Skip to playerSkip to main content
Sheikh Hasina Return: क्या फांसी की सजा के बावजूद Bangladesh लौटेंगी शेख हसीना? | Oneindia Hindi

क्या बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आने वाला है? फांसी की सजा और कानूनी मुश्किलों के बावजूद शेख हसीना ने अपने देश लौटने का बड़ा ऐलान किया है! जानिए क्या है पूरा मामला और क्या कह रहे हैं तारिक रहमान।

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की राजनीति में फिर से वापसी की चर्चाओं ने ढाका से लेकर नई दिल्ली तक हलचल तेज कर दी है। 5 अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के बाद भारत आईं शेख हसीना ने कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की चेतावनियों के बीच दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का संकल्प दोहराया है। बीएनपी के तारिक रहमान के नेतृत्व में बनी नई सरकार के लिए यह ऐलान एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।

रिपोर्टों के अनुसार, जमालपुर, खुलना, राजशाही, पाबना और जेसोर समेत कई जिलों में आवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने बंद पड़े पार्टी दफ्तरों को दोबारा खोलने और झंडे लहराने शुरू कर दिए हैं। यद्यपि सरकार ने किसी आधिकारिक अनुमति से इनकार किया है, फिर भी हसीना के समर्थकों का फिर से सक्रिय होना आवामी लीग के पुनरुत्थान के संकेत दे रहा है। देखिए इस खास रिपोर्ट में कि शेख हसीना के इस कदम का बांग्लादेश की राजनीति और भारत-बांग्लादेश संबंधों पर क्या असर पड़ेगा।

About the Story:

Former Bangladesh Prime Minister Sheikh Hasina has announced her intention to return to Dhaka despite facing a death sentence and legal trials. Following the election win of BNP leader Tarique Rahman, reports indicate that Awami League workers are attempting to reopen local party offices across various districts. Watch this report on Hasina's planned December return and its political impact on Bangladesh.


