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In a shocking twist to the Shankaracharya Avimukteshwaranand molestation case, a massive conspiracy has been exposed. According to reports, the innocent boy (Batuk) made a huge U-turn on a hidden camera, revealing that Ashutosh Brahmachari forced him to make false allegations through threats and greed. The boy confessed he doesn't even know Shankaracharya. Watch the full breakdown of how poor children were kidnapped and used as pawns in this religious conspiracy.


शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद यौन शोषण मामले में एक बहुत बड़ा और खौफनाक मोड़ सामने आया है। सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित बटुक ने खुफिया कैमरे पर बड़ा यू-टर्न लेते हुए इस पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया है। बच्चे ने साफ कबूल किया कि वह शंकराचार्य को जानता तक नहीं है और आशुतोष महाराज ने उसे डरा-धमकाकर और लालच देकर ये झूठे आरोप लगवाए थे। देखिए कैसे गरीब बच्चों को किडनैप कर कोरे कागजों पर साइन कराए गए और धर्म के नाम पर यह घिनौना खेल रचा गया।

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Transcript
00:00धर्म, आस्था, विश्वास
00:02जब ये शब्ध हमारे सामने आते हैं
00:04तो हमारा सरसमान से जुग जाता है
00:06लेकिन क्या हो जब धर्म की इसी आड में
00:09एक ऐसा भयानक शड़े अंतर रचा जाए
00:11जो बड़े-बड़े संतों की साख को
00:13मिट्टी में मिलाने की साजश हो
00:15एक ऐसा खेल जिसमें साम दाम डंड भेत
00:19सब कुछ जोग दिया गया
00:20नमस्कार, मैं हो जस्वी कौशिक
00:22प्रयागराच के माग मेले में
00:25संगम किनारे गूंचते मंतरों के बीच
00:28एक ऐसी कहानी लिखी जा रही थी
00:30जिसकी सचाई जानकर आपकी रूख आप जाएगी
00:32तो मासूम बटू, कोरे कागच, जूटी एफाईया
00:36और धरम के नाम पर एक बड़ा खेल
00:38हमारी इस रिपोर्ट के अनुसारा आजम
00:40आपके सामने खोलने जा रही है
00:42महीनों लंबी चली इस घहरी
00:44इन्वेस्टिगेशन की वो पड़ते
00:46जो खूफिया कैमरे पर बे नकाब ही है
00:48आखिर कैसे एक धरम गुरू ने
00:50दूसरे बड़े धरम गुरू को
00:52फसाने के लिए मासूम बच्चों को मौरा बना दिया
00:55चले साज़श के हर एक चाप्टर को
00:57गहराई से समझते हैं
00:58इस पूरी कहानी के सूत्रधार है
01:00शाखंबरी पीठा दीश्वर आशुतोष ब्रह्माचारी
01:04आरोप है कि उन्होंने शंक्राचारे
01:06अभी मुक्तेश्वर आनंद को
01:08योन शोषन के जूटे केस में
01:10फसाने का पूरा ताना बाना बुना
01:12लेकिन सवाल ये है कि इस गिनोंने खेल
01:15के लिए आशुतोष महराज ने आखिर
01:16इनी दो बटूपों को क्यों चुना
01:18इसके लिए हमें एक साल पीछे जाना होगा
01:20यूपी के दो अलग-अलग शेहरों में
01:22एक्यग्य हुआ था
01:23वहाँ ये दो मासूम बच्चे आए
