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80 साल, 80 कहानियां: इन उपलब्धियों ने बदली भारत की तस्वीर, देखें कहानी

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00:00मस्कार स्वागत आपका आपका देख रहे हैं कहानी 2.0 आपके साथ हुमें नहा बात हूँ
00:04आज कहानी सिर्थ तारीखों की नहीं आज कहानी ए उन 80 सालों की है जिनोंने भारत की तस्वीर बदल दी
00:111947 में आजादी के साथ शुरू हुआ सफर कभी विज्ञान में नई उडान बना कभी खेतों में हर्याली लेकर आया
00:19कभी अंत्रिक्ष में तिरंगा पहुचा तो कभी खेल के मैदान में दुनिया को चौकाया
00:24लोग तंत्र से लेकर टेक्नोलोजी तक सरक्ष से लेकर साटलाइट तक भारत ने 80 सालों में अंबा सफर तै किया
00:32है तो आज कहानी में देखिए आजादी के बाद 80 साल और उन 80 कमालों की कहानी जोने भारत को
00:39दुनिया में अलग पहचान दिलाई है
00:58आजादी मिली तो भारत आजाद जरूर था लेकिन पूरा एक नहीं था
01:02अंग्रेजों के जाने के बाद देश के सामने सबसे बड़ी चुनावती थी सैक्ड़ों रियासतों को एक भारत का हिस्सा बनाना
01:10करीब 565 देशी रियासतों के सामने अपने भर्श का सवाल था
01:14ऐसे वक्त में सरदार वल्लब भाई पटेल ने रियासतों के विलाय का अभियान चलाया
01:19कोटनीती, समझदारी और सरवत पढ़ने पर सक्त फैस्तों के जरिये ज्यादातर रियासतें भारतिय संग में शामिल हुई
01:32आज भारत दुनिया की प्रमुख परमानु शक्तियों में गिना जाता है
01:36लेकिन इसकी नीव आजादी के तुरंत बाद रखी गई थी
01:391947 में भारत ने परमानु उर्जा कारिकरम की शुरुवात की और इसके केंदर में थे वज्यानिक होमी जहांगिर भाबा
01:46भाबा का मानना था कि विज्यान और तकनी आने वाले भारत की ताकत पनेंगे
01:51परमानू उर्जा को स्तिर्फ हत्यारों तक सिमित नहीं रखा गया, बलकि बिजली, शोध और वज्यानिक विकास से जोड़ कर देखा
01:59गया
02:05आज बैंकिंग हमारी रोजमर्रा की जिन्दगी का हिस्सा है
02:09लेकिन आजादी के शुरुवाती सालों में भारत को बैंकिंग विवस्था को राष्ट्रिय जरुतों के मुताबिक मजबूत करना था
02:151948 में भारतिय रिजर बैंक के स्थापना की गई
02:19बैंकिंग के विस्तार और राष्ट्रिय करन की नीटियों ने गावों, छोटे, शहरों और आम लोगों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुच
02:28बढ़ाने का रास्ता तयार किया
02:37आजादी के बाद भी भारतिय होकी का स्वर्णिम दोर जारी रहा
02:421948, 1952, 1956, 1964 और 1980 में भारत ने उलम्पिक गोल्ड चीता
02:49इसके बाद 2021 टोकियो और 2024 पैरिस में कांस पदक ने वापसी का संकेत दिया
02:56वही होकी वर्ल्ड कप में 1971 में कांस, 1973 में रजट और 1975 में भारत ने पाकिस्तान को दो एक
03:04से हरा कर पहली बार खिताब जीता
03:09आजादी के वक्त भारतिय सिनेमा अपनी शुरुआती पहचान बना चुका था
03:13लेकिन असली बदलाव इसके बात तीज हुआ
03:16ब्लाक और वाइट फिल्मों के दौर में राजकपूर, गुरुदत और दिलीप कुमार जैसे कलाकारों ने आम आदमी की कहनियों को
03:23परदे पर उतारा
03:24फिर रंगीन फिल्मों ने सिनेमा की दुनिया बदल दी, धीरे धीरे तकनीक बदली, कैमरे बदले, कहनी कहने का अंदास बदला
03:31आज थियेटर के साथ OTT भी सिनेमा का बड़ा मंच है
03:3815 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ, लेकिन एक लोकतांत्रिक गनराज्जी के तौर पर भारत को पहली विरस्था की जरुरत
03:46थी
03:4626 जिन्वरी 1950 को संविधान लागु हुआ और भारत गनराज्जी बना
03:51संविधान ने नागरिकों के अधिकार तै किये, स्तरकार की शक्तियों की सीमाय तै की
03:55और लोकतांत्रिक संग्स्थाओं की भूमिका सपष्ट की
03:58संविधान निर्माड में डॉक्तर भीमराव आमबेटकर की केंद्रिय भूमिका रही
04:09आज देश में बड़े बड़े हाईवे, बांध, बिजली पर योजनाय और उद्योग दिखाई देते हैं
04:15लेकिन आजादी के तुरंत बाद भारत के सामने गरीबी, बेरोजगारी और खाद्यान की कमी जैसी गंभीर चुनात्यां थी
04:23देश को विकास की एक स्पष्ट दिशा चाहिए थी
04:27इसी सोच के साथ 1951 में पहली पंच वर्षी योजना शुरू हुई
04:31इसमें खेती, सिचाई और ग्रामेड विकास की पर योजना को क्रात्मिकता दी गई
04:41आज भारती इंजीनियर दुनिया की बड़ी कमपनियों से लेकर अंतरिक्ष और तकनीक तक हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके
04:49हैं
04:50लेकिन इस तकनीकी ताकत की शुरुआती बड़ी नीव 1951 में पड़ी जब IIT खड़कपूर अस्तित में आया
04:57इसके बाद देश में IIT जैसे संगस्थानों का विस्तार हुआ और उच्चे तकनीकी शुक्षा का एक मजबूत नेटवर्क तयार हुआ
05:08भारत में पहली बार आम चुनाव 1952 में हुआ
