00:00जब एक बच्चा पैदा होता है तो घर में खुशिया मनाई जाती हैं लेकिन सोचिये कि जब एक नौजात पैदा
00:06हो तो पूरे राज्य में खुशिया मनाई जानने लगें
00:08अगर उसी वक्त सरकार उस नवजात के स्वागत में उसे एक ग्राम सोने की अंगुठी पैनाए तो क्या कहेंगे आप?
00:14अगर वही बच्चा सरकारी स्कूल में पढ़े तो उसकी मा के खाते में हर साल 15,000 रुपए आए अगर
00:20वो आगे पढ़ना चाहे तो 20,000,000 रुपए तक का बिना ब्याजवाला एजुकेशन लोन मिले अगर पढ़ाई पूरी होने
00:27के बाद भी नौकरी ना मिले तो हर महीने 4,000
00:30रुपए का बिरोजगारी भत्ता मिले और अगर वो टेक्नॉलजी की दुनिया में अपना भविश्य बनाना चाहे तो उसके लिए AI
00:37उनिवर्सिटी, AI सिटी और स्टार्ट अप सपूर्ट भी सरकार ही तयार कर रही हो
00:41सुनने में ये किसी विक्सित देश की वेलफेर स्टेट की कहानी लगती है लेकिन ये कहानी भारत के राजय तमिलनाडू
00:48की है
00:49सिर्फ कुछ महीने पहले तक जौसफ विजय को लोग एक सूपरस्टार अविनेता के रूप में जानते थे
00:55लेकिन राजनीती में आने के बाद जनता ने उन्हें तमिलनाडू की सत्ता सौपी और अब मुख्यमंतरी
01:01बनने के बाद उनकी पहली बड़ी परिक्षा शुरू हो चुकी है चुनाव के दौरान उन्होंने जुनता से वादा किया था
01:08कि उनकी सरकार सिर्फ सरकार नहीं होगी बलकि लोगों की जिंदकी बदलने वाला एक नया मॉडल पेश करेगी अब सत्ता
01:15संभालने के बाद विज
01:30कि अध्यक्ता में हुई क्याबिनेक बैठक में बैटरी तमिजगम विजिन डॉक्यूमेंट पेश किया गया इस विजिन डॉक्यूमेंट में 436 योजनाओं
01:39और विकास पर योजनाओं का पूरा रोड में अपरखा गया है सरगार का दावा है कि इस सिर्फ घोशनाओं की
01:56स�
01:56जोडते हुए 10 प्रमुख स्तंभों और 54 उप्प स्तंभों में विभाजित किया गया है इनमें तमिल पहचान और गौर सम्मान
02:04जनक जीवन और समाजिक सुरक्षा महिलाओं का सशक्ती करण युवाओं का विकास किसानों और मच्वारों का कल्यान विश्वस्तरिय शिक्ष
02:15अधुनिक इंफ्रस्ट्रक्चर और पार्दर्शी शासन जैसे विशय शामिल है सरकार ने इन योजनाओं को लागू करने के लिए भी विस्तरित
02:24व्यवस्ता वनाई है
02:24कुल 35 सरकारी विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारिया सौपी गई है अर विभाग के लिए लक्षताय किये गए हैं और
02:31योजना की डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानि की डीपियार तयार की जा रही है इन योजनाओं की निगरानी के लिए स्पेशल
02:37प्रोग्राम
02:38इंप्लिमेंटेशन डिपार्टमेंट बनाया गया है ताकि सवय समय पर समीक्षा हो और योजनाएं सिर्फ फाइलों तक समित ना रहे हैं।
03:11सरकार का कहना है कि इसका उदेश्य सर्क उपहार देना नहीं, इसके पीछे सोच यह है कि अधिक से अधिक
03:17गर्वती महिलाएं सरकारी इस्पतालों में सुरक्षित प्रसाव कराएं ताकि मातरी एवं शिशिव मित्युदर में कमी आए तथा सरकारी स्वास्त व्यवस्था
03:26�
03:26पर लोगों का भरोसा बढ़े, सरकार इसे सामाजिक सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक बता रही है, लेकिन यहीं से बहस
03:32भी शुरू हो गई है, विरोधी दलों का कहना है कि अगर सरकार के पास इतना पैसा है तो पहले
03:38सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूरी करे
03:41स्वासुविधाएं बहतर बनाएं और मेडिकल इंफ्रस्टरक्चर को मजबूर करें, उनका सवाल है कि क्या सोने की अमूठी बाटना वास्तों में
03:48स्वासुधार की नीती कहें या फिर उसके जंता को आकरशित करने की राजनेती रढ़ मिती है, अब आद दूसरी बड़ी
