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ईरान में खामेनेई के जनाजे से अमेरिका को क्या पैगाम? देखें वॉर रूम

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00:11नमस्कार मैं हूँ श्वेता सिंग और वार रूम में आपका स्वागत है वार रूम में सबसे पहले आम आपको दिखाते
00:17हैं कि आज किन ख़बरों पर हमारी नजरे होने वाली है
00:21आज हम एरान अमेरिका तनाओ और उससे जुड़े घटना क्रम पर बात करेंगे लेकिन उससे पहले पड़ोसी देश पाकिस्तान से
00:29आ रही एक बड़ी खबर
00:30पाकिस्तान अधिकरित जम्मू कश्मीर में विरोध प्रदर्शन अव विद्रोह का रूप लेता दिख रहा है
00:36लोग सिर्फ अपने हक की मांग के लिए नहीं बलकि पाकिस्तान को उसकी हकीकत याद दिलानी के लिए भी सड़कों
00:43पर उतर रहे हैं
00:44इसी बीट पाकिस्तान ने प्रतिबंधित जॉइन्ट आवामी अक्शन कमिटी के नेता शौकत नवाज मीर को गिरफतार कर लिया है
00:52पाकिस्तान को बटवारे के करीब 78 साल बाद अचानक याद आने लगा है कि उसकी पैचान सिंदु घाटी सभ्यता से
01:00जुड़ी है
01:01आखर इसके पीचे पाकिस्तान की क्या रणनीती है इसका भी विशलेशन करेंगे लेकिन सबसे पहले बात उस तस्वीर की जिस
01:08पर पूरी दुनिया की निगाहे है
01:31मौत क्या कर सकती है ये जानना है तो तहरान की सड़कों को देखिए
01:47देखिए जो काम जिन्दगी न कर सकी वो मौत कर देखिए
02:03और ये भी देखिए कि पीस डील के मंच पर बैठे एक देश की आवाम का क्या संदेश है
02:15साथ ही ये भी देखिए कि 4 जुलाई यानि अमेरिका के आजादी के ही दिन जनाजे की भीड ने क्या
02:22पैगाम दिया
02:25है है है है है है है है है युद्ध और शहादत में क्या अंतर है कि दोनों के बीच
02:47सिर्फ शब्दों का नहीं सोच का फर्क है
02:51एक हिंसा है दूसरी मन्जिल युद्ध लड़ा जाता है शहादत होती है अली खामे नहीं जानते थे कि अमेरिका हमला
02:59करेगा दूसरे देश में जाने का विकल्ब था युद्ध हुआ तो मौत निश्चित है लेकिन खामे नहीं ये भी जानते
03:06थे कि मौत अनिश्चित कम थ
03:09यहीं उनके दिमाग में इमाम हुसेन की वो बातें आई होंगी कि इज़त और हक के लिए दी गई जान
03:15जिल्लत भरी जिंदगी से कहीं बेहतर
03:22मोहर्रम के महीने में हुसेन की शहादत वाले दिनों में खामे नहीं के जनाजे का मतलब इरान के लिए बड़ा
03:28हो जाता
03:3186 साल के अली खामे नहीं अपने पीछे कोई घर मकान, जमीन जायदाद या सोना चांदी नहीं छोड़े
03:37बलकि उन्होंने अपने पीछे एक विचार धारा और एक देश छोड़ा है
03:41जो आज भी कह रहा है कि हक और इंसाफ के लिए खड़ा होना इंसान होने का पहला नियम है
03:49सुरक्षा, खत्रे और सत्ता के बीच इंसान अपने समय को खुद पर रखता है और तब विचार जन्म लेते हैं
04:18अब भी जारी है
04:26लेकिन अब वो बेमानी लगती है
04:43सच है, जुल्म के आगे जो खड़ा रहता है वही जीतता है
04:47खामेनेई कभी मरा नहीं करते, खामेनेई हमेशा जिन्दा रहते
04:57इरान इस्रेल अमेरिका युद में 28 फरवरी को इरान के सुप्रीम लीडर की एस्ट्राइक में मौत हो गई थी
05:05लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते उनका अंतिम संसकार नहीं हो सका था
05:09कई तरह के सवाल उठने लगे थे कि क्या वंबारी के बाद खामेनेई का पार्थिव शरीर बचा है
