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SC Order on NEET Protest: छात्रों को मिली बड़ी राहत, फिर क्यों भड़के CJP प्रवक्ता Saurav Das? | Oneindia Hindi

NEET-UG पेपर लीक और छात्र आंदोलन के बीच सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारी छात्रों को बड़ी अंतरिम राहत दी है। जानिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद CJP प्रवक्ता सौरव दास ने केंद्र और राज्य सरकारों से क्या बड़ी मांग उठाई है!

NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। 28 जुलाई और हालिया सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच (CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता में) ने बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले और नाबालिग छात्रों को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि छात्रों के खिलाफ फिलहाल कोई दंडात्मक/जबरन कार्रवाई (Coercive Action) न की जाए और प्रदर्शन से जुड़े CCTV, ड्रोन और बॉडी-कैम रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास की प्रतिक्रिया सामने आई है। सौरव दास का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्टीकरण के बाद अब राज्य सरकारों के पास छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने और क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने का कानूनी रास्ता पूरी तरह साफ है। CJP ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया और FIR वापस नहीं लीं, तो छात्र फिर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।

इस वीडियो में जानिए सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के प्रमुख बिंदु, CJP का अगला रुख और क्या केंद्र व राज्य सरकारें छात्रों पर दर्ज केस वापस लेंगी।

About the Story:

The Supreme Court of India, in a bench led by Chief Justice Surya Kant, has granted interim protection to student protesters involved in the nationwide NEET-UG paper leak demonstrations, ordering the release of minors and those without criminal antecedents while barring coercive police action. Following the order, CJP spokesperson Saurav Das urged the Centre and state governments to honour their assurances and withdraw all FIRs registered against the peaceful student protesters.

#NEETUGProtest #SupremeCourt #SauravDas #CJPProtest

~PR.514~HT.408~ED.108~GR.508~VG.HM~

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Transcript
00:06नीट यूजी परिक्षा में पेपर लिक और परिक्षा में गड़बड़ी ओको लेकर सीजेपी का प्रोटेस्ट हुआ प्रोटेस्ट शान्त हुआ शुक्षा
00:12मंत्री ने स्तीफा दिया मामला सुप्रिम कोड तक पहुंचा
00:1528 जुलाई को सुप्रिम कोड ने सीजेपी से जुड़े चात्र प्रदर्शन के दौरान गिरफतार या फिर हिरासत मिलिये गए ऐसे
00:22चात्रों को राहत भी दे दी जिनका कोई आपराथिक रिकॉर्ड नहीं है
00:25कोड ने कहा था कि ऐसे चात्रों को रिखा किया जाए और फिलहाल उने खिलाफ F.I.R. के आधार
00:31पर कोई कोर्सिफ एक्शन यानि की जबरन कारवाई ना की जाए
00:35लेकिन कहानी अहीं खत्म नहीं हुई
00:37सुप्रिम कोट के इस अंतरिम आदेश के बाद सीजेपी के तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आए
00:42सीजेपी के राष्ट्री प्रवक्ता सौरवदास ने कहा कि सुप्रिम कोट का आदेश राज्यों को छात्रों के खिलाफ F.I.R.
00:48दर्ज लेने से नहीं रोपता है
00:50यानि उनके मुताबिक अगर राज्यो सरकारे चाहें तो छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेनी की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती
00:56है
00:56अब इसे थोड़ा आसान भाष्णा में समझते हैं
00:59सीजेपी की तरफ से लगतार ये मांग की जा रही थी कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज फाय
01:05आरवा बस ली जाए
01:0627 जुलाई को संगठन आरोप लगाया था कि सरकार के साथ हुए समझोते के बावजूद बिहार, पश्चिम, बंगाल और दूसरे
01:13राज्यों में छात्रों के खिलाफ कारवाई जारी है
01:16CJP ने ये भी जेताबनी दी थी कि अगर छात्रों के खिलाफ कारवाई बंद नहीं हुई तो आंदोलन दुबारा शुरू
01:22किया जा सकता है
01:23दरसल इस पूरे विवाद की शुरूआत चात्रों के उस आंदोलन से हुई जिसमें नीट यूजी में कथित पेपर लीक और
01:29परिक्षा वैबस्था में गड़बडियों को लेकर शिक्षा मंतरी के स्तीफे समेत कई मांगे उठाई गए
01:3520 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन ने बहुर बड़ा रूप ले लिया था
01:38प्रदर्शन कारी संसत की तरफ बढ़ते इसके बाद पुलिस के साथ उनका टकरा हुआ
01:43ऐसे स्तिथिया बनी की लाटी चार्ज हुआ
01:45जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शन कारीयों में भिडंत भी हो गई
01:48जिसके बाद पुलिस कारवाई हुई, छात्रों के गिरफतारी हुई और कथित बल प्रयोग को लेकर सवार
01:53यही मामला बाद में सुप्रिम कोर्ट पहुँचा, शुरुवात में सुप्रिम कोर्ट ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस कारवाई से जुड़े मामले
01:59में ततकाल हस्तशिप्ट करने से इंकार कर दिया था
02:14लेकिन 28 जुलाई की सुनवाई में तस्वीर कुछ अलग दिखाई था
02:17तीन जजों की बेंच ने चातरों के गिरफतारी और पुलिस कारवाई से जुड़े मामलों को गम भीरता से लेते हुए
02:23कई अंतरम निर्देश दी
02:25कोट ने नाबालिक चातरों और ऐसे चातरों को रिहा करने का उनको कहा जुनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है
02:32साथी प्रदर्शिंग से जुड़े CCTV, ज्रोन और बॉडी, कैम, फुटेश तथा वायरलस कॉम्यूनिकेशन रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश भी दियेगा
02:40चातरों का नीजी टेटा सारवजनिक नहीं करने को भी कहा गया
02:43सुप्रिम कोट ने ये भी संकियत दिया कि पुलिस, कारवाई और प्रदर्शिंकारियों से जुड़े आरोपों की जार्ज के लिए
02:49स्वतंत्र और निश्पक्ट जार्ज की जरूरत हो सकती है
02:51हला कि कोट ने ये रहत उन लोगों तक सिमित रखे जुनिया कोई आप राधिक रिकॉर्ड नहीं है
02:56तो अब सबसे बड़े सवाल ये उठा कि क्या सुप्रिम कोट इस आदेश के बाद सीजेपी की एफायर वापस लेने
03:08की मांग भूरी हो जाएगी
03:16यानि सुप्रिम कोट ने चात्रों को ततकाल रहत जरूर दी लेकिन फायर का अंतिम शमाधान अभी बात की और गेंद
03:23राज्जियों और केंद सरकार के पाले में है
03:26क्या सभी नर्दोष चात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे क्या पोलिस कारवाई की सोतंतर जांच होगी और क्या
03:32सीजेपी फिर से आंधोलन का रास्ता अपनाएगा
03:35फिलहार इतना जरूर साफ है कि चात्रों के आंधोलन का मुद्दा अब सिर्फ सड़क तक सिमित नहीं
03:40सुप्रिम कोच के हस्तशेप के बाद इमामला कानून चात्रों के अधिकार और सरकार की जवाब दे है
03:46तीनों का बड़ा सवाल बन चुका है
03:48और आगे जो भी अपडेट्स आएंगे आप तक हम पहुचाते रहें
03:51तब तक देखते रहें बने जाएं
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