00:00भाजपा में राष्टे अध्यक्ष के बाद अगर कोई ताकतवर पद होता है तो वो होता है राष्टे महासचू का
00:07आप कहेंगे कि राष्ट्य उपाध्ध्यक्ष भी तो होते हैं, अभी जो बीजेपी की नई राष्ट्य टीम आई है, जो नितिन
00:14नवीन की नई टीम का एलान किया गया है, उसमें 13 राष्ट्य उपाध्ध्यक्ष तो बनाए गए हैं, लेकिन अगर हम
00:20आउनके कामकाज को दे�
00:47प्रभार दिया जाता है चुनाव के प्रभारी बनाये जाते हैं और वही पार्टी का चुनाव लड़ते हैं चिताते भी हैं
00:56तो बीजे पी की जो नई टीम घोशित हुई है उसमें आफ राश्टिय महासच्यू बनाये गए हैं
01:03इनमें स्मिर्टी रानी के नाम पर खुब चर्चा हो रही है इसके लावा कौन से और नाम है उनका नाम
01:09भी आपको बता देते हैं
01:10विनोत तावडे, सुनील बंसल, विपलब कुमार देव, सतीश पुनिया, गजेन पतेल, हरिश्ट वेदी और संजय भाटिया ये आठ बने हैं
01:20राश्टिय महासच्यू इनमें से दो ऐसे नाम है जो नितिन नवीन के टीम के राश्टिय महासच्यू बने हैं ये इससे
01:28पहले न
01:40क्यों किया गया है, जबकि कई सारे नामों को इस पार हटा दिया गया, जैसे कि अरुन सिंग जो कार्याले
01:46के प्रभारी हुआ करते थे राश्टिय मुख्याले के उनको इस बार महासच्यू के पत्पर नहीं रखा गया, हटा दिया गया,
01:53दुश्यन कुमार गौतम को रिपी
01:57नहीं किया गया है तो ताओडे और बंसल में ऐसा क्या खास है उनका चुनाव लड़ने का तरीका, लड़वाने का
02:07तरीका, उनकी चुनावी लड़निती और उनकी सियासी राजनिती चत्वराई
02:12जी हाँ सुनिल बनसल, विनों तावरे दोनों में एक बात अगर जो हम कहें कि कौमन हैं वो है उनका
02:21संगठन को लेकर बेजोर महनत से काम करना और उनका अमित शाह के बेहत करीबी होना
02:28तो चलिए दोनों को ही समस्ते हैं दोनों के कामकाच को जानने की कोशिश करते हैं और दोनों अमिश्राह की
02:36काफी कौरीबी क्यों है, बीजेपि में इतने महातपूर क्यों है कि उन्हें फिर से महासचिव बनाया गया है
02:41तो शुरुवात करते हैं हम सुनिल बंसल से, सुनिल बंसल रायस्थान से आते हैं, जैपुर में पैदा हुए हैं, शुरुवात
02:49से ही अखिल भारतिय विद्यार्थी परशद से जुड़ गए थे, रायस्थान विश्व विद्याले में महासच्यू भी चुने गए थे 1989
02:56में, �
02:57फिर आरेसेस के पूर्ण कालिक प्रचारक बन गे ये आरेसेस में काम किया, फिर से अखिल भार के विद्यार्थी परशद
03:03में आए, वहां भी काम किया, 2010 से लेकर 2014 तक वो भरष्टाचार विरोधी आंदोलों में काफी सक्रिये रहे, ये
03:12वही दौर था जब UPA2 पर, मनमुहु
03:16सरकार के दूसरे कारकाल पर खूप सारे भरष्टाचार के आरोप लग रहे थे, एक सत्ता विरोधी लहर पैदा हो रही
03:23थी वुस तोर में जब तूजी का घोटाला हो, कॉमन्विल्थ का घोटाला हो, तमाम घोटाले के आरोप लग रहे थे,
03:30और उसी दौर में ही सुनिल ब