05:11आजाद भारत के लोकतंत्र की ये पहली और बेहत बड़ी परिक्षा थी
05:16करीब 70 करोड मद्दाता इस चुनाव के लिए पातर थे
05:20देश के गाउओं, कस्बों और शेहरों में मद्दान केंदर बनाए गए
05:24और लोगों ने पहली बार अपने प्रते निधी चुनने के लिए वोट डाला
05:28यहीं से भारत के लोकतंत्रिक सफर की मजबूत शुरुआत हुई
05:39भारत में रेडियो प्रसारण की शुरुआत 19-20 के दशक हुई
05:43लेकिन 1936 में All India Radio यानी AIR के रूप में इसकी आपचारिक शुरुआत हुई
05:49आजादी के बाद आकाशवाणी ने देश को जोडने में बड़ी भूमिकारी भाई
05:531956 में आकाशवाणी नाम आधिकारिक तोर पर अपनाये गया
05:571957 में विविद भारती शुरू हुई जिसने फिल्मी संगीत को घर घर पहुँचाया
06:08आज भारत के हर राज्जी की अपनी भाषा संस्कृती और पहचान है
06:13लेकिन आजादी के बाद राज्जों की सीमाएं तैकरना एक बड़ी चुनाती थी
06:18कई लाकों में भाषा के आधार पर अलग राज्जी की मांग उठ रही थी
06:22आंदोलन हुए और सरकार पर दवाव बढ़ा आखिरकार 1956 में राज्जों के पुनर गठन की बड़ी प्रक्रिया शुरू हुई और
06:30भाषाई आधार पर राज्जों की सीमाओं को नया रूप दिया गया
06:341956 में भाषा के आधार पर सबसे पहला राज्य आंधप्रदेश बना था
06:42आज कम्प्यूटर के बिना जिन्दगी की कलपना मुश्किल है लेकिन भारत में इसकी शुरुआत करीब सतर साल पहले हुई थी
06:501956 में कोलकाता के इंडियन स्टेटिस्टिकल स्ट्यूट यानी ISI में HEC2M नाम का पहला इलेक्ट्रोनिक डिजिटल कम्प्यूटर लगाए गया
06:591984 में C.K स्थापना हुई जिसने देश में स्वदेशी तकनीक प्रिक्सित करने का काम किया
07:09आज भारत में AIMS का नाम देश की बेहतरीन चिकिस्ता शुक्षा, इलाज और मेडिकल रसर्च से जुड़ा है
07:15लेकिन इसकी शुरुवात 1956 में हुई जब नई दिल्ली में All Indian Institute of Medical Sciences यानी AIMS के स्थापना
07:23की गई
07:23AIMS ने डॉक्टरों और मेडिकल विशेश रग्यों की नई पीढ़ी तयार करने में बड़ी भूमी का निभाई, आगे चलकर देश
07:30के अलग-अलग हिस्तों में AIMS जैसे संगस्थानों का विस्तायर हुआ
07:401958 में बनी डियाडियों ने भारत को रक्षा तकनीक में आक निर्भर बनाने की लंबी यात्रा शुरू की
07:47शुरुवात में इसका फोकस डेश की जरुवतों के मुताबिक हत्यार और सैन्नी तकनीक विक्सित करने पर था
07:53इसी कोशिश ने आगे चलकर अगनी और प्रित्वी मिसाईल, आकाश एर डिफेंस सिस्टम, पिराका रॉकेट सिस्टम, टेजस विमान, रडार और
08:02इलक्ट्रोनिक वारफेर जैसी तकनीकों को जन दिया
08:11आजादी के महज 12 साल बाद भारत ने एक नई दुनिया में कदम रखा टेलिविजन की दुनिया में
08:1715 सितंबर 1969 को दिल्ली में भारत का पहला टीवी प्रसारन शुरू हुआ
08:221965 में रोजाना टीवी सेवा शुरू हुई और धीरे धीरे इसका दायरा बढ़ता गया
08:271972 में मुंबई और अमरित सर्कत प्रसारन पहुचा यहीं से दूरदर्शन के राष्टिय सफर की असली शुरूआत हुई
08:40आजादी के 14 साल बाद भी गोवा पुर्तगाली शासन के अधीन था
08:44बादचीत के तमाम प्रयासों के बाद दिसंबर 1961 में भारत ने सैन्य कारवाई का फैसला किया
08:50ओपरेशन विजय के तहट सेना, नौसेना और वाईव सेना ने मिलकर गोवा को पुर्तगाली शासन से मुक्त कराया
08:58गोवा की मुक्ति ने दिखाया कि भारत अपनी संप्रहुता और ख्रेत्रिय खंडता के सवाल पर निर्णाय कदम उठा सकता है
09:12केरल के थुमबा से पहला साउंडिंग रॉकेट लॉंच किया गया
09:15मकसद था वाई मंडल और अंतरिक्ष से जुड़ी वज्यानिक जानकारी जुटाना
09:20सुविधाई कम थी लेकिन भारतिय वज्यानिकों का होसला बड़ा था
09:24थुमबा का ये छोटा प्रियोग आगे आने वाली बड़ी अंतरिक्ष उपलम्धियों का शुर्वाति अध्याय बना
09:36आजादी के बाद भारत को सिर्फ लोकतंत्र नहीं बलकि विकास की मजबूत नीव भी चाहिए थी
09:42इसी सोच का बड़ा प्रतीक बनी भाक्रा नांगल पर योजना
09:46सत्लुज नदी पर बनी इस विशाल पर योजना का मकसद था
09:50सिचाई के लिए पानी, बिजली का उत्पादन और खेती उद्योग को नई रफतार देना
09:5522 अक्टूबर 1963 को प्रधानमंतरी जवाहरलाल नहरू ने बांधर राष्ट को समर्पित किया था
10:05आज भारत दुनिया के बड़े खाद्यान उत्पादन देशों में है
10:09लेकिन एक दौर ऐसा था जब देश को अनास के लिए दूसरे देशों पर निर्फर रहना पड़ता था
10:15उन्नत बीज, सिचाई, उर्वरक और आधुनिक क्रशी तकनीक के इस्तेमाल से उत्पादन बढ़ने लगा
10:21MS स्वामिनाथन को हरित क्रांती का जनक कहा जाता है
10:24इसके बाद पंजाब, हरियाना और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उत्पादन तेजी से बढ़ा
