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विनोद तावड़े और सुनील बंसल को अमित शाह का भरोसेमंद रणनीतिकार क्यों माना जाता है? आखिर इन दोनों नेताओं में ऐसी क्या खासियत है, जिसने बीजेपी के संगठन और चुनावी रणनीति में उन्हें अहम बना दिया? इस वीडियो में जानिए विनोद तावड़े और सुनील बंसल की राजनीतिक समझ, संगठनात्मक क्षमता और चुनावी रणनीति के बारे में। साथ ही समझेंगे कि अमित शाह इन दोनों नेताओं की क्षमताओं पर इतना भरोसा क्यों करते हैं और बीजेपी की नई टीम में उनकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। बीजेपी के संगठनात्मक बदलाव, नेतृत्व और भविष्य की रणनीति से जुड़ी हर अहम जानकारी के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें।

Why are Vinod Tawde and Sunil Bansal considered among Amit Shah’s trusted strategists? What makes their organisational skills and political strategy so important for the BJP? In this video, we explore the political journey, organisational experience and strategic role of Vinod Tawde and Sunil Bansal, and examine why their names continue to remain significant within the BJP’s leadership structure. From election management to organisational expansion and grassroots strategy, understand the factors behind their growing importance in the BJP’s new team. We also look at Amit Shah’s political strategy and how trusted leaders can shape the party’s future plans. Watch the full video for detailed political analysis and the latest BJP updates.


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00:00भाजपा में राष्टे अध्यक्ष के बाद अगर कोई ताकतवर पद होता है तो वो होता है राष्टे महासचू का
00:07आप कहेंगे कि राष्ट्य उपाध्ध्यक्ष भी तो होते हैं, अभी जो बीजेपी की नई राष्ट्य टीम आई है, जो नितिन
00:14नवीन की नई टीम का एलान किया गया है, उसमें 13 राष्ट्य उपाध्ध्यक्ष तो बनाए गए हैं, लेकिन अगर हम
00:20आउनके कामकाज को दे�
00:47प्रभार दिया जाता है चुनाव के प्रभारी बनाये जाते हैं और वही पार्टी का चुनाव लड़ते हैं चिताते भी हैं
00:56तो बीजे पी की जो नई टीम घोशित हुई है उसमें आफ राश्टिय महासच्यू बनाये गए हैं
01:03इनमें स्मिर्टी रानी के नाम पर खुब चर्चा हो रही है इसके लावा कौन से और नाम है उनका नाम
01:09भी आपको बता देते हैं
01:10विनोत तावडे, सुनील बंसल, विपलब कुमार देव, सतीश पुनिया, गजेन पतेल, हरिश्ट वेदी और संजय भाटिया ये आठ बने हैं
01:20राश्टिय महासच्यू इनमें से दो ऐसे नाम है जो नितिन नवीन के टीम के राश्टिय महासच्यू बने हैं ये इससे
01:28पहले न
01:40क्यों किया गया है, जबकि कई सारे नामों को इस पार हटा दिया गया, जैसे कि अरुन सिंग जो कार्याले
01:46के प्रभारी हुआ करते थे राश्टिय मुख्याले के उनको इस बार महासच्यू के पत्पर नहीं रखा गया, हटा दिया गया,
01:53दुश्यन कुमार गौतम को रिपी
01:57नहीं किया गया है तो ताओडे और बंसल में ऐसा क्या खास है उनका चुनाव लड़ने का तरीका, लड़वाने का