05:15अगर हां तो कैसे सुरक्षित रखा गया है
05:18कब होगी जनाजे की नमाज, क्या खामेनेई के बेटे मुझतबा खामेनेई इसमें शामिल होंगे
05:24अब इरान में उनके अंतिम क्रिया की शुरुआत हो चुकी है
05:28इरान के सबसे बड़े दुश्मन कहे जाने वाले अमेरिका के स्वतंधरता दिवस
05:32यानि 4 जुलाई से शुरू होकर 9 जुलाई तक चलने वाले
05:36इस अंतिम क्रिया को इरान का अब तक का सबसे बड़ा आयोजन कहा जा रहा है
05:42जो सिर्फ जनाजा नहीं बलकि दुनिया के सामने एक शक्ति प्रदर्शन जैसा भी होगा
06:09इरान के सुप्रीम लीडर आयातुला खामनेई को सुपूर्दे खाक करने की रस्में शुरू हुई तो आखिरकार चार महीने का इंतजार
06:16खत्म हुआ
06:18इसके साथ ही खत्म हुए कई सवाल भी
06:28क्या धमाकों के बावजूद खामनेई का पार्थिव शरीर सही सलामत रहा
06:32खामनेई के पार्थिव शरीर को कैसे चार महीने तक संभाल कर रखा गया
06:37क्या मोजतबा खामनेई अपने पिता के जनाजे में शामिल होंगे
06:41इतने महत्वपूर्ण आयोजन में सुरक्षा के क्या इंतजाम किये गए है
06:45क्या अंतिम संसकार में किसी हमले का डर हो सकता है
06:50क्या खुमैनी और सुलिमानी के जनाजों की भगदर का डर इस बार भी इरान को है
07:00अंखों में आंसू, दिलों में मातम, जहन में गुस्सा और जुबान पर एक ही नाम आयातुलाखा में नहीं
07:08इरान गम में है, ये गम है सुप्रीम लीडर की मौत का
07:14ये गम है उस शक्स की विदाई का, जिसने चार दशक तक इरान की राजनीति, सत्ता और पश्चिम एशिया की
07:22रणनीति की दिशा तै की
07:24ये गम है उस शक्स का, जिसने अमेरिका और इसराइल को जीतने नहीं दिया
07:30तेहरान से लेकर मशाहत तक लाखों लोग अपने रहवर को आखिरी सलाम देने उमड़े हैं
07:36ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद में लोगों की जियारत के लिए पांच ताबूत रखे गए
07:42अलीखामेनेल के साथ उनकी बेटी, दामाद, बहु और पोती का ताबूत भी था
07:50और जब ये घटना करम है उस समय आज तक समवादाता सुमित चौधरी इरान में मौझूद है
07:56इरान से सभी लाइव अपडेट समय दे रहे हैं सुमित सब के बीच सड़कों पर जो लोग नजार आ रहे
08:01हैं
08:01दुख, गुस्सा, क्या है उनका भाव?
08:17इरान की इतिहास में इससे बड़ा तामोहिक आप कह सकते हैं कि इतना बड़ा लोगों का जमावड़ा कभी नहीं हुआ
08:232 करोड से ज़्यादा लोगों के जुटने की आशगका है
08:26जब आपको खुमेनी साथ के 1989 में जब उनके मारे जाने के बाद, उनके मर जाने के बाद, उनका जब
08:32उजखा किया गया था, तब भी इस तरीके का किया है, इस तरीके का बहुरी लोगों का जमावरा देखा गया
08:37था, लोगों ने उनके शब के साथ कई किलो मीटर तक यातरा क
08:51पूरी दुनिया को मेसेज जाए कि यहां के लोग एक जूट है रिजिम के साथ है और शायद इसी वजह
08:57से लोगों में एक तरीके का आप कह सकते हैं एक मातम का महल है यह पूरा का पूरा पूरा
09:03प्रसेशन एक मातम को लेकर है कि उनके सुप्रीम लीडर को मार दिया गया और �
09:07इसी वजह से लोग अपने आपको दिखाना चाहते है कि इरान कंसॉलिडेटेड है और इरान कोई भी बाहर का इंटरफेरेंस
09:13यहां के लोगों के लिए यहां के सरकार में यहां के रिजिम में बरदाश नहीं करेगा