10:331965 में भारत और पाकिस्तान के बीच एक पर फिर युद्ध छड़ गया
10:38इसके शुरुआत पाकिस्तान की ओर से जम्मू कश्मीर में ऑपरेशन जिब्राल्टर के तहत हुस्पैट से हुई
10:44भारत ने इसका जवाब दिया और संगर्ष कश्मीर से बढ़कर अंतर राश्ट्य सीमा तक पहुँच गया
10:50दोनों देशों के बीच टैंक, तोप और वाई उसेना के जरगे भीशन लड़ाई हुई
10:551966 में भारत और पाकिस्तान के बीच ताशकंद समझाता हुआ
11:121966 में ही रीता फारिया ने मिस वर्ल का खेताब जीत कर इतिहास रचा था
11:17इसके बाद भारतिय सुन्दरियों ने अंतरराश्टी मंच पर लगातार अपनी जगा बनाई
11:221994 में सोशमिता सेन मिस यूनिवर्स बनी, उसी साल एश्वर्या राय ने मिस वर्ल का खेताब जीता
11:29इसके बाद 1997 में डायना हेडन, 1999 में युकता मुखी और 2000 में प्रिंका चोपडा ने मिस वर्ल का ताज
11:37जीता
11:372000 में लारा दत्ता मिस यूनिवर्स बनी
11:441969 में भारती अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानि इसरो की स्थापना हुई
11:49विक्रम सारभाई की सोच थी कि अंतरिक्ष तकनीक का फायदा आम भारते तक पहुँचना चाहिए
11:55संचार, मौसम, शुक्षा और दूर दराज के इलाकों को जोड़ने के लिए
12:00सेटलाइट तकनीक का इस्तेमाल इसी सोच का हिस्सा था
12:03आगे चलकर यही संगठन भारत को चांद और मंगल तक ले गया
12:151969 में ही 14 बड़े वणिजिक बैंकों का राष्टी करण किया गया
12:26इसके बाद बैंक शाखाओं का विस्तार गावों और छोटे शहरों तक हुआ
12:30बैंकिंग विवस्ता देश के विकास कारिक्रमों का महतपूर्ण हिस्सा बन गई
12:38एक दौर था जब भारत में दूद की कमी थी
12:41देश को डेरी पादों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था
12:45इसी तस्वीर को बदलने के लिए 1970 में ओपरेशन फ्लड की शुरुआत हुई
12:50इसके पीछे अमूल के सहकारी मॉडल और वरगीस कुरियन की एहम भूमिका रही
12:55धीरे धीरे गाउं की अर्थवस्था को नई ताकत मिली और दोध उपादन तेजी से बढ़ा
13:00यही अभियान आगे चलकर श्वेत कुरांती कहलाया और इसके जनक वरगीस कुरियन को माना गया
13:10पूर्वी पाकिस्तान में हिंसा और मानवे संकट के बीच लाखों श्टरणार थी भारत पहुचे
13:16दिसंबर 1970 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ
13:19भारतिय सेना ने पूर्वी मोर्चे पर निर्डाय का भ्यान चलाया
13:23और महस 13 दिनों में पाकिस्तानी सेना ने धाका में आत्म समर्पन कर दिया
13:28पांगलादेश का जन्म हुआ और दक्षिन एशिया का भूगोल बदल गया
13:35एक वक्त था जब भारत के बाहर खड़ा स्कूटर सिर्फ गाड़ी नहीं
13:39पूरे परिवार की पहचान हुआ करता था
13:421972 में बजाज आटो ने अपना मशूर चेतक स्कूटर बाजार में उतारा
13:47धीरे धीरे चेतक घरगर पहुचा और हमारा बजाज सिर्फ विज्यापन नहीं
13:51मिडिल क्लास की भावना बन गया
13:53इसकी मांग इतनी बढ़ी कि लोगों को कई कई साल इंतजार करना पड़ता था
13:581990 तक आते आते इसकी वेटिंग खत्ब होने लगी
14:01लेकिन फिर मोटर साइकलों का दौर आया और स्कूटर की बादशाहत खत्ब होने लगी
14:062005 में पुराने चेतक का सफर थम गया
14:09आज स्कूटर की जगह स्कूटी ने ले ली है
14:16शिकार और जंगलों के घड़ते क्षेत्र के कारण बागों के अस्तित्तु पर खत्रा बढ़ रहा था
14:211973 में प्रजेक्ट टाइगर शुरू किया गया
14:24बागों के साथ उनके प्राकृतिक आवाज को बचाने पर जोर दिया गया
14:28इस अभ्यान ने भारत के वन्यजीव और परियावरन संरक्षन की सोच को नई ताकत दी
14:36राजस्थान के पोखरण में 1974 में भारत ने अपना पहला परमानू परिक्षन किया
14:42इसे शांति पूर्ण परमानू विस्फोर्ट के तौर पर पेश किया गया
14:45लेकिन इस परिक्षन ने दुनिया को भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता का एहसास करा दिया
14:52भारत ने स्ताबित किया कि वो परमानू तकनीक के क्षेत्र में अपने धम पर आगे बढ़ सकता है
15:011975 में भारत का पहला उपग्रह आरिभट अंतरिक्ष में पहुचा
15:05इसका प्रक्षेपन सोवियत संग की मदद से हुआ
15:08लेकिन इसका डिजाइन और निर्मान भारत में हुआ था
15:12आरिभट ने भारत को वुग्रह तकनीक और अंतरिक्ष विज्ञान का वहवारिक अनुभव दिया
15:17यही अनुभव आगे की बड़ी अंतरिक्ष उपलब्धियों की मियु बना
15:24एक दोर था जब देश में खबरें अखबार और रेडियो के जरीए लोगों तक पहुँचती थी
15:29लेकिन 1975 में पत्रकारिता की दुनिया में एक नया नाम आया
15:34इंडिया टुडे एक मैगजीन से शुरू हुआ ये सफर धीरे धीरे एक बड़े मीडिया समुव में बदल गया
15:40आज इंडिया टुडे को 50 साल पूरे हो गए
15:4350 साल में इंडिया टुडे ग्रूप के पास आज तक जैसा नंबर वन न्यूस चैनल है
