सवाईमाधोपुर. शहर के हाउसिंग बोर्ड रोड स्थित श्याम वाटिका की पुलिया महीनों से टूटी और जर्जर हालत में पड़ी है। यह पुलिया जिला अस्पताल, हाउसिंग बोर्ड और पुराने शहर को जोड़ने वाला सबसे अहम मार्ग है। रोजाना हजारों लोग इस रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन पुलिया की दरारें और टूटे हिस्से हर वाहन के साथ मौत का खतरा बढ़ा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को कई बार मौखिक रूप से अवगत कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की यह चुप्पी अब सीधे जनता की जान पर भारी पड़ रही है।
जर्जर पुलिया पर मौत का साया, मानसून में संकट
स्थानीय नागरिक सुरेश शर्मा, राजेश गुप्ता, महेंद्र सैनी और विकास साहू का कहना है कि पुलिया की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि बरसात के दिनों में यहां से निकलना नामुमकिन हो जाएगा। पानी भरने और पुलिया टूटने की स्थिति में आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। यह पुलिया केवल एक रास्ता नहीं, बल्कि अस्पताल और पुराने शहर तक पहुंचने का जीवन‑मार्ग है। यदि यह टूट गया तो मरीजों, स्कूली बच्चों और रोजाना आने‑जाने वाले लोगों की जिंदगी सीधे खतरे में पड़ जाएगी। प्रशासन कर रहा हादसे का इंतजार अब सवाल यह उठता है कि जिला प्रशासन कब जागेगा। क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही मरम्मत होगी, या फिर जनता की पुकार सुनकर समय रहते स्थायी समाधान निकाला जाएगा। पुलिया की यह हालत न केवल सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि प्रशासन की संवेदनहीनता को भी उजागर करती है। जनता का गुस्सा बढ़ रहा है और हर गुजरते दिन के साथ यह पुलिया मौत का दरवाज़ा बनती जा रही है।
नहीं चेते तो बारिश में ढह जाएगी पूरी पुलिया
श्याम वाटिका की पुलिया पहले से ही दरारों और टूटे हिस्सों से जर्जर हालत में है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन और नगरपरिषद ने समय रहते मरम्मत नहीं कराई तो तेज बारिश में यह पुलिया पूरी तरह ढह सकती है। मानसून की तेज धार और बहाव पुलिया की कमजोर नींव को चीर देंगे और सड़क का यह अहम मार्ग मौत का मंजर बन जाएगा। यह पुलिया जिला अस्पताल, हाउसिंग बोर्ड और पुराने शहर को जोड़ने वाला जीवन‑मार्ग है। पुलिया का ढहना केवल एक दुर्घटना नहीं होगा, बल्कि पूरे शहर की आवाजाही और सुरक्षा पर सीधा हमला होगा।
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