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  • 5 minutes ago
क्या भारत की तरक्की पर्यावरण की कीमत पर हो रही है? हाल ही में जारी Environmental Performance Index (EPI) 2026 की रिपोर्ट ने भारत के दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. 177 देशों की इस प्रतिष्ठित लिस्ट में भारत 176वें स्थान पर खिसक गया है, जिसका कुल स्कोर महज 22.46 है.रिपोर्ट के मुताबिक, देश की हवा तेजी से जहरीली हो रही है. वायु गुणवत्ता के मामले में भारत 175वें नंबर पर है। इसके अलावा कचरा प्रबंधन पानी की गुणवत्ता और जैव विविधता में भी भारत का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है. हालांकि, कृषि उत्पादकता में भारत नंबर-1 पर है, लेकिन इसके पर्यावरणीय नुकसान भी सामने आ रहे हैं. वहीं, इस लिस्ट में एस्टोनिया टॉप पर है.

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Transcript
00:05भारत को पर्यावरन्स अन्रक्षन में दुनिया को रहा दिखाने वाला मना जाता है
00:09लेकिन इन्वार्मेंटल परफॉर्मेंस इंडेक्स यानी EPT 2026 की रिपोर्ट ने इन दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है
00:17177 देशों की रैंकिंग में भारत 176 पाइदान पर है
00:23इसका कुल स्कोर है 22.46 यानी पर्यावरनिय प्रदर्शन के मामले में भारत सबसे नीचले पाइदान के करीब है
00:33आखिर इसकी वज़ा क्या है? क्या सिर्फ प्रदूशन जिम्मिदार है?
00:37या फिर जंगल, पानी, कच्रा और जलवायू नीती भी भारत की रैंकिंग खीच रही है
00:44आईए समझते हैं
00:46रिपोर्ट में भारत के पर्यावरनिय प्रदर्शन को तीन बड़े हिसों में पर्खा गया है
00:52पर्यावरनिय स्वास्त्य, जलवायू परिवर्तन और एको सिस्टम की जीवन शम्ता
00:59भारत की रैंकिंग को सबसे जादा चोट पहुचा रही है खराभावा
01:04वायू गुडवत्ता में भारत का स्कोर सिर्फ 7.89 है
01:08और रैंकिंग 175 प्रदूशन, वाहनों का धुआ और ध्योगिक उत्सरजन, कोईले से उर्जा उत्पादन और बायो मास जलाना
01:21हवा को जहरीला बनाने वाले बड़े कारण है
01:24यानि विकास की रफ्तार बढ़ी लेकिन हवा की सास अटक गई
01:29सिर्फ हवा ही नहीं, पानी और कच्रा प्रबंधन भी भारत की बड़ी कमजोरियां है
01:35स्वच्छता और पेजल में पिछले 10 साल में सुधार हुआ है
01:40लेकिन असुरक्षित पानी और कमजोर सीवेज सिस्टम अब ही बड़ी चुनौती है
01:47वहीं सस्टेनेबल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में भारत का स्कोर सिर्फ 18.40 यह है
01:56यानी कच्रा बढ़ रहा है लेकिन उसे संभालने की विवस्था अब भी पीछे है
02:02अब बात जंगलो और जैव विविधता की इकोसिस्टम वाइटैलिटी में भारत 171 स्थान पर है
02:10जैव विविधता और हैबिटेड प्रोटेक्शन में भी प्रदर्शन बेहत कमजोर रहा
02:17वन शेत्र पर इंफ्रस्ट्रक्शर विस्तार जमीन के इस्तिमाल में बदलाव और विकास का दबाव लगतार बढ़ रहा है
02:26पेड कटते हैं तो सिर्फ हर्याली नहीं जाती पूरा इकोसिस्टम कमजोर हो जाता है
02:33रिपोर्ट पूरी तरह निराशा जनक नहीं है
02:37क्रिशी उत्पादक्ता में भारत ने शांदर प्रदर्शन किया है
02:41रिलेटिव क्रॉफ फील्ड में भारत पहले स्थान पर है
02:46लेकिन दूसरी तरफ कीट नाशकों और पोशक तत्यों से होने वाला प्रदूशन पर्यावरण पर भारी पड़ रहा है
02:54यानि खेतों में पैदावार बढ़ी लेकिन उसकी पर्यावरणी या कीमत भी बढ़ी
03:01EPI 2026 की रिपोर्ट में एस्टोनिया देश टॉप पर है
03:06वाईू गुडवात्ता में उसका स्कोर 80.76 है जबकि भारत का सिर्फ 7.89
03:14Sustainable Solid Waste Management में एस्टोनिया का स्कोर 100 है जबकि भारत का 18.40
03:22यानि अंतर सिर्फ नीतियों का नहीं उनके जमीन पर लागू होने का भी है
03:29तो तस्वीर साफ है भारत ने स्वच्छता, क्रिशी उद्पादक्ता और नवी कर्णिय उर्जा जैसे शेत्रों में प्रगती की है
03:44जै विविधता दबाव में है और भविश्य के उत्सरजन का खत्रा बना हुआ है
03:50यानि कुछ मोर्चों पर सुधार लेकिन कई मोर्चों पर संकट अभी भी गहरा है
03:57E.P.I. की ये रैंकेंग सिर्फ एक नंबर नहीं, एक चेतावनी है
04:01भारत की आबादी, शेहर और अर्थ विवस्था तेजी से बढ़ रही है
04:07ऐसे में सवाल सिर्फ ये नहीं है कि हम कितना विकास कर रहे है
04:12सवाल ये भी है कि उस विकास की कीमत कौन चुका रहा है
04:16हवा, पानी, जंगल या आने वाली पीढ़िया
04:21क्योंकि अगर विकास की रफ़तार तेज है
04:24लेकिन प्रगती की सासे धीमी पड़ रही है
04:28तो ये तरक्की नहीं, खत्रे की घंटी है
04:31ब्यूरो रिपोर्ट, ETV भारत
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