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अमेरिका-ईरान के बीच अब होर्मुज में वसूली पर होगी जंग? देखें ब्लैक & व्हाइट

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00:01नबस्कार में हूँ श्वीता सिंग और ब्लाक और वाइट में आपका स्वागत है
00:04आज सबसे पहले हम आपको अमेरिका के राश्रोपती डॉनल्ड ट्रम्प के बयान के बारे में बताएंगे
00:08जिसमें उन्होंने स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज में सुरक्षा देने के नाम पर 20% शुल्क वसूलने का एलान किया
00:16इसके साथ ही इरान के खिलाफ नाके बंदी फिर से लागू कर दी है
00:19उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज खुला है और खुला रहेगा चाहे इरान चाहे या ना चाहे
00:24आज आपको बताएंगे कि क्या अब अमेरिका और इरान में हॉर्मूज में वसूली पर जन्म होगी
00:30इसके बाद आपको बताएंगे कि आखिर कॉंग्रिस ने भारत में पुलिटिकल माइलेज लेने के लिए विदेश में बैठे भारतिय मूल
00:37के लोगों को क्यों नाराज किया
00:39दरसल कॉंग्रिस नेता पवन खेडा ने आस्ट्रेलिया के मेलबर्न में हुए प्रधानमंत्री मोदी के कारिक्रम को लेकर सवाल उठाए और
00:46इसमें आए प्रवासी भारतियों को भाड़े की भीड बताया
00:50जिस पर कारिक्रम को आयूजित करने वाले भारतिय मूल के लोगों ने राहूल गांधी और खड़गे को चिठी लिखते हुए
00:56माफी मांगने के लिए कहा है
00:59आखिर में आपको बताएंगी कि कोलकता है एपोर्ट के परिसर में बनी मस्जिद में नमाज रोके जाने को लेकर क्या
01:06विवाद है जहां मस्जिद से जुड़े लोग इसकी एतिहासिक्ता को लेकर दावा कर रहे हैं लेकिन बंगाल सरकार राष्ट्रिय सुरक्षा
01:14का हवाल
01:14दे रही है तो आईए सबसे पहले हम अमेरिका इरान वॉर के राउंड टू की बात करें जिसमें हर दिन
01:23घमासान बढ़ता जा रहा है पिछले तीन चार दिनों में ही इरान के 14 प्रांतों के 300 से ज्यादा ठिकानों
01:30पर हमले हो चुके हैं
01:3217 जून को साइन हुए M.O.U के बाद ऐसा लगा था कि दोनों देश शांती बहाली के प्रयास
01:37में जुट गए हैं लेकिन ये शांती प्रयास दखावती थे
01:41असल में अमेरिका और इरान के बीच अब लड़ाई का मुद्दा न्यूकलियर हथियार नहीं बल्कि स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज पर नियंत्रण
01:48है
01:49अमेरिका चाहता है कि स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज में जो स्थिती युद्ध से पहले थी अंतरराश्रिय नेमों के हिसाब से वही
01:56स्थिती बनी रहे
01:57युद्ध के दौरान इरान को भी समझ में आ गया है कि स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज तो उसका सबसे बड़ा हथियार
02:03और सोने का अंडा देने वाली मुर्गी है
02:05इसलिए वो स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज पर अपना नियंतरन चाहता है और वो ओमान के साथ मिलकर टोल जैसी व्यवस्था बनाकर
02:12इसे अपनी कमाई का जरिया बनाना चाहता है
02:16इरान की इस चाहत ने अमेरिका को फसा दिया है पूरा युद्ध अब न्यूकलियर हथियारों से हटकर स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज
02:24पर कबजे की लड़ाई में बदल गया है
02:26अगर अमेरिका अब पीछे हटता है तो पूरी दुनिया अमेरिका को विलन मानेगी जिसने अपनी लड़ाई के लिए दुनिया पर
02:33हॉर्मूज टैक्स का बोज डाल दिया
02:37इसलिए अमेरिका हॉर्मूज से आवा जाही को फ्री फॉर ओल करने के लिए ही बंबारी कर रहा है
02:42हालनकि एक सच ये है कि स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज को फ्री करने की भी एक अलग कीमत मांगी जा रही
02:48है
02:49डॉनल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लाटफॉर्म टूट सोशल पर लिखा है कि स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज खुला हुआ है और ये
03:09आगे भी खुला रहेगा
03:11यानि वसूली का दौर शुरू हो गया है फिर चाहे इरान टोल टाक्स मता कर वसूले या फिर अमेरिका सुरक्षा
03:19देने के नाम पर रंगदारी के तौर पर वसूले
03:22अमेरिका की 20% वसूली का नियम लागू हो चुका है और इसलिए वो इरान पर भी शन बंबारी में
03:28लग गया है
03:30अमेरिका के निशाने पर वही क्षेत्र हैं जो स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज के आसपास है
03:34या ऐसे समुद्रे इलाके जहां से इरान को रणनीतिक फायदा मिलता है
03:38लेकिन राउंड टू में अमेरिका ने हमले की रणनीति को थोड़ा सा बदला है
03:43अब की बार वो सिर्फ रणनीतिक ठेकानों को निशाना नहीं बना रहा है
03:47बलकि वो इसके साथ साथ आर्थिक ठेकानों को भी निशाने पर ले रहा है
03:51अमेरिका के निशाने पर इरान का हॉर्मूज अगान प्रांत, बुशहर प्रांत, खुजेस्तान प्रांत और मरकजी प्रांत है
04:01आप नक्षे पर देखें तो हॉर्मूज अगान प्रांत वही क्षेत्र है जहां स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज है यहीं पर केशन, बंदरबास,
04:12सिरिक, लवान, जास्क और मिनाब है जो इरान के लिए रणनीतिक रूप से हॉर्मूज पर नियंदरण के लिए एहम है
04:20अब फारस की खाड़ी में इसी से लगता हुआ बुशहर प्रांत है जहां खरग आईलेंड है यह आईलेंड इरान का
04:27एक महत्वपूर्ण तेल ठिकाना है बुशहर में इरान का एक न्यूकलिया पावर प्लांट भी है यानि इरान की उर्जा का
04:34एक केंदर इसी जगे पर है
04:35हाल ही में इरान ने दावा किया था कि अमेरिका बुशहर पावर प्लांट के पास हमले कर रहा है बुशहर
04:41प्रांट के पास ही फारस की खाड़ी से लगता हुआ इरान का एक और महत्वपूर्ण खुजेस्तान प्रांट भी है अमेरिका
04:48इस बार इसको भी निशाने पर ले �
04:50है क्योंकि खुजेस्तान को इरान का energy capital माना जाता है इरान के
04:55तेल भंडार का एक बड़ा हिस्सा यहीं पर है अमेरिका ने इसी प्रांथ के
