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JNU Umar Khalid Event: जेएनयू में उमर खालिद को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। उमर खालिद की किताब पर आयोजित चर्चा के दौरान एबीवीपी ने विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विश्वविद्यालय की राजनीति, शैक्षणिक स्वतंत्रता और सरकारी धन से चलने वाले संस्थानों की जवाबदेही पर बहस छेड़ दी है।JNU Umar Khalid Event: Professors & ABVP Students Face Off,Public Reaction On Viral Video

A fresh controversy has erupted at Jawaharlal Nehru University (JNU) over Umar Khalid. During a discussion centred around Umar Khalid’s book, ABVP members staged a protest and raised slogans, once again triggering a wider debate over free speech, campus politics, academic freedom, and the accountability of publicly funded universities.

#jnuprotest #umarkhalid #abvp #professors #boldskyhindi

~PR.111~HT.408~ED.120~VG.HM~

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Transcript
00:22एक विश्रु विद्याले जो देश के टेक्सपेयर्स के पैसे से चलता है
00:27और एक ऐसा नाम जो 2020 दिल्ली रैट्स के एलेज़ेड लार्जर कॉंस्पिरेसी केस में आरोपी है
00:34और फिर उसी नाम पर जेन्यू में एक पूरा इवेंट और्गनाईज होता है
00:38इस दोरान कई छात्र प्रोफेसर्स मंच पर पहुँचकर उसके फेवर में बात करते हुए नजर आते हैं
00:47लेकिन जब ABVP ने इसका विरोध किया तो सवाल सिर्फ उमर खालित का नहीं रहा
00:52सवाल बन गया क्या पब्लिक फंडड यूनिवरस्टीज में हर वचार को मंच मिलना चाहिए
00:57या कुछ मामलों में कैंपस को अपनी सीमाएं अब तै कर लेनी चाहिए
01:02आज इसी पूरे विवाद को फैक्ट के साथ समझेंगे
01:05कुस दिन पहले जवाहलाल नहरू यूनिवरस्टी में फॉर्मर जेननीव स्टूडिंट उमर खालित की किताब
01:11फ्रेक्चिर्ड कम्यूनिटीज आदिवासी हिस्ट्रीज और पॉलिटेक्स ऑफ पावर पर डिसकशन आयज़ित किया था
01:17कारिक्रम JNUSU की ओर से आयज़ित किया गया और इसका थीम इंडिजिनस पीपल्स और आदिवासी इशूज से जुड़ा बताय गया
01:25लेकिन कारिक्रम से पहले ही विवाद शुरू हो गया
01:28JNU Administration ने प्रिपल SI औरिटोरियम की वुकिंग कैंसल कर दी
01:33युनिवरस्टी ने कहा कि प्रोग्राम की फुल फैक्ट्स पहले डिस्ट्लोज नहीं की गई थी
01:37ABVP ने इवेंट का वरोद किया और इसे उमर खालित को प्लाटफॉर्म देने के रूप में देखा
01:42बाद में डिसकॉशन कैंपस के खुले एरिया में हुआ
01:45जहां ABVP मेंबर्स ने प्रोटेस्ट और स्लोगन्स को बुलंद किया
02:02सबसे पहले तो आप इस पूरे वीडियो को देख लीजे किस तरह से प्रोफेसर बच्चों को डरा रहे हैं
02:08धमका रहे हैं उन्हें चुप रहने की बात कह रहे हैं
02:35सही बात है आप अपनी आवाज बुलंद कर सकती है
02:38लेकिन जब आत बच्चों को अपनी राय रखने की है
02:41तो उसका भी एक सीमित दाइरा बन जाता है
02:45सोशल मीडिया पर वीडियो वाइरल हुई तो कई लोगों ने अपनी राय भी रखी
02:49एक यूजर ने लिखा उमर खालिद इन जेल फॉरिवर औन इवर
02:53एक यूजर ने लिखा JNU needs to be bulldozed, period
02:57zero positive, all negative contribution towards nation building
03:02एक यूजर का कहना है कि मुस्लिम कॉल उमर खालिद देर आइडल
03:06बट आई हैव नेवर सीन देम कॉल अब्दूल कलाम देर आइडल
03:10एक यूजर ने कहाँ, we build this country, old lady
03:14और उन्होंने एक expression के images लगाए
03:17कुछ यूजर का कहना है कि we taxpayers are feeding their leftist professors
03:22should be thrown out, government should close JNU
03:26इस सवाल का जवाब तुम्हें आप पर छोड़ती हूँ
03:29आप नीचे comment section पर अपने विचार जरूर रखेगा
03:32लेकिन अब हम बात करेंगे कि आखर उमर खालिद हैं कौन
03:35उमर खालिद JNU के former student और activist रहे हैं
03:39उनका नाम 2016 के JNU controversy के बाद
03:42national politics में काफी चर्चाओं का विशे रहा
03:45ये वही चात्र हैं जिन्होंने भारत के टुकडे टुकडे हूंगे का नारा बुलंद किया था
03:51अब आप ही बताईए जो भारत के टुकडे टुकडे करना चाहता है
03:55उन्हें सपोर्ट करने के लिए लोग पीछे क्यों पड़े हुए हैं
04:05आखर ऐसी कौन सी आइडियोलोजी है जिसकी चर्चा इस मंच पर की जा रही थी
04:10और विरोध करने पर इस तरह का रुख अपनाया गया
04:15वहीं आपको बताते चलें कि सबसे गंभीर मामला तो 2020 दिल्ली राइट से जुड़ा हुआ है
04:21दिल्ली पुलिस ने उन्हें UAPA के तहत उस लारजर कॉंस्पिरेसी केस में आरोपी बताया
04:27जुसमें फिबररी दोहजार चब्विस के डेली राइट की कतिस साजिश की जाच की गई
04:32खालित को सेप्टेमबर दोहजार बीस में गरफतार किया गया
04:36इस मामले में प्रोसेक्यूशन का आरोप है कि डेली राइट केवल अचानक भड़की हिंसा नहीं थी
04:42बल्कि एक लारजर कॉंस्पिरिसी का हिस्सा थी और उमर खालित की कतित भूमी का उस कॉंस्पिरिसी से जुड़ी थी
04:48इसी वज़ा से उन पर अनलॉफूल अक्टिविटीज प्रवेंशन एक्ट यूएपी के तहत मामला चल रहा है
04:55यूएपी में बेल का कानूनी थ्रेशोल सामाने क्रिमिनल केसे की तुलना में काफी कठूर है
05:00इसी लीगल फ्रेमवर्क के कारण बेल प्रोसीडिंग्स इस मामले का सबसे बड़ा मद्दा बनी हुई है
05:06खेर ये सवाल भावनाओं से जुड़ा प्रिंसिपल का है
05:10अगर कोई व्यक्ति किसी गंभीर क्रिमिनल केस में एक्यूस्ड है तो उसके बारे में फाइनल जज्जमेंट अदालत ही देगे
05:16लेकिन एक पब्लिक फंडेड उनिवरस्टी को किसी अक्यूस्ड व्यक्ति के विचारों, किताबों या पॉलिटिकल लेगसी को प्लेटफर्म देने से पहले
05:24एक सवाल जरूर पूछना चाहिए
05:26क्या ये अकैडमिक डिसकेशन है ये किसी कॉंट्रोवर्शियल पॉलिटिकल फिगर का ग्लॉरिफेकेशन
05:31कॉमेंट जरूर करिएगा
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