00:06नीट यूजी परिक्षा में पेपर लिक और परिक्षा में गड़बड़ी ओको लेकर सीजेपी का प्रोटेस्ट हुआ प्रोटेस्ट शान्त हुआ शुक्षा
00:12मंत्री ने स्तीफा दिया मामला सुप्रिम कोड तक पहुंचा
00:1528 जुलाई को सुप्रिम कोड ने सीजेपी से जुड़े चात्र प्रदर्शन के दौरान गिरफतार या फिर हिरासत मिलिये गए ऐसे
00:22चात्रों को राहत भी दे दी जिनका कोई आपराथिक रिकॉर्ड नहीं है
00:25कोड ने कहा था कि ऐसे चात्रों को रिखा किया जाए और फिलहाल उने खिलाफ F.I.R. के आधार
00:31पर कोई कोर्सिफ एक्शन यानि की जबरन कारवाई ना की जाए
00:35लेकिन कहानी अहीं खत्म नहीं हुई
00:37सुप्रिम कोट के इस अंतरिम आदेश के बाद सीजेपी के तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आए
00:42सीजेपी के राष्ट्री प्रवक्ता सौरवदास ने कहा कि सुप्रिम कोट का आदेश राज्यों को छात्रों के खिलाफ F.I.R.
00:48दर्ज लेने से नहीं रोपता है
00:50यानि उनके मुताबिक अगर राज्यो सरकारे चाहें तो छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेनी की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती
00:56है
00:56अब इसे थोड़ा आसान भाष्णा में समझते हैं
00:59सीजेपी की तरफ से लगतार ये मांग की जा रही थी कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज फाय
01:05आरवा बस ली जाए
01:0627 जुलाई को संगठन आरोप लगाया था कि सरकार के साथ हुए समझोते के बावजूद बिहार, पश्चिम, बंगाल और दूसरे
01:13राज्यों में छात्रों के खिलाफ कारवाई जारी है
01:16CJP ने ये भी जेताबनी दी थी कि अगर छात्रों के खिलाफ कारवाई बंद नहीं हुई तो आंदोलन दुबारा शुरू
01:22किया जा सकता है
01:23दरसल इस पूरे विवाद की शुरूआत चात्रों के उस आंदोलन से हुई जिसमें नीट यूजी में कथित पेपर लीक और
01:29परिक्षा वैबस्था में गड़बडियों को लेकर शिक्षा मंतरी के स्तीफे समेत कई मांगे उठाई गए
01:3520 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन ने बहुर बड़ा रूप ले लिया था
01:38प्रदर्शन कारी संसत की तरफ बढ़ते इसके बाद पुलिस के साथ उनका टकरा हुआ
01:43ऐसे स्तिथिया बनी की लाटी चार्ज हुआ
01:45जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शन कारीयों में भिडंत भी हो गई
01:48जिसके बाद पुलिस कारवाई हुई, छात्रों के गिरफतारी हुई और कथित बल प्रयोग को लेकर सवार
01:53यही मामला बाद में सुप्रिम कोर्ट पहुँचा, शुरुवात में सुप्रिम कोर्ट ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस कारवाई से जुड़े मामले
01:59में ततकाल हस्तशिप्ट करने से इंकार कर दिया था
02:14लेकिन 28 जुलाई की सुनवाई में तस्वीर कुछ अलग दिखाई था
02:17तीन जजों की बेंच ने चातरों के गिरफतारी और पुलिस कारवाई से जुड़े मामलों को गम भीरता से लेते हुए
02:23कई अंतरम निर्देश दी
02:25कोट ने नाबालिक चातरों और ऐसे चातरों को रिहा करने का उनको कहा जुनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है
02:32साथी प्रदर्शिंग से जुड़े CCTV, ज्रोन और बॉडी, कैम, फुटेश तथा वायरलस कॉम्यूनिकेशन रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश भी दियेगा
02:40चातरों का नीजी टेटा सारवजनिक नहीं करने को भी कहा गया
02:43सुप्रिम कोट ने ये भी संकियत दिया कि पुलिस, कारवाई और प्रदर्शिंकारियों से जुड़े आरोपों की जार्ज के लिए
02:49स्वतंत्र और निश्पक्ट जार्ज की जरूरत हो सकती है
02:51हला कि कोट ने ये रहत उन लोगों तक सिमित रखे जुनिया कोई आप राधिक रिकॉर्ड नहीं है
02:56तो अब सबसे बड़े सवाल ये उठा कि क्या सुप्रिम कोट इस आदेश के बाद सीजेपी की एफायर वापस लेने
03:08की मांग भूरी हो जाएगी
03:16यानि सुप्रिम कोट ने चात्रों को ततकाल रहत जरूर दी लेकिन फायर का अंतिम शमाधान अभी बात की और गेंद
03:23राज्जियों और केंद सरकार के पाले में है
03:26क्या सभी नर्दोष चात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे क्या पोलिस कारवाई की सोतंतर जांच होगी और क्या
03:32सीजेपी फिर से आंधोलन का रास्ता अपनाएगा
03:35फिलहार इतना जरूर साफ है कि चात्रों के आंधोलन का मुद्दा अब सिर्फ सड़क तक सिमित नहीं
03:40सुप्रिम कोच के हस्तशेप के बाद इमामला कानून चात्रों के अधिकार और सरकार की जवाब दे है
03:46तीनों का बड़ा सवाल बन चुका है
03:48और आगे जो भी अपडेट्स आएंगे आप तक हम पहुचाते रहें
03:51तब तक देखते रहें बने जाएं
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