05:00एहवाज शहर पर हमले किये थे एहवाज इरान के तेल उद्योग का प्रमुक केंद्र है और माना
05:20माना जाता है यानि इस बार अमेरिका ने केवल रणनीतिक ठेकानों को
05:25निशाना नहीं बनाया बलकि वो इरान के उर्जा और समुद्री व्यापार से जुड़े केंद्रों
05:29पर भी हमले कर रहा है मैप पर देखें तो खुजेस्तान के एहवाज से लेकर बुशहर और फिर हुर्मुजगान में
05:38बंदर अब्बास केश्म सिरिक जास्क से होते हुए सिस्तान बलुचस्तान प्रांत में चाबहार तक पर हमले हो रहे हैं
05:48ध्यान दे तो फारस की खाड़ी से लेकर स्ट्रेट अफ हॉर्मूज से होते हुए ओमान की खाड़ी के इरानी क्षेतर
05:54तक को अमेरिका अपने निशाने पर लिये हुए है
05:57अमेरिकी सेंट्रल कमान के अनुसार पिछले एक हफते के अंदर अमेरिकी सेना ने तीसरा बड़ा हमला किया है
06:03जिसमें इस बार उन्होंने इरानी सेना के air defense system, coastal radar sites, missile और drone ठिकाने, navy ship और
06:11इरान के छोटी boats को निशाना बनाया है
06:14अमेरिकी सेना का दावा है कि इस युद्ध में पहली बार उन्होंने अपने आत्मघाती sea drones का इस्तमाल किया है
06:21हालनकि sea drone का अधिकारिक नाम अभी नहीं बताया गया है
06:24experts के अनुसार अमेरिका ने तीन महीने पहले GARC यानि Global Autonomous Reconnaissance Craft की तैनाती की थी
06:33माना जा रहा है कि इसका इस्तमाल शुरु शुरु में निगरानी के लिए किया गया
06:38लेकिन इस बार अमेरिकी सेना ने इसके जरिये हमले भी किये है
06:43GARC एक USV यानि Uncrude Surface Vessel है
06:47ये एक तरह की छोटी speed boat है जिसे अमेरिकी company Black Sea Technologies ने तैयार किया है
06:54GARC पूरी तरह से remote operated है इसे आत्मघाती attack में इस्तमाल किया जा सकता है
07:00ये 75 से 90 किलोमीटर प्रती घंटे की रफतार से चलती है और अपने साथ विस्फोटक लेकर दुश्मन के जहाज,
07:08रडार स्टेशन या तट्ये ठिकानों पर हमले कर सकती है
07:11छोटा आकार होने के कारण इसे रडार में पकड़ना मुश्किल होता है
07:16इसे स्वोम अटाक यानि जुंड में एक साथ भेज कर भी हमला किया जा सकता है
07:21माना जा रहा है कि अमेरिका जिस सी ड्रोन की बात कर रहा है वो GARC स्पीद बोट ही है
07:28जिनके जरिये वो इरान की स्पीद बोट को भी तबाह कर रहा है
07:32अमेरिकी सेंट्रल कमान की अनुसाद उनका हमला इरानी सेना द्वारा एक जहाज पर किये गए हमले का पलटवार था
07:39अमेरिकी सेना ने बताया है कि IRGC की और की ओर साइप्रुस के जहंडे वाले एक जहाज पर हमला किया
07:47था
07:47यह कंटेनर जहाज स्ट्रेट ओफ हॉर्मूस से होकर गुजर रहा था
07:51इस हमले में जहाज का इंजिन बुरी तरीके से एक शतिग्रस्त हुआ
07:54इससे जहाज वहीं अटक गया इस हमले के बाद ही अमेरिकी सेना ने इरान को बड़ी कीमत चुकानी की धमकी
08:01देते हुए
08:01तीसरा हमला शुरू कर दिया जिसमें 140 ठिकानों पर बंबारी की गई
08:54इरान ने भी अमेरिकी हमलों के जवाब में मिडली इस्ट के देशों पर एक बार कई हमले किये हैं
09:00अब इरान ने जॉर्डन, कुवेट, बहरीन, ओमान और कतर पर हमले किये
09:05ये हमले इन देशों में मौझूद अमेरिकी सेन्य ठेकानों पर हुए
09:09सबसे घा तक हमले बहरीन में मौझूद अमेरिकी नौसेना के फिफ्ट फ्लीट हेड़क्वाटर पर किये गए
09:16IRGC ने इस हमले में दावा किया कि इसमें अमेरिकी सेन्य ठेकाने को बहुत नुकसान हुआ है
09:21IRGC ने अमेरिकी सरकार को चुनोती देते हुए कहा कि पिछले दिनों हुई जंग और उसमें मिली हार से
09:27अमेरिका ने कुछ नहीं सीखा
09:29IRGC का कहना है कि उनके हमले में अमेरिकी सेना के हिलिकॉप्टर रिपेर सेंटर
09:34एलेक्ट्रोनिक वाफे एरक्राफ्ट हैंगर और ड्रोन कमांड सेंटर को नुकसान पहुँचा है
09:39इरान का दावा है कि उन्होंने जो हमले किये हैं वो एक यूएन का पुराना बेस था जिसे अमेरिका अपने
09:47हिमार्स अटैक के लिए इस्तमाल कर रहा था
09:51हिमार्स यानि हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम अमेरिका का एक अत्या धूनिक रॉकेट लॉंचर सिस्टम है
10:00इसे लॉकीड मार्टिन ने बनाया है ये रॉकेट लॉंचर सिस्टम शूट और स्कूट रणनीती पर काम करता है
10:08यानि rockets launch करने के कुछ ही समय बाद ये अपनी जगे बदल लेता है
10:14जिससे दुश्मन के लिए इसकी location को track करना मुश्किल होता है
10:18इस rocket launcher system की range 500 km से ज्यादा है और इससे बहुत सठीक निशाना लगाया जा सकता है
10:26इरानी सेना इस rocket launcher को तबाह करने को अपनी बड़ी काम्याभी मान रही है
10:32IRGC का दावा है कि उन्होंने जॉर्डन के प्रिंस हसन एबेस पर जो हमला किया है
10:36उसमें MQ-4C Titan drone hangar भी तबाह हो गया है
10:40इसी तरह से एक दावा ये भी है कि कतर के अलुदेद एबेस पर भी एक हैंगर को तबाह कर
10:46दिया गया है
11:12प्रिंग के मानों प्रिंग में भी है
11:47इस भयानक युद्ध को दोबारा भढ़कते हुए देखकर दुनिया ये सोच रही है कि जब दोनों देशों के बीच सब
11:53कुछ ठीक होने लगा था तो फिर हालात यहां तक कैसे पहुँच गए
11:56तो इस सवाल का जवाब 17 जून को अमेरिका और इरान के बीच हुए अग्रीमेंट में लिखी गई शर्तों में
12:02उन्हीं शर्तों की कुछ लाइनों से ऐसी गलत फहमी पैदा हुई
12:06कि इरान स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज को अपनी बपौती समझने लगा
12:09और अमेरिका को ये समझ नहीं आया कि आखर अग्रीमेंट की इस बात पर उनका ध्यान कैसे नहीं गया
12:15अब अमेरिका फंस गया है
12:17ट्रॉम्प एंट टीम की इस क्लेरिकल मिस्टेक और भाशाई समझने
12:21स्ट्रेट ओफ ओफॉर्मूज को पुरुक शेत्र का मैदान बना दिया है
12:24अग्रीमेंट की इस कमी का पता अमेरिका को तब चला
12:26जब एरान ने स्ट्रेट ओफ ओफॉर्मूज से गुजरने वाले जहाजों को अनुमती लेने के लिए कहा
