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  • 40 minutes ago
देश जब अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, तब उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक विशाल ऐतिहासिक बरगद का पेड़ आज भी आजादी की लड़ाई का मूक गवाह बनकर खड़ा है. इस पेड़ की शाखाएं भारत के नक्शे के आकार वाले एक चबूतरे पर फैली हैं, जिस पर 1947 दर्ज है.स्थानीय लोगों और पूर्व सैनिकों के मुताबिक, अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ यह जगह क्रांतिकारियों का अहम ठिकाना हुआ करती थी. महान स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद और उनकी टोली इसी बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष और आजादी की रणनीति तैयार करते थे. यह दरख्त आज भी अपने अंदर उस दौर के साहस और बलिदान की अनगिनत यादें समेटे हुए है, जो आज की और आने वाली पीढ़ियों को हमेशा देशभक्ति के लिए प्रेरित करती रहेंगी. प्रयागराज के इस ऐतिहासिक बरगद की पूरी कहानी जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें.

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00:01क्या हो अगर कोई दरक्त खुद में क्रांती की यादों को सहीज कर रखे हुए हो जी हां उतरप्रदेश के
00:08प्रयागराज में बरकत का एक विशाल पेड खामूशी के साथ देश की आजादी का गवह बने हुए आज भी खड़ा
00:16है इसकी शाखाएं देश के नक्षे के आकार क
00:19एक चबूत्रे के उपर फैली हुई है जिस पर 1947 का साल दर्ज है यहां के लोगों का मानना है
00:27कि उस जमाने में एक रांतीकारियों के मिलने की जगा हुआ करती थी जहां आजादी के विचारों का आदान प्रदान
00:33होता था रड़नीतियों पर चर्चा की जाती थी और ब्रि�
00:48के खिलाफत की और उनके खिलाफ जो अपनी आजादी का बिगुल था और जो रड़नीति थी वो तैयार करने के
00:56परूक्ष में कहीं न कहीं यह बाते निकलकर आती हैं और हम सब प्रियाग राज में अपने आपको गौरोशारी समस्ते
01:04हैं और गौरोबोध होता है कि हम उस प
01:17अंगराम के तमान क्रांधिकारियों ने जगा जगा पर मीटिंग बैठक किया करते थे तो यह जो बर्गत का पेढ़ लगाया
01:26गया है यहां पर चंसेखर आजाद और उनकी टोलियां वहां बैट करके आजादी के लिए रणनीद बनाया करते थे और
01:36यह ब्रिक्ष जब दे�
02:04अब जब भारत अपना अस्तीवा स्वतंतरता दिवस मनानी की तैयारी कर रहा है तब प्रयागराज में बर्गत का ये दरक्त
02:11अपने आन बान और शान से खड़ा है
02:13इसकी जड़ें बीते हुए कल में बेहत मजबूती से जमी हुई है और इसकी कहानी, साहस, बलिदान और आजादी के
02:21लंबे सफर को याद करते हुए आज की और आने वाली पीडियों को हमीशा हमीशा प्रिडिक करती रहेंगी
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