00:00क्या दतिया में नरोत्तम मिश्रा का टिकेट काट कर बीजेपी ने सिफ उमिद्वार बदला है या फिर मध्य प्रदेश की
00:06राजुनीती में ताकत का नाया समिकरन लिख दिया गया है
00:08क्या संगठर ने सत्ता से बड़ा संदेश दिया है क्या मध्य प्रदेश बीजेपी में अब फैसलों पर RSS का प्रभाव
00:14पहले से ज्यादा दिखाई दे रहा है
00:16और सबसे बड़ा सवाल नरोतम मिश्रा को दतिया में आखर क्यों नहीं मिला टिकेट
00:31मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट उपर होने वाला उप्चुनाव अब सिर्फ एक चुनाव नहीं रहे गया है
00:36ये बीजेपी के अंदर ने तृत्व, संगठन, सत्ता संतुलन और भविश्य की राजनीती की सबसे बड़ी परीप्षा बन चुका है
00:43बीजेपी ने जब पुर्व ग्रिह मंत्री और दतिया से कई बार विधायक रह चुके, डॉक्टर नरोत्ता मिश्रा की जगे संगठन
00:49से जुड़े नेता, आशुतोष तिवारी को उमिद्वार घोशित किया, तो इसका विरोध पार्टी कार्याले से लेकर सड़कों तक प
01:10सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि कभी मध्यप्रदेश बीजेपी के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाने वाले
01:17नरोत्तम मिश्रा को टिकेट नहीं मिला, क्या ये केवल चुनाव जीतने का फैसला था या फिर पार्टी के भीतर शक्ती
01:23संगुलन मनाये र
01:38विधान सभा में आकरामक शैली, विपक्ष पर तीखे हमले और पाटी नेतरत्य के भरोसेमंद चेहरे के रूप में उन्होंने अपनी
01:46अलग पहचान बनाई
01:47लेकिन 2023 के विधान सभा चुनाओं में उनकी हार ने राजनितिक सम्मिकरण बदल दिये
01:52इसके बाद माना जा रहा था कि दत्या उप्चुनाओं उनके लिए वापसी का सबसे बड़ा अवसर होका
01:58पिछले कई महीनों से वेरगतार छेतर में सक्रिया थे
02:01अलग-अलग समाजों के बीच बैठ के कर रहे थे, पुराने कारेकरताओं को जोड़ रहे थे, समाजिक सम्मिकरण सादने की
02:07कोशिश कर रहे थे
02:08स्थानिय स्तर पर लगभगिये धारना बन चुकी थी कि टिकेट उन्हें ही मिलेगा
02:12बताया जा रहा है कि उन्होंने नामांकर की तयारी भी शुरू कर दी थी, फॉर्म भी खरीद लिया था
02:17लेकिन अंतिम समय में पार्टी ने आशुतो उश्तिवारी के नाम पर मोहर लगा दी
02:20यहीं से राजनितिक चर्चाओं का दोर शुरू हो गया
02:23पीजीपी के भीतर कई नेताओं का मानना है कि यह फैसला किवल उमिद्वार बदलने का नहीं
02:27बल्कि भविशे की राजनिती तय करने का फैसला था
02:30राजनितिक विशलेशकों का कहरा है कि यदि नरुत्तम विश्राव चुनाव जीत कर विधार सभलोटते
02:34तो वो फिर से राजनिती में एक मजबूत शक्ति का केंद्र बन सकते थे
02:38मौजूदा समय में मुख्यमंतरी मोहन यादव अपनी राजनितिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे है
02:43ऐसे में पार्टी शायद एक साथ कई बड़े शक्ति केंद्र नहीं चाहती
02:47इसी वजह से संगठन ने ऐसा चेहरा चुना जो संगठन के प्रती पूरी तरह समर्पित माना जाता है
02:52यहीं से चर्चा RSS की भूमिका तक पहुँचती है
02:55ध्यान देने वाली बात यह है कि BJP ने जिस आशुतोष तिवारी को मदवार बनाया है