12:31इरान ने सभी जहाजों को अपने बताए समुद्री क्षेतर से गुजरने का दबाव डाला
12:37और माना जा रहा है कि ऐसा करने वाले जहाजों से टोल वसूली होती
12:426 जुलाई को तीन जहाजों ने एरान से बात किये बगएर दक्षणी हिस्से से गुजरने की कोशिश की थी
12:48जिस पर एरान ने हमला कर दिया था
12:51इसी के जवाब में 7 और 8 जुलाई को अमेरिका ने एरान पर बड़े हमले किये और सीजफायर को रद
12:56कर दिया था
12:57अब सवाल यह है कि एरान सीजफायर के बावजूद स्ट्रेट और फॉर्मोज से गुजरने वाले जहाजों पर हमले क्यों कर
13:03रहा है
13:04M.O.E.U. के हिसाब से तो स्ट्रेट और फॉर्मोज से सभी जहाजों की आवजाही फ्री होनी थी
13:09दरसल 17 जून को जो M.O.E.U. साइन किया गया था उसमें एक पेच था
13:13वो पेच यह था कि स्ट्रेट और फॉर्मोज पर नियंतरन को लेकर साफ साफ कुछ नहीं कहा गया था
13:20उसमें जो बातें कहीं गई थी उसे समझने में अमेरिका ने गलती कर दी और हस्ताक्षर कर दिये
13:26इस चूक के बारे में कई एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी थी लेकिन किसी ने उस पर ध्यान नहीं दिया
13:33एक्सपर्ट्स ने कहा था कि MOU का पांचमा पॉइंट जिसमें स्ट्रेट ओफ हॉर्मोज के नियंतरन को लेकर शर्ते लिखी गई
13:38है
13:38उसकी भाषा युद्ध जैसी खतरनाक स्थिती तक ले जा सकती है
13:43इसमें लिखा था कि Islamic Republic of Iran जहाजूं के लिए अपनी पूरी क्षमता से फारस की खाड़ी से ओमान
13:51की खाड़ी तक और वहां से वापस आने जाने का सुरक्षित रास्ता बनाने का इंतिजाम करेगा
13:59पारग्राफ की इस लाइन से ये संदेश जा रहा था कि इरान ही इस पूरे क्षेतर की आवाजाही को अपने
14:05नियंत्रण में रखेगा
14:07इरान ने भी MOU के इस पॉइंट को इसी तरह से समझा कि स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज का पूरा नियंत्रण एक
14:12तरह से उसे मिल गया है
14:13अमेरिका को ये तब समझ में आया जब इरान ने जहाज उपर हमले करने शुरू कर दिया
14:18इरान ने अमेरिकी दखल को MOU का उलंगन माना उनके मताबिक हॉर्मूज की सारी आवाजाही
14:24इरान से नियंत्रण होनी थी इरान को भी उद्ध के बाद एक बात समझ में आ गई थी कि स्ट्रेट
14:29ओफ हॉर्मूज पर नियंत्रण उसके लिए बहुत ज़रूरी है
14:48फबकरण वब कि इस आवे नहीं ये ए जिन बाट जथ के में ज़ बाबदी ए डैप में बाटे एकर
14:54दねव हुरूए नहीं ही कर जा उाख बादी में ज़करवाख अव नहीं को है क episल क्यी हा तेश्ता है
15:01are very wealthy, they're on our side
15:03and we can't be expected to do that
15:05for nothing unlike we had for many years
15:07you know, we guarded the strait
15:09for 50 years more
15:11and we never got paid for it
15:13they made all the money and the United States
15:15was just, you know, not
15:17they wouldn't, it's amazing
15:19it's, we never made
15:21we guarded it for nothing
15:22and now we're gonna guard it and we're gonna get paid
15:25for guarding it, a lot of money
15:26now, we're gonna go
15:56type, jawab, dae tye,
15:58to say, state of haremuzz pere
16:00iran ka kojy niantran nahi hai
16:01aur yye antarashirya samudri marg hai
16:03joh sab ke liye khula hai
16:09पहले दीगई
16:10चिताबनियों के बाद
16:11हम spas tuis
16:12गोष्णा करते हैं
16:13कि हम किसी भी परिसिती में
16:14Amerika को state of haremuzz
16:16के संचालन
16:17या niantran में
16:18हस्तक shape करने की
16:19अनुमती नहीं देंगे
16:20इस्लामी गन्राजे और इरान की सशस्त्र सेनाएं इरान दोरा निर्धारित मार्च से बाहर
16:25और हमारी अनुमती के बिना चलने वाले अमरीकी सेने जहाजों दोरा
16:29कमर्शल जहाजों और तेल टैंकरों की आवाजाही में किसी भी तरह के हस्तक शेप का कड़ा जवाब देंगी
16:34हाल ही के दिनों में आयार जीसी और इरानी सेनाद दोरा की गई सेने कारवाईयां इस बात का प्रमार है
16:46अब समस्या ये है कि कंटेनर जहाज जो कच्चा तेल एल पी जी या एल एन जी लेने के लिए
16:52स्ट्रेट और फ़र्मोस से जाने के लिए
16:53खड़े हैं उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि परमिशन लेनी है या नहीं लेनी है अगर लेनी है तो
16:58किस से लेनी है
16:59अमेरिकी से न से या इरान से कुल मिलाकर दुनिया इन दोनों देशों की लड़ाई में पिस रही है
17:05पिछले करीब 60 वर्षों से दुनिया भर के जहाज इस समुद्री मार्क का इस्तमाल फ्री में कर रहे है
17:10साल 1968 में इरान ने समुद्री मार्ग को बनाने में यूएन की मदद की थी
17:15और किसी तरह का नियंत्रन करने की कोशिश या बाते नहीं की थी
17:19जबकि ये रूट इरान के समुद्री क्षेतर से होकर गुजरता है
17:2328 फरवरी को शुरू हुई अमेरिका इरान युद्ध के पहले
17:26दुनिया को करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का व्यापार इसी समुद्री मार्ग से होता रहा
17:32और तब सालाना 50,000 से ज्यादा जहाजूं की आवजाही यहां से होती थी
17:37स्ट्रेट फॉर्मूस का उत्री किनारा इरान से लगता है और दक्षणी किनारा ओमान से लगता है
17:441960 से पहले दोनों देशों का समुद्री क्षेतर केवल 3 नौटकल माईल यानि करीब 5,5 किलोमीटर तक ही माना
17:54जाता था
17:57समुद्री कानूनों में बदलाव के बाद 1969 में इरान ने और 1972 में ओमान ने अपनी अपनी समुद्री सीमा को
18:07करीब 22-22 किलोमीटर तक कर लिया
18:10इस फैसले के बाद स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज का सबसे संक्रा हिस्सा जहां दोनों देशों की बीच की दूरी सबसे कम
18:16थी वो क्षेतर उनके हिस्से में आ गया
18:20समुद्री आवा जाही के लिए बीच में एक ट्रांजिट लेन बनाये गया जो करीब 3,5 किलोमीटर का था
18:40इसे अंतराश्च्रे समुद्री मार्ग के तौर पर देखता है और इस पर किसी का नियंतरण नहीं चाहता
