है
02:57जमु कश्मीर के रामबन जिले में च्रिनाब नदी पर बना ये बांध लंबे समय से भारत और पाकस्तान के बीच
03:04विवात का विशे रहा है
03:05सिंधू जल संधी के दोरान भारत को पश्चिमी नदियों पर सिवेत अधिकार दिये गए थे
03:10लेकिन जल विद्यूत परियोजनाय बनाने की अनुमती भी दी गई थी
03:14बागिहार उसी ववस्था की तहत बना था
03:16फर सिर्क इतना था कि पहले भारत पानी के प्रिवाह को लेकर बहत सतर्क रहता था
03:21ताकि पाकिस्तान ये आरोप न लगा सके कि समझोते का उलंगन हो रहा है
03:26लेकिन अब जब भारत ने समझोते को स्थगित कर दिया है
03:30तो उसने पहली बार पानी छोड़ने के समय और मात्रा को अपनी रणितिक जरूरतों के अनुसार नियंतरित करना शुरूए
03:36इसके साथ है किशिन गंगा परियोजना भी चर्चा में है
03:39जेलम की सहायत नदी पर बने इस प्रोजेक्ट को लेकर भी भारत तक्नीकी विकल्पों पर काम कर रहा है
03:45विशेश अग्यों का कहना है कि दोनों रन ओफ दरीवर परियोजनाए है
03:49इसलिए भारत अचानक पूरा पानी तो नहीं रोक सकता लेकिन वो पानी के प्रवाह का समय, गती और स्टोरेज पहले
03:57की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी ढंग से नियंतरित कर सकता है
04:01यही बात पाकिस्तान के सबसे बड़ चिंता बन गई है
04:04पाकिस्तान के क्रशी विवस्था लगभग पूरी तरह सिंदो नदी प्रणाली पर नर्भर करती है
04:09वहाँ का पंजाब और सिंद प्रांत देश का अन्न भंडार माना जाता है
04:14गेहूं चावल, कपास और गन्य जैसी प्रमुक फसले इन्ही नदियों के पानी से संचत होती है
04:20ऐसे में अगर पानी के उप्लब्धता में थोड़ी भी कमी आती है
04:24तो उसका सीधे, किसानों, खादे उत्पादन और अर्थववस्था पर इसका असर पढ़ता है
04:29इसी कारण, पाकिस्तान के जल्वे भाग ने स्विकार किया
04:33कि खरीव सीजन की शुरुआत में ही करीब 21% पानी की कमी दर्ज की गई
04:38कई सिचाई नहरों में पानी अपेक्षिस स्तर से कम पहुचा
04:41किसानों ने शिकायत की, इस समय पर पानी नहीं मिलने से फसलों की बुआई प्रभावित हुई है
04:46हलाकि बाद में मौनसून की बारिश और चेनाब नदी में बढ़े जल्स्तर ने उच्छ राहत जरूर दे दी
04:52लेकिन पाकिस्तान के विशिशग्य भी मान रहे हैं
04:55कि यदि भारत ने भविश्य में जल्प्रबंधन की नीती बदल दी तो ये संकट और गहरा हो सकता है
05:01कुछ समय पहले अखनूर और सीमावरते इलाकों में चेनाब का जल्सतर इतना नीचे चला गया था
05:07कि लोगों के पैदल नदी पार करने का वीडियो सामने आ रहा था
05:11इन तस्वीरों ने पाकिस्तान में बहस और टेज कर दी थी
05:14कि क्या भारत वास्तों में सिंधू जल्संधी के बाद अपनी रणीती बदल चुका है
05:20पाकिस्तान सरकार ने इस पूरे मामलों को अंतराष्टिय मंचो पर उठाने की कोशिश भी शुरू कर दी है
05:26इसलामबाद का कहना है कि भारत यदि सिंधू नदी प्रणाली के प्रकृतिक प्रवाह में बदलाव करता है
05:31तो ये अंतराष्टिय कानून का उलंगन होगा
05:34पाकिस्तान के कुछ नेताओं और रक्षा अधिकारियों ने यहां तक कह दिया
05:37यदि भारत ने पानी रोकने की कोशिश की तो इसे Act of War यानि की युद जैसी कारवाई माना जाएगा
05:45लेकिन भारत का जवाब पहले से कहीं ज्यादा स्पष्ट है
05:48नई दिल्ली का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ कारवाई के बिना पाकिस्तान किसी भी पुराने समझोदे का लाब नहीं
05:55उठा सकता
05:55भारत का तर्क है कि जब सीमा पार आतंकवादी भेजे जा रहे हों तब ये उमीद नहीं की जा सकती
06:02कि भारत हर छेतर में पहले जैसी सामाने ववस्था बनाए रखे
06:05यानि पहली बार जल नीती और सुरक्षा नीती एक दूसरे से जुड़ती दिखाई दे रही है
06:11तो अब सवाल उठता है कि क्या भारत वास्तों में पाकिस्तान का पानी रोक सकता है
06:16तकनीकी रूप से इसका जवाब है पूरी तरह नहीं लेकिन पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी तरीके से नियंतरत जरूर कर
06:22सकता है