04:10युवाओं को नौकरे मिलने तक आर्थिक सहारा देगी, समर्थकों का तर्क है कि बड़ती बेरोजगारी के दौर में यह योजना
04:17लाखो युवाओं के लिए राहत साबित होगी, लेकिन आलूचाकों का कहना है कि सरकार को भत्ता देने के बजाए उद्योग
04:23में निवेश
04:24बढ़ा कर रोजगार के अवसर पैदा करने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
04:54सिर्फ पैसों की कमी के कारण अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ेगा। विजय सरकार सिर्फ पारंपरी की योजनाओं तक सिंद्पन ही रहना
05:00चाहती है। उसने भविशे की तक्नीक पर भी बड़ा दाव लगाया है। सरकार तमिलाडू की पहली AI उनिवसिटी स्थापित करन
05:10और टेक स्टार्टप को विशेश सहायता देने की भी योजना है। इसका उदेश्य राज्य को आर्टिफीशल इंटेलिजन्स और नई तक्नीकों
05:17का राष्ट्रिय केंद्र बनाना है। रोजगार को लेकर भी सरकार ने बड़ा राजनितिक दाव खेला है। विजन डॉक्
05:26और तमिलनाडू के स्थानिय युवाओं के लिए 75 प्रितिशत आरक्षन लागू करने की बात कहीं गई है। हलाकि इस प्रस्ताव
05:33को लेकर कानूनी और समयधानिक बहस पहले ही शुरू हो चुकी है। विशेशग्यों का कहना है कि इस तरह की
05:39नीती को लागू करना आसान न
05:52जोचना है जहां नागरिक सत्यापित हस्ताक्षरों के साथ अपनी याचिका सरकार तक पहुंचा सकेंगे। यदि किसी प्रस्ताव को परियाप्त जन
06:00समर्थन मिलता है तो सरकार को उस पर आधारी जवाब देना होगा या विधान सब हमें चर्चा करनी होगी। सरकार
06:07इसे
06:21समाज बनाने के लिए अव्यद रुप से गुटका बेशने वाली सैक्रों दुकानों पर कारवाई तेज करने का भी फैसला लिया
06:28गया है। सरकार का कहना है कि विकास के साथ साथ सामाजिक सुधार भी उसकी प्रात्मिक्ता है लेकिन अब सबसे
06:34बड़ा सवाल आर्थिक है�
06:36436 योजनाएं करोडों नहीं बलकि हजारों करोड रुपे से संभाविक खर्च। क्या तमिलनाडू की अर्थवयवस्था इसका भार उठा पाएगी। क्या
06:45ये योजनाएं चरनबद तरीके से लागू हो पाएंगी या फिर इन में से कई सिर्फ विजिन डॉक्युमेंट �
06:50तक समित रह जाएंगी। क्या ये मॉडल वास्तों में जनता की जंदीगी वदल देगा आने वाले वर्षों में राज्य के
06:57वित्य घाटे की स्तिथी बढ़ा देगा।
06:59इत्यास गवा है कि तमिल नाडू लंबे समय से विलफेर पॉलिटिक्स का केंद्र रहा है। कभी सस्ता राशने, कभी मुफ्त
07:06लैप्टॉप, कभी साइकल, कभी मिक्सर ग्राइंडर, कभी महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, यहां की राजरीती हमेशा कल्यानकारी य
07:26परशों में होगा। अगर यह योजनाएं सफल रहें, तो तमिल नाडू एक बार फिर देश के सामने एक नया शासन
07:32मोडर पेश करेगा। और दूसरे राज्यों पर इसी तरह की योजनाओं लाने का दबाब बढ़ सकता है। लेकिन अगर यह
07:39यह योजनाएं वित्य बोज
07:40बन गई या फिर समय पर लागू नहीं हो सकी तो यह भारत के सबसे महत्व कांग्शी राजनितिक प्रयोगों में
07:46से एक बन कर रह जाएगा। फिलाल इतना तय है कि मुख्यमंत्री जौसफ विजय अपनी पहली काबिनेट बैठक से ही
07:52संदेश दे चुके हैं कि उनकी सरकार
08:23बड़े लक्षे लेकर चल रही है।
08:24योजनाओं के जरीए एक बड़ा विजन तो पेश कर दिया है। असली परिक्षा घोशनाओं की नहीं, उनके जमीन क्रियावनवय की
08:31होगी। क्या ये मॉडल देश के लिए नई मिसाल बनेगा या फिर चुनावी वादू तक समच जाएगा। इसका जवाब तो
08:39आने वाला
08:54कि उसकी बाचीत, उसकी तारीफें पुरे देश में सुर्खियां बचोड रही है।
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