02:07तरीका, उनकी चुनावी लड़निती और उनकी सियासी राजनिती चत्वराई
02:12जी हाँ सुनिल बनसल, विनों तावरे दोनों में एक बात अगर जो हम कहें कि कौमन हैं वो है उनका
02:21संगठन को लेकर बेजोर महनत से काम करना और उनका अमित शाह के बेहत करीबी होना
02:28तो चलिए दोनों को ही समस्ते हैं दोनों के कामकाच को जानने की कोशिश करते हैं और दोनों अमिश्राह की
02:36काफी कौरीबी क्यों है, बीजेपि में इतने महातपूर क्यों है कि उन्हें फिर से महासचिव बनाया गया है
02:41तो शुरुवात करते हैं हम सुनिल बंसल से, सुनिल बंसल रायस्थान से आते हैं, जैपुर में पैदा हुए हैं, शुरुवात
02:49से ही अखिल भारतिय विद्यार्थी परशद से जुड़ गए थे, रायस्थान विश्व विद्याले में महासच्यू भी चुने गए थे 1989
02:56में, �
02:57फिर आरेसेस के पूर्ण कालिक प्रचारक बन गे ये आरेसेस में काम किया, फिर से अखिल भार के विद्यार्थी परशद
03:03में आए, वहां भी काम किया, 2010 से लेकर 2014 तक वो भरष्टाचार विरोधी आंदोलों में काफी सक्रिये रहे, ये
03:12वही दौर था जब UPA2 पर, मनमुहु
03:16सरकार के दूसरे कारकाल पर खूप सारे भरष्टाचार के आरोप लग रहे थे, एक सत्ता विरोधी लहर पैदा हो रही
03:23थी वुस तोर में जब तूजी का घोटाला हो, कॉमन्विल्थ का घोटाला हो, तमाम घोटाले के आरोप लग रहे थे,
03:30और उसी दौर में ही सुनिल ब
03:47बहुमत मिलता है बीजेपी को पहली बार मिला था और भारत की सियासत में 1984 के बाद 2014 में किसी
03:53दल को अपने दम पर लोकसभा में बहुमत मिला था
03:56तो सिमिर बंसर काफी कुछ किये हैं एवी विपी के तौर पर शुरुआत की उन्होंने विद्याती परशा से अपने काम
04:01काच की आरिसस में रहे और फिर बीजेपी में आए
04:04बीजेपी में 2014 का जो लोकसभा चुना हुआ था इसमें ये उत्तर परदेश के सा परभारी थी परभारी कौन थे
04:13अमिश्चा दोहजार चौदा की बात कर रहे हैं हम उसमें 80 लोकसभा के सीटे होती हैं उत्तर परदेश में और
04:202014 के चुनाव में बीजेपी को अकेले 71 सीटे
04:26मिली थी पूरा यूपी जीत लिया था बीजेपी ने सिर्फ मुलायम सिंग यादो के परिवार के पांत सदस चुनाव जीत
04:33पाए थे अपना और इसके लावा गांधी परिवार के दो सदस राय ब्रैली से सोनिया गांधी अमेठी से राहुल गांधी
04:40बाकी पूरा यूपी भ�
04:56पर्खा जाचा और फिर उन्हें हीरा समस्ते हुए आगे बड़ी जिम्मेदारी देने का भी मन बना लिया अब 2014 के
05:07बाद सुनिल बंसल के कंधे पर बड़ी जिम्मेदारी थी 2017 में बीजेपी को यूपी की सत्ता में लाना
05:14तीन साल का वक्त था समाज़दी पार्टी की सरकार थी यूपी में बूर बहुमत की सरकार थी अखलेश यादो यूवा
05:21मुख्यमंतरी के तौर पर काम कर रहे थे यूवाओं को लेप्टाप बाट रहे थे फिर से सरकार में आने की
05:26बात कर रहे थे आखरी मौके पर कॉंग्रे
05:41पारे में उनकी ऐसी भूंका रही और उन्होंने इतनी बेजोल मेहनत की कि बीजेपी का यूपी में 14 वर्स का
05:48वनबास खत्म हुआ और 2017 में बीजेपी यूपी की सक्ता में आ गई देश के सबसे बड़े सूबे में सबसे
05:57बड़ा बहमत लाकर बीजेपी सक्ता में आई 403 वि�
06:11जैसे है वो क्या काम करते हैं वो भी आपको बता देते हैं उनकी जो ताकत है उनकी जो काबलियत
06:18है वो है कि वो संगठन के निर्मार करने बूत मेनेजमेंट करने में उनको विशेशग्यता हासिल है जैसे आप पन्ना
06:27प्रमुखला मॉडल हो मेरा बूत सबसे मजबूत इस �
06:32पर काम करना हूँ वो भूत अस्तर परकार करताओं को पारिटी से जोडते हैं और उनके अस्तर से उपर बढ़ते
06:39हुए जिला अस्तर तक आते हुए ऐसा संगठनों त्यार कर लियते हैं कि चुनाओं के वक्त खासकर वोटिंग वाले दिन
06:45बीजेपी बाकी दलों के तुलना
07:02रहते हैं इसके लावाद 2022 में उन्हें वहां से हटाया जाता है और राष्टिय जिम्मेदारी सौपी जाती है उन्हें राष्टिय
07:10महासचिव बनाया जाता है आठ साल का उनका कारकाल रहता है यूपी में इस तोरान 2017 में बीजेपी को जीत
07:16दिलाते हैं 2019 के लोकसभा चुना
07:31पाई थी सुनिल बंसल उनकी टीम उनकी संगठन की ताकत उनके बूत मैनेजमेंट की ताकत ने तो 2022 में उनको
07:39राष्टे महासचिव बनाया गया इसके बाद उनको प्रभारी बनाया गया ओडीशा का तो ओडीशा में आपको बीजेपी को सत्ता में
07:47लाना है ओडीशा में न
08:01जनता दल को लेकर जनता में कोई खास रोश, कोई खास सत्ता विरोधी लहर, कोई खास गुस्सा नाराजगी बिल्कुल नहीं
08:10दिख रही थी।
08:31और विधान सभा में भी बीजेपी को पहली बार पूर बहुमत मिलता है और वो सुतंतर तौर पर सरकार बनाती
08:38है ओडिशा में।
09:01में बीजेपी को दिलवाई अकेले दम पर पताद है कि तिलंगाना वो राज्य है जहां पर बीजेपी अपना भविश्य देख
09:07रही है और आने वाले दिनों में वहाँ पर सत्ता में आने की वो पूरी मजबूती के साथ कोशिश भी
09:13करेगे।
09:14इसके लावा पर्शिम मंगाल का चुनाव प्रभारी बनाया गया पर्शिम मंगाल का कामकार सोपा गया सुनिल बनसल के।
09:22सबसे मुश्किल राज्यों में था जहां पर बीजेपी सत्ता में आना तो चाहती थी। पूरी कोशिश भी की थी 2016
09:29में दोहजार इकीस में भी लेकिन वो आ नहीं पाई।
09:36सुनिल बनसल ने पर्शिम मंगाल में 65,000 से जादा बूत कमेटिया बनाई। पन्ना प्रमुक का मॉडल जो अपना यूपी
09:45वाला था वहां भी लागू किया और बीजेपी को एतिहासिक जीत दिलवाने में एहम भूंका निभाई।
09:51पस्च मंगाल में बीजेपी जीत जाएगी इसका अनुमान लगाना भी आज से 5-6 साल पहले किसी के लिए मुश्किल
09:58था। कल्पना करना भी बैमानी सा लगता था कि यहां पर कैसे बीजेपी जीत सकती है।
10:032016 में से 3 सीटे थी, 2021 में 77 सीटे पहुशती हैं और 2026 में 200 स्जादा सीटे। कहा गया
10:11कि जीत में भी सुनिल बंसल की बेहत ही एहम भूमिका रही है।
10:17इसके लावा मैंने आपको उनकी मजबूती, उनकी काबलियत, उनकी ताकत के बारे में बताया। उसमें से 2-4 बाते मैं
10:25आपको और जोड़ देता हूँ, वो RSS के बैक्ग्राउंड से आते हैं जसक मैं आपको बता चुका हूँ, बहुत अनुशासित
10:31हैं, बहुत समर्पित ह
10:32और मोदी जी और अमिशा जी का उन पर काफी ज़्यादा भरोसा है, वो चुपचाप काम करते हैं, मीडिया के
10:40लाइम लाइट से दूर रहते हैं, मीडिया का कैमरा देखते ही तुरंट बायट देने के लिए दौरते नहीं, चुपचाप वहां
