00:06E20 पेट्रोल विवाद में केंद्रिय मंत्री नितिन गड़करी को बॉंबे हाई कोट से बड़ी राहत मिली है।
00:30पेट्रोल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है जिनमें गड़करी और उनके परिवार को E20 नीती से कथिद आर्थिक लाब से जोडने
00:37के आरोप लगाए गए थे। लेकिन इस पूरे मामले को समझने से पहले ये समझना जरूरी है कि E20 पेट्रोल
00:44आखिर है क्या और विवाद श�
00:59लाने का कारेक्रम 2003 में शुरू हुआ था और समय के साथ इसका विस्तार किया गया। इसी E20 नीती को
01:07लेकर देश में वाहन मालेकों के बीच भी बहस देखने को मिली। कुछ लोगों ने पुराने वाहनों में E20 के
01:13इस्तिमाल को लेकर माइलिज, इंजन और दूसरे संभाव
01:17पर सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर ये बहस और तेज हुई और इसी दोरान केंद्रिय मंत्री नितिन गड़करी को सीधे
01:25E20 नीती से जोडने वाले कई पोस्ट और विडियो वाइरल हुए।
01:47करीब फेक और मनिपिलेटिड विडियो थे। गड़करी ने करीब 11 करोड रुपए के हरजाने की मांग भी की है। गड़करी
01:55का कहना है कि E20 कारिक्रम उनके मंत्राले के अधीन नहीं है। ये नीती केंद्रिय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्राले
02:03से संबंधित
02:04है। यानि सडक परिवहन मंत्री होने के नाते E20 नीती को तैयार या लागू करने की सीधी जिम्मेदारी उनके मंत्राले
02:12की नहीं है। अब आते हैं बॉंबे हाई कोड के फैसले पर। अदालत ने गड़करी को मेटा, एक्स, गूगल और
02:20अन्य संबंधित पक्षों के खिल
02:34और डेफमेटरी कंटेंट को हटवाना है। और यहीं एक महत्वपूर्ण सवाल सामने आता है। क्या किसी सरकारी नीती की आलोचना
02:43करना गलत है? जवाब है नहीं। लोग तंत्र में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना, उनकी कमिया बताना और जनता
02:50की समस्याओं को सामन
02:52रखना पूरी तरह जायज है। लेकिन सवाल तब उठता है जब आलोचना और व्यक्तिगत आरोप के बीच की सीमा खत्म
02:59हो जाए और किसी व्यक्ति को बिना प्रमान भ्रष्टाचार या निजी आर्थिक लाब से जोडने वाले फर्जी कंटेंट को तथ्य
03:06की तरह पेश कि
03:07जाये। E20 पर बहस होनी चाहिए, इसके फाइदे क्या है, पुराने वाहनों पर इसका प्रभाव क्या है, उपभूपताओं को क्या
03:15सावधानिया रखनी चाहिए और सरकार को वाहन मालिकों की चिंताओं का समाधान कैसे करना चाहिए। लेकिन नीती पर सवाल और
03:23व्यक्ति
03:23के खिलाफ फर्जी आरोप दोनों को एक नहीं माना जा सकता। इस मामले में अदालत ने सोशल मीडिया प्लाटफॉर्म्स की
03:30जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाया है।
03:32खास कर AI और डीप फेक के दोर में ये जरूरी हो गया है कि प्लाटफॉर्म्स शिकायत मिलने पर आपत्ती
03:38जनक और मानहानिकारक सामगरी की जांच और कारवाई के लिए प्रभावी व्यवस्था रखें।
03:44फिलहाल E20 पर बहस खत्म नहीं हुई है बलकि ये मामला एक बड़े सवाल को सामने लेकर आया है।
04:14शब्सक्राइब बड़े नवानिड प्रभाई प्रभाई कर दोर्ब्सक्राइब नवड़े आप्ट लेकर दोल्ड़े आपनार को सामने लिए कर दोड़े एकर आया है।
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