18:45अब दरसल स्थिती ये बन गई है कि इरान ने जहाजों को हॉर्मूज से गुजारने के लिए एक नया रूट
18:51बना दिया है
18:51जो उसके समुद्री क्षेतर से केश्मा आइलेंड के पास से होकर जाता है
18:56इसे आप उत्तरी मार्ग कह सकते है
18:59इरान चाहता है कि सभी जहाज उसकी अनुमती और उसकी निगरानी में इसी रूट का इस्तमाल करें
19:06ऐसा हुआ तो कल को इरान यहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूली कर सकता है
19:12पारंपरिक रूट इरान के बताए रूट से हट कर था
19:16ये ओमान और इरान दोनों के समुद्री मार्ग में पढ़ता था
19:20युद्ध में इरान ने इस रूट पर नाके बंदी कर दी थी और हमले करता था
19:26लेकिन सीज फायर के बाद अमेरिकी सेना ने एक नया दक्षनी रूट बनाया
19:30जो उमान के समुद्री क्षेतर से होकर गुजरता था
19:33अमेरिकी सेना यहां से जाने वाले जहाजों को सुरक्षा देती थी
19:36लेकिन इरान ने इस क्षेतर से गुजरने वाले जहाजों पर भी हमले शुरू कर दिया
19:417 जुलाई से 13 जुलाई के बीच एरान ने 6 जहाजों पर हमले किये
19:46जिसमें 5 जहाजों पर जो हमले हुए वो उमान के सीमा से लगते हुए इसी इलाके में किये गए
19:52यानि एक तरह से देखा जाए तो इरान हॉर्मूज क्षेतर में अपनी सीमा से लेकर ओमान की सीमा तक हर
20:00जहाज पर हमले कर रहा है
20:03इरान के साथ युद्ध का दूसरा राउंड शुरू होने की एक वज़े डॉनल्ल ट्रम्प को मारने की साज़िश भी है
20:10इस्रेल ने हाल ही में अमेरिका को बताया था कि डॉनल्ल ट्रम्प को मारने की साज़िश हो रही है
20:14और डॉनल्ल ट्रम्प ने भी ये बात स्विकार की थी कि वो इरान की हिटलिस्ट में टॉक पर है
20:19डॉनल्ल ट्रंप ने मुसाद से मिलीज जानकारी को चेतावनी की तरह लिया
20:23और खबर आ रही है कि उन्होंने अमेरिकी सेना को पहले से ही निर्देश दिये हुए है
20:27कि अगर उनकी हत्या होती है तो ऐसी सिती में दुश्मन पर ऐसा हमला किया जाए
20:31जो उसने पहले कभी नहीं देखा
20:32Truth Social पर उन्होंने लिखा कि इरान ने उन्हें मारने या उनकी हत्या की कोशिश की धमकी दी है
20:40उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने एक हजार मिसाइलें पहले से तैयार की हुई है
20:45और सब के निशाने पर इरान है
20:48उन्होंने कहा कि अगर इरान उनकी हत्या करवाता है
20:50तो उसके बाद हजारों और मिसाइलें तुरंत उन पर दागी जाएंगे
20:54यानि डॉनल्ड ट्रम्प ने हत्या की स्थिती में इरान के बरबादी का आदेश पहले से ही दे दिया है
20:59लेकिन सक्चाई ये है कि अमेरिकी सरकार के पास ऐसा कोई डेड मान स्विच जैसी विवस्था नहीं है
21:05जिसमें राश्रुपती की मौत के बाद तुरंत जवाबी हमला हो जाता हो
21:09नियमों के हिसाब से देखें तो ऐसी सिती में अमेरिका के सम्विधान के 25 संशोधन की धारा एक और 1947
21:18के Presidential Succession Act के तहट सत्ता तुरंत उप राश्रुपती को मिल जाती है
21:24यानि ट्रंप के न रहने पर उप राश्रुपती जेडी वांस तुरंत राश्रुपती बन जाएंगे और अमेरिकी सेना के कमांडर इन
21:32चीफ बन जाएंगे
21:33और इसके बाद वो इरान के खिलाब किसी भी जवाबी कार्रवाई का फैसला कर सकेंगे
21:38अमेरिका में परमाणूं हमला या किसी बड़ी राश्रे आपदा की स्थिती में सरकार चलाय रखने की विवस्थाएं हैं
21:45लेकिन राश्रुपती की मौत के बाद अपने आप जवाबी हमला शुरू करने का कोई प्रावधान नहीं है
21:50और इसके लिए राश्रुपती पहले से आदेश भी पारित नहीं कर सकता
21:55अमेरिकी खुफिया अदिकारी इस बाद से इंकार नहीं कर रहे है कि डॉनल्ड ट्रम्प पर हमले का खत्रा है
22:00मुसाद की खुफिया जानकारी और इरान में किल ट्रम्प जैसे पोस्टर्स ने उनकी चिंताएं बढ़ा दी है
22:07दरसल डॉनल्ड ट्रम्प पर साल 2024 में चुनाव अभियान के दौरान दो बार हत्या की कोशिश हो चुकी
22:13इसके बाद इसी साल 25 अप्रेल में वाइट हाउस में डिनर प्रोग्राम में एक हथियार बंद आदमी ने फाइरिंग कर
22:19दी थी
22:19उस वक्त मंच पर डॉनल्ड ट्रम्प भी मौझूद थे
22:21लेकिन सुरक्षा बलो ने उन्हें तुरंट वहां से बचा कर निकाल लिया था
22:25डॉनल्ड ट्रम्प पर खत्रा मुझतबा खामेनई के एक बयान के बाद और बढ़ गया है
22:29इरान के सुप्रीम लीडर मुझतबा खामेनई का एक बयान आया
22:34जिसमें उन्हें कहा कि इरान की जनता उनके पिता अली खामेनई की हत्या का बदला लेना जारी रखेगी
22:40और बदला लेना जनता की इच्छा है और इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा
22:45ये बयान आयातुल्ला अली खामेनई के अंतिम क्रिया के दौरान आया था
22:52और अब ये भी बताय जा रहा है कि अगले हफते मुझतबा खामनेई पहली बार दुनिया के सामने आने वाले
22:5828 फरवरी को हुए हमले में घायल होने के बाद से किसी ने मुझतबा खामनेई को नहीं देखा था
23:04अगले हफते मशहद में अली खामनेई की याद में एक कारिकरम होने वाला है और ये माना जा रहा है
23:10कि अयतुल्ला मुझतबा खामनेई इस कारिकरम में शिरकत करेंगे
23:15दुनिया ऐसा मान रही थी कि एरान और अमेरिका किसी नतीजे पर पहुँच रहे हैं
23:19लेकिन पिछले तीन चार दिनों में जो हमले हुए हैं
23:22उसे देखकर लगता है कि शांती बहाली केवल शब्दू का खेल था
23:25हमने एरान और अमेरिका के तेवर और ट्रम्प की हत्या से जुड़ी खुफिया जानकारी को लेकर
23:31इस्रेल के राजदूर रुवैन अजार से बात की
23:37जानकारी को बात की है
24:04कि अजाज को लाज़ इंड को इस्रेवर रूमारी झालाई इस्रेभार क्या है
24:10इसनग से बात क्यान फुछर्वज इस से डिए हैं
24:13कि अभून रच्छी खान गज़ा इसे दूट्र नवच्ति अजा इसमें
24:32between the IRGC and the government of Iran
24:35and the government of Iran is negotiating
24:37for peace with the United States
24:39but IRGC is actually controlling how they respond?