15:48इंडिया टुडे नाम का बेहतरीन इंग्लिश चैनल है
15:50वक्त के साथ इंडिया टुडे मैगजीन से आगे बढ़कर टीवी, डीजिटल और कई दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुचा
15:57इंडिया टुडे ग्रूप के मुताबिक समुक की शुरुवात 1975 में एक मैगजीन से हुई थी
16:02आज इंडिया टुडे सिर्फ एक मैगजीन का नाम नहीं बलकि भारती मीडिया की करीब पांच दशक लंबी यात्रा की एक
16:09बड़ी पहचान है
16:15आपात काल के दौर में 1976 में 42वा संविधान संफोधन पारिध हुआ
16:20प्रस्तावना में समाजवादी, पंत मिरपेक्ष और अखंडता जैसे शब जोड़े गए
16:26संविधान और संस्थाओं से जुड़े कई महतुपून बदला हुए
16:30बाद में इसके कई प्रावधानों में परिवर्तन भी हुआ
16:33लेकिन 42वा संचोधन भारतीय संविधानिक इतिहास का एक बेहद महतुपून अध्याय बन गया
16:47भारत अब अपनी लॉंचिंग चमता चाहता था
16:50SLV-3 कारिक्रम इसी लक्ष की दिशा में बड़ा कदम था
16:541989 की शुरुवातिय सफल्था के बाद वज्यानिकों ने हार नहीं मानी
16:58आखिरकार 18 जुलाई 1980 को SLV-3 ने रोहिनी उपग्रह को सफल्था पुर्व कक्षा में पहुँचाया
17:11यही से PSLV और GSLV जैसी भविश्य की सफल्थाओं की नीव मजबूत हुई
17:23एक वक्त था जब कार खरीदना हर भारतिय के बस की बात नहीं थी
17:27लेकिन फिर सडकों पर एक ऐसी कार उतरी जिसने पूरे देश की तस्वीर बदल दी
17:32मारूती ने भारत में कार को स्तिर्फ अमीरों की चीज नहीं रहने दिया
17:36बलकि मध्यमबर के सपनों तक पुहचाया
17:39मारूती उद्योग की शुरुवात 1981 में हुई और 1983 में पहली मारूती 800 बाजार में आई
17:46छोटी, किफायती और आसान रखरखाव वाली इसकार ने तेजी से लोगों के भी जगह बनाई
17:551982 में इंसेट सिस्टम की शुरुवात ने भारत की संचार विवस्था को नई था कर दी
18:00पहली बार बड़े पैमाने पर सेटलाइट तकनीक को संचार, मौसम और टीवी प्रसारण से जोड़ा गया
18:06दूरदर्शन के सिगनल दूरदराज के गाउं तक पहुचने लगे, मौसम की निग्रानी बेहतर हुई और संचार के नए रास्ते खुले
18:14इंसेट ने साबिप किया कि अंत्रिक्ष सिर्फ वज्ञानी प्रियोगों के लिए नहीं, बलकि करोणों लोगों की जिंदगी बदलने का माध्यम
18:22भी हो सकता है
18:26इंग्लेंड में कपिल देव की कप्तानी वाली भारतिय टीम से किसी को विश्ण कप जीतनी की उमीद नहीं थी
18:31सामने दो बार की चेंपियन वेस्ट इंडीज थी, लेकिन फाइनल में भारत ने वेस्ट इंडीज को हरा कर पहली बार
18:38विश्ण कप अपने नाम किया
18:40ये सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं थी, इस जीप ने भारत में क्रिकेट को जुनून बना दिया, करोणों युवाओं के लिए
18:47क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, सपना बन गया
18:561984 में राकेश शर्मा भारत और सोवियत संग के साज़ा अंतरिक्ष मिशन के तहट अंतरिक्ष में पहुचे, करीब आठ दिन
19:04अंतरिक्ष में बिता कर वो पहले भारती नागरिक बने जिन्होंने अंतरिक्ष की यात्रा की
19:09जब ततकालिन प्रधानमंत्री इंद्रिया गांधी ने उनसे पूछा कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है, तो उनका जवाब था सारे
19:17जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा
19:251984 में सियाचीन को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीज तनाव बढ़ रहा था
19:30पाकिस्तान सियाचीन इलाके में अपनी मौजूदगी और दावे को मजबूत करने की कोशिश कर रहा था
19:3613 अप्रेल 1984 को भारत ने ओपरेशन मेखदूत शुरू किया
19:41भारती सेना और वायू सेना ने बेहदू चाई पर सेनकों को पहुचा कर सियाचीन पर अपना कब्जा मजबूत किया
19:53भारत में मेट्रो की शुरुआत कोलकाता से ही
19:56शहर में बढ़ती भीर और ट्रैफिक को देखते हुए 1972 में मेट्रो बनाने का काम शुरू किया गया
20:11पर बढ़ता गया कोलकाता की ये मेट्रो देश के दूसरे शहरों के लिए मिसाल बनी एक वक्त था जब भारत
20:21को लंबी दूरी की मिसाइल तकनिक के लिए
20:23दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था इसी तस्वीर को बदलने के लिए 1983 में Integrated Guided Missile Development प्रोग्राम
20:32शुरू हुआ
20:33इस मिशन की अगवाई वैज्यानिक डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम और उनकी टीम ने की
20:38कई साल के रिसर्च और परिक्षण के बाद 1980 में अगणी का पहला परिक्षण हुआ इसके बाद अगणी परिवार में
20:46अलगलग रेंज की मिसाइले विक्सित हुई
20:5119 क्यामे में भारत कमभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा था
20:55विदेश मुद्रभंडार बेहत कम था और लाइसेंस परमीट की जटिल विवस्था ने अर्थ विवस्था को जकड रखा था