09:1928 फरवरी 2026 को इजराइली एयर स्ट्राइक में मारे गए आयातुलाह अली खामिनेई का जनाजा चार महीने बाद
09:274 जुलाई से 9 जुलाई के बीच दफनाने और आम लोगों की जियारत के लिए निकाला जा रहा है
09:36तेहरान से शुरू होकर इराग के नजफ और कर्वला होते हुए मशाहद में दफनाए जाने तक ये 3000 किलो मीटर
09:43की एहम यात्रा है
09:49इरान सरकार के लिए ये सिर्फ एक अंतिम संसकार नहीं बलकि तारीख का सबसे बड़ा आयोजन है
09:56लगभग 3000 किलो मीटर लंबी इस अंतिम यात्रा को दे सेंड ओफ टू इरान्स लीडर ओफ मार्टर्स का नाम दिया
10:04गया है
10:06तै कार्यक्रम के मुताबिक 9 जुलाई को खामेनेई को सुपुर्दय खाक किया जाएगा
10:13इससे पहले इरान और इराक में पाँच दिनों तक अंतिम संसकार से जुड़े धार्मिक और राजकिय कार्यक्रम होंगे
10:27दो जुलाई को आधिकारिक कार्यक्रम से पहले ही इरान के लोगों के लिए अली खामेनेई का ताबूद दर्शन के लिए
10:34रख दिया गया
10:41तीन जुलाई से दुनिया के कई देशों से डेलिगेट्स का आना शुरू हो गया था
10:49तीन तारीख को ही एक खास कार्यक्रम में राष्ट्रपती पेजेश्कियन समेत
10:54कई बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में खामेनेई को श्रद्धानजली दी गई
10:59अंतिम विदाई देने के लिए देश के शीर्ष नेता और अधिकारी एक साथ नजर आए
11:05इस शोग समारोह में राष्ट्रपती मसूद पेजेश्कियान संसद अध्यक्ष मोहमद बाकर कालिबाफ
11:13विदेश मंत्री अब्बास अरक्ची मुख्य न्यायाधीश गूलम हुसेन मुसेनी
11:18पहले इरानी सर्वोच्च नेता रूहोला खुमैनी के पोते हसान खुमैनी
11:23और खामेनेई के बेटे मोजदबा खामेनेई के ससुर समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए
11:34वैसे ये पूरा कारेक्रम 6 दिन चलना है
11:37शुरुआत तहरान के ग्रैंड मोसला मस्जिद से हुई
11:40जहां पर खामेनेई का पार्थिव शरीर रखा गया आम जनता के दीदार के लिए
11:455 जुलाई को भी ये जारी रहेगा
11:476 जुलाई को तहरान में इमाम हुसेन स्क्वाइर से आजादी स्क्वाइर तक
11:5310 किलोमीटर लंबा मातमी जुलूस निकाला जाएगा
11:567 जुलाई को खामेनेई के शव को इरान के शहर कौम ले जाया जाएगा
12:01जो शिया उलेमा और मदर्सों का सबसे बड़ा केंद्र है
12:058 जुलाई को शव यात्रा इराक में नजफ और कर्बला जाएगी
12:09पहली बार इरान के किसी सुप्रीम लीडर का जनाज़ा सरहद पार करके इराक जाएगा
12:14जनाज़े को नजफ में हजरत अली और कर्बला में इमाम हुसैन की दरगाहों पर ले जाया जाएगा
12:19ये शिया समुदाए की सबसे पाक जगए हैं जहां पैगंबर मुहम्मद के दामाद हजरत अली और उनके नवासे हजरत इमाम
12:28हुसैन की कब्रे हैं
12:299 जुलाई को इराक से लोटने के बाद आयातुल्ला खामनेई को उनके जन्मस्थान मशाद ले जाया जाएगा
12:35यहां शिया इसलाम के आठवें इमाम, इमाम रजा की मजार में उनकी वसीयत के मुताबिक उन्हें सुपुर्दय खाक किया जाएगा
12:45हाला कि अब तक यह साफ नहीं किया गया है कि जनाजे की नमाज की इमामत कौन करेगा
12:51यह अंतिम संसकार का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है
12:56कुछ जानकारों का कहना था कि मोजदवा खामे नहीं स्वेम पिता की नमाजे जनाजा की अगुवाई कर सकते हैं
13:03लेकिन एरान की तरफ से इंकार कर दिया गया?