01:25जिने 60-60,000 की दक्षणा मिली
01:28और यहीं से आशुतोष महराज के संपर्क में हां गए
01:31हमारे जाज की मुताबिक
01:33आशुतोष ने इन बच्चों को
01:35इस साज़श का हिस्सा बनाने के लिए
01:36चार मुख्य वज़ा सोची
01:38एक तो ये बहुती सधारण परिवार से थे
01:40दूसरा कमजोर आर्थिक स्तिती
01:43इनके आर्थिक स्तिती काफी कमजोर थी
01:45आमदनी का कोई स्थाई जरिया नहीं था
01:47धरम में आस्ताब
01:49धरम के प्रती इनका गहरा जुखाओ है
01:51जिसके नाम पर इनसे कुछ भी कराया जा सकता है
01:54और पुरानी पहचान आशुतोष इनने पहले से जानते थे
01:57और उन्हें लगा कि इनसे अपनी हर बात मनवाई जा सकती है
02:01इस पूरे मामले में जो सबसे बड़ा और चोकाने वाला मोड आता है
02:05वो इस पीडित बच्चे के बयानों से साफ होता है
02:08जब इस बटूख से खूफिया कैमरे पर बात की गई
02:11तो सत सामने आया और उसने सब को हिरान कर दिया
02:14उस मासूम बच्चे ने साफ साफ लफजों में ये कबूल किया
02:18कि वो शंक्राचार्यवी मुक्टेश्वर आनंद को जानता तक नहीं था
02:22ना ही वो उनसे कभी मिला था और ना ही कभी उनके आश्रम में पढ़ने क्या था
02:26जब उससे पूछा गया कि फिर ये पूरा मामला क्या है
02:29तो बच्चे ने साफ कहा कि उसे इसके बारे में पहले से कुछ भी मालूम नहीं था
02:34ये सब बाद में बता चला
02:36उसने सीधे तोर पर बताए कि आशुतोष ने उससे जूटा आरोप लगवाया था
02:40और असलियत में उसके साथ ऐसी कोई भी गलत हरकत या कूकर्म कभी हुआ ही नहीं था
02:45सोचिये जिस बच्चे ने शंक्राचारे को कभी देखा तक नहीं था
02:49उससे गंभीर और गिनोना आरोप लगवा दिया किया
02:53आशुतोष इन बच्चों को प्रयागराज बुला कर कहने लगे कि तुम्हें
02:56प्रिश्न जी की गवाई देनी होगी धरम का ऐसा चश्मा पहनाया गया
03:00कि बच्चे समझ ही नहीं पाए कि उनके साथ ये क्या खेल हो रहा है
03:03जब सिर्फ बात से काम नहीं चला तो आशुतोष महराज ने अपनी साज़श के दूसरे चरण को अंजाम दिया
03:10जिसे कहते हैं दाम यानी लालच इस बाचीत के बीच बटूक के चाचा कामरे पर आये
03:17बच्चो को किस तरह बहला फुसला कर पैसो के जाल में फसाया गया
03:21बटूक के चाचा ने बताया कि मात मेले के दुरान बच्चो को बुलाने के लिए
03:25देवी किशोर जो की एक बदला हुआ नाम है कि एक व्यक्ति का इस्तमाल किया गया
03:31उसने फोन करके कहा कि हमारे साथ चलो तुम्हें अच्छा कासा पैसा दिलाएंगे
03:36गरी परिवार इस लालच में आ गया इतना ही नहीं
03:39आशुतोष खुद बड़े लड़ू गोपाल की मूर्ती लेकर उनके घर आये
03:44और कहा कि लड़ू गोपाल का एक केस चल रहा है तुम्हें चलकर गवाही देनी होगी
03:48मासूम बच्चो और अनपर घरवालों को क्या पता था कि लड़ू गोपाल के नाम पर किसी
03:53जीते जाकते संथ की प्रतिष्टा को ठेस पहुचाई जा रही है
03:57बटूक ने खूफिया कैमरे पर ये भी कबूल किया कि आशुतोष ने उससे वादा किया था कि मतुरा में हम
04:04तुम्हें मंदिर और मकान देंगे अराम से रहना
