Skip to playerSkip to main content
  • 2 days ago
सिर्फ एक आसान स्कैन और पता चल जाता है गाड़ी के ड्राइवर का परिचय. छत्तीसगढ़ के रायपुर में, 15,000 से ज्यादा ऑटो-रिक्शा और ई-रिक्शा में क्यूआर कोड लगाए गए हैं. इससे यात्री अपनी यात्रा से पहले या यात्रा के दौरान ड्राइवर की वेरिफाइड जानकारी देख सकते हैं. रायपुर प्रशासन की इस पहल का मकसद यात्रियों की बेहतर सुरक्षा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ज्यादा पारदर्शिता लाना है. क्यूआर कोड स्कैन करके, यात्री ड्राइवर का नाम, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और दूसरी जरूरी जानकारी देख सकते हैं.  रिक्शा ड्राइवरों का कहना है कि इस सिस्टम से राइड ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी और यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा. बड़े पैमाने पर शुरू की गई इस पहल ने 'गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में भी जगह बनाई है. अधिकारियों का दावा है कि ये तीन-पहिया वाहनों के लिए दुनिया की पहली क्यूआर कोड-बेस्ड पहल है. टेक्नोलॉजी में बदलाव आने के साथ रायपुर का तीन-पहिया वाहनों वाला क्यूआर कोड सिस्टम यात्रा को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में मदद कर रहा है. 

Category

🗞
News
Transcript
00:17प्राइपुर प्रशासन की इस पहल का मकसद यात्रियों की बहतर सुरक्षा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ज्यादा पारदर्शिता लाना है
00:24QR कोड स्कैन करके यात्रिय ड्राइवर का नाम, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नमबर और दूसरी जरूरी जानकारी देख सकते हैं
01:03रिक्षा ड्राइवरों का कहना है कि इस सिस्टम से राइट ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शि बनेगी और यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा
01:27बड़े पैमाने पर शुरू की गए इस पहल ने गूल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी जगे बनाई है
01:32अधिकारियों का दावा है कि ये तीन पहिया वाहनों के लिए दुनिया की पहली QR कोड बेस्ट पहल है
01:40अज रिकार्ड एरिकॉर्ड और आटो त्री विलर्स में QR कोड लगाया गया
01:45उनका लगभग 15 पनादावлять कोड का सत्यापन किया गया
01:49उसे हमें वो वर्कों हमारे पुलिस डिपार्टमेंट, पुलिस कमिस्नेट में
01:54कर दोन है और याधायद पूलिस की साहता से जो वर्क किया गया, उसे हमारे गुल्डन बुक आफ रिकार्ड़ कर्फ
01:58से सामिल किया गया, इस तरह का 3-wheelor में QR code कहीं नहीं लगा है, इतनी अधिक मात्रा में,
02:04तो यह वर्क हमारे गुल्डन बुक में सामिल किया गया ज़़।
Comments

Recommended