03:47बहुमत मिलता है बीजेपी को पहली बार मिला था और भारत की सियासत में 1984 के बाद 2014 में किसी
03:53दल को अपने दम पर लोकसभा में बहुमत मिला था
03:56तो सिमिर बंसर काफी कुछ किये हैं एवी विपी के तौर पर शुरुआत की उन्होंने विद्याती परशा से अपने काम
04:01काच की आरिसस में रहे और फिर बीजेपी में आए
04:04बीजेपी में 2014 का जो लोकसभा चुना हुआ था इसमें ये उत्तर परदेश के सा परभारी थी परभारी कौन थे
04:13अमिश्चा दोहजार चौदा की बात कर रहे हैं हम उसमें 80 लोकसभा के सीटे होती हैं उत्तर परदेश में और
04:202014 के चुनाव में बीजेपी को अकेले 71 सीटे
04:26मिली थी पूरा यूपी जीत लिया था बीजेपी ने सिर्फ मुलायम सिंग यादो के परिवार के पांत सदस चुनाव जीत
04:33पाए थे अपना और इसके लावा गांधी परिवार के दो सदस राय ब्रैली से सोनिया गांधी अमेठी से राहुल गांधी
04:40बाकी पूरा यूपी भ�
04:56पर्खा जाचा और फिर उन्हें हीरा समस्ते हुए आगे बड़ी जिम्मेदारी देने का भी मन बना लिया अब 2014 के
05:07बाद सुनिल बंसल के कंधे पर बड़ी जिम्मेदारी थी 2017 में बीजेपी को यूपी की सत्ता में लाना
05:14तीन साल का वक्त था समाज़दी पार्टी की सरकार थी यूपी में बूर बहुमत की सरकार थी अखलेश यादो यूवा
05:21मुख्यमंतरी के तौर पर काम कर रहे थे यूवाओं को लेप्टाप बाट रहे थे फिर से सरकार में आने की
05:26बात कर रहे थे आखरी मौके पर कॉंग्रे
05:41पारे में उनकी ऐसी भूंका रही और उन्होंने इतनी बेजोल मेहनत की कि बीजेपी का यूपी में 14 वर्स का
05:48वनबास खत्म हुआ और 2017 में बीजेपी यूपी की सक्ता में आ गई देश के सबसे बड़े सूबे में सबसे
05:57बड़ा बहमत लाकर बीजेपी सक्ता में आई 403 वि�
06:11जैसे है वो क्या काम करते हैं वो भी आपको बता देते हैं उनकी जो ताकत है उनकी जो काबलियत
06:18है वो है कि वो संगठन के निर्मार करने बूत मेनेजमेंट करने में उनको विशेशग्यता हासिल है जैसे आप पन्ना
06:27प्रमुखला मॉडल हो मेरा बूत सबसे मजबूत इस �
06:32पर काम करना हूँ वो भूत अस्तर परकार करताओं को पारिटी से जोडते हैं और उनके अस्तर से उपर बढ़ते
06:39हुए जिला अस्तर तक आते हुए ऐसा संगठनों त्यार कर लियते हैं कि चुनाओं के वक्त खासकर वोटिंग वाले दिन
06:45बीजेपी बाकी दलों के तुलना
07:02रहते हैं इसके लावाद 2022 में उन्हें वहां से हटाया जाता है और राष्टिय जिम्मेदारी सौपी जाती है उन्हें राष्टिय
07:10महासचिव बनाया जाता है आठ साल का उनका कारकाल रहता है यूपी में इस तोरान 2017 में बीजेपी को जीत
07:16दिलाते हैं 2019 के लोकसभा चुना
07:31पाई थी सुनिल बंसल उनकी टीम उनकी संगठन की ताकत उनके बूत मैनेजमेंट की ताकत ने तो 2022 में उनको
07:39राष्टे महासचिव बनाया गया इसके बाद उनको प्रभारी बनाया गया ओडीशा का तो ओडीशा में आपको बीजेपी को सत्ता में
