00:01अयोध्या की धर्ती पर इस समय माहौल बेहद गंभीर है।
00:56अनिल मिश्रा अभी तक बैठक में नहीं पहुँचे हैं।
01:00इकारिक रूप से अंतिम फैसला ट्रस्ट की इसी बैठक में लिया जाना है।
01:03यही वज़ा है कि इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
01:06ट्रस्ट की संरचना के अनुसार कुल 14 सदस्य हैं, जिन में से 4 पदेन सदस्य होते हैं।
01:11नियमों के मुताबिक किसी भी बड़े प्रस्ताव को पास करने के लिए दो तिहाई सदस्यों की सहमती जरूरी होती है।
01:16लेकिन पदेन सदस्यों के वोट काउंट नहीं किये जाते हैं।
01:19ऐसे में असली फैसला लेने में 8 सदस्य एहम भूमिका निभाते हैं।
01:22इन में से कम से कम 6 सदस्यों की सहमती जरूरी मानी जा रही है।
01:25इसी गणित के आधार पर बैठक के फैसले तै होंगे।
01:28बैठक से पहले महंत नृत्त गोपाल दास ने एक लेटर जारी कर चढ़ावा चोरी की घटना पर पहली बार अपनी
01:33प्रतिक्रिया दी थी।
01:34उन्होंने कहा था कि ये घटना बेहद आहत करने वाली है और जिसने भी ये काम किया है उसे सख्त
01:38सजा मिलनी चाहिए।
01:39उनके इस बयान के बाद ट्रस्ट के भीतर और बाहर हलचल और तेज हो गई।
01:43सूत्रों के मताबिक बैठक में मौजूद सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया है कि इस पूरे मामले की जांच
01:47SIT कर रही है और उस पर पूरा भरोसा रखा जाना चाहिए।
01:50सदस्यों का कहना है कि इस घटना के बाद देश में गलत संदेश चा रहा है और रामभक्तों की भावनाएं
01:55आहत हुई है।
02:22सदस्यों का मानना है कि किसी भी निशकर्ष पर पहुँचने से पहले जाच पूरी तरह खत्म होनी चाहिए ताकि किसी
02:26निर्दोश पर गलत असर ना पड़े।
02:28सूत्र ये भी बताते हैं कि बैठक में भविशे की रननीती पर भी चर्चा हुई खास कर राम मंदिर निर्मान
02:32कार्य और ट्रस्ट की पारदर्शिता को लेकर
02:34कई सदस्यों ने सुझाब दिया कि आगे से हर वित्तिय लेंदेन की निग्रानी और मजबूत की जाए ताकि इस तरह
02:38के विवाद दोबारा ना उठें
02:39पूरा मामला सिर्फ एक बैठक तक सीमित नहीं है बलकि इसके राजनैतिक और धार्मिक दोनों स्तर पर बड़े असर देखने
02:44को मिल सकते हैं
02:44राम मंदिर निर्मान से जुड़े इस ट्रस्ट पर पूरे देश की आस्था जुड़ी हुई है ऐसे में हर फैसला बेहत
02:49एहम माना जा रहा है
02:49अब सबकी नजल इस बात पर है कि बैठक में क्या निर्ने निकलता है और क्या सच में किसी बड़े
02:53बदलाव की शुरुआत होती है
02:54या फिर मामला जांच के भरोसे आगे बढ़ाया जाता है
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