13:35आयातुलाई खामनी की ओुड़ा हमाद।
13:37च्छारिए अपर हम क्राइब तरफ से इंकार, यह अर।
13:44उसके अर्फ दो फिर जाएव क्यों थाखे, जिए तरह रहा है।
13:59इरान के सुप्रीम लीडर आयातुला अली खामेनेई की मौत के करीब चार महीने बाद उनके अंतिम विदाई की शुरुआत हो
14:08चुकी है
14:09और आने वाली 9 जुलाई को उन्हें सुपुर्देखा किया जाएगा
14:13लेकिन इस वक्त पूरी दुनिया की निगाहे तहरान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी टिकी है
14:19अमेरिकी इस्रेल युद के बाद इरान की सडकों पर सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतिजाम देखे जा रहे हैं जो पहले
14:26कभी नहीं देखे
14:26और चप्पे चप्पे पर कमांडो उस तैनात कर दिये गए हैं आएए देखते हैं ग्राउंड जीरो से हमारी ये खास
14:33रिपोर्ट
14:40इरान की राजधानी तेहरान इस वक्त पूरी तरे से एक हाई सिक्यूरिटी जॉन में बदल चुकी है
14:46जनाजे को देखते हुए सेंट्रल तेहरान की सडकों पर दंगा नियंतरन पुलिस, आर्मर्ट भीकल्स और भारी संख्या में बासिज के
14:54सैनिक मुस्तैद किये गए
15:05इरानी शासन के सामने केवल बाहरी ताकतों का ही खत्रा नहीं, बलकि बड़ी भीड जो इस जनाजे में शामिल होने
15:12वाली है, उसको लेकर भी है
15:14क्योंकि इरान में जनाजों में भगड़ का इतिहास रहा
15:26यही कारण है कि इरानी सरकारी रेडियो और टीवी चैनलों पर लगातार जनता के लिए सेफटी गाइड लाइन्स जारी किये
15:34जा रहे हैं
15:34जनाजे में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किये गए हैं, युद्ध के बाद पहली बार इरान के कई बड़े सैन्य
15:41और राजनीतिक नेता एक साथ नजर आए है
15:44इराक, सौधी अरब, ओमान, आर्मेनिया और ताजिकिस्तान समेत कई देशों के शीर्ष नेता और भारत, चीन, तुर्की, ओमान सहित, करीब
15:55100 देशों के प्रतिनिधी मंडल तहरान में इस दौरान मौजूद रहेंगे
15:59वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर भी तहरान पहुंचे हैं
16:05रूस की सुरक्षा परिशत के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव भी वहां मौजूद हैं
16:11बड़ी संख्या में विदेशी नेताओं और हमास के प्रतिनिध्यों की मौजूद्धी को देखते हुए
16:16सुरक्षा का घेरा कई स्तरों पर मजबूट किया गया है
16:20युद्ध के साए में खड़े इरान के अंदर सुरक्षा चिन्ताओं का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं
16:26कि इरान की मौजूदा सरकार ने अभी तक ये तय नहीं किया है
16:30कि रविवार की सुबह जनाजे की अहम नमाज कौन पढ़ाएगा
16:36इरान को हमलों का डर है
16:38आयार जीसी कमांडर मेजर जनरल एहमद वाहिदी ने दुश्मनों को साफ शब्दों में चेतावनी दी
16:46हिमाकत हुई तो बदला विनाशकारी होगा
16:48इशारा और निशाना साफ है
16:50इरान जानता है कि वो युद्ध के बीच खड़ा है
16:52सुविध सबसे पहले तो ये बताईए कि बहुत हिसाब से हम देख रहे हैं
16:56कि चाहे भगदर का डर हो
16:58या फिर इस बात को लेकर संशय की मौझूदा सुप्रीम लीडर पर किसी तरीके का प्रहार न हो जाए
17:05तो उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता की वज़े से ही ये फैसला लिया गया
17:09इस जो अंतिम यात्रा है उसको लेकर कि वो इसमें शामिल नहीं रहेंगे
17:14तो सुरक्षा के कैसे इंतजाम आपको दिख रहे हैं वहाँ पर
17:18सुरक्षा के इंतजामों की बात करें तो कहा जा रहा है कि
17:21चार से पांच लोग सुरक्षा करनी अगर आप मेरे पीछे देख रहे हूँ
17:24बाइकों पर इस तरीके से पेट्रोलिंग करते हैं नजर आ जाएंगे
17:26इसके लावा अलग अलग अलग जगों के उपर आपको
17:46सुरक्षा के बुक्ता इंतजाम और भी कर देगे और यहां के हालात ऐसे हैं कि
17:50हर जगों पर चप्पे चप्पे पर आपको कॉर्जिस की मौजूद की नजर आ जाएगी
17:53हर बिल्डिंग की तलाशी ली गई और हर बिल्डिंग के आसपास भी
17:56पुलिस पोर्जिस की तेनाती की है यानि इस समय पूरा तहरान का इलाका एक छावनी में तब्दील है जहां पर