07:47लाना है ओडीशा में न
08:01जनता दल को लेकर जनता में कोई खास रोश, कोई खास सत्ता विरोधी लहर, कोई खास गुस्सा नाराजगी बिल्कुल नहीं
08:10दिख रही थी।
08:31और विधान सभा में भी बीजेपी को पहली बार पूर बहुमत मिलता है और वो सुतंतर तौर पर सरकार बनाती
08:38है ओडिशा में।
09:01में बीजेपी को दिलवाई अकेले दम पर पताद है कि तिलंगाना वो राज्य है जहां पर बीजेपी अपना भविश्य देख
09:07रही है और आने वाले दिनों में वहाँ पर सत्ता में आने की वो पूरी मजबूती के साथ कोशिश भी
09:13करेगे।
09:14इसके लावा पर्शिम मंगाल का चुनाव प्रभारी बनाया गया पर्शिम मंगाल का कामकार सोपा गया सुनिल बनसल के।
09:22सबसे मुश्किल राज्यों में था जहां पर बीजेपी सत्ता में आना तो चाहती थी। पूरी कोशिश भी की थी 2016
09:29में दोहजार इकीस में भी लेकिन वो आ नहीं पाई।
09:36सुनिल बनसल ने पर्शिम मंगाल में 65,000 से जादा बूत कमेटिया बनाई। पन्ना प्रमुक का मॉडल जो अपना यूपी
09:45वाला था वहां भी लागू किया और बीजेपी को एतिहासिक जीत दिलवाने में एहम भूंका निभाई।
09:51पस्च मंगाल में बीजेपी जीत जाएगी इसका अनुमान लगाना भी आज से 5-6 साल पहले किसी के लिए मुश्किल
09:58था। कल्पना करना भी बैमानी सा लगता था कि यहां पर कैसे बीजेपी जीत सकती है।
10:032016 में से 3 सीटे थी, 2021 में 77 सीटे पहुशती हैं और 2026 में 200 स्जादा सीटे। कहा गया
10:11कि जीत में भी सुनिल बंसल की बेहत ही एहम भूमिका रही है।
10:17इसके लावा मैंने आपको उनकी मजबूती, उनकी काबलियत, उनकी ताकत के बारे में बताया। उसमें से 2-4 बाते मैं
10:25आपको और जोड़ देता हूँ, वो RSS के बैक्ग्राउंड से आते हैं जसक मैं आपको बता चुका हूँ, बहुत अनुशासित
10:31हैं, बहुत समर्पित ह
10:32और मोदी जी और अमिशा जी का उन पर काफी ज़्यादा भरोसा है, वो चुपचाप काम करते हैं, मीडिया के
10:40लाइम लाइट से दूर रहते हैं, मीडिया का कैमरा देखते ही तुरंट बायट देने के लिए दौरते नहीं, चुपचाप वहां
10:45से निकल लेते हैं, अस्थान
11:00कमान कहता है, हूब हूब उसका पालन करते हैं, चुपचाप काम करते हैं, चुनाव जिताते हैं, अपना जोला उठाते हैं
11:07और उस राज से निकल लेते हैं, हाला कि उन पर कुछ आरोब भी लगे थे, यूपी में, यूपी में
11:13कहा गया था कि एक वक्त आया, जब वो पैरल
11:16पावर सेंटर बन गए थे, एक तरफ योगी जी की सत्ता थी, मुख्यमंतरी और संगठन के अस्तरपल सुनिल बंसल अपने
11:22अस्तरपल फैसलि ले रहे थे, कहा गया कि दोनों के बीच में टकराओ भी हुआ था और इसी वज़ा से
11:27बंसल को वहां से यूपी से हटा कर प्रा�
11:43बहुत टकराओ तो चल रहा है, तो सुनिल बंसल बीजेपी के उन संगठन करताओं में शामिल हैं, जिनें बहुत मुश्किल
