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बंगाली सिनेमा के मशहूर Filmmaker और National Award विजेता Raja Sen का 71 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने Kolkata के SSKM Hospital में आखिरी सांस ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह लंबे समय से Health Issues से जूझ रहे थे और उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। Raja Sen को उनकी National Award-winning फिल्म ‘Damu’ के लिए खास तौर पर याद किया जाता है। इसके अलावा उन्होंने Documentary और Television में भी महत्वपूर्ण काम किया था। उनके निधन की खबर सामने आते ही Bengali Film Industry में शोक की लहर दौड़ गई। फिल्म जगत से जुड़े लोगों और Fans ने Social Media पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। Raja Sen की फिल्मों और उनकी storytelling की विरासत लंबे समय तक याद की जाएगी।

Renowned Bengali filmmaker and National Award winner Raja Sen has passed away at the age of 71. He breathed his last at SSKM Hospital in Kolkata. According to reports, the filmmaker had been dealing with health issues for some time and his condition had become critical. Raja Sen is best remembered for his National Award-winning film ‘Damu’. He also made significant contributions to documentary filmmaking and television. His passing has left the Bengali film industry mourning, with colleagues and fans paying tribute to the filmmaker on social media. Raja Sen’s distinctive storytelling and contribution to Bengali cinema will continue to be remembered through his films and work.

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Raja Sen Dies At 71: National Award-Winning Bengali Filmmaker Passes Away After Prolonged Illness :: https://www.filmibeat.com/bollywood/news/2026/bengali-filmmaker-raja-sen-dies-at-71-after-prolonged-illness-527971.html?ref=DMDesc



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Transcript
00:09बेंगाली फिल्म में इंडिस्टी से एक बहुत ही दुखत भधी खबर सामने आई है नेशनल अवार्ड विनिंग फिल्म में कर
00:14राजसेन अब हमारे बीच नहीं है
00:1771 साल की उम्र में उनका निधन हो गया लंबे वक्स से उनकी तबीत खराब चल रही थी और आखरी
00:23दिनों में उनकी हालत काफी जाद बिगड़ गई थी
00:25हॉस्पिटल में भी उन्ही वेंटिलेटर सपूर पर रखा गया था राजसेन को खास तोर पर उनकी नेशनल अवार्ड विनिंग फिल्म
00:32दामु के लिए याद किया जाता है
00:34साल 1996 में आई इस फिल्म में बहुत से कलाकार देखने को मिले थी और इस फिल्म को Best Children
00:40Film का National Award मिला था
00:42लेकिन राजसेन का सफर सर्फ एक फिल्म तक सिमित नहीं रहा
00:46उन्होंने बंगाली सिनेमा के साथ साथ टेलिविजन और डोकुमेंटरी की दुनिया में भी लंबे बक तक काम किया
00:51उनकी निधन की खबर सामने आते ही बेंगोली फिल्म एंडरस्टी में शोग की लहत दुड़ गई
00:56कई कलाकार और फिल्म से जुड़े लोगों ने उन्हें याद कर श्रधाज ली दी
01:00उनके काम का एक बड़ा खास हिस्सा ये था कि उन्होंने कहानियों को सिर्फ एंटरटेन्मेंट की नजरिये से नहीं देखा
01:06बलकि समाज और इंसानी रिष्टों को भी अपने फिल्मों में चखा दी
01:10राजा सेन ने अपने करियर के शुरुआत डोकुमेंटरी फिल्म मेकिंग से की थी
01:14उनकी डोकुमेंटरी सुचित्रा मित्रा को भी नेशनल अवार्ड भिला था
01:18लेकिन उसके बाद उन्होंने फिल्मों की दुनिया में कदम रखा
01:21और फिल्म डामू ने उनकी पॉपलरिटी में चार चांद लगाए
01:24इसके लाबा उन्होंने कई फिल्मों का निर्देशन किया
01:26और उनकी फिल्म देश में जया बच्चन और अभी शेक बच्चन भी नज़र आये थे
01:31रिपूर्ट्स की मानी तो राजा सेन पिछले कुछ वक्त से हेल्थ की समस्या से जूज रहे थे
01:35शुरुआत में उन्हें एक प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के लिए एडमिट कराया गया
01:39लेकिन बात में उनकी हालत बिगरने के बाद उन्हें SSKM हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया था
01:45वहाँ उन्हें लंग से हार्ट और केडनी से जुड़ी जो परिशानी थी उसका सामना करना पड़ा
01:50लेकिन आज उनके जाने के बाद पीछे रह गई है उनकी बनाई फिल्मों की एक बड़ी विरासत
01:55राजा सेन सिर्फ एक फिल्म में कर नहीं थे बलकि बंगाली सिनेमा में उस जनरेशन का हिस्सा थे
02:00जिसनी मिनिंगफुल स्टोरी टेलिंग को अपनी पहचान बनाया था
02:04उनका जाना बंगाली सिनेमा के लिए एक बड़ा लोस है
02:07उनकी फिल्मों की जरिये उनकी सोच उनका सिनेमा और उनकी कहानिया लंबे बगता का फैंस के बीच जिन्दा रहेंगी
02:13हम भी अपनी टीम की तरफ से उन्हें शद्धांजली अर्पित करते हैं
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