18:01हर जगे पर पुलिस और उनकी पारा मिलिटरी मोजूद की मौजूद की है
18:06और इसके साथ ही अमेरिका इसरेईल के जो हमले चलते रहे जो युद्ध चलता रहा उन हमलों के बाद इरान
18:13के हालात कैसे दिख रहे हैं आपको
18:16देखे हालात अभी ऐसे हैं आपको याद होगा कि इससे जब पूरा नमाज जनाजा जब किया जा रहा था इसको
18:24लेकर अनाउंस किया गया उसी बीच इसराईल की तरफ से एक बार फिर दम किया है
18:27कि मुस्तवा खामनाई उनके टार्गेट पर है और मुस्तवा खामनाई इसलिए अपने पिता के जो अली खामनाई है उनके जनाजे
18:34नमाज जनाजे के अंदर शामिल नहीं हो रहे है तुर्देखाग जब उनको मसद में किया जागा शायद वहाँ पर भी
18:39ना हो लेकि यहा�
18:54कि सड़कों पर एक जो और चीज़ अगर आप मेरे पीछे देगें आपको वो मुठी नुमा चीज जरसल वो आपको
18:59याद होगा सुप्रीम लीडर यानि इससे पहले जो अली खामनाई है उनकी वो हाथ है और उनके हाथ को प्रदेशित
19:06किया गया हर जगे पर उनके हाथ को �
19:21जो मारे गयते उनके पिक्चर्स को भी हर जगों पर लगाए गया और शायद ये दिखाने की कोशिश की गई
19:26है कि जंग अभी खत्म नहीं हुई है उनका संगर्श अभी खत्म नहीं हुआ है वो लगातार लड़ते रहेंगे और
19:31ये लड़ाई उन सैंक्शन के खिलाफ लग
19:51इस पूरी जानकारी के लिए बहुत बच्ची गया है पिलहाल मुसल्ला कॉंप्लेक्स में ताबूत आम लोगों के अंतिम दर्शन के
19:57लिए रखा गया है जहां परिवार के सदस्य भी मौजूद है तहरान की सडकों पर बड़े-बड़े बैनरों के जरिये
20:04लोगों से एक ज
20:05जुठ होने और बच्चों के खून का बदला लेने की अपील की जा रही है अंतिम यात्रा तहरान से शुरू
20:12होकर शिया धर्म के पवित्र शहरों से गुजरेगी और तै कारिक्रम के मुताविक 9 जुलाई को अपने अंतिम पड़ाव पर
20:19पहुंचेगी इस पूरे दौरान �
20:30इरान में हाई अलर्ट रहेगा
20:52से निकालना पड़ा था फिर 2020 में कासिम सुलेमानी के अंतिम क्रिया में मची भगदर ने 56 लोगों की जान
21:00ले ली अब इनहीं दो दर्दनाक हादसों से सबक लेकर इरान खामेने के अंतिम सफर को इतिहास का सबसे सुरक्षित
21:09और सबसे बड़ा सुरक्षा अभियान बनाने
21:39सब्सक्राइब जुटा है
21:41इन सबको देखते हुए इसे इरान के इतिहास का सबसे बड़ा सुरक्षा अभियान माना जा रहा है
21:53लेकिन सुरक्षा सिर्फ इसराइल या अमेरिका के हमलों से नहीं बलकि बात कुछ और भी है
22:01इरान की मौजूदा तैयारियों के पीछे सबसे बड़ा कारण है उसका जनाजों में भीड का इतिहास
22:173 जून 1989 को इरान के पहले सुप्रीम लीडर अयातुल्ला रुहुल्ला खुमैनी के अंतिम संस्कार में जो हुआ
22:25इरान उसको दोहराना नहीं चाहता
22:3412 जनवरी 2020 को जनरल कासिम सुलेमानी के जनाजे में जो हुआ
22:40इरान उसको दोहराना नहीं चाहता
22:50दरसल 3 जून 1989 को खुमैनी का पार्थिव शरीर भी
22:56तेहरान के मोसल्ला में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था
23:00जहां ग्रैंड अयातुला मुहम्मद रजा गोल पायगानी ने जनाजे की नमाज पढ़ाई थी
23:06लेकिन अगले दिन जब शव को दफनाने के लिए ले जाया जा रहा था
23:10तब लाखों लोग ताबूत तक पहुँचने और उसे चूने के लिए उमण पड़े
23:19हालात इतने बेकाबू हो गए कि सुरक्षा बल भीड को नियंत्रित नहीं कर सके
23:25धक्का मुक्की में ताबूत क्षती ग्रस्त हो गया और शव पर लिप्टा कफन भी फट गया
23:31आखिरकार प्रशासन को हेलिकॉप्टर से शव को वहां से निकालना पड़ा
23:35दफनाने की प्रक्रिया अगले दिन तक टालनी पड़ी
23:38दावा था कि अंतिम संस्कार में करीब एक करोड लोग शामिल हुए थी
23:44भगदड में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए और कई लोगों की मौत हुई
23:50ठीक इसी तरह जन्वरी 2020 को बगदाद एयरपोर्ट के पास अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए
23:57कासिम सुलेमानी का अंतिम संसकार भी भगदड का गवाह बना
24:07इराक और इरान के कई शहरों से गुजरने के बाद
