00:00भारत और पाकस्तान के बीच सिंधू जल संधी को लेकर जो तनाव आज दिखाई दे रहा है वो किवल कूट
00:05नीतिक बयान बाजी तक सिमित नहीं रहे गया है
00:08पहली बार भारत के फैसलों का असर जमीन पर भी दिखाई देने लगा है
00:13जिस सिंधू जल संधी को 65 साल तक दोरू देशों के रिष्टों का सबसे मजबूत स्तंभ माना जाता था
00:20अब वही संधू जोता भारत की राष्ट्य सुरक्षनीती का हिस्सा बन चुका है और इसकी सबसे बड़ी मिसाल है जम्मू
00:27कश्मीर का बागलिहार डैम
00:30भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि सिंधू जल संधी को स्थगित करने का फैसला केवल राज्जितिक संदेश देने
00:37के लिए नहीं था
00:37विदेश मिंतराले के प्रवक्तार रंधिर जयसवाल ने दो टूक कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पर आतंकवाद को पूरी तरह
00:45बंद नहीं करता तब तक भारत इस समझोते पर अपने फैसले पर कायम रहेगा
00:50यानि अब ये मुद्दा केवल पाने का नहीं बलकि आतंकवाद राष्ट्य सुरक्षा का भी बन चुका है
00:56लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत अब पाकिस्तान की और जाने वाले पाने के प्रवाह को स्थाई
01:02रूप से नियंतरिक करने के दिशा में आगे बढ़ चुका है
01:05आखिर बागलीहार और किशिन गंगा डैम पर भारत ने ऐसा क्या कत्म उठाया है जिससे पाकिस्तान में हड़ कंप मच
01:12गया
01:13पाकिस्तान के करशी छेतर और करोडों लोगों की पानी की जरूरत पर इसका कितना बड़ा असर पड़ सकता है
01:20क्या खरीब सीजन में 21 पतिशत पाने की कमी सिर्फ शिरूआत है
01:24पाकिस्तान बार बार इसे एक्ट ओफ वार क्यों बता रहा है और भारत इस दबाब के बावजूद पीछे हटने को
01:31तयार क्यों नहीं है
01:33इस रिपोर्ट में हम विस्तार से समझेंगे कि 1960 की सिंधू जलसंदी आखिर क्या थी
01:39भारत ने इसे स्थगित क्यों किया
01:41पहलगाम आतंकी हमले के बाद क्या-क्या बड़े फैसले लिए गए
01:44बागली हार और किशिन गंगा परियोजनाई रणितिक रूप से कितनी महतोपून है
01:49पाकिस्तान में जलसंकट कितना गंभीर होता जा रहा है
01:53और भारत के इस फैसले का वैश्वे कूट नीती पर क्या आसर पड़ सकता है
01:57और आखिर विदेशों में रहने वाले भारतियों के लिए इस पूरे घटना क्रम को समझना क्यों जरूरी है
02:02क्योंकि ये सिर्फ दो देशों के बीच पानी का विवाद नहीं है
02:05बलके दक्षिन एशिया की बदलती भू राजनीती आतंकवात की खिलाब भारत की नहीं नीती
02:10और आने वाले समय के रणेतिक समीकरणों की सबसे बड़ी कहानी बन चुकी है
02:15नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं वने जिया बिंदी
02:19बहुत सारे सवाल हमने आपको बताए जिनके जवाब हम आज की सर्पोर्ट में तलाश में जा रहे हैं
02:28दरसल ये पूरा खटना करेम पहलगा मातंकी हमले के बाद देश हुआ
02:31उस हमले में निर्दोश परियाटकों की मौत ने पूरे देश को जग जोड़ दिया था
02:36इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े कदम उठाए
02:39सैन्य अताशे को वापस भेजा गया
02:42अटारी बॉर्डर पर व्यपार बंद किया गया
02:45हवाई संपर्क पर सक्ती बढ़ाई गई
02:47और सबसे बड़ा फैसला था सिंधू जल समझोते को
02:50अब बेंस यानी की स्थागत करना
02:52अब इस फैसले का पहला बड़ा असर बागलिहार हाईड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर दिखाई दे रहा है
02:57जमु कश्मीर के रामबन जिले में च्रिनाब नदी पर बना ये बांध लंबे समय से भारत और पाकस्तान के बीच
03:04विवात का विशे रहा है
03:05सिंधू जल संधी के दोरान भारत को पश्चिमी नदियों पर सिवेत अधिकार दिये गए थे
03:10लेकिन जल विद्यूत परियोजनाय बनाने की अनुमती भी दी गई थी
03:14बागिहार उसी ववस्था की तहत बना था
