00:03शौच करते समय तेज दर्द, जलन और ताजा खून आना अगर ये परिशानी बार-बार हो रही है तो इसकी
00:09वज़़ एनल फिशर यानि गूदा के पास आई छोटी सी दरार हो सकती है
00:13लेकिन क्या फिशर में ओपरेशन जरूरी है क्या आयरवेद में ऐसी दवाएं हैं जो कब्स और हार्ड स्टूल को किंट्रोल
00:20करके फिशर को हील करने में मदद करेगी
00:23आई ये इस वीडियो में आपको बताते हैं
00:26एनल फिशर अक्सर हार्ड स्टूल, कॉंस्टिपेशन और बाउल मूमेंट के दौरान ज़ादा स्ट्रेन करने की वज़े से होता है
00:33जब हार्ड स्टूल और कैनाल से गुजरता है तो वहां की सेंसिटिव स्किन में छोटी सी टियर हो जाती है
00:39इसमें बाउल मूमेंट के वक्त दर्द होना, जलन होना और खून भी दिखाई देता है
00:44हर फिशर में सर्जरी जरूरी नहीं, खासत दोर पर शुरुवाती फिशर में कॉंस्टिपेशन को कंट्रोल करना होगा
00:53जादा से जादा पानी पीना होगा और फाइबर लेना और लोकल केर से सुधार हो सकता है
00:58आयरवेद में कौन सी दवा इस्तमाल की जाती है? आईए बताते हैं
01:02त्रिफला को आयरवेद में बाउल रेगुलारिटी और डाइजेशन सपोर्ट के लिए इस्तमाल किया जाता है
01:08लेकिन इसकी मात्रा हर्व्यक्ति के कंडिशन और बाउल पैटर्न के मताबिक अलग हो सकती है
01:14इसलिए इसे आयरवेदिक फिजीशन की सला से लेना बहतर रहेगा
01:18रात में सोने से पहले फिजीशन द्वारा बताई गई मात्रा में पानी के साथ आप ले सकते हैं
01:23अगर इससे लूज मोशन या अब्डॉमिनल डिसकमफर्ट है तो इसका इस्तमाल रोक कर डॉक्टर से बात करें
01:29हरितकी
01:30हरितकी को भी आयरवेद में कॉंस्टिपेशन और बाउल रेगुलेशन के लिए इस्तमाल करते हैं
01:36लेकिन इसे त्रिफला के साथ या अलग से लेना है या नहीं ये पेशन की कंडिशन देखकर तै किया जाएगा
01:42इसकी एग्जाक्ट डोज और फ्रेक्वेंसी आयरवेड डॉक्टर से तै करवाएं
01:47क्यूंकि हर व्यक्ति में कॉंस्टिपेशन की सिवीरेटी और बोडी रिस्पॉंस अलग होते हैं
01:54इसब गोल
01:54फिशर में सबसे जरूरी चीजों में से एक है स्टूल को सॉफ्ट करना
01:58इसके लिए फाइबर सप्लिमेंट जैसे इसब गोल का इस्तमाल करते हैं
02:03इसे आमतोर पर परियाप्त पानी के साथ लिया जाता है
02:06लेकिन फाइबर लेने के साथ पानी कम पीने पर कॉंस्टिपेशन और ब्लोटिंग की परशानी बढ़ती है
02:12इस सब गोल की मात्रा भी पेशेंट की जरूरत के अनुसार तै करनी चाहिए
02:16अगर पेशेंट को swallowing problem, bowel obstruction का suspicion या कोई दूसरी medical condition है तो बिना medical advice के
02:25इसे ना ले
02:26फिशर में local discomfort कम करने के लिए आयरवेद में कुछ medicated oils और local preparation का इस्तमाल किया जाता
02:34है
02:34लेकिन इन्हें फिशर के अंदर या खुले घाव पर खुद से लगाना सही नहीं है
02:38एक्सपर्ट से proper examination के बाद ही ये तैह होना चाहिए कि कौन सा preparation suitable है और कितनी मात्रा
02:45में आपको इस्तमाल करना चाहिए
02:47इसके अलावा 6 बाद भी मददकार है
02:50गुनगुने पानी में दिन भर में 3-4 बार 10-15 मिनट बैटना खासकर bowel movement के बाद anal muscles
02:57को राहत देता है
03:00अपने डाइट में हरी सबजियां, सीजनल fruits, oats और grains, दाल, परियाप्त मात्रा में पानी जरूर शामल करें
03:08फिलहाल असे वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें
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