21:02इसी संकट के बीच परधान मंत्री पीवी नर्सिम्भा राव और वित्त मंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंग ने आर्थिक सुधारों का रास्ता
21:10चुना
21:10लाइसेंस विरस्था में पदलाव हुआ निजिक शेत्र के लिए रास्ते खुले और विदेश्री निवेश को बढ़ावा मिला
21:25शुरुवात में निराशा लेकिन बाद में सफल था
21:28भारत ने 1994 में पीएसलवी की सफल उड़ान हासिल की
21:32ये भारत की भरोसे मंद उपग्रह प्रक्षेप्रन क्षमता की दिशा में बड़ा कदम था
21:38आगे चल कर पीएसलवी ने देश और विदेश के कई उपग्रह अंत्रिक्ष में पुंशाए
21:43यही लाउंट शमता आगे चल कर चंद्रियान और मंगलियान जैसे मिश्नों की मजबूत नहीं उपनी है
21:52भारत में मोबाइल फोन सेवा की शुरवात 31 जुलाई 1995 को हुई थी
21:57उस वक्त पश्रिम मंगाल के मुख्यमंत्री ज्योती बसु ने कोलकाता से दिल्ली में केंद्रिय संचार मंत्री सुखराम को पहली बार
22:05मोबाइल कॉल किया था
22:06यही शुरवात आगे चल कर मोबाइल क्रांती में बदल गई
22:24लेकिन इमेल और वेबसाइटों के साथ एक नई डिजिटल दुनिया खुलने लगी
22:29धीरे धीरे इंटरनेट कारुबार, शुक्षा संचार और मनुरंजन का बड़ा माध्यम बन गया
22:34कुछ लोगों तक सिमित ये तकनीक आगे चल कर करोणों भारतियों की जिन्दगी का हिस्सा बन गई
22:46पश्मी तटके दुरगम पहाड़ों, गहरी घाटियों और नदियों के बीच रेल लाइन पिछाना कभी लगभग असंभव माना जाता था
22:55लेकिन 1988 में कौंकन रेलवे कॉर्पोरेशन के स्थापना के बाद इस चुनोती को मिशन की तरह लिया गया
23:01इस श्रिधरन के नित्रितु में इंजिनियरों ने महराष्ट्र, गोवा और करनाटक को जोडने वाली करीब 741 किलोमेटर लंबी रेल लाइन
23:10तयार की
23:11हजारों पुल और 91 सुरंगों से गुजरती ये परियोजना इंजिनियरिंग का शांदार उधारन वनी
23:22मई 1998 में भारत ने पोखरण में कई परमारू परिक्षण किये
23:27बेहत गोपनिय तरीके से किये गए इन परिक्षणों ने दुनिया को भारत की रणीतिक शमता का स्पस्ट संदेश दिया
23:34इसके बाद अंतरराश्टी दवाव और प्रतिबंध भी सामने आये लेकिन भारत ने अपनी सुरक्षा और रणीतिक शरुवतों को प्रात्मिक्ता दी
23:42पोखरण सेकंड ने भारत की रक्षा नीति और वेश्विक पहचान दोनों को प्रभावित किया
23:54भारत और रूस ने 12 फरवरी 1998 को ब्रम्होस के लिए समझाता किया
23:5912 जून 2001 को ओडिशा के चांदिपूर से पहली सफल टेस्ट फाइरिंग हुई
24:04ब्रम्होस एक सुपरसोनी क्रूज मिसाइल है
24:07भारत के सेना, नौसेना और वायूसेना तीनों में ये तैना थे
24:112022 में फिलिपीन्स ने करीब 37.5 करोर डॉलर का प्रम्होस सुधा किया
24:261999 में करगिल की उची चूटियों पर घुसपैट के बाद भारत ने ओपरेशन विजय शुरू किया
24:33करीब 60 दिनों तक भारती जवानों ने बेहत मुश्किल हालात में लडाई लड़ी
24:38दुर्गम पहाड माइनेस तापमान और करीब 16-18,000 फीट की उचाई के बावजूद
24:44जवानों ने टोलो लिंग से टाइगर हिल तक एक-एक बोर्चा वापस हासिल किया
24:4926 जुलाई 1999 को भारत ने करगिल युद्ध में जीत की घोशना की
24:54इस युद्ध में 527 भारत्य सैनिक शहीद हुए जबकि 1363 जवान घायल हुए
25:07साल 2000 में भारत के नक्षे पर तीन नए राज्यों ने जन्ब लिया
25:12उत्राखंड, जारखंड और 36 गड़
25:14लंबे समय से अलग राज्य की मांग कर रहे लोगों को अपनी अलग पहचान और प्रशासन का नया ठाचा मिला
25:21उत्तरप्रदेश से अलग होकर उत्तराखंड बना, बिहार से जारखंड और मध्यप्रदेश से 36 गड़ अलग हुआ
25:28तीनों राज्यों का गठन भारतिय संग्य विवस्था में एक बड़ा बदलाव था
25:38भारत ने लड़ाकू इमान के मामले में आप निर्भर बनने का सपना
25:421983 में शुरू हुए लाइक कॉमबेक एरकार्प यानी LCA कारिक्रम के साथ देखा लेकिन सपना पूरा हुआ 2001
25:50जब पहली बार हिंडुस्तान Aeronautics Limited और भारतिय वज्ञानिकों की मेहनत की वज़ा से देजस ने 2001 में पहली उड़ान
25:59भरी
26:002016 में भारतिय वायू से नमे शामील हुआ
26:13आज स्कूल जाना बच्चों की जीवन का सामानी हिस्सा लगता है लेकिन भारत में लंबे समय तक लाखों बच्चे स्कूल
26:19से बाहर रहे
26:20इसी चुनावती से निपटने के लिए स्तर्व श्रिक्षा अभियान को बड़े राश्ट्री कारिक्रम के रूप में आगे बढ़ाये गया
26:26मकसद था प्रात्मिक श्रिक्षा की पहुँच बढ़ाना और ज्यादा से ज्यादा बच्चों को स्कूल से जोड़ना
26:45दिल्ली की बढ़ती आबादी और ट्रैफिक के पीच एक ऐसे स्तर्वजनिक परिवहन की जरुवत थी जो तेज, सुरक्षित और भरोसे
26:53मन हो
26:53इसी सोच के साथ 1995 में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन यानी DMRC की स्थापना हुई
