00:00हम तो यह कहना चाहते हैं कि आंदोलन के वॉलेंटियर जो 40 दिन तक वहाँ पे ग्राउंड में रहे जो
00:05आपके साथ थे उनको सुनने में आपको क्या दिक्कत जब यह देश का मुद्ध है जब देश का मुद्ध है
00:10अगर आम लोगों को हम इंकलूट नहीं करेंगे तो किस तर
00:28आपे 40 दिन तक ग्राउंड में जंतर मंतर पर अपने परिवार को छोड़कर डटे रहे ऐसे लोग और जिन लोगों
00:34ने वॉलेंटियर के तुर्पे काम किया इनको आप क्यों डिसीजन में कोई भी डिसीजन में नहीं कर रहे है कुछ
00:40सिलेक्टेड वॉलेंटियर को कर रहे ह
00:42वो लोग बोल रहे हैं नहीं खाली स्पॉक परसन का है स्पॉक परसन पी चलो शुरूआत में आंदोलन में आपने
00:46डिसाइट किये पर अब जब आंदोलन सफल हो गया है तो देश की राय लेके सारे वोलेंटियर को अपने बात
00:53रखने का मौका देके डिसीजन होना चाहिए
00:55आप अपने घर में अपने कजीन को मीटिंग में बिठाते हो वीवेक और संदीप नाम के आप अपने दोस्तों को
01:02जो आपके साथ आंदोलन में बिठाते हो और वो लोग डिसीजन के कि इसको बताएंगे कि हम यह करेंगे यह
01:07गलत है पूरा डेमोक्रेटिक वे में ही मुवम
01:53परिवार और मित्रों तक सिमीत किया जा रहा है।
01:54हम आज से ही अन्य जल का त्याग करते हुए यहां बैट रहे हैं आगे जो होगा वो भगवान मालिक
02:00हमने विस हमारी मांग क्योंकि हमने रात को एक बजे तक उनको पॉजिटीव में फॉन से दोस्तों के जरीए हर
02:06तरह से कोशिश की उन्होंने हमें टालने की कोशिश की बात स
02:22कर्में अंदरबजान को माजरे तो भी पॉलिटिकल लोगों को स्टेज में बुलाया है हम तो यह कहना चाहते हैं कि
02:27आंदोलन के वॉलेंटियर जो 40 दिन तक वहां पे ग्राउंड में रहे जो आपके साथ थे उनको सुनने में आपको
02:33क्या दिक्का थे अगर पॉलिटिकल प
02:52की तरीके से decision ली जा रही है यह लोगतंतिक तरीके से नहीं हो रहा है यह इसलिए नहीं हो
02:57रहा है क्योंकि जो भी वहां पे वॉलेंटियर से जिन्होंने मेंट की थी हम जैसे 40-40 दिन जो बैठे
03:02हुए थे वहां पे एक दिन अपने घर नहीं गए वहां पर रह के भी जो भी
03:08इतना समय देने के बाद भी आप selected लोगों को क्यों इन कर रहे हैं बात बस इतनी सी हो
03:14रही है हमें participation चाहिए हम यहां पे इतने दूर से आए हुए है तो हम आप से मिलने के
03:20लिए नहीं आये थे हम participate करने के लिए थे दो नहीं बाते हम आपे करने के लिए थे ताकि
03:26जो भी आपक
03:31देश में हैं अगर जितने भी उनसे भी जादा ही होंगे सबके सब आपके घर के सामने नहीं आ सकते
03:35कुछ लोग अपने नौकरी में हैं कुछ अपने काम में हैं ऐसा नहीं कि सबके सब यहां पर आपको उनकी
03:40बात तो सुनी चाहिए आज के लोगतान्तिक समय में डिजिटल
04:01आपने बोला कल मैं हम यह पर आये हुए थे गेट पे में आया था मैंने उसे रिक्वेस्ट किया
04:04वाट्सप पे मैसेज तक डाला कि हमें आने जो हम नीचे आये हैं किसी को बोल दीजिए हमें उपर जाने
04:09दीजिए
04:09तो कोई भी नहीं रिप्लाई किया और उपर से उसके बाद बस यह बात होती है कल रात के एक
04:14बचे से हम होटल में मिले थे तो यह बात हुई कि आपको पता ही है राउल की स्वोक्स परसन
04:18को बुलाया गया था तो हम तो यहां पर अपने पॉइंट रखने गए हैं
04:23चालीज दिन जब हम अपने वाद से अपनी मर्जी से हैं तो यहां पर भी अपनी मर्जी से हैं तो
04:27क्या आप हमें इस चीज के लिए भी क्या यह अंदोलन चल रहा है क्या यह अंदोलन चल रहा है
04:31कि हम यहां पर आए नहीं आई यह बताया जा रहा है हम यहां पर अपनी स्�
04:41सब वॉलेंटियर्स के लिए जिन्हों ने बोला आखिर जब ये देश का मुद्धा है जब देश का मुद्धा देश के
04:45अगर आम लोगों को हम इंक्लूट नहीं करेंगे तो किस तरीके से लोकतांतिक तरीका हुआ हम किसके अगेंस लड़ रहे
04:51हैं आपने को ये बताओ अभी
04:57अभी इस तरीके से कोई प्लान नहीं है हम फिर से बोल रहे हैं हम इनके अगेंस नहीं है हमें
05:03CJP से कोई समस्या नहीं है
05:04अभी जीद भई यहाँ पे लिडर्शिप में रहें वांदा नहीं रहें वो कोई दिक्कत नहीं हमें पर एड़ सेम टाइम
05:09हमें ध्यान लगना पड़ेगा कि जो भी वॉलेंटेर्स हैं उनका भी इंक्लूजन हो उनको भी मीटिंग में रखा जाए और
05:16अगर यह नहीं सुनते
05:36करिक्षिघस कर दो, कि बाहें।
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