24:10जब सुलेमानी का पार्थिव शरीर उनके शहर केरमान पहुँचा तब भी भीड बेकाबू हो गई
24:17भगदड और बेरिकेट गिरने से कम से कम 56 लोगों की मौत हो गई
24:21जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए
24:24हालाद बिगड़ने के कारण सुलेमानी का अंतिम संसकार भी टालना पड़ा
24:32इन्ही दो बड़े हादसों से सबक लेते हुए इरान इस बार कोई कोर कसर छोड़ना नहीं चाहता
24:44बात अब पाकिस्तान की होगी वार रूम में क्यूंकि पाकिस्तान के पाप का घड़ा भरने लगा है
24:48जनरल आसिन मुनीर की जालिम फौज के पैर उखड़ने शुरू हो गए है
24:52ऐसा हम क्यों कह रहे हैं क्यूंकि पाकिस्तान के आवैद कब्जेवाले
24:56जमूँ कश्मीर से बलूचिस्तान तक बलूचिस्तान से खैबर पकतुनवा तक आवाम ने अब पाकिस्तान को उसी के भाषा में जवाब
25:04देना शुरू कर दिया है
25:05रैलियों के मंचों से आवाजे आ रही है
25:07P.O.J.K. पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है
25:10ये सीधा चालेंज है उस हुकूमत को
25:12जो अब तक बंदूकों के बल पर शासन कर रही थी
25:38ये तस्वीरे हैं रावल कोट के इदगाह मैदान की
25:44एक दो हजार नहीं पूरे असी हजार से ज्यादा लोग सडकों पर है
25:55आंदोलन को करीब महीना भर होने को है
25:57पाकिस्तान सरकार ने इनका राशन रोका इंटरनेट बंद किया
26:02जिससे इनके दर्द को दुनिया देख न पाए लेकिन आवाम जूकी ने
26:11जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी के लीडर सर्दार अमन खान ने भरे मंच से
26:16पाकिस्तान हुक्मरानों की वो पोल खोली है कि इसलामबाद में हड़ कम्प मच गया
26:21अत्त करो रियासत करो रियासत करो यासत करो रियसात करो रियासत करों ऐसमि आख वी इनके भाउड वाभर को तम
26:41यहां पर रेजीन नकलि Portugal
27:02तरसल जो गुस्सा लोगों का सड़कों पर दिख रहा है वो पाकिस्तान से अलगाव के नारों के साथ नहीं शुरू
27:09हुआ था
27:09बलकि आवाम अपने हक के लिए और बुनियादी अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरी लेकिन उसे मिला क्या मुनीर की
27:16फौज की गोलियां
27:20पिछले दो हफ्तों में कम से कम 22 से 24 बेगुनाह लोग मार दिये गए
27:24फौजी, काररवाई, पुलिसिया, बरबरता ने आवाम के अंदर का डर खत्म कर दिया है
27:29और इसके साथ पाकिस्तान की सड़कों पर वो सच सुनाई दिया जिसे आई, एस, आई और पाक सरकार दोनों अब
27:36तक नकारते रहें
27:37हमें पानों अब थे हैं हमinsear कैना सकते हैं कि तइस यूपिक धंगो, उस जग का आकि याँ क्या है,
27:44टेबल है
27:45उसाल काल क्या है? मजाकरात हैं पैटके उसूलों की बुनियाद पर बामी उसूलों की बुनियाद पर इससती बुनियाद पर जो
27:53जिसका हाक है उसकी बुनियाद पर कश्मीरियों से मजाकरात के दरवाजू के साथ खूल के बैठो और बैठके भाग करो
28:12पाकिस्तान के कबदे वाले कश्मीरियों का ये विरोध अब पाकिस्तान से वित्रो onset की राहory पर चल निक्ला पाकिस्तान के
28:19खिलाफ आवाम की आवाज बन चुकी ये मुहिम भारत से मदद मांग रही
28:25आज एक माह हुने को है जिस तरह जिस असार में है जिस जबर में है और जो यहां के
28:30अवाम को बुनियादी हुकूप की मांग पर अवाम के साथ जो जूर्म किया गया इस इंतहाई मुश्किल मारले में जहां
28:37हमारे राशन के रास्ते बन हैं जहां हमारी अद्वियात के रास्त
28:53उसपार के अवाम से, बिल्खुस उसपार के अवाम से, मेंडर के अवाम से, राजोरी के अवाम से, जुनू के अवाम
28:59से, वैली के अवाम से, लदाख कागिल के अवाम से, हम अपील करते हैं कि पान जुलाई को हमने प्रोटेस्ट
29:04रखा हुआ है, और आप सब अबाब की हमें
29:15पाक के कबजे वाले कश्मीर से उठने वाली बगावत की आग को फॉजी बूटों और पुलिसिया कार्रवाई के जरिये दबाने
29:22की कोशिश लगातार हो रही इसमें नया नाम जुड़ गया है जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी के नेता शौकत नवाज मीर
29:29के जिनको गिरफ
