00:00हजारों किलोमेटर दूर वेनेज्वेला में आई तबाही और भारत से आया मदद का संदिख
00:21प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस मुश्किल घड़ी में भारत वेनेज्वेला के साथ खड़ा है
00:27और हर संभव मदद के लिए तयार है लेकिन आखिर इस भुकम्प ने कितनी तबाही मचाई है दुनिया कैसे मदद
00:35के लिए आगे आ रही है और सबसे बड़ा सवाल अगर ऐसा ही भुकम्प भारत में आए तो क्या हम
00:41उसके लिए तयार है आईए जानते हैं इस रिपोर्ट में
00:45नमस्कार मैं हूँ विशाख शर्मा और आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंदी दक्षिन अमेरिकी देश वेनेजवेला इस वक्त अपने
00:54हाल के सबसे बड़े प्राकृतिक संकटों में से एक कर सामना कर रहा है देश के उत्तरी तट के पास
01:01आए दो शक्तिशाली भुकम्�
01:15के मलबे में तब्दील हो गई है और राहत बचाव अभियान लगा तार जारी है अधिकारियों को आशंका है कि
01:22जैसे जैसे मलबा हटेगा हताहतों की संख्या बढ़ सकती है अमेरिकी भुवेग्यानिक सर्वे यानि यू एस जी एस के मताबिक
01:31पहला पुकम साथ पॉइंट
01:45जबकि दूसरा भुकम लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर आया इसके बाद 20 से अधिक आफ्टर शॉक्स महसूस किये गए
01:52जिससे लोगों में दहशत फैल गई हजारों लोग घरों से बाहर निकल आये और पूरी रात खुले मैदानों में बिताने
01:59को मजबूर हो गए रा�
02:15इसली और संचार सेवाए भी कई इलाकों में प्रभावित हुई हैं बचावदल मलबे में फसे लोगों को निकालने के लिए
02:21युद्सर पर अभियान चला रहे हैं लेकिन ये खबर सिर्फ वेनेजवेला की नहीं है इस भुकम्प ने एक बार फिर
02:28पूरी दुनिया को ये सो
02:45इसल भारत भी दुनिया के सबसे भुकम समवेदन शील देशों में गिना जाता है इसकी वजह है भारत टेक्नॉनिक प्लेट
02:52का लगातार उत्तर की ओर बढ़ना और यूरेशन प्लेट से तक्राना यहीं तक्राव हिमाचली शेत्र में लगातार भूभरगिये हल्चल पैद
03:14वाले शेत्रों में आता है यानि देश का आधे से ज्यादा हिस्सा किसी ना किसी स्पर पर भुकम के खत्रे
03:21में है भारत को ब्योरो ओफ इंडियन स्टांडर्ड यानि बी आएस ने चार सिस्मिक जोन में बाटा है इसमें जम्मू
03:33कश्मीर हिमाचल प्रदेश उत्राखंट �
03:36पूर्वोत्तर के अधिकांश राज्य, गुजरात का कच शेत और अंदवान निकोबार द्वीब समू शामिल है।
03:42इन इलाकों में बड़े और विनाशकारी भुकम आने की आशंगा सबसे अधिक रहती है।
03:47इसके बाद आता है जोन 4 इसमें दिल्ली, सिक्किम, पंजाब, राजिस्थान के कुछ हिस्से, जम्मु कश्मीर और महराश्टर के कुछ
03:56इलाके शामिल है।
03:57यहां भी बड़े नुकसान की संभावना बनी रहती है।
04:01जोन 3 में केरिल, गोवा, तमिलनाडू, मध्यप्रदेश और उत्यप्रदेश के कुछ हिस्से आते हैं।
04:08जहां मध्यम सर का भुखम जोकिम मौजूद है।
04:10जबकि जोन 2 को अपेक्शाकरत कम जोकिम वाला शेत्र माना जाता है।
04:15विशेशग्यों का कहना है कि भुखम में सिर्फ उसकी तीजरता ही जानलिवा नहीं होती।
04:20असली फर्क पड़ता है इमारतों की मजबूती, निर्मान के मानकों, अबादी के घनत्व और आबदा के समय की तयारी से।
04:28साल 2023 में तुर्की और सीरिया में आये विनाशकारी भुकम्प ने भी पूरी दुनिया को यही सपक सिखा दिया था
