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  • 14 minutes ago
PM मोदी के 'दिमागी नक्सल' वाले बयान पर इतना क्यों भड़का विपक्ष? देखें ब्लैक & व्हाइट

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00:00नमस्कार मैं हूँ अंजिना उमकशप और ब्लाक इंवाइट में आपका बहुत-बहुत स्वागत है
00:06खबरों की शुरुआत करेंगे आज माफिया अतीक एहमद की मौत को तीन साल बीच चुके है
00:11लेकिन राजधानी लखनव में पुलिस टीम पर हुआ हमला
00:14इस बात का सबसे बड़ा सुबूत है कि अतीक कान तो हो गया
00:18लेकिन उसका खौफ उसका आपराधिक नेटवर्क आज भी जिन्दा है
00:24बुधेश्वर इलाका और अवेद डेरीज पर कारवाई करने पुलिस की टीम पहुचती है
00:30पुलिस और नगर निगम की टीम को जिस तरह दोड़ा दोड़ा कर पीटा गया
00:34ये योगी की पुलिस है और खुद को अतीक गैंग का गुरगा बता कर धंकाया गया
00:40उसने कई बड़े सवाल खड़े कर दी है
00:42सवाल ये है कि क्या प्रशासन का एक बाल कमजोर पढ़ रहा है
00:45या फिर अतीक की मौत के बाद अब उसके नाम उसकी विरासत के सहारे यूपी में
00:50उसी पुराने खौफ के सामराज्ज को दोबारा खड़ा करने की साजश रची जा रही है
00:56इसके बाद आपको जारकण में सरकारी नौकरियों का उलचा हुआ गड़े दिखाएं
01:01जहां खुशी और मायूसी दो अलग-अलग तस्वीरें एक साथ सामने आ रही है
01:05एक तरफ 14 परीक्षाएं रद्ध होने के बाद भी आंदोलन थम नहीं रहा है
01:10देवेंद्रिनात महतो के गुट ने मंत्रियों के आशवासन पर अंशन खत्म कर दिया है
01:13तो वहीं दूसरा गुट अब भी CBI जांच और लिखित आदेश की मांग पराड़ा है
01:18लेकिन इस पूरे विवाद का सबसे पेचीदा पहलू ये है कि रातो रात
01:24JSC CGL परीक्षा रद्ध होने से 1975 चैनीत युवाओं के पैरो तले जमीन खिसक गई है
01:32जिने कुछ महीने पहले ही न्यूकती पत्र मिला था
01:36और वो सचीवाले में काम कर रहे थे अब सचीवाले के बाहर आकर विरोध प्रदर्शन कर रहे है
01:42आखर में आपको बताएंगे कि अमेरिका के राश्यपती डॉनल्ड ट्रम्प ने ऐसा क्या देखा
01:46कि वो भारत की चुनावी प्रणाली के कायल हो गए
01:49ट्रम्प ने तारीफ करते हुए कहा कि भारत के पिछले आम चुनाओं में
01:5464 करोण 60 लाक मतदाताओं ने हिस्सा लिया था जो कि एक बहुत बड़ा अंकड़ा है
02:00नोंने इस बात पर जोड दिया कि भारत में हर एक वोटर के पास
02:03बोट डालने के लिए एक बालेट फोटो आईडी डॉक्यूमेंट होना अनिवारने होता है
02:09लेकिन आज जब पूरे देश में दिमागी नकसल को लेकर बहस चरी हुई है
02:13तब आपको बताएंगे कि UPA सरकार में बुद्ध जीवियों, मानवादिकारों
02:16और कुछ NGO's और Civil Society Group के लोगों पर नकसलियों को वैचारिक समर्थन देने का आरोप
02:21क्यों लगाया जा रहा है
02:23और BJP के नेता अब उल्टा UPA की सरकार को क्यों खेर रहे है
02:2715 अगस को लाल किले की प्राचीर से प्रधानवंत्री मोदी ने ये कहा
02:32कि देश को हत्यार उठाने वाले नकसल वाद से तो मुक्ती मिल गई
02:36लेकिन अब वक्त है दिमागी नकसल को पहचानने का और उन्हें आइसलेट यानि अलग थलग करने का
02:42ये कैसा वयान था जिसका लगबख सभी विपक्षी दलों ने एक एक करके विरोध किया
02:48पूर्वग्रे मंतरी पीजे दंबरम ने ये कहा कि उन्हें दिमागी नकसल होने पर गर्व है
02:53जबकि जम्मु कश्मीर की पूर्व मुक्य मंतरी महभुआ मुफ्ती ने कहा कि वो अनुचे 370 का समर्तन करती है
02:58इसलिए वो भी दिमागी नकसल है
03:01विपक्ष और खासकर कॉंग्रिस पार्टी की सबसे बड़ी दलील यही है
03:04कि अगर सरकार के खलाफ सवाल उठाना है
03:07और सवाल उठाने की हिम्मत करना किसी को दिमागी नकसल बनाता है
03:12तो वो खुद को दिमागी नकसल घोशत करने के लिए तयार है
03:15जबकि सरकार का कहना है कि प्रधानमंजी मोदी ने विपक्षी नेताओं को दिमागी नकसल नहीं कहा है
03:23केंद्रे संसद्य कारे मंद्वी किरनरी जीजु के मताबिक जो लोग मावादियों का समर्थन करते हैं
03:29भारतिय सम्विधान को मानने से इंगार करते हैं
03:32अलगाबवाद और अनुचे 370 के समर्थक है भारत को तोड़ने की मान सिक्ता रखते हैं
03:37या सुरक्षा बलों की शहादत पर जश्र मनाते हैं उन्हें प्रधानमंजी मोदी ने दिमागी नकसल बताया है
03:45यानि इस पर सरकार की दलील अलग है और विपक्ष की दलील अलग है
03:48लेकिन आज हम आप से इसके बारे में बात नहीं करने आए हैं
03:52आज हम आपको सिर्फ ये बताने आए हैं कि जब देश में यूपिए की सरकार थी
03:56एक खास वर्ग के बुद्धी जीवी लोग और सामाजिक कारकरतान अकसलवाद का समर्तन के लिए आरोपी माने गए थे
04:03तो यूपिए की उस सरकार में भी उनके खिलाफ गिरफतारियां हुई थी
04:08इन में मानवादिकार कारकरता जॉक्टर बिनायक सेन मई 2007 में 36 गड़ से गिरफतार हुए
04:16वो माववादी लीडर नारायंट सान्याल के संपर्क में थे ऐसा आरोप लगा
04:22फिर 2007 में ही महराश्च में सामाजिक कारकरता वर्नौन गुंजाल्वेस को गिरफतार किया गए
04:29उन पर यूपिए सरकार में भारत के खिलाफ युद्द छेरने का आरोप लगा