26:59केंदर सरकार और दिल्ली सरकार की साज़िदारी में बनी इस परियोजना का नेत्रित्व ईश्री धरन ने किया
27:0625 दिसंबर 2002 को शहादरा से 30 हजारी के बीच पहली मेट्रो चली
27:11इसके बाद दिल्ली NCR में मेट्रो का नेट्वर्प लगातार बढ़ता गया
27:22लोकतंतर में सरकार जनता के लिए काम करती है
27:24लेकिन सरकार क्या कर रही है पैसा कहां खर्च हो रहा है और फैसले कैसे लिए जा रहे है
27:30ये जानना भी नागरिक का अधिकार है
27:32इसी सोच ने सूचना के अधिकार की मान को मजबूत किया
27:36सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाब देही बढ़ाने की कोशिश शुरू हुई
27:41इसका असर आगे चलकर 2005 के सूचना का अधिकार कानून के रूप में सामने आया
27:53गाउं में अगर रोजगार नहीं है तो परिवार के सामने सबसे पड़ा सवाल होता है
27:57कमाई कहां से होगी इसी चुनावती को ध्यान में रखते हुए
28:012005 में मन्रेगा यानि महत्पा गांधिर राश्री ग्रामीन रोजगार गारंटी अधिमियम आये
28:07इसके तहत ग्रामीन परिवारों को एक साल में कम से कम सौ दिनों के अकुशल मजदूरी वाले रोजगार की कानूनी
28:15गारंटी दी गई
28:24साल 2007 में भारती क्रिकेट के लिए एक नई यूग की शुरुआत हुई
28:28दक्षिन अफ्रिका में पहली बार T20 वर्ल्ड कप खेला गया और युवा खिलाडियों से सजी महेंदर सिंग धोनी की टीम
28:35ने इतिहास रच दिया
28:37फाइनल में भारत का मुकाबला पाकिस्तान से हुआ
28:40भारत ने पाँच रन से जीत दर्च कर पहली बार T20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम की
28:52भारत ने अंतरिक्ष में सेटलाइट भेजे, रॉकेट बनाए और लॉंचिंग की ख्रमता विक्सित की
28:57लेकिन अगला सपना था धर्ती से करोडों किलोमीटर दूर चांद तक पहुचना
29:032008 में भारत ने चंद्रियान वन लॉंच किया
29:06ये भारत का पहला चंद्र मिशन था
29:08मिशन की सबसे बड़ी उपलग्धियों में चांद पर पानी के अणवों से जुड़े महत्पूर्ण संकेतों की खोज शामिल थी
29:20भारत जैसे विशाल देश में हर व्यक्ति की एक ऐसी पहचान हो जिसे अलग-अलग स्तरकारी और स्तरवजनिक सेवाओं से
29:28जोड़ा जा सके
29:28ये काम आसान नहीं था
29:30लेकिन 2009 में आधार परियोजना की शुरुवात हुई
29:34इसका उदेश की निवासियों को एक विशिष्ट पहचान संख्या देना था
29:39आगे चलकर आधार दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणालियों में शामिल हुआ
29:44उंगलियों के निशान और आखों की पुतली जैसी बायोमेट्रिक जानकारी के आधार पर पहचान सत्यापन की विवस्था विक्सित की गई
29:52है
29:58देश में स्कूलों की संख्या बढ़ रही थी
30:00लेकिन सवाल था क्या हर बच्चे को शिक्षा की गारंटी मिल रही है
30:04इसी सवाल का जवाब बना शिक्षा का अधिकार कानून
30:072009 में कानून पारित हुआ और 2010 से लागू हुआ
30:12इसके तहट 6 से 14 साल के उमर के बच्चों के लिए
30:15मुफ्त और अनिवारी शिक्षा को कानूनी अधिकार बनाये गया
30:252010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयूजन हुआ
30:29भारत के लिए ये सिर्फ खेल प्रतियों किता नहीं थी
30:32बल्कि दुनिया के सामने अपनी आयूजन ख्रमता दिखाने का बड़ा मौका था
30:36भारती खेलाडियों ने भी खेलों में शांदार प्रदर्शन किया
30:40और पदक तालिका में दूसरा स्थान हासिल किया
30:43इस आयूजन में भारत की अंतरराष्टी खेल में जबानी की ख्रमता को चर्चा मिला लिया
30:55कभी रुपे के लिए RS, RE या अलग-अलग भाशाओं में अलग-अलग संक्षिप्त रूप इस्तेमाल होते थे
31:02फिर भारत ने अपनी मुद्रा को डॉलर, पाउंड और येंग जैसी अलग पहचान देने का फैसला किया
31:092010 में रुपे के नए प्रतीक को मन्जूरी मिली, इसे डी उदेकुमार ने डिजाइन किया था
31:15ये डिजाइन देवनागरी के र और प्रोमन आर का मेल है
31:1915 जुलाई 2010 को इसे मन्जूरी दी गई और बाद में इसे यूनिकोड में भी जगा मिली
31:301983 के बाद भारत को वंडे विश्व कब जीतने के लिए 28 साल इंतजार करना पड़ा
31:362011 में महेंदर सिंग धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने ये इंतजार खत्म किया
31:41मुंबई के वानखेड़े स्ट्रेडियम में खेले गए फाइनल में भारत ने श्रिलंका को हरा दिया
31:46गंभीर की शांदार 97 रन की पारी और कप्तान धोनी के नाबाद 91 रन की पदौलत जीत भी
31:5824 सितंबर 2014 वो तारीक जब भारत ने अंतरिक्ष की दुनिया में इतिहास रच दिया
32:04मंगल यान सफलता पूर्वक मंगल की कक्षा में पहुँच गया
32:07खास बात ये थी कि भारत अपने पहले ही प्रयास में मंगल की कक्षा तक पहुँचने वाला पहला देश बना
