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NEET Paper Leak: Sonam Wangchuk ने दिया सरकार को अल्टीमेटम, 28 जून से क्यों बैठेंगे भूख हड़ताल पर? | Oneindia Hindi
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन अब बेहद आक्रामक मोड़ पर पहुंच गया है। लद्दाख के सामाजिक नेता और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार को अल्टीमेटम देते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा कर दी है।

दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा पिछले कई दिनों से युवाओं और छात्रों के अधिकारों को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन जारी है। इस आंदोलन की प्रमुख मांगों में NEET परीक्षा पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल है। अब इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) का खुला समर्थन मिल गया है, जिससे आंदोलन की गूंज पूरे देश में तेज हो गई है।


About the Story:
Renowned activist Sonam Wangchuk has given a strict ultimatum to the central government, warning of an indefinite hunger strike at Delhi's Jantar Mantar from June 28, 2026. Supporting the ongoing protest led by the Cockroach Janta Party (CJP), Wangchuk has demanded accountability regarding the NEET paper leak case along with safeguards for Ladakh's environment and culture.

#SonamWangchuk #NEETPaperLeak #JantarMantarProtest #CJPProtest

~HT.318~PR.514~GR.508~VG.HM~

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Transcript
00:00तो आपको याद होगा पिछले शनिवार मैंने कहा था कि मैं सुट्जलेंड से जब वापस आऊंगा तो आप लोगों से
00:08मिलूंगा और हम देखी है कि हमारे मांगे पूरी होती है कि नहीं
00:12मांगे दो थी एक तो जो सीजेपी के द्वारा शिक्षा के बारे में मांगे कर रहे हैं जवाब देही के
00:18बारे में आपको याद होगा कि मेरे दिल के करीब दो मुद्दे हैं शिक्षा और परियावरन शिक्षा में तो ये
00:25जवाब देही हम मांग रहे हैं और परियावरन में �
00:29लदाक में जो संस्पृती और परियावरन के संग्रक्षन और लोगतंतर की बहाली के लिए
00:36दिल्ली के जंतर मंतर पर कौकरोट जंतर पार्टी का चल रहा प्रदर्शन अब एक नए मोड पर पहुंच गया है
00:41परियावरन कारेकर्ता और लदाक के सामाजी कनेता सोनम वांग्चुक ने बड़ा एलान करते हुए कहा
00:46कि अगर केंद्र सरकार 27 जून तक जंता के उठाए गए सवालों पर कोई ठोस जवाब या कारवाई नहीं करती
00:52तो 28 जून से जंतर मंतर पर अनवश्चित कालीन भूख हर्ताल शुरू हो जाएगा
00:57इस गोश्टा के बाद आंदोलन को नहीं गती मलती दिखाई दे रही है और शुक्षा ववस्था से जुड़े मुद्दे एक
01:02बार फिर राश्ट्रियों आहस के केंद्र में आ गए है
01:22और उनका कहना है कि लगतार सामने आ रही परिक्षा संबंदी अन्यमित्ताओं ने लाखो चात्रों के भविश्चे को प्रभावित किया
01:29है
01:29सोनम वांग्चुक लंबे समय से इस आंदोलन का समर्थन कर रहे है
01:32उन्होंने पहले भी जंतर मंतर पहुँचक चात्रों के साथ एक जूटता दिखाई थी
01:36अब उन्होंने साफ कहा है कि लोगतंतर में सरकार की जिम्मेदारी है कि वो जंता की आवाज सुने और उसके
01:42प्रती जवाब दे ही बने
01:43उन्हों के कहना है कि यदिशिक्षा और युवाओं के भविश्य जैसे महत्तो पुर्ण विशयों पर भी सरकार समवेदनशील नहीं होगी