24:44Absolutely.
24:45This is the situation.
24:47And, you know, when Khamenei was there
24:51he was the most extreme leader
24:53but he had everybody under his control.
24:56Right now we have a situation
24:57in which the revolutionary guards
25:00are trying to prove that they are in control of the country
25:04they are trying to intimidate the Gulf countries
25:07but you see that at the end of the day
25:10they are intimidated
25:11and if they decide they want to attack again Israel
25:14we are going to retaliate with full force.
25:17They know now that they are completely exposed.
25:20So I hope that they don't make that mistake again.
25:23Israel doesn't have any interest whatsoever
25:25to renew the war.
25:26But there is a distinct threat to Donald Trump
25:29as there were reports that the Mossad had also said
25:32that probably top of the list.
25:38Well, we've seen already two attempts
25:40on the life of President Trump
25:41even before he got elected.
25:44You know, this guy...
25:47So it's not just after the Iran war?
25:49You're saying even before that he was...
25:50Absolutely.
25:51Absolutely.
25:52We've seen it.
25:52It was out in the news.
25:53There were attempts on his life
25:56including one attempt in Mar-a-Lago
25:58that was initiated by an Iranian cell.
26:01So this is not new.
26:03The only thing that is happening now
26:05as I said that the propaganda war
26:06coming from Iran
26:08has been pumped up
26:10in the context of the burial ceremony
26:13of the so-called Supreme Leader
26:15because they want to create motivation
26:20within their own ranks
26:22against...
26:23you know,
26:23for the continuation of the war.
26:24But I think that even inside Iran
26:26people are sick and tired of this.
26:27I don't know.
26:56इरान की सांकीतिक जीत बताया है
26:59हम आपको इरानी अख़बार की एक हेडलाइन दिखाते है
27:02इरान की अख़बार वतने इम्रूज ने लिंजे ग्राहम की मौत पर हेडलाइन लिखी है
27:07मौत के सौदागर की मौत
27:09अखबार ने अपने आर्टिकल में लिखा है कि लिंसी ग्राहम इरान विरोधी अमेरिकी नीतियों के पक्षधर थे
27:16और वो इरान की इसलामिक रिजीम को हटाना चाहते थे
27:19इसी तरह केहान नाम के एक इरानी अखबार ने आर्टिकल के साथ जनता के विरोध प्रदर्शनों की एक फोटो लगाई
27:26जिसमें लिंसी ग्राहम और डॉनल्ड ट्रम्प समेथ कई नेताओं की तस्वीरें है
27:31खास बात यह है कि इसमें इन तस्वीरों पर गन शोट क्रॉस का निशान है
27:35और इसमें भी लिंसी ग्राहम की तस्वीर पर खास तोर से हाईलाइट किया गया है
27:40इसकी हेडलाइन है इरान ने अपना लक्ष हासिल कर लिया युद्ध का नया दौर शुरू
27:46इसी तरह कि हेडलाइन की वज़े से लिंसी ग्राहम की मौत को हत्या के तोर पर देखा जा रहा है
27:50और इसकी साजिश के सूत्रधारों में इरान का नाम लिया जा रहा है
27:54लिंसी ग्राहम को रूस का भी सबसे बड़ा आलूचक माना जाता है
27:59वो चाहते थे कि युक्रेन और रूस का युद्ध लगातार चलता रहे ताकि रूस कमजोर होता जाए
28:0510 जुलाई को वो कीव की आधिकारिक यात्रा से लोटे थे और 11 जुलाई को ही वाशिंटन डीसी में उनकी
28:13मौत हो गई
28:14शुरुवाती जाच में पता चला कि दिल की बीमारी से पीड़त लिंसी ग्राम की मौत की वज़े
28:20एयोर्टिक डिसेक्शन यानि महा धमनी की भीतरी परत का फटने की वज़े से यह हुआ है
28:27लेकिन अभी उनकी मेडिकल जाच रिपोर्ट आनी बाकी है
28:31रूस पर शक इसी लिए है क्योंकि लिंसी ग्राम रूस विरोधी थे और यूक्रेन का समर्थन कर रहे थे
28:37यूक्रेन यात्रा के दौरान लिंसी ग्राम ने वोलोदुमीर जेलंस्की से भी मुलाकात की थी
28:42एक ड्रोन फाक्टरी का दौरा किया था
28:44ये सब को पता है कि यूक्रेन के ड्रोन्स ने रूस की सेना को परिशान करके रखा हुआ है
28:49जिस ड्रोन फाक्टरी में लिंसी ग्राम ने दौरा किया था
28:54उसे रूस ने कुछ घंटों बाद हमला उस पर कर दिया
28:58और इसकी कुछी घंटों बाद लिंसी ग्राम की मौद की खबर भी आ गई
29:02इनी वजहों से रूस को अमेरिकी सेनेटर की मौद से जोड़ कर देखा जा रहा है
29:09भारत अपना मिशन सैयुक तराष्ट्र सुरक्षा परिशद लॉंच करने जा रहा है
29:132008-29 के लिए एशिया पसिफिक ग्रूप से सुरक्षा परिशद के अस्थाई सदस्य के तौर पर भारत अपनी दावेदारी सामने
29:21रखने वाला है
29:23हाश्टाग इंडिया for UNSC 2028-29 पीस प्लानेट प्रोग्रस ये भारत की दावेदारी की थीम है
29:30विदेश मंत्री स. जैशंकर न्यूयोक के समय के अनुसार सुमवार दोपहर संयुक्त राष्ट हेड़कॉर्टर में महासचेव अंटोनियो गुटरेस से मिलने
29:40वाले है
29:40भारत इससे पहले आठ बार UNSC का अस्थाई सदसे रह चुका है
29:57मौजूदा वैश्मिक परिस्थितियों में UNSC में भारत की ये दावेदारी बहुत एहम है