11:52टास्क दिया जाता है, उन राज्यों में भेजा जाता है, जहां पर जीत मुश्किल लग रही होती है, लेकिन बंसल
11:57उसे आसान कर देते हैं और उ
12:02यूपी, परशिमंगाल, और डिशा इसका उधारन है, तिलंगाना में पारिटी का अच्छा प्रदर्शन इसका उधारन है, चलते हैं अब अगले
12:09नाम की ओर, विनोत तावडे की ओर, विनोत तावडे महराष्ट से आते हैं, मराठा परिवार में उनका जन्म हुआ है,
12:16और
12:16उनकी भी राजनिती जो है वो अखिल भारते विद्यारती परिशत से सुरू हुई, मुंबई यूनिट के वो प्रमुक बने, आगे
12:25चलकर बीजेपी के, 1995 से 1999 के बीज में वो महराष्ट भाजपा के भी महा सचुर है चुके हैं, राजस्तर
12:33के, और जैसा कि मैंने आपको बत
12:46परिशत के सदस्वी बनाए गए, 2011 और 2014 के बीच में तीन सालों तक वो विधान पर्शत में विपक्ष के
12:52नेता भी रहे, 2014 में उन्हें विधान सभा चुनाव लड़वाया गया, बोरी वली से, उमबई से, वहां से विधायक चुने
12:58गए, डेवेन फर्णवी सरकार में वो म
13:15टिकट नहीं दिया जाता है, ये उनके लिए बड़ा जटका माना गया, कहा गया कितने काबिल नेता को संगठन के
13:22लिए इतना काम करने वाले, सरकार में इतना अच्छा से काम करने वाले नेता को टिकट क्यों ही दिया गया,
13:27उस वक लगा कि विन्यो तावडे का सियासी जो क
13:532022 में उन्हें विहार का प्रभारी बनाया गया, बिहार में 2020 से लेकर 2024 का दौर उथल पुथल वाला थ
14:03हूँ,
14:032020 में नितीश कुमार के पार्टी JUU-BJP के साथ चुनाव वरती है, नितीश रियम बनते हैं, फिर वो RJD
14:09में चले जाते हैं, फिर वो BJP में आते हैं, इन 3-4 सालों में विनो तावडे की भूम का
14:15काफी एहम रही, जब JUU-NDA छोड़ कर गई थी तब भी विनो तावडे ने नित
14:33दोजार पचीस के पहरे दोजार चोविस की बाप के लेते हैं, दोजार चोविस के लोगसभा चुनाओं में आपको पता ही
14:39यूपी में बीजेपी को बड़ा जटका लगा, बीजेपी सिर्फ तैंतीस सीटों पर सिमेट गई, उधर समद्धी पार्टी सबसे बड़ा दल
14:46बन �
14:46यूपी में उसके 37 लोगसभा के सांसत चुने गए, कॉंग्रेश को मिला दें तो 43 लोगसभा के सांसत चुने गए
14:54थी विपक्ष के, लेकिन यूपी सरी सटा हुआ है बिखार, बिखार में बीजेपी को इतना बड़ा जटका नहीं लगा था,
15:00बिखार में बीजेपी 40 लो�
15:14रामिलास की निकली एक सीट हिंदुस्तान वाम मोर्चा की जीतरना माजी भी जीत गए थी तो कहा गया कि 2024
15:20वाले लोकसभा चुनाओं में यूपी जैसा रिजल्ट बिहार में नहीं आया इसकी वज़ा विनो तावरे हो सकते हैं उनका संगठंगत
15:27नाम हो सकता है वो एक बड़
15:40सीटे बीजेपी को मिलती हैं बीजेपी सरकार में आती हैं नतिशह कुमार सिये मं बनते हैं लेकिन 6 म interrupt
15:45हटा दिया जाता है और अब यानि इस वक्त बिहार में पहली बार भाजपा का मुख्यमंतरी है समराठ्चोधरी बीजूरी की