10:45से निकल लेते हैं, अस्थान
11:00कमान कहता है, हूब हूब उसका पालन करते हैं, चुपचाप काम करते हैं, चुनाव जिताते हैं, अपना जोला उठाते हैं
11:07और उस राज से निकल लेते हैं, हाला कि उन पर कुछ आरोब भी लगे थे, यूपी में, यूपी में
11:13कहा गया था कि एक वक्त आया, जब वो पैरल
11:16पावर सेंटर बन गए थे, एक तरफ योगी जी की सत्ता थी, मुख्यमंतरी और संगठन के अस्तरपल सुनिल बंसल अपने
11:22अस्तरपल फैसलि ले रहे थे, कहा गया कि दोनों के बीच में टकराओ भी हुआ था और इसी वज़ा से
11:27बंसल को वहां से यूपी से हटा कर प्रा�
11:43बहुत टकराओ तो चल रहा है, तो सुनिल बंसल बीजेपी के उन संगठन करताओं में शामिल हैं, जिनें बहुत मुश्किल
11:52टास्क दिया जाता है, उन राज्यों में भेजा जाता है, जहां पर जीत मुश्किल लग रही होती है, लेकिन बंसल
11:57उसे आसान कर देते हैं और उ
12:02यूपी, परशिमंगाल, और डिशा इसका उधारन है, तिलंगाना में पारिटी का अच्छा प्रदर्शन इसका उधारन है, चलते हैं अब अगले
12:09नाम की ओर, विनोत तावडे की ओर, विनोत तावडे महराष्ट से आते हैं, मराठा परिवार में उनका जन्म हुआ है,
12:16और
12:16उनकी भी राजनिती जो है वो अखिल भारते विद्यारती परिशत से सुरू हुई, मुंबई यूनिट के वो प्रमुक बने, आगे
12:25चलकर बीजेपी के, 1995 से 1999 के बीज में वो महराष्ट भाजपा के भी महा सचुर है चुके हैं, राजस्तर
12:33के, और जैसा कि मैंने आपको बत
12:46परिशत के सदस्वी बनाए गए, 2011 और 2014 के बीच में तीन सालों तक वो विधान पर्शत में विपक्ष के
12:52नेता भी रहे, 2014 में उन्हें विधान सभा चुनाव लड़वाया गया, बोरी वली से, उमबई से, वहां से विधायक चुने
12:58गए, डेवेन फर्णवी सरकार में वो म
13:15टिकट नहीं दिया जाता है, ये उनके लिए बड़ा जटका माना गया, कहा गया कितने काबिल नेता को संगठन के
13:22लिए इतना काम करने वाले, सरकार में इतना अच्छा से काम करने वाले नेता को टिकट क्यों ही दिया गया,
13:27उस वक लगा कि विन्यो तावडे का सियासी जो क
13:532022 में उन्हें विहार का प्रभारी बनाया गया, बिहार में 2020 से लेकर 2024 का दौर उथल पुथल वाला थ
14:03हूँ,
14:032020 में नितीश कुमार के पार्टी JUU-BJP के साथ चुनाव वरती है, नितीश रियम बनते हैं, फिर वो RJD
14:09में चले जाते हैं, फिर वो BJP में आते हैं, इन 3-4 सालों में विनो तावडे की भूम का
14:15काफी एहम रही, जब JUU-NDA छोड़ कर गई थी तब भी विनो तावडे ने नित
14:33दोजार पचीस के पहरे दोजार चोविस की बाप के लेते हैं, दोजार चोविस के लोगसभा चुनाओं में आपको पता ही
14:39यूपी में बीजेपी को बड़ा जटका लगा, बीजेपी सिर्फ तैंतीस सीटों पर सिमेट गई, उधर समद्धी पार्टी सबसे बड़ा दल
14:46बन �
14:46यूपी में उसके 37 लोगसभा के सांसत चुने गए, कॉंग्रेश को मिला दें तो 43 लोगसभा के सांसत चुने गए
14:54थी विपक्ष के, लेकिन यूपी सरी सटा हुआ है बिखार, बिखार में बीजेपी को इतना बड़ा जटका नहीं लगा था,
15:00बिखार में बीजेपी 40 लो�
15:14रामिलास की निकली एक सीट हिंदुस्तान वाम मोर्चा की जीतरना माजी भी जीत गए थी तो कहा गया कि 2024