03:16फर सिर्क इतना था कि पहले भारत पानी के प्रिवाह को लेकर बहत सतर्क रहता था
03:21ताकि पाकिस्तान ये आरोप न लगा सके कि समझोते का उलंगन हो रहा है
03:26लेकिन अब जब भारत ने समझोते को स्थगित कर दिया है
03:30तो उसने पहली बार पानी छोड़ने के समय और मात्रा को अपनी रणितिक जरूरतों के अनुसार नियंतरित करना शुरूए
03:36इसके साथ है किशिन गंगा परियोजना भी चर्चा में है
03:39जेलम की सहायत नदी पर बने इस प्रोजेक्ट को लेकर भी भारत तक्नीकी विकल्पों पर काम कर रहा है
03:45विशेश अग्यों का कहना है कि दोनों रन ओफ दरीवर परियोजनाए है
03:49इसलिए भारत अचानक पूरा पानी तो नहीं रोक सकता लेकिन वो पानी के प्रवाह का समय, गती और स्टोरेज पहले
03:57की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी ढंग से नियंतरित कर सकता है
04:01यही बात पाकिस्तान के सबसे बड़ चिंता बन गई है
04:04पाकिस्तान के क्रशी विवस्था लगभग पूरी तरह सिंदो नदी प्रणाली पर नर्भर करती है
04:09वहाँ का पंजाब और सिंद प्रांत देश का अन्न भंडार माना जाता है
04:14गेहूं चावल, कपास और गन्य जैसी प्रमुक फसले इन्ही नदियों के पानी से संचत होती है
04:20ऐसे में अगर पानी के उप्लब्धता में थोड़ी भी कमी आती है
04:24तो उसका सीधे, किसानों, खादे उत्पादन और अर्थववस्था पर इसका असर पढ़ता है
04:29इसी कारण, पाकिस्तान के जल्वे भाग ने स्विकार किया
04:33कि खरीव सीजन की शुरुआत में ही करीब 21% पानी की कमी दर्ज की गई
04:38कई सिचाई नहरों में पानी अपेक्षिस स्तर से कम पहुचा
04:41किसानों ने शिकायत की, इस समय पर पानी नहीं मिलने से फसलों की बुआई प्रभावित हुई है
04:46हलाकि बाद में मौनसून की बारिश और चेनाब नदी में बढ़े जल्स्तर ने उच्छ राहत जरूर दे दी
04:52लेकिन पाकिस्तान के विशिशग्य भी मान रहे हैं
04:55कि यदि भारत ने भविश्य में जल्प्रबंधन की नीती बदल दी तो ये संकट और गहरा हो सकता है
05:01कुछ समय पहले अखनूर और सीमावरते इलाकों में चेनाब का जल्सतर इतना नीचे चला गया था
05:07कि लोगों के पैदल नदी पार करने का वीडियो सामने आ रहा था
05:11इन तस्वीरों ने पाकिस्तान में बहस और टेज कर दी थी
05:14कि क्या भारत वास्तों में सिंधू जल्संधी के बाद अपनी रणीती बदल चुका है
05:20पाकिस्तान सरकार ने इस पूरे मामलों को अंतराष्टिय मंचो पर उठाने की कोशिश भी शुरू कर दी है
05:26इसलामबाद का कहना है कि भारत यदि सिंधू नदी प्रणाली के प्रकृतिक प्रवाह में बदलाव करता है
05:31तो ये अंतराष्टिय कानून का उलंगन होगा
05:34पाकिस्तान के कुछ नेताओं और रक्षा अधिकारियों ने यहां तक कह दिया
05:37यदि भारत ने पानी रोकने की कोशिश की तो इसे Act of War यानि की युद जैसी कारवाई माना जाएगा
05:45लेकिन भारत का जवाब पहले से कहीं ज्यादा स्पष्ट है
05:48नई दिल्ली का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ कारवाई के बिना पाकिस्तान किसी भी पुराने समझोदे का लाब नहीं
05:55उठा सकता
05:55भारत का तर्क है कि जब सीमा पार आतंकवादी भेजे जा रहे हों तब ये उमीद नहीं की जा सकती
06:02कि भारत हर छेतर में पहले जैसी सामाने ववस्था बनाए रखे
06:05यानि पहली बार जल नीती और सुरक्षा नीती एक दूसरे से जुड़ती दिखाई दे रही है
06:11तो अब सवाल उठता है कि क्या भारत वास्तों में पाकिस्तान का पानी रोक सकता है
06:16तकनीकी रूप से इसका जवाब है पूरी तरह नहीं लेकिन पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी तरीके से नियंतरत जरूर कर
06:22सकता है
06:23ताइम डूरेशन लिमिटेशन अगर सब कुछ भारत डिसाइड कर लेगा तो अल्मुस्ट यह इंडिरेकली पानी रोक नहीं हुआ
06:29भारत के पास अभी इतने बड़े जलाशन नहीं है कि वो पश्चिम नदियों का पूरा पानी रोक ले लेकिन भारत