04:348 मई 2007 को अरुन फिरेरा गिरफतार हुए जो मुंबई के सामाजिक कारकरता थे
04:43लेकिन उन पर नकसलियों के विचारधारा को आगे बढ़ाने का आरोप लगा था
04:47साल 2009 में कोबाट गांडी गिरफतार हुए जो दिल्ली में CPI माववादी का दफतर स्थापित करने में मदद कर रहे
04:56थे
04:56आरोपों के मताबिक जबकि ये पार्टी कई नकसली हमलों में अलग से इसको आरोपी बनाया गया था
05:03और ये सिलसला आगे भी जारी रहा जब 2013 में सुशील कुमार शिंदे भारत के ग्रेम अंत्री थे
05:09उस वक्त गर्ची रॉली पुलिस ने जेन्यू के छात्र हे मिश्रा और पत्रकार प्रशांत राही को गिरफतार किया था
05:16उस वक्त पुलिस का आरोप ये था कि ये दोनों अबू जमार जा रहे थे जहां वो CPI माववादी के
05:23शीर्ष कार्डर से मिलने वाले थे
05:25जबकि 2014 में दिली विश्व विदारे के पूर प्रोफेसर जी एन साई बाबा को भी गिरफतार किया गया था
05:30और उन पर भी यही आरोप था कि वो नकसलियों को मदद दे रहे
05:35इनमें कई मामलों में गिरफतार हुए आरोपियों को बाद में अदालतों ने बरी भी किया
05:39लेकिन UPA सरकार ने इन बुद्ध जीवियों मानवादिकार कार करता हूँ
05:42पर नकसलियों को समर्थन देने के लिए ही उनको गिरफतार किया था
05:48और उनके समर्थन पर चिंता भी जताई थी
05:52इनमें पीछ इतरमर्यम 30 नवंबर की ये बात है 30 नवंबर 2008 से 31 जुलाई तक
05:592012 सो 8 से 12 तक उनका कारकाल था भारत के केंद्रे ग्रे मंत्री के तौर पर
06:07उनके ही ग्रे मंत्री रहते हुए यूपिय सरकार ने नकसलवाद के खिलाफ सबसे वड़ा सैन्य ओपरेशन शुरू किया था
06:13ओपरेशन ग्रीन हंट ये कॉल आउट ओपरेशन था
06:17सैन्य ओपरेशन जिसमें CRPF की विशेश टुकरी, कोब्रा, BSF और राजियों की स्थाने पुलिसिकाईयों को बड़े पैवाने पर जंगलों में
06:25उतारा गया था
06:26और उन्हें नकसलवाद का खात्मा करने की जिम्मेदारी भी सौपी गई थी
06:30जब पीछित अंबरम के नेतरतों में ये सैन्य ओपरेशन शुरू हुआ तब बॉकलाएन अकसलियों ने सुरक्षा बनों आम लोगों पर
06:37एक के बाद एकतावड तोड़ हमले शुरू के निशाना बनाने के लिए बहुत सारे खूनी हमलों को अंजाम दिया
06:436 एप्रिन 2010 दंतेवाडा के हमले में हमारे CRPF के 76 जवान शहीद हो गए थे
06:53उस वक्त इस हमले से भारत उबरा भी नहीं था कि अगले महीने 28 मई 2010 को पश्चिम बंगाल के
06:59पश्चिम मेदिनिपूर में अकसलियों ने पत्रियों को बॉम से उड़ा दिया
07:03जिससे मुंबाई जाने वाली ग्यानेश्वरी एक्स्प्रेस पट्री से उतर गई 148 यात्रियों की जान इसमें चली गई थी
07:11इन हमलों ने उस वक्त पूरे देश को हिला कर रख दिया
07:14चारों तरफ यूपिये सरकार पर सवाल उठने लगे
07:17इन ही उड़ते सवालों के बीच ततकालीम ग्रेवंत्री पीचितमरम ने नकसलवाद को वैचारिक समर्थन
07:24जो मिलता है उसको एक बड़ी समस्या बताया था
07:28नकसलवाद को वैचारिक समर्थन और ये भी तब हुआ जब वो पहले से ये कह रहे थे
07:34कि भारत में कुछ बुद्ध जीवी, intellectuals, नकसलियों को आदर्शवादी नजरिये से देखते हैं
07:40और उन्हें ये अभी के अभी तुरंत बंद कर देना चाहिए
07:47पीचितमरम ने ये बयान PTI को दिये एक इंटेव्यू में दिया गया था
07:51जिसकी कॉपी अब हम आपको टेलेविजिन स्क्रीन पर दिखाने वाले है
07:57PTI को दिये इस इंटेव्यू में देखिए सोर्स जो है इसका PTI है
08:02माववादी, बांगलादेश, मानमार पूरा उनका जो ट्वीर था इंटेव्यू था
08:18कि ये जो नकसली हिंसा कर रहे हैं, पुलिस पर हमले कर रहे हैं, हतियार उठा रहे हैं
08:24तब उन्हें किसी तरह के क्रांतिकारी आंदोलन के रूप में पेश करना
08:28भारत के कुछ बुद्ध जीवियों की बड़ी गलती है
08:32रोमैंटिसाइजिंग नकसलिजम
08:35ये पीटी आई को दिया हुआ उनका इंटिव्यू है
08:38जिसके हवाले से कई सारे मीडिया हाॉसेज ने भी पूरा आर्टिकल पीछे तंबरम पर छापा था
08:43जिसमें ये कहा गया था कि वो ऐसे लोगों के बारे में चिंता जाहिर कर रहे हैं
08:49जो नकसलवाद को रोमांटिसाइज करते है यह रोग भी लगा जब ततकालीन प्रदानमत्री दॉक्टर मन मोहन सिंग खुद इस पर
08:56चिंता जता चुके थे
08:57छे जनवरी 2009 को नई दिल्ली में मुक्यवंतियों के आंतरिक सुरक्षा समेलन का उधाटन करते हुए
09:03दॉक्टर मन मोहन सिंग ने नकसलवादी इंसा पर बात की थी और उन्होंने जो कहा था वो भी हम आपको
09:09दिखा रहे हैं
09:09यह अब भी नागरिक स्वतंतरता संगटनों के सदस्यों का समर्थन हासिल करने में काम्याब है नकसलियों के मद्दे नजर उन्होंने
09:16कहा था
09:16हमने भारत सरकार की वेबसाइट पर PM आर्काइव में दर्ज भाषनों से यह निकाला है कोई भी इसे इंटरनेट पर
09:22जाकर सर्च कर सकता है
09:24प्रधानवंती मनमोहन सिंग के आर्काइब भाशनों में से एक में लिखा है
09:27इस भाशन में डॉक्टर मनमोहन सिंग ने शब्दशा कहा कि नकसलवाद को आज भी समाज के कुछ वर्गों में
09:32सिविल सुसाइटी, सिविल लिबर्टी से, जुड़े संगटनों से और युवाओं के एक हिस्से से समर्थन मिल रहा है
