00:03इस बार नाग पंचमी पर सावन सोंवार का दुरलब संयोग पढ़ रहा है।
00:30पूजा के मुख्य मुहुर्त की बात करें तो प्रातरकाल शुमुहुरत सुबह पांच बचकर एक्यावन मिनट से साड़े आट बजे तक
00:36रहेगा।
01:00इत्र मौली गाय का कच्चादूर तुलसी दल मंदार का फूल पांच मिठाई बेल पत्र धतूरा दही देसी घी जनेव फल
01:08फूल सुखे मेवे बेर जोंकी बालियां करपूर धूप हल्दी रोली और अक्षत आदी।
01:14अब बात करते हैं पूजा विधी की।
01:16इस दिन सुबह स्नानादी से नवरत्त होकर साफ वस्तर पहन के नागपंचमी की वरत और पूजा का संकल पले।
01:22अगर आप वरत नहीं भी रख रहे तो भी पूजा विधिवत कर सकते हैं।
01:26मैं आपको बता दे कि नागपंचमी के पावन मौके पर बारह नागो की पूजा करनी चाहिए।
01:56की पूजा कर रहे हैं तो बारह नागो को चंदन का तिलक और अक्षत अर्पित करें।
02:00उसी प्रतिमा या चत्र पर बारह बार तिलक करें। इसके बाद नागदेवता को सुगंधित फूल अर्पित करें।
02:06और अच्छा इत्र लगाएं। धूप और दीप दिखाएं। नागदेवता को भोग अर्पित उनका दूद से अभिशेक करें। जहां कच्चे दूद
02:13से अभिशेक किया जाएगा।
02:15तो वहीं मीठा दूद और लावा गुड के साथ भोग के रूप में चड़ाया जाएगा। इसके बाद ओम नागदेवताय नमह
02:21मंत्र का जाप करें। शास्त्रों में साफ लिखा है कि बेजवान जीवों को तंग करना पाप है। इसलिए असल के
02:27नाग को दूद पिलाने य
02:43तो शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर दूद अरपित करके उनके गले में वासुकी को भी दूद चड़ाया जा सकता
02:50है। फिलहाल इस वीडियो में इतना ही। वीडियो को लाइक और शेयर करें। साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें।
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