32:13इस काम्यावी ने पूरी दुनिया का ध्यान भारत की अंतरिक्ष शम्ता पर खीचा
32:23एक वक्त था जब पोलियो भारत की लाखों बच्चों के लिए बड़ा खत्रा था
32:27इस बीमारी को खत्म करने की लड़ाई में 1994 में पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हुई
32:32नारा बना दो बून जिन्दगी की
32:34हर बच्चे तक पोलियो की दो बून पहुचाने के लिए स्वास्थ कर्मियों और स्वेंग सेवकों ने घर घर और दूर
32:41दराज के लाकों तक पहुच बनाई
32:4213 जनवरी 2011 को भारत में पोलियो का आखरी केस सामने आया
32:4727 मार्च 2014 को डवलो एचो ने भारत को पोलियो मुक्त घोशित किया
32:57एक वक्त था जब देश में खुले में शौच और गंदगी बड़ी चुनाती थी
33:01फिर 2014 में शुरू हुआ स्वच भारत मिशन जिसने सफाई को सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं
33:07बलकि हर नागरिक की जिम्मेदारी बनानी की कोशिश की
33:102 अक्टूवर 2014 को महत्मा गांधी की जैन्टी पर प्रधान मंतरीन नरेंद्र मोदी ने
33:15इसकी शुरुवात की काव़ों से लेकर शेहरों तक स्वच्छता अभियान चलाए गए
33:19इस अभियान ने स्वच्छता को डेश व्यापी चर्चा का हिस्सा बना दिया
33:28एक वक्त था जब सरकारी काम के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे
33:32फार्म, फाइल और लंबिक कतारें आम बात थी
33:352015 में डिजिटल इंडिया अभियान ने सरकारी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से लोगों तक पहुचाने की दिशा में बड़ा कदम
33:43उठाया
33:43धीरे धीरे सरकारी दस्तवेज, आवेदन, भुक्तान और कई तरह की सेवाएं ऑनलाइन होने लगी
33:49डिजिटल इंडिया ने उस बदलाव को बड़ी रफ़तार दी
33:54एक समय पैसे भीजने के लिए बैंक जाना पड़ता था, फिर ATM और काड आए
33:59लेकिन 2016 के बाद भारत ने डिजिटल भुक्तान के दुनिया में एक और बड़ी छलांग लगाई
34:05यूपी आई यानि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस इस विज़स्था ने अलग-अलग बैंक खातों के बीच तुरंट डिजिटल भुक्तान को आसान
34:14बना दिया
34:14क्यूआर कोड ने इस बदलाव को और आसान बना दिया
34:21सितंबर 2016 में उरी आतंक की हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी रणीती में बड़ा संदेश देने
34:29वाला कदम उठाया
34:29भारत ये सेना ने नियंतरन रेखा के पार जाकर आतंकवादी लॉंच पैट्स के खिलाफ सर्जकेल स्ट्राइक की
34:36इस कारवाई के बाद भारत ने साफ संदेश दिया कि सीमा पार से होने वाले आतंकवादी हमलों का जवाब सिर्फ
34:43कोटनीतिक स्तर पर नहीं बलकि जरुवत पढ़ने पर सैन्ने तरीके से भी दिया जा सकता है
34:57गरीब परिवार के सामने सबसे बड़ी मुश्किलों में एक है बीमारी और इलाज का खर्च
35:01इसी चुनोती को ध्यान में रखते हुए 2018 में आयुश्मान भारत योजना की शुरुवात की गई
35:07इसका उदेश आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़े अस्पतालों में इलाज के लिए स्वास्त कबरेज उपलब्द कराना था
35:14सरकारी और कुछ निजी अस्पतालों को भी इस विरस्था से जोड़ा गया
35:23गुजरात के केवडिया में बनी स्तरदार पटेल की स्टेच्यो आफ यूनिटी आज दुनिया की सबसे उची प्रतिमा है
35:30इसकी उचाई 182 मीटर है इसे बनाने का काम 2013 में शुरू हुआ और करीब चार साल में स्टेच्यो आफ
35:38यूनिटी तयार हो गई
35:39इसे मशूर बोर्तिकार राम वी सुतार ने डिजाइन किया और एलन्टी ने इसका निर्मान किया
35:44करीब 3,000 करोड रुपे की लागत से बनी इस प्रतिमा का उदगाटन 31 अक्टूबर 2018 को हुआ
35:5614 फरवरी 2019 पुलवामा में आतंक की हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हुए
36:03इसके बाद भारत ने आतंक बाद के खिलाफ एक बड़ा फैसला लिया
36:0726 जिनवरी 2019 को भारती सेना ने पाकिस्तान के बाला कोट में जैशे मुहम्मद के प्रशुक्षन शिविर को निशाना बनाया
36:15ये घटना इसलिए भी एहम थी क्योंकि पहली बार भारत ने पाकिस्तान की सीमा के फीतर जाकर आतंक की छिकाने
36:22को निशाना बनाने की बाद सर्वजनिक रोप से कही थी
36:29पांच अगस्त 2019 को केंदर सरकार ने जम्मु कश्मीर की समबैधानिक युवस्था में बड़ा बदलाब करने का फैसला किया
36:36संसत्बे प्रस्ताव और कानूनों के जरिये अनुचे 370 के तहट जम्मु कश्मीर को मिले विशेश प्रावधानों को प्रभावी रूप से
36:45समाप्त किया गया
36:46और राजी को दो केंदर शासित प्रदेशों जम्मु कश्मीर और लद्दाख में पुनर गठित किया गया
36:522019 का ये फैसला आजाद भारत के समबैधानी और राजनिती के त्यास के सबसे बड़े बदलावों में किना जाता है
37:042020 में कोरोना महमारी ने पूरी दुनिया को हिला दिया
37:08अस्पतालों में मरीज बढ़ रहे थे अर्थ व्यस्था पर असर पढ़ रहा था