30:012021-22 में जब भारत UNSC का अस्थाई सदसे था तब कोविड काल का साया था और अब इरान-अमेरिका
30:08युद्ध, रूस-युक्रेन युद्ध, गाजा-संघर्ष जैसी परिस्थितिया है
30:12UNSC की अस्थाई सदसेता के लिए भारत का मुकाबला अब तजाकिस्तान से होने वाला है
30:18जिसके लिए 2027 में UN के 82 सत्र में चुनाओ होंगे
30:23अगर इस वोटिंग में UN के सभी 193 सदस्य देश मौजूद रहे तो जीत के लिए 129 वोटों की जरूरत
30:30पड़ेगी
30:322020 में 2021-22 की भारत की अस्थाई सदस्यता के समर्थन में 184 वोट पड़े थे
30:38तजाकिस्तान को 57 देशों के ब्लॉक OIC यानि Organization of Islamic Cooperation का समर्थन है
30:46इसलिए ये भारत की बड़ी कूपनीते कोशिशों में से एक माना जा रहा है
30:51भारत 2029 की UNSC की अस्थाई सदस्यता की दावेदारी कर रहा है
30:57लेकिन भारत लंबे समय से सुरक्षा परिशद के विस्तार और सुधार की मांग करने वाले देशों में है
31:02भारत में हमेशा यावाज उठाई है
31:05पांच स्थाई और दस अस्थाई सदस्यों वाला मौजूदा UNSC 21 सदी में दुनिया की उम्मीदों को पूरा करने के लिए
31:12परियाप नहीं है
31:14UNSC में भारत की स्थाई सदस्यता का दुनिया के कई देश समर्थन कर चुके हैं
31:20इसमें पर्मिनेंट मेंबर अमेरिका, फ्रांस, बृतन और रूस शामिल है
31:24लेकिन भारत की स्थाई सदस्यता पर चीन का अडंगा लगता रहा है
31:28चीन ने कई बार पाकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ आए प्रस्तावों पर अपने वीटो पावर का इस्तमाल कर उसे बचाया
31:34है
31:34बात सिर्फ पाकिस्तान की नहीं है
31:36दुनिया की सबसे बड़ी आबादी और सबसे बड़े लोगतंतर वाले देश
31:40भारत को UNSC की स्थाई सदस्ता न मिलना अन्याए है
31:45भारत आज आर्थिक सेनिय और हूट नीती का बड़ा खिलाडी है
31:49लेकिन दुनिया के सबसे बड़े मंच पर भारत को UNSC में स्थाई प्रतिनिधित्व नहीं है
31:56पिछले हफ्ते इंडोनेशिया के संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा था कि भारत जैसे विकास शील देश अब
32:03वैश्विक मामलों में बराबरी की भूमेका की मांग करते हैं
32:09आज ग्लोबल ऑडर तेजी से बदल रहा है और ऐसे में हम जैसे विकास्विल देश सबान भागीदारी और अपनी बड़ी
32:26भूमी का मांग रहे हैं
32:28इस वैश्विक परिद्रेश में भारत का स्पस्थ मानना है
32:36UN Security Council में रिफार्म को और टाला नहीं जा सकता
32:48जिस वियतनाम को भारत के परिटक उसकी खुबसूरती शांत समुंदर और बजट फ्रेंडली विकेशन की वज़े से अपने लिए जन्नत
32:56भान रहे थे
32:56उस वियतनाम के फुकुओक ड्वीप से 11 जुलाई की एक ऐसी खबर आई जिसने पूरे देश को जग जोर दिया
33:0432 भारतियों को लेकर जा रही एक स्पीड बोट समुंदर की लहरों की बीच पलट गई और इनमें से 15
33:10लोगों की डूमने के कारण मौत हो गई
33:12ये घटना शनिवार की है जब दोपहर बाद एक स्पीड बोट 32 भारतिय परियटकों और वियतनाम के चार क्रू मेंबर्स
33:20को लेकर रवाना हुई
33:21सभी लोग एक स्मार्टफोन कंपनी के सफल डीलर्स, डिस्ट्रिब्यूटर्स और रीटेल पार्टनर्स थे
33:26जो तमिलनाड, आंधर प्रदेश और केरल जैसे राज्यों से एक कॉर्परेट ट्रिप पर आये थे
33:31इस दोरान ये सभी लोग वियतनाम के इस मशूर और खूब सूरत फूकुओक द्वीप से बोट में रवाना हुए
33:39लेकिन किनारे से सिर्फ 400 मीटर की दूरी पर समुंदर की एक ताकतवर लहर ने इस बोट से टकरा कर
33:49इस बोट को पलट दिया
33:50इस बोट से के करीब चल रही दूसरी बोट में मौझूद नाविकों ने इने बचाने की कोशिश की
33:56लेकिन सब कुछ इतनी जल्दी हुआ कि संभलने का किसी को मौका नहीं मिला
33:59इस घटना में तेरा पुरुश और दो महिलाओं की मौत हो गई
34:02और इस तरह एक इंसेंटिव ट्रिप और एक काम्याब बिजनस का ही नाम
34:07पंदरा भारतिय परिवारों के लिए कभी न खत्म होने वाला मातम बन गया
34:12तमिलाड के पलानी के रहने वाले 44 साल के मुरुगा प्रभू भी एक मुबाइल कंपनी के ऑथराइज डिस्टिब्यूटर थे
34:19टागेट अचीव करने की खुशी में कंपनी ने उन्हें इस ट्रिप पर भीजा था
34:24धर्मपूरी के बिजनसमैन सेंथिल कुमार भी एक मुबाइल कंपनी के इसी तरह के प्रोग्राम का हिस्सा बन कर गए थे
34:30किसे पदा था कि बिजनस की ये काम्याबी जिंदगी के आखरी सफर में बदल जाएगी
34:36यहादसा सिर्फ एक प्राकृते का आपदा नहीं बलकि इसके पीछे इंसानी लापरवाही और सिस्टम की बड़ी चूप मीं सामने आ
34:43रही है
34:43वियतनाम की पुलिस ने 57 साल के बोट के कैप्टन गोएन होंग हाई को गिरफतार कर लिया है
34:49और उस पर वाटरवे ट्रांस्पोर्टेशन सेफ्टी रूल्स के उलंगन का अपराधिक मामला दर्ज किया है
34:54जुलाई का महीना साउथ इस्ट एशा में भयंकर मौनसून और अच्चानक उठने वाले थंडर स्टॉम्स के लिए जाना जाता है
35:02मौनसून की वज़े से इस खेतर में लगातार बारिश, आंधी, तूफान जैसी परस्थितियां बन रही है
35:09ऐसे में मौनसून के सीजन में इधर ट्रिप करना बिल्कुल भी ठीक नहीं माना जा सकता
35:15चश्मदीदों के अनुसार समुंदर में लहरें तेज थी, इसके बावजूद स्पीड बोट को समुंदर में उतारा गया
35:21स्थानिय प्रशासन ने फिलहाल कुछ खास इलाकों में सभी स्पीड बोट ट्रिप को सस्पेंड कर दिया है