04:06बस तुम क्रिश्न जी के नाम पर गवाही दे तो
04:08लेकिन हकीकत में दक्षना के नाम पर केवल 6,000 थमाए गए
04:12अब कहानी का सबसे खौफनाक मोड आता है
04:15साम और दाम के बाद बारी दी डंड और भेत की
04:18जब F.I.R. लिखवाने और बयान दर्च कराने का वक्त आया
04:21तो डर था कि कहीं ये गरीब लोग पलट ना जाए
04:24इसलिए जवरदस्ती का सहरा लिया गया
04:26बटूक उसके पिता और चाचा ने अपनी आबीती सुनाई
04:30वो किसी त्रिलर फिल्म की तरह लगती है
04:32बटूक ने बताया हम स्कूल में पेपर दे रहे थे
04:35आशुतोष ने स्कूल के भाहर दो लड़के भेच दिये
04:38वो मेरे से और मेरे पापा से जवरदस्ती करने लगे
04:41और हमें मोटर साइकल पर बिठा दिया गया
04:44फिर एक होटल था वहां स्कॉर्पियो आई और हमें लखनाउ ले गए
04:48बटूक के चाचा ने इसे सीधे तौर पर
04:50चार से पाच दिनों के गिटनापिंग बताया
04:53वहीं बच्चों के पिता ने पहली बार चुपी तोड़ते हुए कहा
04:56कि हमारा मुबाइल फोन ले लिया
04:58कमरे के अंदर बंद कर दिया
04:59हम रोते रहे
05:00मा पुलिस वाले थे उन्ही के पास जाकर
05:03रोए कि बाबुजी हमें जाने दीजे और नहम पासी लगा लेंगे
05:05जब जाकर उन्होंने हमें हमारे घर भेजा
05:09जला सोचिए प्रयागराज के मागमेले में
05:12आशुतोज भ्रमचारी ने इन बच्चों के सिर पर हाथ रखकर आशिरवाद दिया था
05:16दक्षना कार्ड बनाने के बहाने इनके अधार कार्ड लिये गए और धोके से
05:20कोरे कागजों पर साइन करा लिया गया
05:22बाद में उनी कोरे कागजों पर शंकरा चारे के खिलाफ योन प्रतार्णा की एक जूटी और मनगरट स्क्रिप्ट लिखी गई
05:30इस पूरी खोज परताल से ये तो साफ हो गया कि धरम और आस्ता की आड में रची गई ये
05:36साजश
05:36कितनी घहरी और खौफनात थी
05:38मासूमों की गरीबी और उनकी धारमिक आस्ता का ऐसा घिनोना इस्तमाल शायद ही पहले कभी देखा गया होगा
05:44इस एक्स्लूसिफ रिपोर्ट ने सच को पूरी दुनिया के सामने लाकर खड़ा कर दिया है
05:49जहां खुद पीडित और उसका परिवार चीक-चीक कर कह रहा है कि वे निर्दोश है और उन्हें मौरा बनाया
05:55गया है
05:55लेकिन इस सच के सामने आने के बाद कई बड़े सवाल खड़े होते हैं
05:59क्या धरम के नाम पर ऐसा शर्यंत रचने वालों को समाज और कानून कभी माफ करेगा
06:05क्या मासूम बच्चों के भविश्य और संतों की गरिमक के साथ खिलवार करने वाले ये चेहरे कानून की गिरफ्ट में
06:12आएंगे
06:12और सबसे बड़ा सवाल क्या आप और हम अगली बार किसी भी ऐसी संसनी खेस खबर पर आख मूंत कर
06:19भरोसा करने से पहले दो बार सोचेंगे
06:22अपने राए नीचे कमेंट बॉक्स में हमें जरूर बताएं इस वीडियो को जादा से जादा शेयर करें ताकि आस्ता के
06:28नाम पर चल रहा ये खेल हर किसी के सामने बे नकाब हो से
06:32देखते रहिए हमारे साथ देश और समाज की हर कड़वी सचाई आप देख रहे हैं पन इंडिया हिंदी
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