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  • 4 hours ago
'हिंदू राष्ट्र' वाले बयान के पीछे क्या है संदेश? बाबा रामदेव ने किया साफ, देखें

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00:00रामदेव का एक बयान अचानक से चर्चा के गेरे में आ गया विवाद भी उस पर उठ रहे हैं स्वामी
00:09रामदेव की तरफ से हिंदू राश्ट्र को लेकर और इसके साथ ही जो बाकी बातें कही गई हैं हम उनसे
00:14ही जानते हैं कि आखिर उनके कहने के पीछे कारण क्या रहा ह
00:19है इसका क्योंकि आम तोर पर जब भी हिंदू राश्ट्र को लेकर किसी तरह का कोई बयान आता है उसके
00:26इर्द गिर्द चर्चा जरूर होती है स्वामी रामदेव जी बहुत-बहुत स्वागत है आपका आज तक पर मैं सबसे पहले
00:33आप से पूछना चाहती हूं कि ये जो ह
00:49पीचे एक ही भावना है कि हम सब राश्ट में एकता के भाव से रहे हमारा समिधान भी हमें सीखाता
00:54है कि हम सैंटिफिक टेंप्रमेंट रखे राश्ट के एकता खंड़ता सब प्रोता को हम सर्वोपरी रखे हमारे लिए समिधान सर्वोपरी
01:02है हमारे लिए सत्य सर्वोपर
01:04परी है नयाय सर्वों परी है शक्षरीत्रता पवित्रता और राष्ट हित सब प्रकार से वह सर्वों परी है यह जो
01:12मजबी एजन्डी चलते रहते हैं वीच बीच में कुछ पोल्टिकल लोग कुछ रिलीजियस लोग इस देश में विभाजन करते रहे
01:20नजाती-पंथ-वर्�
01:25धार्मिक तोर पर वैचारिक तोर पर किसी भी प्रकार के विभाजन का पक्षदर नहीं तो हम सब के पुर्वज एक
01:31है इसमें कितना उंचा भाव आता है कि हम सब एक है एक अता का भाव और पुर्वजों के चरित्र
01:37से मैंने का अपने पुर्वजों के चरित्र जैसा अपन
01:53लोगों की प्रीती से, लोगों की समरस्ता से और लोगों के पुर्शार्थ से ये हिंदू राष्ट्र का गोरव प्रतिष्ठापी तो
02:05होगा और इसमें तो सबको गोरव हो रही चाहिए?
02:08स्वामी जी जो आपने कहा न कि चाहे कोई दाड़ी रखवाए या कटवाए, चाहे कोई भी लिबास पहने, उसका चरित्र
02:16उसके पूरवजों जैसा होना चाहिए, यहाँ पर पूरवजों से आपका संदर्ब क्या है? क्योंकि जब भी कोई ये कहता है
02:22न कि चाहे आप आज कि
02:24आसी भी धर्म के हो, आपके पूरवज एक ही है, सब इससे इतिफाक नहीं रखते हैं, सब इससे आमराय नहीं
02:29रखते हैं भारत में, आप तो, नहीं स्वेता जी, आप चीजे बदल रहे हैं, हमारे सब भारत के 99%
02:35मुसलमान कहते हैं, हम तो Converted मुसलमान हैं, इसका मतलब हमार
02:51में इसायत थी, 3000 साले पहले के इस देश में यहूदी मत था, तो क्या था, मानव था, और इस
02:58मानव धर्म को ही वेद में मनोर भवय जनयाद है, व्यम धर्म, हमारे पुर्वज जो साप्रतमा संस्कृतीर विशोवारा का जो
03:06इदेश है, तो अपनी पुर्वजों के प्रती क
03:08प्रतजयता का मतलग है, राम की मर्यादा, कृष्ण का योग और कर्मयोग, हनुमान की सेवा, और शिव का शिवत्व रुसमत्व,
03:16बुद्ध का बुद्धत्व और महवीर की अहिंसा, और भगवान गुरु नानक देवी जी की समत्व, सब में अपने पुर्वजों का
03:27जो स