35:27लेकिन सुरक्षा का ये खयाल हादसे के बाद आया
36:14साथ ही एक और सवाल उठ रहा है कि आखिर वियतना मचानक भारतियों के लिए इतना बड़ा
36:19विकेशन हब क्यों बन गया चाहे वो फैमिली विकेशन हो या कंपनियों के टागेट पूरा करने पर मिलने वाला दीलर
36:25इंसेंटिव प्रोग्राम
36:26आजकल बड़ी संख्या में लोग थाइलंड मलेशा की जगे वियतनाम को चुन रहे है
36:30इसकी पहली और बड़ी वज़े है वियतनाम की समुद्र किनारे वाली ट्रिप का बजट फ्रेंडली होना
36:35भारत के किसी बड़े शहर से गोवा या केरल जाने और वहां रहने का जो खर्च आता है
36:40उतने ही बजट में वियतनाम का इंटरनाशनल ट्रिप हो जाता है
36:44दूसरी तरफ थाइलंड या मलेशिया के मुकाबले वियतनाम का टूर 20-30 प्रतिशत सस्ता पड़ता है
36:50भारती एरुपया वियतनामी डॉंग के सामने मजबूत स्थिती में है
36:54जिससे वहां जाकर खर्च करना जेब पर भारी नहीं पड़ता
36:59दूसरी वज़े है वीजा की आसान प्रक्रिया और डारिक्ट फ्लाइट्स
37:02पिछले कुछ सालों में भारत के प्रमुक शहरों जैसे दिल्ली या मुंबई से
37:06वियतनाम के लिए सीधी उड़ाने शुरू हुई और वहां के लिए
37:10ई-वीजा की प्रक्रिया बहदा आसान हो गई
37:13इस आइलन को वियतनाम का फुकेट कहा जाता है
37:16यहां के कोरल रीफ और आइलन्ड हॉपिंग यानि एक द्वीब से दूसरे द्वीब
37:20जाने की प्रक्रिया युवाओं और कॉर्परेट ग्रूप्स को बहुत आकर्शित करती है
37:25इन्ही सब वजहों से लोग वियतनाम जाना पसंद कर रहे हैं
37:29सोचे आप देश के किसी इंटरनाशनल एपोर्ट पर जाते हैं
37:33आपकी तीन स्तरिये सुरक्षा जाच होती है
37:50प्रेहद उदार और अनुखा मॉडल दश्कूं से चल रहा था
37:53हवाई अड़ी की दिवार पर लगी घंटी बजाओ आधार या कोई भी पहचान पत्र दिखाओ
37:59CISF की सरकारी बस में बैटो और सीधे एपोर्ट परिसर में बनी मस्जिद में नमाज पढ़ने चले जाओ
38:05यह कहानी है कोलकाता के नेता जी सुभाष चंदर बोस इंटरनाशनल एपोर्ट की
38:08जहां हाई सेक्योरिटी रनवे से केवल 165 मीटर की दूरी पर बनी
38:13बांकड़ा मस्जिद में नमाज के नाम पर सालों से सुरक्षा के साथ ऐसा अनुखा प्रयोग चल रहा था
38:20जो दुनिया की किसी भी देश में अकल्पनी है
38:23सोचिए यह भारत का छठा सबसे व्यस्त हवाई अड़ा है
38:27जहां हर साल दो करूर साथ लाक याथरी सफर करते हैं
38:30जहां 49, घरेलू और 15 अंतराश्ट्य उडाने दिन रात आस्मान नापती है
38:35लेकिन इसी एपोर्ट की दीवार के एक कोने में एक ऐसी व्यवस्ता चल रही थी
38:41जहां पर इस तरीके से एपोर्ट से बिलकुल लगते हुए एक मस्जिद थे
38:52अब सवाल उठता है कि आज तक किसी ने इस पर उंगली क्यों नहीं उठाई
38:55क्या इस देश में सुरक्षा से बड़ा वोट बैंक हो गया था
38:59जब भी सुरक्षा की बात आती तो दलील दी जाती कि ये मस्जिद
39:02सौ साल से भी ज्यादा पुरानी है दूसरी तरफ इस एपोर्ट की कहानी
39:061900 के दशक की शुरुआत में कलकत्ता एरोड्रोम के रूप में शुरू हुई थी
39:1221 दिसंबर 1924 को इसे दमदम एपोर्ट का नाम मिला
39:161900 के दशक में एरोड्रोम का मतलब कोई आलिशान टर्मिनल नहीं
39:20बलकि ब्रिटिश शासन का एक खाली समतल मैदान था
39:24यानि कानूनी और रणनीतिक रूप से ये जमीन सबा सौ साल से
39:28विमानन और देश की सुरक्षा से जुड़ी है
39:31और जब ये एपोर्ट परिसर में है तो कोई सवाल ही नहीं खड़ा होता
39:36फिर भी दशकों तक पिछली सरकारों ने तुष्टी करण के चश्मेंस से
39:40इस खत्रे को देखा
39:41सुरक्षा में इतनी बड़ी चूप को धार्मिक आस्था का लेबल लगा कर ढखा गया
39:45रन्वे की नियम कहते हैं कि किसी भी धाचे की दूरी रन्वे से कम से कम
39:49240 मीटर होनी चाहिए लेकिन इस मस्जिद की वज़े से
39:52एइपोर्ट के सेकेंडरी रन्वे को 88 मीटर चोटा करना पड़ा
39:56यानि देश के सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजभी दावों के आगे चोटा कर दिया गया
40:01सुरक्षा पर मंडराते इसी खत्रे को देखते हुए आखिर कार कड़ा फैसला लिया गया
40:05शनिवार से इस मस्जिद में बाहरी लोगों के प्रवेश और पास जारी करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई
40:12और इस धाचे को एइपोर्ट परिसर से बाहर शिफ्ट करने की कवायद शुरू हुए
40:17लेकिन जैसे ही राश्रे सुरक्षा की वज़े से ये फैसला लिया गया जमियत उले माए हिंद के प्रदेश अध्यक्ष और
40:22पूर्व मंतरी सिदिकुल्ला चौधरी ने
40:24धमकी भरा रुख अख्तियार कर लिया उन्होंने कहा कि बातचीत का रास्ता खुला है लेकिन अगर जबरदस्ती मस्जिद ली गई
40:31तो मुसल्मानों में प्रतिक्रिया होना स्वभाविक है
40:34देश के इंटरनाशनल रेपोर्ट के रनवे पर जहां प्रधान मंतरी से लेकर विदेशी महमानों के विमान उतरते हैं
40:40वहां सुरक्षा के नियम लागू करने पर प्रतिक्रिया की धमकी दी जा रही है
40:44क्या धार्मिक दावे और कही सुनी बातें सुरक्षा से राश्ट्र से उपर हो गई
41:02यह जो गेट है इस गेट से आपको अंदर जाने की अनुमती दी जाती थी अब तक
41:09क्योंकि इसी गेट से कोलकाता एरपोर्ट के अंदर स्थिद जो मस्जिद है उस मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए लोग
41:15जाते थे