29:40जिन्दा नहीं बचेगा तो फिर जो यहां पर सौदतकार है मैं पूरी जिमदारी से कहता हूँ उनमें से एक जिन्दा
29:48नहीं बचेगा पाक फॉज की जुल्म की दास्तान सिर्फ कबजे वाले कश्मीर तक नहीं है बलूचिस्तान को तो इस फॉज
30:02ने नरक बना दिया है
30:03हक के नाम पर यहां भी सिर्फ गोलिया ही मिल रही है
30:07डॉक्टर महरंग बलोच को आतंकी बताकर जेल में डालना केवल उसकी एक निशानी है
30:12पिछले साल मार्च में युनिवर्सिटी ओफ बलूचिस्तान के सामने हक मांग रहे चात्रों पर सीधी गोलिया चलाई गई
30:20बारे साल के बच्चे समेत तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया
30:30पाक फॉज और हुकूमत की कायरता की हद तो देखिए
30:34आतंक निरोधी मिशन के नाम पर वजिरिस्तान और खैबर पक्तून ख्वा में पाकिस्तान एर फोर्स ने अपने ही नागरिकों पर
30:41जे एफ 17 फाइटर जेट से बम बरसाए गए
30:45इन हमलों में महिलाएं बच्चे समेथ 30 बेगुनाह लोग मार दिये गए वहीं मार्च में भी काटलांग में ड्रोन हमले
30:52से 11 नागरिक उड़ा दिये गए थे
30:55और जो पंजाब के लोग खुद को पाकिस्तान का आका समझते हैं उनके साथ क्या हुआ
31:00मुरीद के में शांतिपूर्ण मार्च पर पाक रेंजर्स ने गोलियां चला तेरह लोग मारे गए और साढ़े पांच हजार लोगों
31:08को जानवरों की तरह जेल में ठूस दिया गया
31:13पलूचिस्तान पख्तून ख्वा और पियो जेक के की ये रोती हुई आखें ये इंटरनेट ब्लैक आउट ये बंदूकों का खौफ
31:20अब काम नहीं आने वाला
31:21जब किसी देश की बहन बेटियां और पूरी आवाम सडकों पर इंकलाब बन कर उतरती हैं तो बड़े-बड़े तानाशाहों
31:29के तख्तो ताज हवा में उड़ जाते हैं
31:35पानी की बात करते-करते पाकिस्तान को याद आने लगी सभ्यता
31:40जब भारत ने सिंदू नदी के पानी पर सक्ती दिखाई तो पाकिस्तान को अपनी जड़े याद आने लगी
31:46अचानक सिंदू घाटी सभ्यता अपनी लगने लगी
31:50हाला कि इससे पहले वो खुद को अर्बी, तो कभी तुर्की, कभी ताजीकी, कभी तुत्मेनी, तो कभी सेंट्रल एशा का
31:57वारिस बताते रहे हैं
31:59खेर पाकिस्तान के इन बदलते दावों से खुद उसकी आवाम भी उल्जन में है कि आखिर वो है क्या
32:37अब सुनिये पाकिस्तान के आईवी मंत्री अता उल्ला तर्राद को
32:42When we identify ourselves as Pakistanis, we ask a question as to who we are
32:48and if you go back into history, the Indus water civilization defines us as a people
32:54Whenever I go abroad, I often tell my counterparts that we are the people of the Indus valley civilization
33:04दो शक्सियतें, दो अलग-अलग बयान
33:07सवाल ये नहीं है कि दोनों में सच कौन बोल रहा है
33:10सवाल है कि पाकिस्तान को अब सिंधू सभ्यता की याग क्यों आ रही है
33:14जवाब छुपा है प्रधानमंत्री मोदी के इस भाशन में
33:20भारत का मत एक दम्स पस्ट है पानी और खुन भी एक साथ नहीं बैसकता
33:33अब समझे क्रोनोलॉजी सबसे पहले आपको ले चलते हैं 16 अप्रेल 2025 इसलामाबाद
33:41सुनिए ओवर्सीज पाकिस्तानी कन्वेंशन में बोलते हुए आसिम मुनीर ने क्या कहा था
33:46दे इंडिए उपज़ सिर्ण विर्ण
33:50कि विर दृफन
33:56our customs are different our traditions are different our thoughts are different our ambitions
34:01are different that was the foundation of the two nations theory that was laid there that we are two
34:07nations we are not one nation so because of that our forefathers they struggled mounted that
34:13incessant struggle to create this country our forefathers they have sacrificed immensely
34:20and we have sacrificed a lot for the creation of this country and we know how to defend it
34:29जानकारों ने इसे डॉग विस्लिंग माना हुआ भी यही 22 अप्रेल
34:332025 को जम्मू कश्मीर की बैसरन घाटी में अलग पहचान वाले पाकिस्तान के आतंकियों ने 26 हिंदू मार दिये