03:28चरित्रता है, उनकी जो पवित्रता है, उसको हम जीवन में आत्मसाथ करते हैं तो, यह तो देश बहुत महान बनेगा,
03:34देश के वल आर्थिक द्रिष्टी से, राधनितिक द्रिष्टी से महान नहीं होता है, देश का चरित्र महान होना है, आज
03:39जिसरे से देश का बस्पन �
03:42और इसका योवन भटक रहा है देश भी जिससरे से अलगर प्रकार का डोग, अडमर, पाखन, अंद्विश्रास और एक दूसरी
03:48के प्रती मजभी तोर पर जो घ्रणा नफरत पनप रहा है उसका समाधान है तो कि जब हम समान रूप
03:54से अपने एक प्रवजों की संतान है और उ
04:10प्रकार से किसी के एक दूसरी के अधीनता वाला कोई भाव नहीं है एक दिवता वाला भाव है मेरी वहन
04:15श्वेता जी अपने अपने अपने अपने अपने तरफ से खरी खोटी सुना रहे हैं
04:39कह रहे हैं कि आप ये देश समविधान से चलता है आपका हिंदू राष्टर का मॉडल उन्हें समझ में नहीं
04:45आ रहा है
04:45अब देखो जो दुरबुधी राज लेता है या तो भगवान उनको सदबुधी दे या तो उनको भगवान सदगती प्रदान करें
04:54तो मैं कह रहा हूँ देश में समिधान सर्वो परी है लेकिन हमारा देश में समिधान यहीं हमें सिखाता है
05:02कि राष्ट सर्वो परी है और हमारा सनातन धर्मी हमें यहीं सिखाता है जननी जनम भूमी स्वर्गाद अपी गरी है
05:09ऐसी यह मावारत यह वालमी के रामयन भी हमें सिखाती है
05:13यह अदर वेध भी हम रहं है सिखााता है
05:14माता भूमे पुत्रहम प्रतिव्या है
05:28तो इसमें तो किसी भी प्रकार के कोई विरोधा भास bonito नहीं है
05:32तो मुझे लगता है यह जो थोड़ी अलक़बुध्धि वाले दुरबुध्धि वाले
05:37अभिवे की जो राजनेता हैं उनको थोड़ी एतिहासिक समझ, थोड़ी अपने बुद्धिक समझ को, अपने सांस्कृतिक विरासत को समझना चाहिए,
05:46खाली कुछ राजनेतिक पार्टिय बना लेने से, कुछ वोट मिल जाने से, कुछ MLE MPs आपके बन गए, उससे आप
05:54कोई म
06:05मुस्लिम जो है, वो आपसे बहुत ही प्रभावित भी हुए थे, आपके साथ हां में हां मिलाए थी, अब शिया
06:09धर्म गुरुवों ने भी आपका इस मुद्धे पर विरुद किया है, और EIMIM की तरफ से भी बयान आ रहा
06:14है, और उनकी तरफ से कहा जा रहा है कि, ये मुसल्
06:19सिर्फ अल्ला से डरता है, किसी हिंदू राष्ट्र की थियोरी से नहीं।
07:01एकटो का भाव क्यों ना रखो मिर भाई ये एकतों का भाव ही जिखाता եे हम
07:06सब रिश्रिष्काओं की संतान है
07:11अपने पूरवजों को लेकर कि कहां कन्फूजन है मेरी बहन से तजी बताओ
07:152009 में आपने देवबन जाने का जिक्र किया
07:19और मैंने वहाँ पर भी बात को कही थी
07:21कि हमारे मज़ा बाला वह उसे पूरवजा लग रही
07:23जो अपने तालियवजाएं थी एक सोर सी समर्थन किया था
07:26aur 2009 में आपकर करकर कदे सब अब यह साथ पुल्टिका फोल्राइजिसान जिनको नेता बना
07:38अपना वर्सतों कायम करना जिनको प्ल्राइजिशन करना है उनको वह सिर्फीवात करनी हो
07:44मुझे ना MLA बनना ना CM ना PM ना President
07:47ना मुझे कोई शंकराचारी बनना है
07:49ना मुझे कोई अपना राजनेतिक वर्चस्तो बनाना है