06:34अपने हिस्से के पानी का अधिक्तम उप्योग कर सकता है
06:37नए बांध, बेराज नहरे और जल विद्यूत परियूज नाय बनाकर वो उस पानी को पहले खुद इस्तमाल कर सकता है
06:44जो वर्षों से सीधे पाकिस्तान जला जाता था
06:47विशशग्य बताते हैं कि भारत आज भी सिंदू जल संधी के तहत मिले अपने अधिकारों का पूरा उप्योग नहीं कर
06:54पाया है
06:54यदि आने वाले वर्षों में इंफ्रस्ट्रक्श्रल तेजी से विक्सित होता है तो स्तिथी बदल सकती है
07:01यही कारण है कि पाकिस्तान के चिंता केवल आज के पानी को लेकर नहीं है
07:05बलकि अगले 10-20 वर्षों को लेकर भी है
07:08इस पूरे घटना क्रम का असर केवल दक्षिन एशिया तक सिमित नहीं रहेगा
07:12दुनिया के लगभग 3.5 लगभग 3.5 करोड भारतिय मूल के लोग विदेशों में रहते हैं
07:19अमेरिका, कैनेडा, ब्रिटेन, औस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब, अमिराथ, साओधी अरब, कतर, सिंगापूर
07:25और देश में, बाकी कई देशों में, भारतिय और पाकिस्तानी समुदाए बड़ी संख्या में साथ में रहते हैं और काम
07:32करते हैं
07:33जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता है, तो अंतराश्ट्रे मीडिया भी ये मुद्धा प्रमुकता से उठाता है
07:41विदेशों में रहने वाले भारतियों से अक्सर इंघटनाओं पर सवाल पूछे जाते हैं
07:45कई विश्व विद्यालयों, थिंक टैंकों और मीडिया मंचों पर भारतिय डास्पोरा को भारत का पक्ष मजबूती से रखना पड़ता है
07:51खाड़ी देशों में यस्तिती और समिधनशील होती है
07:54क्योंकि वहां लाखो भारतियों और पाकिस्तानी एक ही कमपनियों, अस्पतालों और उद्योगों में साथ काम करते हैं
08:00ऐसे समय किसी भी प्रकार का राजुनितिक तनाव सामाजिक माहल को और प्रभावित कर सकता है
08:06यूरोप और उतरी अमेरिका में भी भारतिय समुदाय अब किवल आर्थिक तागत नहीं है
08:11बलकि राजुनितिक प्रभाव रखने वाले समुदाय बन चुका है
08:14इसलिए सिंदु जलसंधी ऐसे मुद्दे वहां की संसदों, विशविद्यालायों और मीडिया बहसों तक पहुंचते है
08:21यही वज़े है कि विदेशों में रहने वाले भारतियों के लिए ये समझना जरूरी है
08:25कि भारत का ये फैसला किवल भवनात्मक प्रतिक्रिया नहीं है
08:29बलकि एक दर्ग काल इक रणितिक नीती का हिस्सा है
08:32भारत समनांतरूप से अपनी जलसुरक्षा को भी मजबूत कर रहा है
08:37नई जल विद्युत पर योजनाओं पर काम तेज किया जा रहा है
08:40जम्मू कश्मीर में इंफरस्ट्रक्षर विक्सित किया जा रहा है
08:43सिचाई शमता बढ़ाई जा रही है
08:45और भविश्य के लिए जल भंडारन की योजनाओं पर भी काम हो रहा है
08:50यानि भारत किवल पाकिस्तान पर दबाब बनाने की रणिती नहीं अपना रहा
08:54बल्कि अपने जल संसाधनों का बहतर उपयोग करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है
08:59आने वाले वर्षों में ये देखना दिल्चस्प होगा कि क्या पाकिस्तान आतंकवाद पर अपना रुख बदलता है
09:05क्या सिंधू जल संधी पर फिर बाचित होती है
09:09या फिर दक्षिन एशिया में पानी भी रंड़तिक शक्ती का उतना ही बड़ा हत्यार बन जाएगा
09:14जितना कभी तेल या गैस हुआ
09:17एक बात जरूरत है
09:18अब सिंधू जल संधी केवल पानी का समझोता नहीं रही
09:21ये भारत की राष्टे सुरप्षा आतंकवात के खिलाफ नीती, कृशी, उर्जा, विदेश नीती और दक्षिन एशिया की बदलती भूराज नीती
09:29का केंद्र बन चुकी है
09:30और इसलिए इस मुद्धे पर आने वाला हर फैसला ना सिर्फ भारत और पाकिस्तान, बलकि पूरी दुनिया में बसे करोड़ों
09:37भारतियों की नजर में रहेगा
09:39इस खबर में इतना ही नए अपडेट्स के लिए देखते रहिए One India हैंदे
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