09:38और ये देखते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार को बहुत सोच समझ कर रनीती बनानी चाहिए
09:44इस बयान में प्रधानुती रहते हुए डॉक्टर मन मोहन सिंग ये चिंता जता रहे थे कि आखर कुछ लोग नकसलवाद
09:49की तरफ आकरशित क्यों हो रहे है
09:50बुद्ध जीवी विवदवान लोगों का नकसलियों को समर्थन क्यों मिल रहा है
09:54इस समस्याबाद में इतनी बढ़ी कि केंड्रे ग्रियमंत्राले ने इसके खिलाफ एक ओर्डर भी जारी किया
09:59अब ये MHA का ओर्डर भी हमने ओफिशल वेबसाइट से ही निकाला है
10:036 मई 2010 को ग्रियमंत्राले का बयान है
10:08और उस बयान में उन्होंने कहा कि Civil Society, संगठन, NGOs, बुद्ध जीवी, आम लोग नकसलियों और मावादियों की विचारधारा
10:17का समर्थन करे से बचे
10:18ग्रियमंत्राले का कहना था कि उनके पास ऐसी जानकारी है कि कुछ मावादी, नेता जो है, वो NGOs और बुद्ध
10:24जीवीों से सीधे संपर कर रहे है, उनसे मदद हासल कर रहे है
10:27आरोब था कि वो इन लोगों के जरिये अपनी विचारधारा फैलाने और अपने आंदोलन को समर्थन दिलाने की कोशिश कर
10:32रहे हैं जिसके कारण सरकार ने ऐसा करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कारवाई की है
10:36और ये कहा कि अगर कोई व्यक्ति किसी प्रतिबंदित संगठन को इसे रादे से समर्थन देता है कि उसकी गतिविद्यों
10:41को आगे बढ़ाया जा सके तो उस पर UAPA के तहट कारवाई हो सकती है
10:46तो इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं ये भी ग्रहम अंत्राले का बयान है जो आपको कोई भी जाएगा Ministry
10:52of Home Office पर और इस तारीक को वहाँ पर डालेगा 6 मई 2010 तो आपको ये पूरा ओर्डर जो
10:57है वो सामने दिख जाएगा
11:06अब ऐसा नहीं कि उस वक्त सरकार सिर्फ नकसलियों को बुद्धी जीवियों एंजियों से समर्थन मिलने पर चिंता जता रही
11:28थी
11:29आई बेगी रुपोर्ट के मताबिक कि संगटन सोलर राजियों में सक्रिय बताये गए थे चातर संगटन, मजदूर संगटन, महिला संगटन,
11:35किसान संगटन, आदिवासी संगटन, वकीलों के समूँ इसमें अलग-अलग जो है वो बताये गए
11:39खुद यूपिय की सरकार ने इस रिपोर्ट की बात की और बाद में जब देश में अंडिया की सरकार आई
11:44तो नकसलियों को मिलने वाले स्वैचारिक समर्तन को प्रधानवंत्री मोधी ने अर्बन नकसल से भी जोड़ा
11:49लेकिन अब जब प्रधानवंत्री ने इंडर्मोधी दिमागी नकसल का मुद्धा उठा रहे है तो उन पर देश में जब दिमागी
11:56नकसल की चर्चा कर रहे है प्रधानवंत्री तो ये मुद्धा उठाते हुए उन पर देश में अराजकता और हिंसा का
12:03महौल बनाने का र�
12:24परिवारों को भी सुनना चाहिए जो यह कह रहे हैं कि दिमागी नकसल का समर्थन करने वाले नेताओं को बसतर
12:31आकर देखना चाहिए कि कितने परिवारों ने वहां नकसली हिंसा को जेला है
12:36सुनी जी मेरे पती फोर्स में थेश्केप के जवान थे उसी समानक्सली ने इंबुस लगाकर हत्या करें फिडमे में शुकमा
12:45जीले के फिममेर में हम लोग यहीं बोलना चाहते हैं कि जो पी चीतम बरंबोर रहें की सोसल मीडिया में
12:52मैं नकसली नकसली दिमागी पे समर्थन �
13:03अभी तो बस्तर में नक्सली मुख्त हो गया लेकिन ऐसे कई मंत्री लोग हैं जो यहां दिल्ली में बैटके बोल
13:10रहे हैं कि हम नक्सली समर्थन में अपना उक कर रहा हैं इसने आए हैं
13:24मामोली सा किसान आदमी तो मुझे उस चीज का आज तक भी हो है क्योंकि मैं उतना गोली और पत्थर
13:32पटने के बाद आज आधा अधूरा जिद्दगी जी रहा हूं दूसरे के भरों से चलना पड़ता है लेकिन कुछ लोग
13:39और कुछ जुम्मेदारी पद में रहे वाले यह कह
13:53अभी किसी किसी के दिमाग में बाकी है साइध उनके दिमाग से दीज को निकालना है यह जरूरी है लगाने
14:00के बाद आईडी में पैदल जा रहा था आईडी में चपेट में आया और बलस्ट कर दिये मेरा एक पैर
14:06तो पुरा ही नहीं है दूसरा पैर भी फूरा अंभीर र�
14:23राजनीती के बारे में भी बताना चाहते हैं जिसे मीमिफिकेशन ऑफ पॉलिटिक्स कहते हैं इसका मतलब होता है किसी मीम
14:28का राजनीती में बदल जाना कैसे उसके पीछे इस ग्राफिक्स को देखिए बहुत दिल्चस्प है जब देश में कौक्रोच वाली
14:34टिपड़ी सी�
14:46साथ जोड़ भी गए जब E20 पेट्रोल को लेकर विवाद हुआ तो इस मुद्दे पर भी आपती दर्ज कराने के
14:52लिए एक राजनीतिक पार्टी बनाई गई जिसका नाम था E20 जनता पार्टी और अब जो प्रदानमजी मोधी के दिमागी नकसल
14:59वाले बयान को लेकर इतनी
15:00बहस हो रही है तो सोचल मीडिया पर एक नई पार्टी बनी है नाम है दिमागी नकसल जनता पार्टी रेजरवेशन
15:07के खिलाफ भी बोलने के लिए कई लोग सामने आये थे इस दौरान और उन्होंने रेजरवेशन जनता पार्टी बनाई थी
15:13आज रात 9 बजे तक इस पार्
15:185,000,000,000 इसके followers हो गए हैं कहने का मतलब यह है कि पहले किसी टिपणी पर राजनितिक
15:23बहस होती थी उसके लिए सरकों पर विरोध प्रदर्शन होते थे राजनितिक बयानबाजी होती थी न्यूस चैनल पर बहस होती