34:45और इसके साथ 1946 डाइरेक्ट एक्शन डे से बैसरन घाटी तक ये बता दिया गया कि हम दो अलग धर्म
34:53रीती रिवाज संस्कृति और सिध्धान्त वाले हैं
34:59लेकिन इसके तुरंत बाद यानि 24 अप्रेल 2025 को भारत ने सिंदू जल समझोते को अबेयंस में डाल दिया
35:07पी एम मोदी ने फिर दोहराया
35:11भारत ने तै कर लिया है
35:15फून और पानी
35:20एक साथ नहीं बहें
35:28पाकिस्तान लगातार धमकी देता रहा कि पानी रुका तो जंग होगी
35:33लेकिन शायद वो भूल गया था कि ये नया भारत है घर में घुसकर न केवल मारता है
35:39बलकि दुनिया भर में डेलिगेशन भेज कर पाकिस्तान के काले कारना में दुनिया के सामने रखना भी जानता है
35:50साल बदला अमेरिका इजरायल ने इरान पर हमला कर दिया
35:57पाकिस्तान को मौका नजर आया तो बिचॉलिये की भूमिका में खुद को साबित करने की कोशिश की
36:03सोच थी अपनी इमेज सही कर लेकिन सवाल है कि पाकिस्तान को अभी ही क्यों सिंधु घाटी सभ्यता की याद
36:11आई
36:12जवाब है भारत द्वारा सिंधु जल संधी को स्थगित करना पाकिस्तान के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है
36:19उसकी जीडीपी का 21 प्रतिशत और रोजगार का 45 प्रतिशत क्रिश पर निर्भर है
36:25सिंधु जल संधी स्थगित होने से जल डेटा साझहा करना प्रभावित हुआ है
36:30इसलिए पाकिस्तान धंकी और याचना एक साथ कर रहा है
36:34कर रहा है
37:10इसका एक दूसरा एंगल भी है पाकिस्तान चाहता है कि एक्सटरनल खत्रा दिखा कर उसकी फौज को लेजिटिमेसी मिल सके
37:17क्योंकि पियोजे के बलूचिस्तान सिंध खैबर पक्तूनख्वा हर जगे फौज की फौज की फजीहते हो रही है जाहिर है आई
37:26डव्यूटी के न
37:36पाकिस्तान ये भूल जाता है कि अगर अमेरिका JCPOA से हट सकता है रूस INF ट्रीटी से बाहर जा सकता
37:43है और चीन दक्षन चीन सागर पर हेक के फैसले को खारिज कर सकता है तो भारत भी राष्ट्रिय सुरक्षा
37:50के हित में आई डव्यूटी को अस्थाई रूप से निलंबि
38:04संबान के बीच वो अचानक पांच हजार साल पुराने इतिहास पर दावा करने लगा है अब कह रहा है कि
38:10हडपा और मोहन जोध हो उसकी सीमा में है इसलिए वो उस सभ्यता का असली बारिस है
38:37लेकिन पाकिस्तान की सबसे बड़ी परेशानी यही है कि वो एक बुनियादी सच से भाग नहीं सकता सिंधु घाटी सभ्यता
38:44इसलाम से हजारों साल पुरानी थी वो भारतिय उप महाद्वीप की प्राचीन बहु सांस्कृतिक और स्वदेशी सभ्यता थी अगर पाकिस्ता
38:54पूरी तरह स्विकार कर ले तो उसकी तथा कथे टू नेशन थियोरी की नीज खुद ही डह जाएगी
39:01लेकिन फिर सवाल है कि मुनीर जो अपने बच्चों और आने वाली नसलों को ये बताने की बात पिछले साल
39:07कर रहे थे उसका क्या होगा
39:11पाकिस्तान की कहानी अपने बच्चों को जो है आपने जरूर्श नानी है ता कि वो पाकिस्तान की कहानी ना भूलें
39:40दशकों तक पाकिस्तान कभी अर्वों से तो कभी तुरकों से तो कभी मध्य एशिया की कहानिया गढ़कर भारत के इतिहास
39:48को छोटा सब्सक्राइब
39:50पाकिस्तान साथ सौ बारेह इस्वी के मुहमद बिन कासिम से अपना इतिहास मानता आया है लेकिन अब उसको बंसत की
39:59याद आ रही है
39:59सिंधु घाटी सभ्यता को भूल नहीं पा रहा है लेकिन इतिहास गवाह है कि कैसे बंटवारे के बाद पाकिस्तान ने
40:06एक-एक हिंदु चिन्ह को खुद से काट कर अलग कर दिया
40:11पाकिस्तान की सबसे बड़ी त्रासदी उसकी पहचान का संकट है जिस देश की राजनीती और राष्ट्रिय सोच दशकों तक सिर्फ
40:19भारत विरोध पर टिकी रही
40:20उसके सामने आज अपना इतिहास साबित करने का संकट खड़ा है धर्म के आधार पर देश तो बना लिया लेकिन
40:27संस्कृती सब्ध्यता और एतिहासिक विरासत की अपनी ठोस कहानी कभी गड़ नहीं पाया
40:39वार रूम में आज के लिए इतना ही देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए देखते रही आज तक
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