04:36कि कमजोर निर्मान और खराब तेयारी हजारों जिंदगिया चीन सकती है।
04:41यही वज़ा है कि भारत में भी लगात्तार भुकम्प रोधी निर्मान को बढ़ावा देने, पुराने भवनों की रेट्रोफिटिंग, अस्पतालों और
04:48स्कूलों को सुरक्षित बनाने, अर्ली वर्निंग सिस्टम, नियमित मॉकड्रिल, लोगों को में जागरुकता और N
04:55DRF जैसी एजिंसियों की शमता बढ़ाने पर जोड दिया जा रहा है, अगर किसी बड़े भुकम्प की स्थिती बनती है,
05:02तो सबसे पहले नुकसान का आकलन किया जाता है, इसके बाद NDRF राज्य आबदा प्रतिक्रिया बल और स्थानिय प्रशासन भोज
05:10एवं बचाव अ�
05:21हचाई जाती है, इसके बाद शुरू होता है पुनर्वास का लंबा दौर, जिसमें सडकों, अस्पतालों, स्कूलों और अन्य बुनियादी धाचे
05:29का दोबारा निर्मान किया जाता है, अब लोटते हैं वेनेजवेला की ओर, इस तरास्थी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र
05:36मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है, उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वेनेजवेला में आए विनाशकारी भुकंप से हुई
05:43तबाही से उन्हें बेहत दुख हुआ है, भारत की जनता की ओर से उन्होंने वेनेजवेला की सरकार और वहां के
05:49लोगों के प्रती गहर
06:03संभव सहायता देने के लिए तयार है, भारत का ये संदेश ऐसे समय आया है जब पूरी दुनिया वेनेजवेला की
06:11मदद के लिए आगे आ रही है, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भारत पहले भी नेपाल, तुर्की, म्यानमार और कई अन्य
06:19देशों को राहत सामगरी,
06:20चिकित सा सहायता और बचावदल भेच चुका है, ऐसे में जरूरत पढ़ने पर वेनेजवेला को भी भारत की ओर से
06:27मानवीय सहायता मिल सकती है, वहीं अमरीकी राश्च्रपती डॉनल्ड ट्रम्प ने भी वेनेजवेला में आई इस आपदा पर दुख व्यक्त
06:35किया है, उ
06:50और जरूरी राहत सामगरी भेजने की प्रक्रियाश भी शुरू कर दी है, वेनेजवेला के अधिकारियों का कहना है कि अभी
06:57भी कई इलाकों तक पहुंचना मुश्किल बना हुआ है, इसलिए नुकसान का वास्तविक आकड़ा सामने आने में समय लग सकता
07:04है, राहत और ब�
07:20भुकंप की तीवरता, गहराई, आबादी, निर्मान की गुणवत्ता और पिछले भुकंप के आकड़ों का विशलेशन कर संभावित नुकसान का अनुमान
07:29लगाता है, शुरुवाती आकलन में बड़े पैमाने पर जनहित और भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताई �
07:35गई है, हाला कि ये केवल एक प्रारंभिक विज्ञानिक अनुमान है और वास्तविक स्थिती का पता राहत एवं बचाव अभियान
07:43पूरा होने के बाद ही चलेगा, फिरहाल वेनिजुएला में समय के खिलाफ लड़ाई चल रही है, मल्मे में जिंदगी तलाशने
07:51की कोशि
07:51लगातार चल रही है, पूरी दुनिया की नजर इस रिस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी है और कई देश मानुविय सहायता के
07:59लिए आगे आ चुके हैं, लेकिन इस त्रासदी ने भारत समेथ दुनिया के हर उस देश को एक बार फिर
08:05याद दिलाया है कि भुकम कभी चेतावनी �
08:07देकर नहीं आता, इसलिए मजबूत इमारते, बहेदर आपदा प्रमंधन और समय रहते की गई तयारी ही सबसे बड़ी सुरक्षा होती
08:15है, पिलाल इस बड़ी खबर में इतना है, ऐसी ही बड़ी और विश्वस्निये खबरों के लिए देखते रहें One India
08:22Hindi
Comments