15:30थी लेकिन आप ऐसे मुद्दे इंटरनेट की बहस का हि
15:47कम्यूनिटी का हिस्सा बनने लगे हैं जहां मीम ऐसे मुद्दों को शकले लेकर उन्हें जादा से जादा लोगों तक पहुंचाता
15:54है और उसके बाद ऐसे मुद्दों पर बहस होती है जादा व्यापक होने लगती है कौक्ट्रो जंता पार्टी ए-20
15:59जंता पार्टी बनान
16:15ये तस्वीर लखनाओं के सब इंस्पेक्टर विने पटेल की है जिन पर मुख्यमंत्री योगी आदितिनात के आवास से करीब 15
16:22किलोमेटर दूर जानलेवा हमला हुआ
16:25सबसे चौकाने वाली बात ये है कि हमला वरों में शामिल कुछ लोगों ने खुद को अतीक एहमद के कैंग
16:31से जुड़ा हुआ बताया
16:32अब राजानी लखनाओं में पुलिस और नगर निगम की टीम पर इस तरह के हमले की शायब किसी ने कलपना
16:37नहीं की थी
16:38लेकिन हमारे पास मौझूद विडियो में साफ दिखाई देता है कि एक आरोपी पीछे से सम इंस्पेक्टर विनरी पटेल को
16:44पकड़ता है
16:45उसका गला दबाने की कोशिश करता है
16:47सवाल यही है कि ये योगी की पुलिस है उनका प्रशासन है और वो भी ऐसे फस गया
16:53इसी दोरान एक महिला वहां मौझूर दूसरे पुलिस कर्मी पर लोही की जंजीर से हमला करती दिखाई देती है
17:00हलात इतने बिगड़ जाते हैं कि पुलिस और नगर निगम की पूरी टीम को मौके से पीछे अटना पड़ता है
17:05और वहां अचानक से पत्थर चलने लगते है
17:07पहले आप पूरा वीडियो देखे
17:11तो बताय जा रहा है कतितों से जो महिला इस वीडियो में लोही की जंजीर से लेकर दिखाई दे रही
17:16है
17:16उसका नाम खुश्बुन बताय जा रहा है
17:20वीडियो में ये महिला पुलिस कर्मियों पर चेरचाड का आरोप लगाती दिखाई देती है
17:24हाला कि पुलिस का कहना है कि कारवाई से बचने के लिए इस महिला ने पुलिस कर्मियों पर जूटे आरोप
17:29लगाए
17:30पुलिस के मुताबिक इस तरह के आरूप लगाकर टीम को कारवाई से रोकने मौके से पीछे हटने के लिए मजबूर
17:34करने की कोशश की गए
17:35लेकिन इस पूरे मामले की सबसे बड़े, सबसे गंभीर कड़ी अतीक एहमत के नाम से जुड़ती है
17:41क्योंकि सवाल सिर्फ पुलिस पर हमले का नहीं है
17:44सवाल यह है कि जिस अतीक एहमत को 2023 में हत्या जिसकी हो चुकी है
17:48उसके नाम का इस्तमाल आज भी कुछ अपरादी पुलिस और प्रशासन को दराने के लिए कर रहे हैं तो कैसे
17:54यह कहानी लखनों के बुधेशवर इलाके से शुरू होती है
17:57इस इलाके में सडकों के किनारे अवैत तरीके से चल रही दूद की जैरियों पर
18:02और वहां फैली घंदगी को लेकर नगर निगम को लगातार शिकायते मिल रही थी
18:07इन्ही शिकायतों के बाद नगर निगम और पुलिस दोनों की टीम्स कारवाई के लिए मौके पर पहुँची
18:13आरूपे की टीम ने अवैत कबजे हटाने और नियमों का उलंगन कर रखे गए पश्वों को
18:18जब्त करने की कारवाई शुरू की लेकिन भीड जुट गई
18:36और सरकारी गाड़ियों पर पत्राव किये जाने की बात सामने आई
18:40ये भी आरूपे की इस हमले के दौरान कुछ लोगों ने अतीक एहमत के गैंग का नाम लेकर पुलिस को
18:44धमकाने के कोशश की
18:45इन आरूपों की खुद पुलिस ने अभी पुष्टी नहीं की है
18:49लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि भीर ने ये कहा कि पुलिस इनके अलाके से वापस चली जाए
18:54यहीं से ये पूरा मामला गंभीर हुआ
18:56ऐसा इसलिए भी हुआ क्योंकि अतीक एहमत सिर्फ एक अपरादी का नाम नहीं है
19:14लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि उससे जुड़े हर अपरादी और हर नेटवर्क का उसी दिनन्त हो गया
19:22किसी बड़े अपरादी का खत्म होना उसके बनाए हुआ अपरादी नेटवर्क का पूरी तरह खत्म हो जाना
19:27दोनों अलग-अलग बाते हैं
19:29पुलिस और जाच एजन्सियों के सामने अकसर यही चुनाटी होती है
19:33माफिया चला जाता है
19:35लेकिन उसके साथ काम कर चुके लोग उसके संपर्क उसके नाम का डर कुछ इलाकों में लंबे समय तक बना
19:41रहता है
19:42लगनों के बुदेश्वर मामले में भी पुलिस इसी आंगल से चांच कर रही है
19:46पुलिस के अनुसार इस इलाके में कुछ ऐसे लोगों की मौजूद्गी की जानकारी मिली है
19:50जिनका अतीक एहमत के आपराधिक नेटवर्क से पहले संबंध रहा है
19:53ये भी आरोप सामने आया है कि अतीक के नाम का इस्तमाल कर इस इलाके में सरकारी जमीनों पर कबजे
19:59और लोगों को धंकाने की कोशिश की गए
20:02और इस घटना में भी जब पुलिस ने कारवाई करने की कोशिश की तो इन लोगों ने पुलिस पर भी
20:06हमला कर दिया
20:07इस पूरी घटना की सबसे परिशान करने वाली तस्वीर वही है जो इस वीडियो में दिखाई देती है
20:14एक तरफ नगर निगम की टीम अवैद कबजे और नियमों के खिलाब बुल्डोजर लेकर कारवाई करने पहुचती है
20:19और दूसी तरफ पुलिस कर्मियों को घेर आ जाता है
20:23सवाल सिर्फ ये नहीं है कि हमला किस ने किया
20:30और आपको ये भी बता दे कि इस मामले में अब पाँच लोगों की गिरफतारी हो चुकी है
20:34सवाल ये है कि राजानी लखनों में कानून लागू कराने पहुची सरकारी टीम को इस तरह पीछे हटने के लिए
20:39मजबूर
20:40अगर किया गया तो फिर पुलिस और प्रशासन की तैयारी क्या थी