41:16और यह सबसे बड़ा मुद्दाब बन गया है क्योंकि अब एरपोर्ट अथार्ट के और से यह कहा गया है
41:20कि इस मस्जिद को यहां से हटाने की प्रक्या शुरू हो चुकी है
41:24चुके पिछले कई दशकों से जो ये 136 साल पुराना मस्जिद एरपोर्ट के अंदर है
41:32वो एरपोर्ट के सेगंडरी रन्वे से महस कुछ मीटर दूर है
41:36एक सो साथ मीटर दूर है और जिसके वज़े से बहुत बड़ी सिक्यूरिटी शुनौती बन चुकी है एरपोर्ट अथारिटी के
41:43लिए
41:50जो मस्जीद है यार को स्केंडर यह मस्जीद एरपोर्ट का सिक्यूरिटी का लेजेंसी एरिया में
41:58जहां पर बीमान कर्मी छोड़ कोई भी नहीं जा सकता है इवन प्रेसेंजर को भी बस पर जाना पड़ता है
42:07और प्रेसे नहीं जा सकते है और फिज़े फ्लाइप में चड़ जाना होता है
42:11यह नोट एलाओ टू मुव एरांग लिगी निहाब्डे सालों से प्रथा चल रहा है यहां नमाज करने जाते से
42:19जातियों निरापत्त आगे देखता है एई बिमान मंदर लोकेशन खुब गुर्तो पुन निरापत्तर खुब चीन, मंगलादेश, थब काचे
42:34तेरा अंतर जातिक बिमान मंदर एई खाने एई भाबे खुले राखा जाये ना
42:59अस्ट्रेलिया के मेलबन में 9 जुलाई 2026 को हुए प्रधान मंदरी नरेंदर मोदी के
43:04मेलबन मीट्स मोदी कारिकरम को लेकर सियासत गर्मा गई है
43:07दरसल मेलबन के मावल स्टेडियम में प्रधान मंतरी नरेंदर मोदी
43:11औस्ट्रेलिया के प्रधान मंतरी की मौझूदगी में एतिहासिक मेलबन मीट्स मोदी शो हुआ था
43:18कॉंग्रिस नेता पवन खेडा ने सोशल मीडिया पर इस कारिकरम से जुड़ा एक वीडियो पोस्ट किया
43:22और इस भीड को पेड और मेनुफाक्चरड बताते हुए तंज कसा
43:25इस पर कारिकरम आयुजित करने वाली संस्था दे कम्यूनिटी ओर्गनाइजर्ज ने कॉंग्रिस अध्यक्ष मलिकार जुन खडगे और राहुल गांदी को
43:32बेहत तल्ख और कड़ी चिठी लिखी है
43:36उन्होंने कहा कि इस यात्रा का खर्च न तो बीजेपी ने दिया ना भारत सरकार ने और नहीं ऑस्ट्रेलिया की
43:41सरकार ने
43:42हजारों प्रवासियों ने अपनी गाड़ी कमाई से अपनी जेब से टिकट और यात्रा का खर्च उठाया
43:47आयोजिकों ने राहूल गांधी और खडगे को लिखे पत्र में बहुत कड़े शब्दों का इस्तमाल किया
43:51और कहा कि इंडियन डायास्पुरा कोई राजनी तेक मोहरा नहीं है
43:55उन्हें भारत की किसी राजनी तेक पार्टी से निर्देश लेने की जरूरत नहीं है
43:59आयोजिकों ने कॉंग्रस को नसीहत देते हुए लिखा है कि आपको प्रधान मंतरी मोदी का विरोध करने
44:04बीजेपी की आलोचना करने और नीटियों पर सवाल उठाने का पूरा लोक तांत्रिक अधिकार है
44:09लेकिन अपने फायदे के लिए उन प्रवासियों को निशाना बनाना ठीक नहीं
44:12जो भारत उस्ट्रेलिया के बीच एक मजबूत कड़ी का काम कर रहे है
44:17कारिकरम के आयूजिकों ने कॉंग्रिस से कहा कि इस आयूजन से जुड़े वॉलिंटियर्स, आयूजिकों और आम प्रवासियों की इमानदारी पर
44:25सवाल उठाने के लिए कॉंग्रिस को बिना शर्त माफी मागने चाहिए
44:33कभी यूरोप की छुट्टियों का मतलब होता था ठंडा ठंडा कूल कूल मौसम का आनंद
44:38लेकिन जलवायू परिवर्तन ने यूरोप के मौसम को बुरी तरह अपनी चपेट में ले लिया है
44:43जून के आखिर में यूरोप में पड़ी गर्मी से 10,000 अतरिक्त मौतों का आधिकारिक आंकड़ा सामने आया है
44:51इनमें 9,000 से ज्यादा मौते 65 साल से उपर के लोगों के हुई है
44:56WHO और European Center for Disease Prevention and Control से समथित यूरो मौमो नाम के नेटवर्क ने मौतों का ये
45:05आंकड़ा रखा है
45:07यूरो मौमो के मुताबिक जलवायू परिवर्तन की वज़े से बार बार और बहुत भयंकर हीट वेव्स का सामना करना पड़ा
45:15है
45:15यूरोपीय देशों में 10,000 से ज्यादा मौतों का ये आंकड़ा 27 देशों से जुटाये गया है
45:22इन देशों में 22 से 28 जून के बीच फ्रांस, डृतन, स्पेन समेथ यूरोप के देशों में हीट वेव्स अपने
45:30चरम पर थी
45:30यूरोप में हुई मौतों पर हर देश का अलग-अलग आंकड़ा तो नहीं दिया है लेकिन फ्रांस और बेल्जिम में
45:37सबसे ज्यादा मौतों की बात कही है
45:40बेल्जिम के पब्लिक हेल्थ इंस्टिटूट के अनुसार हीट वेव्स से ये साल 2000 के बाद सबसे ज्यादा मौतों वाला साल
45:49है
45:50इन यूरोपीय देशों में अत्याधिक गर्मी से पहले के आठ हफतों में औसतन हर हफते 500 मौते हुई थी
45:57अत्याधिक गर्मी ने जून के आखरी हफते में फ्रांस, स्पेन, यूके में न सिर्फ बिजली की सप्लाई बाधित की बल्कि
46:05स्कूल जैसी जगों पर छुट्टी करनी पड़े थी
46:07यूरो मोमो से अलग एक अन्य रेपोर्ट में कहा गया है कि माई जून में इंग्लेंड और वेल्स में अत्याधिक
46:14गर्मी से 2700 लोगों की मौत हुई
46:17इनमें से 42 प्रतिशत मौतें जलवायू परिवर्तन से ग्लोबल वामिंग से पड़े असर की वज़े से हुई
46:39कि मत्स कर container तो कि अधाल झाल मैं कि अभी ऑ अन्य वज़े इन्य ओिक मि खब याउ चूमें
46:51फिस्टें से क dónde बिल्सार बाहता है
46:55कि मत्स कर container है dados कि टीज़ेकस थैविवे से 500 लोगभवे झाल जितलें से 12 स्टम
47:011 बल्सा�ił ये दितलीव
47:30झाल झाल
47:39तो आज के लिए ब्लाक इन वाइट में इतना ही
47:41अब आपसे हमारी अगली मुलाकात होगी कल रात 9 बजे
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