15:20वाले लोकसभा चुनाओं में यूपी जैसा रिजल्ट बिहार में नहीं आया इसकी वज़ा विनो तावरे हो सकते हैं उनका संगठंगत
15:27नाम हो सकता है वो एक बड़
15:40सीटे बीजेपी को मिलती हैं बीजेपी सरकार में आती हैं नतिशह कुमार सिये मं बनते हैं लेकिन 6 म interrupt
15:45हटा दिया जाता है और अब यानि इस वक्त बिहार में पहली बार भाजपा का मुख्यमंतरी है समराठ्चोधरी बीजूरी की
15:52ओर से मुख्यमंतरी की कमान सम्हाले हु�
15:55तो विनो तावडे का भी अच्छा खासा अन्भो है संगठन का प्रभारी के तौर पर चुनाव लड़वाने का और इसके
16:03लावा बिहार के लाओं ने केरल भी भेजा गया था जब केरल का चुनाव हुआ था 2026 में उस चुनाव
16:10में केरल में BJP को तीन सीटे मिली थी पहली बा
16:24हर्याणा में भी वो प्रभारी रहें कुछ समय तक वहां भी उनके कामकाच की काफी सराहना की गई थी उनकी
16:30उपलब्दियां क्या है उनकी काबियत क्या है ये भी आपको बता देते हैं संगठन को मजबूत करने और गटबंधन प्रभंधन
16:37में कुशल है गटबंधन प्र�
16:50रखकर सरकार में लाना चुनाव लड़वाना जित्वाना इसमें ये माहिर माने जाते हैं यूपी में भी अब इन्हें चुनाव प्रभारी
16:59बनाया गया है यूपी में भी इनकी ये काबियत काम आने वाली है यूपी में भी बीजेपी का इंडिये जो
17:04खेमा है उसमें कई स
17:05परकाश राजबर की अलग पार्टी है अपना दल वो अलग पार्टी है निशात पार्टी है जैन चोधरी की राष्ट्य लोग
17:14दल है तमाम दलों को साथ में रखना साथ कर रखना चुनाव लड़ना और फिर से बीजेपी को सत्ता मिलाना
17:20इसमें विनो तावडे की बेहद ही �
17:23एहम भूम का रहने वाली है तो आप कुल मिलाकर राष्ट्य नित्रत के करीबी माने जाते हैं काबलियत है संगठन
17:31के तौर पर खुब काम किया है गडबंधन बनाने में गडबंधन चलाने में माहिर माने जाते हैं इसके लावा कई
17:38सारे विबाद भी उनसे जुड़े हु�
17:42नारा सोपारा और विरार में वोट के लिए पैसे बाटे गए थे कहा गया था कुसमिनों तावडे का हाथ था
17:47काफी विवाद हुआ था मेडिया में भी काफी चर्चा में आई थी एगटना इसके लावा दोजार उनीस में टिकट कटने
17:54के बाद जब इन्हें लगा कि साइ�
18:07राजनीती से लेकर राश्चे राजनीती तक सब कुस देखा है सब में काम किया है तो इसी लिए इस काम
18:13में माहिर माने जाते हैं ठीक सुनिल बंसल की तरह लो प्रफाइल लहते हैं मेडिया में रहना पसंद नहीं करते
18:19बहुत ज़्यादा टीवी पर आकर बाइट देना इन
19:03कहा काम करने के तरीका कैसा है इन्होंने क्या क्या काम किया अब तक और
19:05को लड़वाएगी लोगसभा का चुनाओं और बीच में जितने भी विधान सभा के चुनाओं वाने वाले हैं जैसे 27 में
19:10सात राज्यों विधान सभा चुनाओं होंगे यूपी समेथ उसके रावां दोजार अठाइस में तीन महत्पूर राज्च छत्यसगर्ड, रास्थान
19:19और मध्यप्रदिश में चुनाओं होंगे तो तमाम राज्यों में चुनाओं लड़वाने का काम यही टीम करेगी और यही टीम अब
19:26बीजेपी का भविश्ट टै करने वाली है
19:28तो विनो तावडे जुनिल मंसल की एक कहानी रही, उनके कामकाज की एक पूरी आत्रा रही, जुन्होंने क्या किया है,
19:35क्या नहीं किया है
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