03:00उनकी पहचान चुनावी राजनीती से ज्यादा संगठन के कार्यकरता की रही
03:04उन्होंने लंबे समय तक विद्यार्थी परिशद और BJP संगठन में काम किया है
03:09वे बूत स्तर से लेकर संगठन की विभन जिम्मदारिया निभाते रही है
03:12राजनीतीक गल्यारों में यही चर्चा है कि संगठन आधारित नेताओं को प्राथमिक्ता देने की सोच
03:19RSS की कार्यशाली से मेल खाती है
03:21हालाकि ये सपष्ट कर देना जरूरी है कि BJP ये RSS ने आधिकारी क्रूप से कहीं भी ये नहीं कहा
03:27कि टिकेट वितरण में RSS ने कोई सीधा निदेश दिया था
03:31लेकिन राजनीतीक विशलेशक ये जरूर कहते हैं कि मध्यप्रदेश BJP में संगठन और वैचारेक प्रिष्ट भूमी वाले नेताओं की भूमी
03:38का लगतार मजबूत होती दिखाई दे रही है
03:41दरसल RSS की कारेप्रणाली हमेशा व्यक्ति से ज्यादा संगठन को महत्व देने की रही है
03:46संग का मूल सिधान्त यही माना जाता है कि संगठन सर्वोपरी है और कोई भी व्यक्ति संगठन से बड़ा नहीं
03:54हो सकता
03:54इसी सोच को देखते हुए राश्रितिक जानकारस फैसले को संगठन की प्राथमित्ता के रूप में देख रहे है
04:00दूसरी तरफ ये भी कहा जा रहा है कि BJP अब हविश्य की दूसरी प्रीवी तयार करने में जुटी हुई
04:05है
04:06कई राज्यों में पाटी नए चेहरों को मौका दे रही है ताकि आने वाले वर्षों में नितरत्व का संक्रमन सहस
04:13तरीके से हो सके
04:14दत्या में आशुतोष तिवारी का चयन भी उसी रणिती का हिस्सा माना जा रहा है
04:18लेकिन क्या केवल संगठनात्मक निष्टा ही वजहती राज्योतिक विश्री शकों का कहना है कि चुनावी गणित भी उतना ही महतोपून
04:25है
04:26दत्या में ब्रामहन, अनुसुचित जाती, कुश्वाह, यादव, ठाकुर वैश्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के मदाता चुनावी परिनाम तै करने में
04:34बड़ी भूमी का निभाते है
04:35बीजेपी ने बचले कुछ समय में संगठन में भी बड़े बदलाव किये हैं
04:39विभिन समाजों को प्रतिनी धित्व देने की कोशिश की गई है, ताकि किसी एक नेता पर पूरी चुनावी रणेती निर्भर
04:45ना रहे
04:46इसी कारण पार्टी को भरोसा है कि मजबूत संगठन और सामाजिक समिकरनों के सहारे चुनाव जीता जा सकता है
04:52तो अब सवाल ये भी उठ रहा है कि क्या नरोत्तम मिश्टा की सक्रियता ही उनके खिलाफ चली गई
04:58कुछ राजजितिक विश्रेक्षकों का और परियुक्षकों का मानना है कि पछले कई महीनों से जिस तरह उनके समर्थकों ने टिकेट
05:05लगभकते मान लिया था
05:06उससे पार्टी नेतर तो अलग संदेश देना चाहता था
05:09विजेपी पहले भी कई बार ऐसे फैसले ले चुकी है जहां अंतिम समय में उमिद्वार बदल लिये गए
05:15पार्टी का संदेश अकसर यही रहा कि अंतिम निर्ने केवल केंद्रिया नेतर्तो और संगठन का होता है
05:21तो अब बात करते हैं विरोध प्रदर्शन की
05:23टिकिट की घोष्णा के बाद जिस तरह समर्थकों ने प्रदर्शन किया, सड़के, जाम की और हिंसक घटनाये सामने आई
05:29उसने पार्टी नेतरतो के चिंता जरूर बढ़ा दी
05:32खुद नरोत्तम मिश्टा ने सारवजनी की रूप से अपने समर्थकों से शान्ती बनाये रखने की अपील की