20:44और आखिर सरकार पुलिस प्रशासन उनका इकबाल कहा है
20:49और अगर वाकई इसमले में अतीक एहमद के नाम का इस्तेमाल किया गया है
20:53तो सिर्फ एक अप्राधी की कहानी नहीं है
20:55और क्या पूरी तैयारी के साथ पुलिस वहां नहीं पहुची थी
20:58अतीक एहमद मर चुका है लेकिन अगर उसके नाम से आज भी पुलिस को धंकाने की कोशिश हो रही है
21:03तो असली चालेंज यही है क्या अतीक एहमद का सामराज यह खत्म हुआ है या सिर्फ उसका चेहरा बतला है
21:09देखिए
21:12यह घटा ऐसे वक्त में हुई है जब हाली में अतीक एहमद के सबसे चोटे बेटे अबान एहमद के जनाजे
21:17में हजारों लोग शामिल हुए थे और वो समर्थन भी कई बाते कह रहा है बहुत संकेत दे रहा है
21:22इस जनाजे की तस्वीरों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर
21:25दिया था कि अतीक एहमद की मौत के बाद भी प्रयागराच में उसके परिवार के लिए समर्थन कितना है कितनी
21:31हमदर्दी है वो पूरी तरह खत्म नहीं हुई है इसके इलावा उस वक्त एक तस्वीर की सबसे जादा चर्चा हुई
21:37थी जिसमें अतीक एहमद के सबसे बड�
21:41भीड हंगामा कर रही थी और उमर ने सिर्फ अपने होटों पर उंगली रखी भीड को शंत कर दिया थी
21:47तब इस तस्वीर के कई राज़तिक माइने निकाले गए क्योंकि अतीक एहमद की कहानी सिर्फ अपराद की कहानी नहीं रही
21:53उसने अपराद से राजनीती तक का सफर �
21:56तै किया था और इसलिए आज भी एक बड़ा सवाल ये है कि क्या अतीक एहमद के बाद उसका परिवार
22:01उसी रास्ते पर आगे बढ़ रहा है ये बाद हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि हमारे संबादाता कुमार अभिशेक के
22:06मताबिक अपना दल कमेरावादी की तरफ से उमर �
22:11एहमद को चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया जा सकता है हलाकि अभी पार्टी ने अपनी तरफ से इसकी पुष्टी नहीं
22:17की है लेकिन कुमार अभिशेक को ऐसी खबर मिली है अपना दल कमेरावादी की विधायक डॉक्टर पल्लवी पटेल ने हाली
22:24में अतीक एहमद क
22:25की बहन और अतीक एहमद के बेटे एहजम एहमद से मुलाकात की है और इस बैठक के बाद ऐसी अटकले
22:32हैं कि पार्टी उमर एहमद को चुनाव लड़ने का ओफर दे सकती है यह इसलिए भी स्वाभाविक होगा क्योंकि अतीक
22:38एहमद के परिवार और अपना दल का रिष्ट
22:54तब अतीक एहमद ने उन्हें अस्पताल पहुँचाने मदद करने में और मदद करने में एहम भूमिका निभाई थी इसके बाद
23:00अतीक एहमद का अपना दल से जुड़नात हुआ और बाद में उसे पार्टी में अध्यक्षपद की भी जिम्मेदारी मिली यानि
23:07जिस राज
23:22उनकी पार्टी में आता है तो उसका स्वागत किया जाएगा यानि एक तरफ उमर एहमद जेल में है दूसी तरफ
23:28उसके लिए चुनावी संभावनाओं की चर्चा शुरू हो चुकी है और यही वो चीज़ है जहां लोकतंतर राजनीती कानून के
23:34राज के बीच सबसे बड�
23:38सवाल खड़ा होता है उमर एहमत के खलाव गंबीर आप रादिक मामला चल रहा है उसकी जमानत याचिका भी खारिज
23:45हो चुकी है लेकिन फिर भी उसे चुनाव में उतारने की चर्चा जोरू पर है और इसे देखकर ऐसा भी
23:50लगता है कि वक्त शायद खुद को दोहरा रहा
23:54है याद कीचे साल 1989 अतीक एहमत पहली बार विधान सभा चुनाव जीत कर राजनीती में आया था उस समय
24:02उसके खलाफ हत्या जैसे गंबीर आप रादिक मामले दर्च थे लेकिन इसके बावजूद उसे राजनितिक संड्रक्षन मिला अलग-अलग दलों
24:10के साथ उसके संबं
24:24रजबूत किया और अब करीब चार दशक पार कहानी का चहरा बदल गया है अब अतीक एहमत नहीं है लेकिन
24:31उसका नाम है उसका परिवार है उसके समर्थक है उसका बेटा है उसकी हिम ताकत दिख रही है राजनितिक विरासत
24:38को लेकर दावे है सबसे अगर आप देखे तो �
24:41उसके बेटे के चुनाव लड़ने की चर्चा है जिससे ये सवाल भी खड़ा होता है कि क्या उत्तरप्रदेश की राजनीती
24:46एक बार फिर उसी पुराने मॉडल की तरफ लोट रही है जहां बाहु बली पहले राजनितक ताकत हासल करता है
24:52फिर राजनितक ताकत उसके प्र�
25:08अमेरिका के राश्रपती डॉनल्ड ट्रंप भारत के चुनावी मॉडल के मुरीद क्यों हुए और आज दिन भर भारत के मुख्य
25:14चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार पर इतनी राजनीती क्यों हो रही है तो ये पूरा मामला प्रूद सोशल पर राश्रपती ट्रंप
25:23के �
25:23एक पोस्ट से शुरू हुआ इसमें उन्होंने लिखा किस महीने के शुरूआत में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार
25:29ने अमेरिका के प्रशासन से पूछा कि वह अमेरिका में फोटो आईडी यानी बिना वोटर आइकाड आईडी काड आइडेंटिके
25:55अब इस बयान का हवाला देते हुए राश्रपती ट्रम्प ने भारत के चुनावी मॉडल की तारीफ किये है।
26:52आइक्ट पास करना होगा।
26:53और भारत में अमेरिका के राजदूत हैं सर्गियो गौर्ड जो कि ट्रम्प के बहुत करीब ही माने जाते हैं।
26:59उन्होंने भी कहा कि अमेरिका को भी भारत की तर्स पर सख्त वोटर आईडी कानून अपनाना चाहिए।
27:05प्रहत कि अपना चाहिए।
