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  • 14 minutes ago
सोचिए, यदि बारिश की बूंदों के साथ पहाड़ों से अनमोल रत्न बरसें और किसी की किस्मत रातों-रात बदल जाए तो क्या हो? रिपोर्ट- रत्नेश कुमार

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00:28
00:31कुछ ग्रामिनों के मताबिक इनकी कीमत लाखों रुपे तक पहुंच जाती है।
00:35कई लोगों का कहना है कि ऐसे पत्थर बेच कर उनकी आर्थिक स्थिती बदली है।
01:24ग्रामिन बताते हैं कि पहले इन पत्थरों को महस कुछ हजार रुपे में बेच दिया जाता था।
01:29लेकिन जागरुकता बढ़ी तो कीमत भी पढ़ने लगी।
01:33दावा है कि कुछ पत्थर एक से पाँच लाख रुपे तक में बिक चुके हैं।
01:37किसी ने घर बनाया तो किसी ने बाइक खरी दी।
01:40भूंता है गामता कादमी इसके नजर देता है मिल जाता है कभी मिल जाता है कि दस लाग का मूर्गा
01:58मिल चुका है यह बारिष में
02:04स्थान या रतन कारुबार से जुड़े लोगों के मताबिक इन पत्थरों की खेमत उनकी पहचान और गुनवत्ता के आधार पर
02:26तै होती है।
02:27दावा है कि कुछ पत्थरों की आंटीक वैल्यू के कारण विदेशों में इनकी खेमत कई गुना अधिक हो सकती है।
02:57एक बार जमा करके पाच या दस तीस करा करके वो पाच-पाच लाक रुटा तक में लोग मनिया बेचे
03:02हैं।
03:25हंसराज परवत के इस कहानी में कितनी हकीकत है और इन पत्थरों की
03:29असले केमत कितनी है इसका वैग्यानिक अधिया नहीं पूरी तस्वीर साफ कर सकता है।
03:34फिलहाल मानसून की हर बारिश के साथ हसरागाओं की लोग इसी उमीद में जमीन को टटोलते हैं कि शायद अगली
03:41भूंत उनके लिए किस्मत का कोई चमकता टुकडा लेकर आए।
03:45ETV भारत के लिए गया से रतनेश कुमार की रिपोर्ट
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