00:00तो आपको याद होगा पिछले शनिवार मैंने कहा था कि मैं सुट्जलेंड से जब वापस आऊंगा तो आप लोगों से
00:08मिलूंगा और हम देखी है कि हमारे मांगे पूरी होती है कि नहीं
00:12मांगे दो थी एक तो जो सीजेपी के द्वारा शिक्षा के बारे में मांगे कर रहे हैं जवाब देही के
00:18बारे में आपको याद होगा कि मेरे दिल के करीब दो मुद्दे हैं शिक्षा और परियावरन शिक्षा में तो ये
00:25जवाब देही हम मांग रहे हैं और परियावरन में �
00:29लदाक में जो संस्पृती और परियावरन के संग्रक्षन और लोगतंतर की बहाली के लिए
00:36दिल्ली के जंतर मंतर पर कौकरोट जंतर पार्टी का चल रहा प्रदर्शन अब एक नए मोड पर पहुंच गया है
00:41परियावरन कारेकर्ता और लदाक के सामाजी कनेता सोनम वांग्चुक ने बड़ा एलान करते हुए कहा
00:46कि अगर केंद्र सरकार 27 जून तक जंता के उठाए गए सवालों पर कोई ठोस जवाब या कारवाई नहीं करती
00:52तो 28 जून से जंतर मंतर पर अनवश्चित कालीन भूख हर्ताल शुरू हो जाएगा
00:57इस गोश्टा के बाद आंदोलन को नहीं गती मलती दिखाई दे रही है और शुक्षा ववस्था से जुड़े मुद्दे एक
01:02बार फिर राश्ट्रियों आहस के केंद्र में आ गए है
01:22और उनका कहना है कि लगतार सामने आ रही परिक्षा संबंदी अन्यमित्ताओं ने लाखो चात्रों के भविश्चे को प्रभावित किया
01:29है
01:29सोनम वांग्चुक लंबे समय से इस आंदोलन का समर्थन कर रहे है
01:32उन्होंने पहले भी जंतर मंतर पहुँचक चात्रों के साथ एक जूटता दिखाई थी
01:36अब उन्होंने साफ कहा है कि लोगतंतर में सरकार की जिम्मेदारी है कि वो जंता की आवाज सुने और उसके
01:42प्रती जवाब दे ही बने
01:43उन्हों के कहना है कि यदिशिक्षा और युवाओं के भविश्य जैसे महत्तो पुर्ण विशयों पर भी सरकार समवेदनशील नहीं होगी
01:50तो लोकतांतरिक तरीके से आंदोलन करना नागरिकों का अधिकार है
01:54नमस्कार चुले मैं अभी हूँ जिनीवा शहर के चंतर मंदर पर यानि की जो युनाइटेट नेशन से उसके आगे का
02:03पार्ट जहां पर यहां परदर्शन करने की पूरी अनुमती हो दिये किसी को भी और आप देख रहे हैं पूरा
02:10खुला है और पिछे युनाइटेट ने
02:24होगा पिछले शनिवार मैंने कहा था कि मैं सुट्जलेंड से जब वापस आऊंगा तो आप लोगों से मिलूंगा और हम
02:32देखी है कि हमारे मांगे पूरी होती है कि नहीं मांगे दो थी एक तो जो सीजेपी के दौरा शिक्षा
02:38के बारे में मांगे कर रहे हैं जवाब देही
02:53जो संस्कृती और परियावरन के संग्रक्षन और लूपतंतर की बहाली के लिए जैसा मैंने पिछले शनिवार कहा
03:02सरकार accountability जिमेदारी लें वो चाहे शिक्षा के शेतर में हो आप लोगों की आवास वो चाहे परियावरन और संस्कृति
03:12के शेतर में हो लदाक की आवास अगर ऐसा कोई accountability नहीं लेते हैं तो मैं ये कहूंगा कि आने
03:21वाले हफ़ते में मैं खुद आप लोगों के साथ अंशन पर
03:26बैठूंगा यहीं पर दोनु मुद्टों में से एक पर भी कोई जवाबते ही नहीं दिखाई जाती है तो शनिवार खतम
03:35होते रवी बार से मैं अंशन पर जाओंगा
03:38इन में से एक पर भी मानी जाती है, जवाब देही ली जाती है, तो फिर मुझे अंशन नहीं करना
03:46पड़ेगा, कम से कम एक मुद्टे को सुल जाया जाए, और इसी के साथ मैं आप सभी से जनीवा के
03:52जंतर मंतर से समवेदना जताते हुए विदा होता हूँ, जल भी रवीवार
04:05को आप लोगों से मिलोंगा, जय हैं।
04:56भूख हर्ताल शुरू हो जाएगी।
04:57पिछली बार यहाँ आये थे 20 तारिक पर, उन्होंने कहा था अगर धर्मेंदर प्रधान इस्तिफा नहीं देते शनीवार तक, तो
05:06वो अंचन पर बैठेंगे।
05:07तो आने वाले रवीवार से धर्मेंदर प्रधान के पास और दो दिन का वक्त है।
05:12और दो दिन दे रहे हम तुबेर, अभी भी वक्त ने गया है, थोड़ी भी शरम बच्ची हो, थोड़ी भी
05:17कदर है बच्चों के जिंदगी की।
05:18तो इस्तिफा देदी जीए, वरना संडे से, सोनों गाउंचुक, दे साइंटिस्ट, वन और ग्रेटेस एजुकेशनिस्ट उप इंडिया, वो यहां पर
05:25जनतर मंतर पर अंशन करने बैठने जा रहे है।
05:31तो आप लोगों से मेरी अपील है, जिन जिन लोगों को लग रहा है कि प्रोटेस्ट ये कब तक चलेगा,
05:35कब तक चलेगा, ये प्रोटेस्ट अभी शुरू ही हुआ है।
06:04कि अपनी जोब तक चोड़ चुके है, कि अब हम इस देश में कुछ बदल सकते हैं, तो जब तक
06:12चीजे बदले की नहीं, तब तक हम लोग पीछे नहीं हटेंगे।
06:27कि पीछे हटने के लिए मैं अमेरिका से वापस में आया हूँ, अगर पीछे हटना ही होता, अगर लंबी लड़ाई
06:32लड़नी ही नहीं होती, तो मैं अभी भी अमेरिका में बैठा रहे था।
06:35मैं आया हूँ इसलिए ताकि लंबी लड़ाई लड़नी है, और जितना हम इस सिस्टम को चेंज कर सकते हैं, उतना
06:40चेंज करनी की कोशिश करनी है, आसान नहीं है।
06:43इस शग्यों का मानना है कि सोनम बांग्चुक जैसे राष्ट्री अस्तर पर पहचाने जाने वाले सामाजिक कारेकरता के खुल कर
06:49समर्थन में आने से इस आंदोलन को व्यापक पहचान मल सकती है।
06:53उनकी छवी एक शान्तिपुन और गांधी वादी आन्दोलन के समर्थक की रही है।
07:23नहीं रहा बलकि जवाब दे ही, स्रिक्षा सुधार और लोकतांतरिक संबाद की एक बड़ी बहस का रूप ले चुका है।
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