#SheikhHasina #BangladeshPolitics #TariqueRahman #AwamiLeague

~PR.514~HT.408~ED.276~GR.506~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:00बांग्लादेश की राजनीती में एक बार फिर शेक हसीना का नाम केंदर में आ गया है।
00:05सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि पूर्फ प्रधानमंत्री दिसंबर में धाका लोटेंगी या नहीं,
00:10बलकी बड़ा सवाल ये है कि क्या उनके लोटने से बांगलादेश की राजनीती में एक नया अध्याय शुरू होगा
00:16चुनाफ के बाद बदले राजनीतिक माहौल, आवामी लीग से जुढे नेताओं और कारेकरताओं की गतिविधियों और अदालतों से मिल रही
00:25कानूनी राहत के बीच हसीना की वापसी का एलान कई बड़े संकेद दे रहा है
00:295 अगस्त 2024 को चात्र आंदोलन के हिंसक रूप लेने के बाद शेक हसीना को प्रधान मंत्री पद छोड़ना पड़ा
00:37और वो भारत आ गई
00:39इसके बाद बांगलादेश में अंतरिम व्यवस्था बनी और आवामी लीग की राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई
00:45पार्टी के कई नेता गिरफतार हुए, कई भूमिगत हो गए और कुछ देश छोड़कर चले गए
00:51लेकिन करीब दो साल बाद तस्वेर पूरी तरह शांत नजर नहीं आ रही है
00:55फरवरी 2026 में बांगला देश में आम चुनाव हुए, आवामी लीग को चुनाव लड़ने की अनुमती नहीं मिली और BNP
01:03के तारिक रह्मान के नित्रित्व में नहीं सरकार बनी
01:07चुनाव के बाद ये माना गया कि आवामी लीग की सक्रिय राजनीती लगभग हत्म हो चुकी है
01:12लेकिन कही जिलों से पार्टी संगठन के दोबारा सक्रिय होने की खबरे सामने आने लगी
01:17रिपोर्टों के मुताबिक जमालपुर, खुलना, राजशाही, पाबना, राजबाडी, जैसौर और कॉक्स बाजार समेत कही जिलों में
01:26आवामी लीग से जुड़े लोगों ने बंद पड़े पार्टी कारियालेओं को दोबारा खोलने की कोशिश की
01:31कुछ जगहों पर पार्टी के जंडे लगाए गए और शेख मुझीबुर रह्मान तथा शेख हसीना की तस्वीरे भी दिखाए दी
01:38हाला कि सरकार ने साफ किया कि इन कारियालेओं को खोलने के लिए कोई आधिकारिक अनुमती नहीं दी गई थी
01:44यहीं से पहला बड़ा सवाल उठता है क्या ये सिर्फ स्थानिय कारिकरताओं की पहल है या आवामी लीग जमीन पर
01:51अपना संगठन फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रही है
01:54सरकार का रुख फिलहाल सख्त है आवामी लीग की राजनीतिक गतिवितियों पर प्रतिबंध का मुद्दा अभी भी कायम है और
02:01सरकार ने पार्टी को आधिकारिक राजनीतिक गतिविधियां करने की अनुमती नहीं दी है
02:06इसलिए कुछ पार्टी कार्यालेओं का खुलना प्रतिबंध हटने का संकेत नहीं माना जा सकता
02:11इसी बीच कुछ हावामी लीग से जुड़े नेताओं को अदालतों से जमानत भी मिली है
02:16मई 2026 में पूर्व पुलिस अधिकारी तन्वीर सलीम इम्मोन को जुलाई आंदोलन से जुड़े हत्या के मामले में जमानत मिली
02:24जुलाई में पूर्व सांसद चली आजाद को भी हत्या के मामले में जमानत मिली
02:29हाला कि इन जमानतों को सरकार की ओर से आवामी लीग के प्रती नर्मी का सीधा संकेत मानना जल्दबाजी होगी
02:36ये अदालतों के आदेश हैं और इनसे पार्टी पर लगा राजनीतिक प्रतिबंध अपने आप समाप्त नहीं होता
02:42लेकिन इस पूरी कहानी का सबसे एहम हिस्सा है शेख हसीना की संभावित वापसी
02:47जुलाई में रॉइटर्स से बातचीत में हसीना ने कहा था कि वो दिसंबर दोहजार चबबीस के आसपास
02:53अपने सीनियर आवामी लीग नेताओं के साथ भारत से बांगलादेश लोटना चाहती है और अदालत के सामने आत्म समर्पन करने
03:01के लिए तैयार है
03:02उन्होंने ये भी स्वीकार किया कि वापसी के बाद उन्हें गिरफतार किया जा सकता है और गंभीर कानूनी कारवाई का
03:08सामना करना पड़ सकता है
03:10पांच अगस्त को दिल्ली में एक कारिक्रम में आउडियो संदेश की जरिये भी उन्होंने दिसंबर में बांगलादेश लोटने की इच्छा
03:16दोहराई और आवामी लीग पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग की
03:20लेकिन धाका का रुख इसके बिलकुल उलट है
03:23बांगलादेश सरकार का कहना है कि हसीना के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है और अगर वो देश लोटती है तो
03:30उन्हें गिरफतार किया जाएगा
03:31यानि हसीना की वापसी सिर्फ राजनीतिक नहीं बलकि सीधे तोर पर कानूनी और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा भी बन चुकी
03:38है
03:38नवंबर दो हजार पचीस में बांगलादेश की एक विशेश अदालत ने दो हजार चौबीस के आंदोलन के दौरान मानवता के
03:45खिलाफ अपराधों के मामले में हसीना को उनकी गैर मौजूदगी में मौत की सजा सुनाई थी
03:51हसीना इस फैसले और आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताती रही है
03:55संयुक्त राष्ट्र के अनुसार दो हजार चौबीस के आंदोलन और उसके बाद हुई हिंसा में करीब 1400 लोगों की जान
04:02गई थी
04:03ऐसे में अगर शेक हसीना वास्तव में दिसंबर में बांगलादेश लोटती हैं तो ये सिर्फ एक पूर्फ प्रधान मंत्री की
04:09घर वापसी नहीं होगी
04:10ये नई सरकार, न्यायपालिका, आवामी लीग के समर्थकों और भारत बांगलादेश संबंधों सभी के लिए बड़ी परीक्षा होगी
04:18सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बांगलादेश में आवामी लीग की राजनीतिक जमीन फिर तयार हो रही है या
04:25ये सिर्फ बिखरे हुए स्थानिय प्रयास है और अगर हसीना वापस आती हैं तो क्या वो जेल जाएंगी, अदालत का
04:31सामना करेंगी या उनकी वापसी बा
04:50आपाउने याप्ट आपनू है उनकी है या इनकी या ये यापना वापस्टे लिए ये ये सब्सकेट अबड़े टूरा है।
Comments

Recommended