06:23ताइम डूरेशन लिमिटेशन अगर सब कुछ भारत डिसाइड कर लेगा तो अल्मुस्ट यह इंडिरेकली पानी रोक नहीं हुआ
06:29भारत के पास अभी इतने बड़े जलाशन नहीं है कि वो पश्चिम नदियों का पूरा पानी रोक ले लेकिन भारत
06:34अपने हिस्से के पानी का अधिक्तम उप्योग कर सकता है
06:37नए बांध, बेराज नहरे और जल विद्यूत परियूज नाय बनाकर वो उस पानी को पहले खुद इस्तमाल कर सकता है
06:44जो वर्षों से सीधे पाकिस्तान जला जाता था
06:47विशशग्य बताते हैं कि भारत आज भी सिंदू जल संधी के तहत मिले अपने अधिकारों का पूरा उप्योग नहीं कर
06:54पाया है
06:54यदि आने वाले वर्षों में इंफ्रस्ट्रक्श्रल तेजी से विक्सित होता है तो स्तिथी बदल सकती है
07:01यही कारण है कि पाकिस्तान के चिंता केवल आज के पानी को लेकर नहीं है
07:05बलकि अगले 10-20 वर्षों को लेकर भी है
07:08इस पूरे घटना क्रम का असर केवल दक्षिन एशिया तक सिमित नहीं रहेगा
07:12दुनिया के लगभग 3.5 लगभग 3.5 करोड भारतिय मूल के लोग विदेशों में रहते हैं
07:19अमेरिका, कैनेडा, ब्रिटेन, औस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब, अमिराथ, साओधी अरब, कतर, सिंगापूर
07:25और देश में, बाकी कई देशों में, भारतिय और पाकिस्तानी समुदाए बड़ी संख्या में साथ में रहते हैं और काम
07:32करते हैं
07:33जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता है, तो अंतराश्ट्रे मीडिया भी ये मुद्धा प्रमुकता से उठाता है
07:41विदेशों में रहने वाले भारतियों से अक्सर इंघटनाओं पर सवाल पूछे जाते हैं
07:45कई विश्व विद्यालयों, थिंक टैंकों और मीडिया मंचों पर भारतिय डास्पोरा को भारत का पक्ष मजबूती से रखना पड़ता है
07:51खाड़ी देशों में यस्तिती और समिधनशील होती है
07:54क्योंकि वहां लाखो भारतियों और पाकिस्तानी एक ही कमपनियों, अस्पतालों और उद्योगों में साथ काम करते हैं
08:00ऐसे समय किसी भी प्रकार का राजुनितिक तनाव सामाजिक माहल को और प्रभावित कर सकता है
08:06यूरोप और उतरी अमेरिका में भी भारतिय समुदाय अब किवल आर्थिक तागत नहीं है
08:11बलकि राजुनितिक प्रभाव रखने वाले समुदाय बन चुका है
08:14इसलिए सिंदु जलसंधी ऐसे मुद्दे वहां की संसदों, विशविद्यालायों और मीडिया बहसों तक पहुंचते है
08:21यही वज़े है कि विदेशों में रहने वाले भारतियों के लिए ये समझना जरूरी है
08:25कि भारत का ये फैसला किवल भवनात्मक प्रतिक्रिया नहीं है
08:29बलकि एक दर्ग काल इक रणितिक नीती का हिस्सा है
08:32भारत समनांतरूप से अपनी जलसुरक्षा को भी मजबूत कर रहा है
08:37नई जल विद्युत पर योजनाओं पर काम तेज किया जा रहा है
08:40जम्मू कश्मीर में इंफरस्ट्रक्षर विक्सित किया जा रहा है
08:43सिचाई शमता बढ़ाई जा रही है
08:45और भविश्य के लिए जल भंडारन की योजनाओं पर भी काम हो रहा है
08:50यानि भारत किवल पाकिस्तान पर दबाब बनाने की रणिती नहीं अपना रहा
08:54बल्कि अपने जल संसाधनों का बहतर उपयोग करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है
08:59आने वाले वर्षों में ये देखना दिल्चस्प होगा कि क्या पाकिस्तान आतंकवाद पर अपना रुख बदलता है
09:05क्या सिंधू जल संधी पर फिर बाचित होती है
09:09या फिर दक्षिन एशिया में पानी भी रंड़तिक शक्ती का उतना ही बड़ा हत्यार बन जाएगा
09:14जितना कभी तेल या गैस हुआ
09:17एक बात जरूरत है
09:18अब सिंधू जल संधी केवल पानी का समझोता नहीं रही
09:21ये भारत की राष्टे सुरप्षा आतंकवात के खिलाफ नीती, कृशी, उर्जा, विदेश नीती और दक्षिन एशिया की बदलती भूराज नीती
09:29का केंद्र बन चुकी है
09:30और इसलिए इस मुद्धे पर आने वाला हर फैसला ना सिर्फ भारत और पाकिस्तान, बलकि पूरी दुनिया में बसे करोड़ों
09:37भारतियों की नजर में रहेगा
09:39इस खबर में इतना ही नए अपडेट्स के लिए देखते रहिए One India हैंदे
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