27:16is something that we should pass in the United States
27:19you had over 660 million people vote
27:22by the way less than 1% by mail
27:25so I think it's vitally important
27:26voter ID is important
27:27this is not a partisan issue
27:29and so the President is absolutely right
27:31that the United States should have a voter ID requirement
27:34when people show up to vote
27:35thank you
27:36अब यह रेखें कि भारत के चुनावी मॉडल में ऐसा क्या है
27:39जो अमेरिका के चुनावी मॉडल में नहीं है
27:42भारत में चुनाव को व्यापक रूप में देखा जाता है
27:45यानि जब पूरे देश में लोगसभा के चुनाव होते है
27:48तो इसका मतलब यह नहीं होता
27:49कि हर राज्य अपने हिसाब से चुनाव कराता है
27:51भारत में सबी राजियों में समान रूप और कानून के मताविक चुनाव कराए जाते हैं और इनकी जिम्मेदारी इलेक्शन कमिशन
27:57आफ इंडिया की होती है
27:58लेकिन अमेरिका में ऐसा नहीं होता
28:00अमेरिका में चुनाव फेडरल स्टेटस के हिसाब से होते है
28:04यानि पूरे अमेरिका के चुनाव में कैसे वोट डाले जाएंगे
28:08क्या नियम होंगे
28:09कौन-कौन वोट डाल सकेगा
28:11ये फ़ैसा अकेले कोई एक समवैधानिक एजनसी नहीं करती है
28:15इसकी वज़े से हर फेडरल स्टेट के पास या दिकार होता है
28:19कि वो कैसे चुनाव का संचालन करा है
28:21इसके कारण अमेरिका में वोटर आईडी कार्ड को लेकर हर राज़ में अलग-अलग नियम होते है
28:26जैसे कुछ राज़ों में
28:28ड्राइविंग लाइसेंस
28:29पासपोर्ट हो
28:30या दूसरे पहचान पत्र दिखाकर वोट डाला जा सकता है
28:33तो कुछ राज़ों में दूसरे नियम होते है
28:35सबसे मड़ी बात यह है कि भारत में जैसे हर वोटर का अपना वोटर आईडी कार्ड होता है
28:40और उस पर उसकी तस्वीर लगी होती है
28:42वैसा अमेरिका में कोई वोटर आईडी कार्ड नहीं है
28:45जो पूरे देश में लागू होता
28:47और यही कारण है कि राज़ों में चुनावी मॉडल तयार करना चाहते है
28:54और इसके लिए वो सेव अमेरिका आक्ट लाने की बात कर रहे है
28:57अब यह सेव अमेरिका आक्ट क्या है वो समझे
29:00इसके तहट दो बड़े बदलाव किये जाएंगे
29:03पहला चुनाव के वक्त खुद को वोटर के रूप में रजिस्टर करते समय
29:05अमेरिकी नागरिकता का documentary proof देना होगा
29:09दूसरा जब कोई नागरिक वोट देने polling booth पर जाएगा
29:13तो उसे अपना photo वाला voter ID card दिखाना अनिवारे होगा
29:17हाला कि इस कानून को लेकर अमेरिका में बहुत विवाद है
29:20इनमें भी पहला और सबसे बड़ा विवाद तो यही है कि बहुत से
29:23अमेरिकी नागरिकों के पास ऐसे दस्तावेज आसानी से उपलबदी नहीं है
29:27जिनसे वो अपनी नागरिकता अपना citizenship सावित कर सके
29:31ऐसे में कई लोगों की चिंता यह है कि voter ID card बनाते समय
29:36उनसे उनकी नागरिकता चीनी जा सकती है
29:38और अमेरिका का मीडिया भी यही बात कहता है
29:41University of Maryland के Center for Democracy and Civic Engagement से जुड़े एक सर्वे के मताबिक
29:46लगबग 9.1 प्रतिशत लोग यानि 2.13 लोग अमेरिका में ऐसे हैं
29:53जो खुद को वहां का नागरिक कहते हैं लेकिन उनके पास नागरिकता सावित करने के जरूरी कागस नहीं है
30:00उदारण के लिए अमेरिका के Kansas राज्य ने voter registration के लिए नागरिकता का सबूत मांगा था
30:06जिसके बाद वहां कई नागरिक परयाप दस्तावेज पेश ही नहीं कर पाए
30:12दूसरा बड़ा विवाद यह है कि इस नए कानून के तहट voters का background verification होगा
30:17यह देखा जाएगा कि वो अमेरिका का नागरिक है या नहीं
30:20ठीक उसी तरह जैसे भारत में special intensive revision यानि SIR की प्रक्रिया होती है
30:24और संदिक दोने पर voter list से व्यक्ति का नाम हटा दिया जाता है
30:27अब भारत का ही उदारन डेकर राश्रपती ट्रम्प यह व्यवस्ता अपने देश में लाने की वकालत कर रहे है
30:33और ऐसा नहीं है कि अमेरिका पहला देश है जिसे भारत की चुनावी व्यवस्ता की तारीफ की है
30:39हाली में 32 देशों के 77 प्रतिनिदी भारत से उसकी चुनावी व्यस्ता सीखने आये थे
30:44जिन में इंडोनेशिया, जॉर्जिया, इजिप्ट, बेल्जियम, मेक्सिको, स्वीडन, स्विजिलन, श्रिलंका शामिल थे
30:53भारत की चुनावी व्यस्ता की आलोचना हो सकती है और कई बार देश के अंदर भी कई प्रक्रियाओं को लेकर
30:59आलोचना होती है
31:00लेकिन आज इस चुनावी मॉडल को लेकर कई सारी बातें पूरे विश्व में कही जा रही है
31:05जिसमें अमेरिका से लेकर कई देश यहां से कुछ बिंदूओं पर इसकी खुब प्रशनसा कर रहे है
31:12अगली खबर जारकर में सरकारी नौक्रियों का गणित एक बार फिर ऐसा उलजा है
31:17कि खुशी और मायूसी एक साथ दो अलग अलग तस्वीरे सामने आ रहे है
31:21सवाल है कि चौद़ परिक्षाय रद होने के बाद भी आखिर अंदोलन क्यों थम नहीं रहा है
31:27एक तरफ फिशे 24 दिनों से जादा वक्त से इंसाफ की उमीद में बैटे युवाओं का अंदोलन है
