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वेनेजुएला में आए लगातार दो शक्तिशाली भूकंपों ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। 7 से ज्यादा तीव्रता वाले इन झटकों के पीछे टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल को मुख्य वजह माना जा रहा है। जानिए कैरेबियन प्लेट और साउथ अमेरिकन प्लेट के टकराव से कैसे पैदा हुई इतनी बड़ी ऊर्जा और क्यों आया एक के बाद दूसरा भूकंप। वैज्ञानिकों ने आफ्टरशॉक्स को लेकर भी चेतावनी दी है।

Two powerful earthquakes struck Venezuela within a short time, creating panic across the region. Scientists explain that the reason behind these strong tremors is linked to the movement of tectonic plates beneath the Earth’s surface. The Caribbean Plate and South American Plate interaction creates massive underground stress. Learn why double earthquakes happen, what causes aftershocks, and whether this event signals a bigger geological threat in the future.

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00:09वेनिजवाला में बुद्वार शाम धर्ती अचानक काम पुठी।
00:39वेनिजवाला में इतने तेज और लगातार दो भुकंप क्यों आए? इसका जवाब छिपा है धर्ती के अंदर मौजूद टेक्टॉनिक प्लेटों
00:48की हलचल में।
00:49हमारी धर्ती उपर से भले ही स्थेर दिखाए देती है, लेकिन इसके अंदर लगातार हलचल चलती रहती है।
00:55पृत्वी की उपरी परत कई बड़े चटानी प्लेटों में बटी हुई है, जिन्हें टेक्टॉनिक प्लेट कहा जाता है।
01:01ये प्लेटे बहुत धीमी गती से लगातार खिसकती रहती है।
01:04वेनिजवेला ऐसी जगह पर मौझूद है, जहां केरिबियन प्लेट और साउथ अमेरिकन प्लेट एक दूसरे के संपर्क में आती है।
01:11इन दोनों प्लेटों के बीच लंबे समय से दबाव बनता रहता है।
01:15जब ये दबाव चटानों की सहने की क्षमता से ज्यादा बढ़ जाता है, तो धर्ती के अंदर मौझूद फॉल्ट लाइन
01:21अचानक तूट जाती है।
01:22इसी प्रक्रिया में जमा हुई उर्जा भूकम्पिय तरंगों के रूप में बाहर निकलती है और हमें भूकम्प महसूस होता है।
01:29लेकिन इस घटना में सबसे ज्यादा चर्चा लगातार आये दो बड़े भूकम्पों की हो रही है।
01:34वेग्यानिकों के मुताबिक कई बार बड़े भूकम्प के बाद उसी क्षेतर में दूसरा बड़ा जटका भी आ सकता है।
01:40इसे अर्थ्क्वेक डबलेट कहा जाता है।
01:42जब पहला बड़ा भूकम्प आता है तो वो आसपास की चट्टानों पर मौजूद तनाव को बदल देता है।
01:48इससे फॉल्ट सिस्टम के किसी दूसरे हिस्से में भी अचानक हलचल शुरू हो सकती है और दूसरा शक्तिशाली भूकम्प पैदा
01:54हो सकता है।
01:55यानि पहला भूकम्प सिर्फ एक अलग घटना नहीं होता बलकि धर्ती के अंदर चल रही पूरी प्रक्रिया का हिस्सा हो
02:01सकता है।
02:01भूकम्प के बाद अब एक और खत्रा आफ्टर शॉक्स का होता है।
02:05आफ्टर शॉक्स वे छोटे या मध्यम जटके होते हैं जो बड़े भूकम्प के बाद कई घंटों, दिनों या कभी-कभी
02:11हफ्तों तक आते रहते हैं।
02:12ऐसा इसलिए होता है क्योंकि धर्ती के अंदर की चटाने नए संतुलन की स्थिती में आने की कोशिश करती हैं।
02:18वैज्यानिकों का कहना है कि साथ से ज्यादा तीवरता वाला भूकम्प काफी शक्तिशाली माना जाता है।
02:24ऐसे भूकम्प कमजोर इमारतों को नुकसान पहुचा सकते हैं और बड़े क्षेत्र में असर डाल सकते हैं।
02:29हाला कि सिर्फ दो बड़े जटकों के आधार पर ये अनुमान नहीं लगाया जा सकता कि आने वाले समय में
02:34कोई और बड़ा भूकम्प जरूर आएगा।
02:37वेनिजवेला और आसपास का केरिबियन शेत्र पहले भी भूकम्प ये गतिविधियों के लिए जाना जाता रहा है।
02:42इतिहास में इस इलाके में कई बड़े भूकम्प दर्ज किये गए हैं।
02:46इसका कारण वही सक्रिय प्लेट सीमा है जहां धर्ती के अंदर लगातार उर्जा जमा और रिलीज होती रहती है।
02:52ये घटना हमें याद दिलाती है कि धर्ती के अंदर चलने वाली प्रक्रियाएं कितनी शक्तिशाली हैं।
02:57इंसान ने विज्ञान में काफी तरक्की कर ली है लेकिन आज भी भूकम्प की सटीक भविश्यवानी करना संभब नहीं है।
03:03वैज्यानिक सिर्फ भूकम्प ये गतिविधियों को मॉनिटर कर सकते हैं और संभावित खत्रे को समझने की कोशिश कर सकते हैं।
03:10वैनिज्वेला में आए ये दो भूकम्प किसी रहिस्यमई घटना का परिणाम नहीं बलकि करोडों साल से चल रही प्रित्वी की
03:16प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
03:18धर्ती की प्लेटों की ये लगातार हलचल ही कभी पहार बनाती है, कभी समुद्र की संरचना बदलती है और कभी
03:24ऐसे बड़े भूकम्पों को जन देती है।
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