01:50तो लोकतांतरिक तरीके से आंदोलन करना नागरिकों का अधिकार है
01:54नमस्कार चुले मैं अभी हूँ जिनीवा शहर के चंतर मंदर पर यानि की जो युनाइटेट नेशन से उसके आगे का
02:03पार्ट जहां पर यहां परदर्शन करने की पूरी अनुमती हो दिये किसी को भी और आप देख रहे हैं पूरा
02:10खुला है और पिछे युनाइटेट ने
02:24होगा पिछले शनिवार मैंने कहा था कि मैं सुट्जलेंड से जब वापस आऊंगा तो आप लोगों से मिलूंगा और हम
02:32देखी है कि हमारे मांगे पूरी होती है कि नहीं मांगे दो थी एक तो जो सीजेपी के दौरा शिक्षा
02:38के बारे में मांगे कर रहे हैं जवाब देही
02:53जो संस्कृती और परियावरन के संग्रक्षन और लूपतंतर की बहाली के लिए जैसा मैंने पिछले शनिवार कहा
03:02सरकार accountability जिमेदारी लें वो चाहे शिक्षा के शेतर में हो आप लोगों की आवास वो चाहे परियावरन और संस्कृति
03:12के शेतर में हो लदाक की आवास अगर ऐसा कोई accountability नहीं लेते हैं तो मैं ये कहूंगा कि आने
03:21वाले हफ़ते में मैं खुद आप लोगों के साथ अंशन पर
03:26बैठूंगा यहीं पर दोनु मुद्टों में से एक पर भी कोई जवाबते ही नहीं दिखाई जाती है तो शनिवार खतम
03:35होते रवी बार से मैं अंशन पर जाओंगा
03:38इन में से एक पर भी मानी जाती है, जवाब देही ली जाती है, तो फिर मुझे अंशन नहीं करना
03:46पड़ेगा, कम से कम एक मुद्टे को सुल जाया जाए, और इसी के साथ मैं आप सभी से जनीवा के
03:52जंतर मंतर से समवेदना जताते हुए विदा होता हूँ, जल भी रवीवार
04:05को आप लोगों से मिलोंगा, जय हैं।
04:56भूख हर्ताल शुरू हो जाएगी।
04:57पिछली बार यहाँ आये थे 20 तारिक पर, उन्होंने कहा था अगर धर्मेंदर प्रधान इस्तिफा नहीं देते शनीवार तक, तो
05:06वो अंचन पर बैठेंगे।
05:07तो आने वाले रवीवार से धर्मेंदर प्रधान के पास और दो दिन का वक्त है।
05:12और दो दिन दे रहे हम तुबेर, अभी भी वक्त ने गया है, थोड़ी भी शरम बच्ची हो, थोड़ी भी
05:17कदर है बच्चों के जिंदगी की।
05:18तो इस्तिफा देदी जीए, वरना संडे से, सोनों गाउंचुक, दे साइंटिस्ट, वन और ग्रेटेस एजुकेशनिस्ट उप इंडिया, वो यहां पर
05:25जनतर मंतर पर अंशन करने बैठने जा रहे है।
05:31तो आप लोगों से मेरी अपील है, जिन जिन लोगों को लग रहा है कि प्रोटेस्ट ये कब तक चलेगा,
05:35कब तक चलेगा, ये प्रोटेस्ट अभी शुरू ही हुआ है।
06:04कि अपनी जोब तक चोड़ चुके है, कि अब हम इस देश में कुछ बदल सकते हैं, तो जब तक
06:12चीजे बदले की नहीं, तब तक हम लोग पीछे नहीं हटेंगे।
06:27कि पीछे हटने के लिए मैं अमेरिका से वापस में आया हूँ, अगर पीछे हटना ही होता, अगर लंबी लड़ाई
06:32लड़नी ही नहीं होती, तो मैं अभी भी अमेरिका में बैठा रहे था।
06:35मैं आया हूँ इसलिए ताकि लंबी लड़ाई लड़नी है, और जितना हम इस सिस्टम को चेंज कर सकते हैं, उतना
06:40चेंज करनी की कोशिश करनी है, आसान नहीं है।
06:43इस शग्यों का मानना है कि सोनम बांग्चुक जैसे राष्ट्री अस्तर पर पहचाने जाने वाले सामाजिक कारेकरता के खुल कर
06:49समर्थन में आने से इस आंदोलन को व्यापक पहचान मल सकती है।
06:53उनकी छवी एक शान्तिपुन और गांधी वादी आन्दोलन के समर्थक की रही है।
07:23नहीं रहा बलकि जवाब दे ही, स्रिक्षा सुधार और लोकतांतरिक संबाद की एक बड़ी बहस का रूप ले चुका है।
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