31:32दूसी तरफ वो युवा हैं जिनने कुछ महीने पहले ही सपनों का नियुक्ति पत्र मिला था
31:36लेकिन सरकार के जटके वाले फैसले ने उन्हें रातो रात बेरोसकार कर दिया
31:41जिस फैसले को एक पक्ष एतिहासिक जीत पता रहा है और ये च्छातर आखिरकार जश्मना रहे हैं
31:47तिरंगा उड़ा रहे हैं और उसकी वज़े से आखिरकार उन्होंने अपना ये पूरा अंदोलन खत्म किया
31:52तो इधर दूसी तरफ ये च्छातर सामने आ गए हैं च्छातर नहीं अब तो नौकरी शुदा लोग हैं ये
31:57जो उसी सचेवाले में नौकरी कर रहे थे और अब घुसे में बाहर आकर प्रोटेस्ट कर रहे हैं
32:02सरकार द्वारा जेससी सीजेल परीक्षा रद करने का फैसला हुआ
32:06इससे बच्छे तो खुश हो गए क्योंकि वो टीडी पियल दौरा कराए गए सभी एक्जामस के सीजेल के एक्जामस बंद
32:13करा रहे थे
32:13लेकिन जिन लोगों को इस एक्जामस से नौकरी मिली है
32:18और इन एक्जाम्स के निरस्त होने के बाद उनकी नौकरी पर खत्रा आ गया है
32:25वो लोग नाराजगी में बाहर निकल गए
32:27तो एक तस्वीर में आप देख रहे हैं फुल फ्रेम दिखा दीजे
32:29एक तरफ जश्न है पटाके है और तिरंगा लहरा आ रहा है खुशी है
32:34तो दूसी तरफ इन लोगों में नाराजगी है जिनकी नौकरीयों के रद होने का खत्रा आप मंडरा रहा है
32:39ये सचेवाले में नौकरी कर रहे थे अब ये बाहरा कर प्रोटेस्ट कर रहे है
32:43वही स्टेडिया में चल रहा अंदोलन पचीसवे दिन भी पूरी तरह से थामा नहीं है
32:47अंदोलन फिलहाल दोस पश्ट गुटों में बढ़ चुका है
32:50एक तरफ है देवेंद्र नात मेहतो का गुट जिसने सरकार के 2014 परिक्षाओं के रद्द करने के फैसले को अइतिहासिक
32:56जीत पताया
32:57मंत्री इर्फान अंसारी दिपका पांडे सिंग पहुँचने पर जू स्पीकर उन्होंने अंशन भी समाप्त कर दिया
33:03चात्रों का ये गुट अब केवल पुरानी जाच पर नहीं बलकि बविश्य के लिए पेपली एक मुक्त परिक्षा विवस्ता की
33:09फुल प्रूफ गारेंटी की बात कर रहा है
33:12बही
33:17बाफ कीजेगा शायद हमने पहले कह दिया 2014 की परिक्षा कुल 14 परिक्षाओं को रद्द करने की बात पर जो
33:24सहमती सरकार की तरफ से मिली
33:25उसके बाद देवेंद्रनात महतो ने अपना ये अंशन तोड़ा कल उनों ने आज तक पर भी कहा था कि हमारा
33:30संगर्ष जारी रहेगा लेकिन अब मैं अंशन तोड़ रहा हूँ
33:33वहीं दूसरे गुट का अंशन अभी भी जारी है रुपेश पाल सविता कुमारी अभी भूखरताल पर है ये गुट जेपी
33:39एससी जेएससी परिक्षाओं में धानली की सीबिया इजाज की मांग कर रहा है इनका कहना है कि जब तक उनकी
33:45मांगों पर लिखित आदेश नहीं
34:03अभ्यारती उनके पेरों के तले की जमीन खिसक गई है कई जो युवा हैं में उनका कहना है कि वो
34:10रेलवे जैसी सुरक्षित और स्थाई नौकरिया छोड़कर जारखन में सेवा देने आये थे एक अभ्यारती रोशन कुमार ने रोते हुए
34:18कहा कि कल तक नौकरी थी आज व
34:33तो वो बारिश के बीच सड़क पर ही धरने पर बैठ गया है और सरकार किस वैसे के खिला विरोत
34:36प्रदर्शन तेज हो गया है देखिए
34:57टिटी के पत पर मैं काईरत था वहां से रेजिंगनेशन देखे इस जॉब में आया हूँ
35:02और यहां एक चन में हमलों का सब कुछ खतम कर दिया गया
35:05अब उधर क्या प्रोसेस होगा सर टेकनिकल लेके आया है तो बहुत इसमें 500 से 700 कंडिडेट्स हैं जो पहले
35:13जॉब में थे सर
35:15पूरे रूप से निरास है और समझ लगने की राज से राज से अंदर में उस सिती में पढ़ा हूए
35:21क्या हमलों को है न पढ़ा हूँ उसको संबालने के लिए
35:24और अभी उसमझे की बच्जा और अभी आगे का और इसकी कितना होगा अगली ख़बर कर रूप कर रहे हैं
35:31आए दिन स्कूलों के बच्चे अव्यवस्तार शिक्षकों की कमी खराब मिड़े मील के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं लिकिन
35:36सिस्टम सुधरता नहीं है ता
35:55जरा सोचे शाम छे बजे रात नौ बजे हर रोज हर जगा मिड़े मील की ख़बर हम दिखा रहे हैं
36:02लेकिन इन सरकारी कर्मचारियों अधिकारियों मंत्रियों किसी के कान पर जू नहीं रहे हैं जिस मिड़े मील योजना का मकसद
36:11था देश के नौने हालों को पोशन देना
36:24हो सकती है ये घटना नूर सराय के परासी मिडल स्कूल की है अब आप अस्पताल की अफरा तफरी और
36:30उन मासूमों के दर्द को देखे जिनोंने सबजी में नमक कम होने की शिकायत की थी फिर क्या हुआ रसोई
36:36और स्कूल प्रबंदन की बेवकूफी लापरवाही बदमाश
36:39जो इसे कह लिए बच्चों की धाली में डिटर्जेंट पाउडर परोश दिया है दस से पंद्रह मासूम बच्चे पेट दर्द
36:46उल्की से तड़ा पुठे उन्हें आननफानन में हस्पताल में भरती कराना पड़ा है क्या खजब किला परवाही है आखिर ऐसे
36:54लोगों के ख
37:08कोश्टिक भोजन दिया जा रहा घनीमत ये रही कि समय रहते बच्चों को अस्पताल तो पहुंचा गया जिससे बड़ा हाथसा
37:13चल गया अस्पताल प्रशासे ने बच्चों के सुरक्षत होने का दावा किया है घटना की सूचना मिलने पर बिहार सरकार
37:18के ग्रामीर विकास
37:19मंतरी शवन कुमार अस्पताल पहुंचे हालात का जायजा लिया साफ शब्दों में चेतावनी दी कि इस आप राधिक लापरवाही के
