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  • 15 hours ago
देश का पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल रॉकेट आंध्र प्रदेश स्थित श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरने के लिए तैयार है. इसे एक निजी एयरोस्पेस कंपनी 'स्काईरूट' ने विकसित किया है। 'विक्रम-1' का नाम देश के महान अंतरिक्ष वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है.  ये पहली बार होगा जब पूर्ण रूप से किसी निजी कंपनी की तरफ से डिजाइन और विकसित किया गया ऑर्बिटल-श्रेणी का ये रॉकेट भारतीय धरती से उड़ान भरेगा.  विक्रम-1 एक बहु-चरणीय कक्षीय प्रक्षेपण यान है, जिसका निर्माण पूरी तरह से कार्बन-मिश्रित संरचना से किया गया है.  इसे कंपनी के बनाए गए प्रोपल्शन सिस्टम से पावर मिलती है, जिसमें 3डी-प्रिंटेड इंजन और हाई-थ्रस्ट सॉलिड-फ्यूल रॉकेट बूस्टर शामिल हैं. इसे 350 किलोग्राम तक वजन वाले छोटे सैटेलाइट को लो अर्थ ऑर्बिट (एलईओ) तक ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है. इस टेस्ट फ्लाइट का मकसद ये देखना है कि स्काईरूट एयरोस्पेस की बनाई टेक्नोलॉजी असल में कैसा काम करती है. इस मिशन के दौरान मिलने वाले डेटा का इस्तेमाल कंपनी सीखने, सुधार करने और आगे और बेहतर बनाने के लिए करेगी.

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00:01देश का पहला नीजी तोर पर विक्सित और्विटल रॉकेट आंद्रप्रदेश स्थित श्री हरी कोटा के सतीश धवन अंत्रिक्ष केंद्र से
00:09उडान भरने के लिए तैयार है इसे एक नीजी एरोस्पेस कंपनी स्काय रूट ने विक्सित किया है विक्रमवन का नाम
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00:17महान अंत्रिक्ष वैज्यानिक विक्रम सारा भाई के नाम पर रखा गया है ये पहली बार होगा जब पूर्ण रूप से
00:26किसी नीजी कंपनी की तरफ से डिजाइन और विक्सित किया गया और्विटल श्रीडी का ये रॉकेट भारतिय धर्ती से उडान
00:33भरेगा
00:42विक्रम वन एक बहुचरणिय कख्षय प्रक्षय पढयान है जिसका निर्माण पूरी तरह से कार्बन मिशरथ सनरचना से किया गया है
00:49इसे company के बनाए गए propulsion system से power मिलती है
00:54जिसमें 3D printed engine और high thrust solid fuel rocket booster शामिल है
00:59इसे 350 kg तक वजन वाले छोटे satellite को low earth orbit तक ले जाने के लिए design किया गया
01:06है
01:06इस test flight का मकसद ये देखना है कि sky route aerospace की बनाई technology असल में कैसा काम करती
01:13है
01:13इस mission के तोरान मिलने वाले data का इस्तेमाल company सीखने, सुधार करने और आगे और बहतर बनाने के लिए
01:20करेगी
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