05:38उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आगजनी या हिंसा स्विकार नहीं है
05:42और कारकरताओं को अपनी बात पार्टी फोरम में रखने चाहिए
05:47ये बयान भी बताता है कि वे पार्टी अनुशासन बनाये रखना चाहते हैं
05:51अब सबसे बड़ा राजनीतिक सवाथ
05:53क्या इससे नरोत्तम मिश्टा का राजनीतिक भविशा खत्म हो गया है
05:56राजनीति में शायद ही कभी किसी नेता का भविशे एक फैसले से तय होता है
06:01बीजेपी में कई ऐसे उदाहरन हैं जोहां नेताओं को कुछ समय तक संगठनात्मक जिम्मदारिया दी गई
06:06और बाद में बड़ी वापसी भी हुई
06:09इसलिए ये कहना जल्दबाजी होगी कि नरोतम मिश्रा की सक्रिय राजनीति समाथ हो गई है
06:14हलाके इतना जरूर है कि फिलहाल पार्टी ने सपश्ट संदेश दिया है कि टिकिट का फैसला केवल पुराने राजनीतिक कद
06:21के आधार पर नहीं होगा
06:22संगठन, रणीति, स्तामाजिक समीकरण और भविशकी राजनीति और उसकी जरूरते भी उतनी ही महत्वपूर्ण है
06:29जहां तक RSS के प्रभाव की बात है
06:31राजनीतिक विशलेशकों की राय अलग है
06:33कुछ का मानना है कि मध्यप्रदेश BJP में संगठन की भूमी का पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई
06:39दूसरे विशलेशक इसे पूरी तरह BJP नेतरत्व का राजनीतिक निर्णे वदाते हैं
06:44और कहते हैं कि हर संगठनात्मक फैसले को सिध्य RSS से जोड़ना उचित नहीं होगा
06:49सच्चाई शायद इन दोनों के बीच कहीं और मौजूत है
06:53BJP और RSS का वैचारिक रिष्टा दशकों पुराना है
06:57चुनावी रणी की संगठन नर्मान और कारेकरता तयार करने में संग की भूमी का हमीशा महत्तोपूर्ण रही है
07:04लेकिन उमेद्वार चैन का अंतिम अधिकार BJP के संगठन और संसधिय बोड के पास ही होता है
07:09इसलिए बिना आधिकारिक पुष्टी के ये कहना कि टिकेट केवल RSS के कहने पर काटा गया तथ्यात्मक रूप से सही
07:16नहीं होगा
07:17लेकिन ये जरूर कहा जा सकता है कि दतिया का फैसला संगठन को प्राथमिक्ता देने वाला फैसला माना जा रहा
07:23है
07:23और इसी वज़े से राजनितिक गल्यारों में RSS की कारेशैली को लेकर चर्चाएं तेज हैं
07:28अब सबकी नजर उपचुनाव के नतीजों पर होगी
07:31अगर बीजेपी आशुतोष तिवारी के साथ जीत दर्ज करती है
07:34तो ये संगठन आधारित राजनिति की बड़ी जीत मानी जाएगी
07:38लेकिन यदि परिणाम उमीद के मताबिक नहीं आते
07:41तो नरुत्तम मिश्रा को टिकट न देने का फैसला
07:44लंबे समय तक राजनितिक बहस का विशे बना रहेगा
07:47फिलहाल इतना तय है कि दतिया का उप चुनाव के वलेक विधान सभा सीट का चुनाव नहीं रहे गया है
07:52ये मध्यप्रदेश बीजेपी के भीतर बदलते ने तृत्व, संगठन की ताकत, भविशे की रणीती और सत्ता संतुलन का सबसे बड़ा
08:00राजनितिक संगेत बन चुका है
08:01तो अब देखना दल्चस्प होगा कि उजनता किसे चुनती है और ये फैसला आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश की राजनीती
08:07की दिशा किस तरह से तैय करता है
08:10इस ख़बर में इतना ही इस से जुड़ी जो भी नहीं जानकारिया आएंगे उनके लिए देखते रहिए One India है