37:26लिए जमिदार किसी भी शक्स को बख्षा नहीं जाएगा
37:30अब इनकी चेतावनी मंतरी जी की अपनी जगा है लेकिन सवाल ये है कि ऐसी इलापरवाही कब सुधरेगी ये विवस्ता
37:39क्या स्कूलों में बच्चों को खाना खिलाने से पहले उसकी गुणवत्ता जांचने कि कोई विवस्ता नहीं हो सकती
37:45क्या बच्चों को नमक की जगा कुछ और डाल डिया जाए खिला दिया जाए कोई chemical थाली में परोजदी आ
37:51जाए सर्फ डाल दिया जाए किसी की जवाद दही नहीं है
37:53कि समझना जरूरी है कि मिड़े मील में खानी की गुणवत्ता साफ सफाई को लेकर सक्त निर्देश है और इसका
38:00ध्यान रखना जरूरी है अब समय आ चुका है कि इसको कैसे इंप्लिमेंट करना है इस पर नजर जाए प्रदानमंत्री
38:09पोशन स्कीम के नियमों के तहट बच्�
38:12खाना पर उसने से पहले उसकी गुणवत्ता जाचना निवारे है नियम साब कहता है कि भोजन बच्चों को देने से
38:17पहले स्कूल के कम से कम एक शिक्षक और दो से तीन जिमिदार लोग द्वारा खाना टेस्ट किया जाना चाहिए
38:23यहां तक कि शाम तक खाने का सैंपल भी �
38:25रखा जाता है ताकि किसी तरह की समस्या होने पर उसकी जाच की जा सके सवाल यह है कि अगर
38:30नियम के मुताबिक खाना चखा गया होता तो यह वाशिंग पावडर जो डल गया था उनसे जरा इनका भी तो
38:38मिजाज संभल जाता देखिए क्या हुआ है
38:41इन कुछ बच्चे को लगा कि निमक कम है है ना तो उसने बड़ा निमक दीजिया और दो डिबा रखा
38:48हुआ तो गल्ती से नमा के बदिये वो सरफ बला डिबाव परस दिया और एका दरजन बच्चा आ लिया और
38:58होई उल्टी होने लगा तो इमिडेटली हमें लेकर आया है
39:20और बात पूरवी यूरोप और पश्चिमी एशिया में चल रहे है युद्ध की जो कम होने के बजाए बढ़ रहा
39:25है रश्या और यूक्रेण के बीच ड्रोन वार खतरनाक सतर पर पहुँच गया है
39:29यूक्रेण ने रश्या पर करीब 800 आत्मगाती ड्रोन से हमला किया है
39:33हम आपको रश्या यूक्रेण युद्ध की सबसे भयावा तस्वीरें दिखा रहे हैं
39:37यूक्रेण ने मॉस्को समेत और सोचे मॉस्को पर ये हमला है
39:41मॉस्को समیت रश्या के कई ठिकानों पर 800 ड्रोन से हमले किये हैं
39:45और उसके रक्षा मंतराले के मुताबिक पिछले साड़े चार साल से चल रहे इस युद में
39:49ये दूसरी बार है जब यूक्रेन ने इतने बड़े पैमाने पर आत्मखाती ड्रोन से बॉम बरसा है
39:55रश्या के रक्षा मंतराले के मुताबिक एर डिफेंस सिस्टम ने रात भर में ही करीब
40:00701 युक्रेनी ड्रोन को इंटरसेप्ट किया जिसमें करीब 600 ड्रोन का टागिट मॉस्को था
40:05एर डिफेंस सिस्टम में 180 ड्रोन को मार गिराया है
40:08इस हमले में जो ड्रोन काम्याब रहे उन्होंने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई
40:12इस तबाही ने जनवरी 2025 में युक्रेन के हमलों की याद ताजा कर दी है
40:1713 और 14 जनवरी 2025 की रात को भी कुछ ऐसा ही हमला हुआ था
40:22उस हमले में युक्रेन ने ड्रोन के साथ साथ बलिस्टिक और क्रूज मिसाइल्स का भी इस्तमाल किया था
40:27रश्या के काफी अंदर जाकर हमला किया था
40:30अब इस बार जो हमला हुआ है उसमें ड्रोन का इस्तमाल तो किया गया है
40:34लेकिन ड्रोन्स की संख्या बहुत ज़ादा थी, इसलिए तबाही ज़ादा भयान अकरे, देखे, युक्रेन के आत्मगाती ड्रोन्स ने मॉस्को के
40:43आसपास भारी तबाही मचाई है, हम आपको मैप पे वो जगह दिखा रहे हैं, जहां पर हमले हुए, इन हमलों
40:48को रश्या क
40:49युद्टी का जवाब माना गया है, जिसमें वो युक्रेन पर दबाव बनाने के लिए, उनकी राजधानी कीव पर हमले कर
40:55रहा था, ठीक वैसे ही अब युक्रेन के टागेट पर रश्या की राजधानी मॉस्को उसके आसपास का क्षेत्र है, मॉस्को
41:01और उसके आसपास य
41:03युक्रेन द्वारा किये जा रहे हमलों का मकसद रश्या के लोगों में दहशत फैलाने का है, ताकि राश्यपती व्लादमिर पूटिन
41:10को शांती वारता की टेबल आने के लिए मजबूर किया जाए, लेकिन अभी तक पूटिन की और से इस तरह
41:16का कोई संकेत नहीं दिख र
41:23बेरीज है, ताजा हमलों में इसके कुछ जो वेर हाउस है जहां पर सामान रखा जाता है, उसको बड़ा नुकसान
41:30पहुचाया है, उनकी दस्वीरे इस नुकसान का सबूत है, युक्रेन वाइल बेरीज के वेर हाउस को रश्या की सेना की
41:36सप्लाई चेन का हिस्सा माना है, �
41:50दस लोग मारे गए, घरों को नुकसान पहुचा, युक्रेन के राशपती वलादिमेर जलेंस्की ने इस हमले से जुड़ी कुछ तस्वीरे
41:56पोस्ट की हैं, जिसे हमले के बाद राहत और बचाओं का काम चल रहा है, वो अपनी सेक्स पोस्ट में
42:01खारकीव पर हुए हमले का
42:03बदला लेने की बात कह रहा है, युक्रेन द्वारा रश्या पर किये गए ड्रोन अटैक ने ब्रिटन को फसा दिया,
42:09रश्या ने दावा किया है कि युक्रेन के हमलों में जिन ड्रोन का इस्तमाल किया जा रहा है, वो ब्रिटिश
42:14कंपनी ने बनाया है, रश्या ने धमकी द
42:33उसका वक्त सुधरने में ज्यादा वक्त नहीं लगता नवस्कार
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