37:11और सबसे बड़ा सवाल था किस वाइरस से बचाव कब मिलेगा
37:15इसी दोरान देश में वैक्सिन विक्सित करने और बड़े पैमाने पर उसका उत्पादन करने की कोशिश तेज हुई
37:22को वैक्सिन जैसी स्वादेशी वैक्सिन भारत की वैज्ञानिक शम्ता का उदाहरन बनी
37:29एक वक्त था जब भारत के जंगलों से चीता पूरी तरह गायब हो चुके थे
37:34करीब सतर साल बाद प्रोजेक्ट चीता के तहट चीते को भारत वापस लाने की शुरुवात हुई
37:3917 सितंबर 2022 को नामीबिया से आठ चीते कुनो नेशनल पार्क लाए गए
37:45इसके बाद फरवरी 2023 में डक्षन अफरिका से 12 चीते और आए
37:50मार्च 2026 तक भारत में चीते की संख्या 53 तक पहुँच गए जिनमें 33 भारत में जनमे है
37:5923 अगस 2023 वो तारीख जब भारत ने अंतरिक्ष इतिहास में अपना नाम हमेशा के लिए दर्च कर दिया
38:06चंद्रयान 3 का लेंडर विक्रम चांद की सता पर सफलता पुर्वक उतर गया
38:11और भारत चंद्रबा के दक्षन ध्रूवियक ख्षेत्र में सफल सौफ्ट लेंडिंग करने वाला पहला देश बना
38:17रोवर प्रज्ञान ने चांद की सता पर कई व्यज्ञानिक प्रयोग की है
38:24चांद और मंगल के बाद भारत की नजर उस सितारे पर गई जिसके बिना प्रिथ्वी पर जीवन की कलपना भी
38:30नहीं की जा सकती
38:31सूरज
38:32सितंबर 2023 में इसरों ने आदित्य एलवन मिशन लांच किया
38:37इसका मकसद सूरी की बाहरी परतों, सौर हवाओं और अंतरिक्ष मौसम से जुड़ी घटनाओं का अध्यन करना था
38:44जनवरी 2024 में आदित्य एलवन अपनी निर्धारित हेलो और्बित में पहुँचा
38:512023 में भारत के पास दुनिया के सबसे बड़े कूटनीतिक मंचों में से एक की मेजवानी थी
38:57G20 के अध्यक्षता के दौरान देश के अलग-अलग शेहरों में बैटके हुई
39:02और सितंबर में नई दिल्ली में G20 शिखर सम्मेलन आये जित हुआ
39:06दुनिया की प्रमुखरते विवस्थाओं के नेता भारत पहुँचे
39:09शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली घोशना पत्र पर सहमती वनी
39:13जिसे भारत की कूटनीतिक उपलब्धी के तौर पर देखा गया
39:21आजादी के बाहद लंबे समय तक पुरानी संसद ही भारत के लोकतांत्रिक सफर की गवा रही
39:27लेकिन संसदों की बढ़ती संख्या और आधुनिक जरुरतों को देखते हुए
39:32नए संसद भवन की जरुरत महसूस हुई
39:3428 मई 2023 को नए संसद भवन को राष्ट को समर्पित किया गया
39:39नए संसद में लोकसवा कक्ष में 1272 संसद तक बैट सकते हैं
39:44नए संसद को बनाने में 971 करोड रुपे खर्चवे
39:52अयुद्या में राम मंदिर का सपना सिर्वे किमारत बनाने का नहीं था
39:56इसके पीछे सदियों की आस था और लंबी कानूनी लडाई की कहानी थी
40:01सुप्रीम कोट के 2019 के फैसले के बाद मंदिर निर्मान का रास्ता साफ हुआ
40:06और 2020 में श्रीराम जन भोमी तीर्थ शेत्र ट्रस्ट बनाये गया
40:11पाँच रस्त 2020 को भोमी पूजन हुआ और मंदिर का निर्मान तेजी से आगे बढ़ा
40:1622 जनवरी 2024 को अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा हुई
40:25जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी के उपर बना चिनाब रेल ब्रीज
40:30आज दुनिया का सबसे उचा रेलवे आर्च ब्रीज है
40:33नदी से करीब 369 मीटर उपर बना ये पुल 1.3 किलोमेटर लंबा है
40:39पहाडों और गहरी खाई के बीच पुल बनाना आसान नहीं था
40:43स्टील के बड़े-बड़े हिस्सों को खास केबल क्रेन से उपर पहुचा कर जोड़ा गया
40:47करीब 1486 करोर रुपे की लागत से बना ये पुल 6 जून 2035 को शुड़ुआ
40:56क्रिकेट में लंबे वक्त तक भारत की पहचान पुरुष टीम से रही
40:59लेकिन भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भी 50 ओवर के मैच में आखिरकार वो मुकाम हासिल कर लिया
41:05जिसका अंतजार दशकों से था
41:062025 में भारती महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार वंडे महिला वर्ल्ड कप का किताब जीता
41:12फाइनल में भारत ने डक्षन अफरिका को हरा कर इतिहास रच दिया
41:1922 अप्रेल 2025 को पहल काम में आतंक की हमला हुआ
41:23जिसमें 26 लोगों की जान गई
41:25इसके बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाब बड़ी कारवाई का फैसला किया
41:34पाकिस्तान और पाकिस्तान के कबजे वाले जम्मू कश्मीर में मौजूद आतंक की ठाचे से जुड़े नौ ठिकानों को निशाना बनाये
41:40गया
41:40ये सिर्फ एक सैन्नी कारवाई नहीं थी बलकि आतंकवाद के खिलाब भारत के कड़े रुक का एक और बड़ा संदेश
41:47था
41:53फिलाल कहानी में साथ अभी कले बस इतना ही हमें दीजे जासत अगले हफते फिर आज़र होंगे एक नहीं कहानी
41:58के साथ
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