07:51ना मुझे कोई अपना मज़वी वर्चस्तो बनाना है
07:54मुझे तो भारत माता के प्रगती के लिए
07:57अपने जिबन के अहुते लगानी मर सबसे कहोगा
07:59राश्ट सर्वोपरी है
08:01समिधान सर्वोपरी है
08:02अपने परवजों का चरित्र सर्वोपरी है
08:04इसको मान करके सब आगे बढ़ेंगे
08:07तो कितना अच्छा होगा
08:08ये जाति वर्ग समुदायों के नाम पर
08:10मजबों के नाम पर आपस में
08:13ये जो घ्रणा है
08:14नफरत है एक दूसरी से दूरियां हेट है
08:16जाति पन्थों के बटवारे
08:20जूठ कहाए
08:22तेरे द्वारे
08:24तेरे लिए सब एक
08:26समान कोई
08:28नीचन कोई महान
08:30सब को सनमत
08:32दे भगवान
08:34सारा जग तेरी
08:36शन्तान
08:38चाहे एश और अल्ला तेरे नाम
08:40सब को सनमति दे भगवान
08:42रगुपति राघव
08:43राजा राम
08:46पतित पावन सीता राम
08:48तो राम
08:50और हनुमान
08:52कृष्णा और जितने भी गोतम
08:54करा जमनी पाड़े ने पतंजरी आदिया अपने
08:56महान पुर्वजों के अपने सब को समान लूप से क्यों ने घर बड़ा खना चाहिए मेरी बहान
08:59अब कुछ लोग सिर्फिरे हैं
09:02अब देकरी तो बहान दिया है
09:04कि भई ये सिर्फिरा
09:06पन बंद करो
09:07देश को आगे रखो समिधान को आगे रखो
09:10अपने चरित्र को इतना पवित्र
09:12बनाओ कि सारी दुनिया हम से सीखे
09:14कल भी मैंने बोला था फर दोरा रहा हूँ
09:16नहें कद्देश अप्रसूत अस्या
09:18सकासा अदक्र जन्मना हस्वाम सम
09:20चरित्र मिशिक्षे रण प्रसिव्याम सर्व मानवा
09:23भारत के महान होने से
09:25मतलब विक्सित भारत एक भारत शेष भारत
09:27दिव्य भव्य भारत का मतलब
09:28कि वरा अमरिका की तरह दूसरे देशों पर
09:30धोज जमाना युद्धत हो पना नहीं है
09:32भारत पॉल्टिकल कॉलिज़िज़िशन
09:34एकनोमिक कॉलनाइज़िशन का
09:35रिलिजिश कॉलनाइज़िशन का विरोधी वेश है
09:37हम तो यामनिज़ाब परोविती
09:39गणानाल बुचे इतसाम उधार चरीता नाम
09:41तो वसुद्धैव के उपासक हम
09:43दुनिया को एक बाजानिक परिवार मानते है
09:46यह इस वायान के पीछे का ताज़ पर रहे है
09:48और यही मने पूरे अपने रगबग
09:50आधा पोने घंटे का जो व्याख्यान है
09:53पूजिया हमारे जगदगुरू
09:55निश्चलान नजी महाराज पूरी पीट के जो
09:57शंकरजार है उनकी सन्निती में मने यही बात कही
09:59श्योता जी इसमा अपत्ती जनक बात क्या है वह आप मुझे बताओ
10:03मैं अपनी बात भी वापस लेने के लिए तैयार हो
10:05श्योता आपत्ती जनक है या नहीं
10:08यह तो जो लोग आपका विरोध कर रहे हैं
10:10और जो मुद्दे उठा रहे हैं उसके बीच सवाल तो मेरा यह है
10:14कि जहां पर एक धर्म के भीतर एकता नहीं आ रही है
10:17और हर धर्म में इस तरह की चीज़ें दिख रही है
10:20एक धर्म के भीतर एकता नहीं आ रही है
10:22आप कह रहे हैं कि सभी अपने धर्म के भेदभाव बुलाकर अपने पूरवजों को केवल भारतिये होने को और भारतिये
10:27संस्कृती को याद रख के आगे बढ़े हैं
10:29आपको लगता है कि आपके इस विचार को स्वीकार कोई भी करेगा आज