15:52ओर से मुख्यमंतरी की कमान सम्हाले हु�
15:55तो विनो तावडे का भी अच्छा खासा अन्भो है संगठन का प्रभारी के तौर पर चुनाव लड़वाने का और इसके
16:03लावा बिहार के लाओं ने केरल भी भेजा गया था जब केरल का चुनाव हुआ था 2026 में उस चुनाव
16:10में केरल में BJP को तीन सीटे मिली थी पहली बा
16:24हर्याणा में भी वो प्रभारी रहें कुछ समय तक वहां भी उनके कामकाच की काफी सराहना की गई थी उनकी
16:30उपलब्दियां क्या है उनकी काबियत क्या है ये भी आपको बता देते हैं संगठन को मजबूत करने और गटबंधन प्रभंधन
16:37में कुशल है गटबंधन प्र�
16:50रखकर सरकार में लाना चुनाव लड़वाना जित्वाना इसमें ये माहिर माने जाते हैं यूपी में भी अब इन्हें चुनाव प्रभारी
16:59बनाया गया है यूपी में भी इनकी ये काबियत काम आने वाली है यूपी में भी बीजेपी का इंडिये जो
17:04खेमा है उसमें कई स
17:05परकाश राजबर की अलग पार्टी है अपना दल वो अलग पार्टी है निशात पार्टी है जैन चोधरी की राष्ट्य लोग
17:14दल है तमाम दलों को साथ में रखना साथ कर रखना चुनाव लड़ना और फिर से बीजेपी को सत्ता मिलाना
17:20इसमें विनो तावडे की बेहद ही �
17:23एहम भूम का रहने वाली है तो आप कुल मिलाकर राष्ट्य नित्रत के करीबी माने जाते हैं काबलियत है संगठन
17:31के तौर पर खुब काम किया है गडबंधन बनाने में गडबंधन चलाने में माहिर माने जाते हैं इसके लावा कई
17:38सारे विबाद भी उनसे जुड़े हु�
17:42नारा सोपारा और विरार में वोट के लिए पैसे बाटे गए थे कहा गया था कुसमिनों तावडे का हाथ था
17:47काफी विवाद हुआ था मेडिया में भी काफी चर्चा में आई थी एगटना इसके लावा दोजार उनीस में टिकट कटने
17:54के बाद जब इन्हें लगा कि साइ�
18:07राजनीती से लेकर राश्चे राजनीती तक सब कुस देखा है सब में काम किया है तो इसी लिए इस काम
18:13में माहिर माने जाते हैं ठीक सुनिल बंसल की तरह लो प्रफाइल लहते हैं मेडिया में रहना पसंद नहीं करते
18:19बहुत ज़्यादा टीवी पर आकर बाइट देना इन
19:03कहा काम करने के तरीका कैसा है इन्होंने क्या क्या काम किया अब तक और
19:05को लड़वाएगी लोगसभा का चुनाओं और बीच में जितने भी विधान सभा के चुनाओं वाने वाले हैं जैसे 27 में
19:10सात राज्यों विधान सभा चुनाओं होंगे यूपी समेथ उसके रावां दोजार अठाइस में तीन महत्पूर राज्च छत्यसगर्ड, रास्थान
19:19और मध्यप्रदिश में चुनाओं होंगे तो तमाम राज्यों में चुनाओं लड़वाने का काम यही टीम करेगी और यही टीम अब
19:26बीजेपी का भविश्ट टै करने वाली है
19:28तो विनो तावडे जुनिल मंसल की एक कहानी रही, उनके कामकाज की एक पूरी आत्रा रही, जुन्होंने क्या किया है,
19:35क्या नहीं किया है
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