10:32क्यों नहीं करेंगे 99 प्रतिशक लोग करेंगे एक प्रतिशक जो सिर्फ ये लोग है उनको लोग ही समझा देंगे
10:40हमारे हाँ तो एकत्तोमन उपश्यता ओम सर्वं खलो इदम ब्रह्मा वास्वदेवा सर्वं सियाराम मैं सबजग जानी
10:47कि मुल प्रक्रती मूल संस्क्रती मूल पहचान ये हमारे देश की मूल विरासत है
10:52इसको कोई ना माने तो ये अपने पूर वजों के प्रतिक्रतज्यता होगि और मैंने भोला था फिर दोहारा है
10:58मेरे वहर श्वेता जी किसी को बुरा लगे तो लाख लगे जो अपने पुर्वजों के प्रतिक्रितागन है मैंने कहा तो
11:05अपने बाप का ने वह किसी का नहीं हो सकता है इसलिए अपने पुर्वजों के प्रतिक्रतज्यता रखो अपने पुर्वजों की
11:11जो महान शिक्षाए
11:12है महान आधर्श है सबनर करें परस पर प्रिती कलारी स्वधर्म निरत तश्रत नहीं थी राम राज्य के बारे में
11:20हिंदु राष्टर के बारे में कुछ छिछोरे लोगों ने कुछ हल्की बाते कहीं होगी मुझे लगता है इस बहाने हिंदु
11:30राष्टर से मतलब आर्ये वै�
11:42कॉर चीज में इसमें जोड़ लेना चाहती हूं क्योंकि कई सारे जो आपकी बयान पर रियाक्शन्स आ रहे हैं जो
11:50आम लोगों के उनमें ये भी सवाल सब उठा रहे हैं कि एक तरफ मतुरा में वहां पर कारसेवा की
11:59शुरुआत हो रही है और मुझे लगता है कि आप मंदिर
12:02को लेकर आप उसका समर्थन भी करते होंगे तो ऐसे में विद्वेश और एकता ये एक साथ कैसे आएंगे इस
12:13देश में कुछ मूलस थान है जैसे काशी विश्वनात है सब को पता है कि वहां युगों-युगों से भगवान
12:23शिव का वो पवित्र धाम है ज्यानवापी मस्
12:27जी तो मुगलू के काल में एक अलग प्रकार से एक कुछ जो आक्रमन कारी आक्रांता जो इसलामिक थोट प्रोसेस
12:36है ना उनके साथ अपने आपको अलाइन मत कीजिए जहां तक भगवान कृष्ण का सवाल है तो 5500 साल पहले
12:43इसके पीछे मैं नहीं का नहीं एक एतिहासिक स
12:47सांसकृतिक सरोकार है और इस देशकिक विरासत का गोरव है उसको आप कैसे विला सकते हैं तो हर जगह मंदिर
12:56मस्जित के नाम पर जगड़ा करना यह तो मुर्खता की बात है लेकिन कुछ हमारे पवित्रतीर्थ है जैसे मतुरा है
13:02जैसे काशिविश्वनात है इनके उपर �
13:04यह तो कोई विवाद हो नहीं नीचाहिए और मैं तो किसी भी प्रकार के विवाद का पुषक नहीं रहा हो
13:10मेरा पुरा
13:34नफरत और ये जो वर्चस्वाद का एक पहले तो राष्टवाद के नाम पर कुछ लोगों ने जो नफरत फेलाई फिर
13:41अलग और दूसरी थौट-प्रोसेस के नाम पर नफरत फेलाई किसी भी प्रकार के वर्चस्वादका में धिरोधिए तो कहता हूं
13:48सब देश को सर्वोप
14:11प्रकृति मानो प्रवेश्वर मानो एक सुपर पावर मानो कुछ भी नाम बोलो निराकार सबून साकार हम तो सब विचारों का
14:19आधर करते हैं तो इसमें भेत कहां आ गए मेरे भेहन श्वेताजी चलिए आपके इसी मानवता और एकता की संदेश
14:25के साथ बहुत-बहुत धन्य
14:27बाद हमसे बातचीत करने के लिए स्वामी जी बहुत-बहुत बढ़ा देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप
14:33देखते रही आज तक
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