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  • 2 hours ago
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच करने वाली समिति की रिपोर्ट बुधवार को संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में पेश की गई. न्यायमूर्ति वर्मा के आधिकारिक आवास से कथित तौर पर नोटों की अधजली गड्डियां मिलने के मामले में उन्हें पद से हटाने की कार्यवाही शुरू की गई थी. राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी ने जांच समिति की दो खंडों वाली रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी। इसके साथ ही जांच के दौरान दर्ज किए गए मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य भी पेश किए गए. लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह ने भी जांच समिति की दो खंडों वाली रिपोर्ट लोकसभा के पटल पर रखी. तीन सदस्यीय जांच समिति ने मई में अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपी थी. बिरला ने 12 अगस्त 2025 को, न्यायमूर्ति वर्मा के दिल्ली स्थित सरकारी आवास से कथित रूप से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के मामले की जांच के लिए इस समिति का गठन किया था. न्यायमूर्ति वर्मा के सरकारी आवास में 14 मार्च 2025 की रात आग लग गई थी. आग बुझाने पहुंचे दमकलकर्मियों को कथित तौर पर एक स्टोर रूम में नोटों की अधजली गड्डियां मिली थीं. न्यायमूर्ति वर्मा ने इस्तीफा दे दिया और उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया लगभग निष्प्रभावी हो गई है. हालांकि, उनके इस्तीफे को अभी तक कानून मंत्रालय ने अधिसूचित नहीं किया है.

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Transcript
00:03दिली के पूर्व जस्टिस येश्वन्त वर्मा के सरकारी आवास की स्टोर रूम में मिले कथित जले कैश को लेकर जाच
00:09समीती ने बेहत गंभीर टिपडियां की है
00:12तीन सदस्य पैनल के मुताबिक जस्टिस वर्मा ये संतोष जनक तरीके से नहीं बता सके कि स्टोर रूम में मिला
00:18कैश कहां से आया, किसका था और वहां कैसे पहुचा
00:21पैनल ने ये भी कहा कि स्टोर रूम में मौजूद महत्वपूर्ण सबूतों को सही तरीके से सुरक्षत नहीं किया गया
00:28कानूनी तरीके से सील और निरिक्षन किये जाने से पहले ही स्टोर रूम की स्थिती बदल चुकी थी
00:35यानि जाच के लिए एहम माने जारेह सबूतों की स्थिती बूरी तरह प्रभावित हुई
00:40जस्टिस वर्मा के सपष्टी करण पर भी समीती ने सवाल उठाए
00:44रिपोर्ट के मताबिक उनका जवाब परिस्थितियों के मताबिक अपेक्षित स्पष्टता, पारदर्शिता और संस्थागत जिम्मेदारी के अनुरूप नहीं था
00:53समीती ने कहा कि स्वतंत्र आधिकारिक गवाहों के बयानों और दूसरे सबूतों के सामने उनका जवाब टाल मोल भरा और
01:02असंतोष जनक पाया गया
01:03जाच समीती ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में आर्टिकल ओफ चार्ज, फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड को साबित माला है
01:11रिपोर्ट दो वॉल्यूम में है जिसमें जाच के दौरान दर्ज किये गए मौलिक और दस्ताव वेजी सबूत भी शामिल है
01:19पूरा मामला 14 मार्च 2025 की रात सामने आया था
01:23जस्टिस व्यश्वंत वर्मा के सरकारी आवास में आग लगी थी
01:27आग पुझा ने पहुचे दमकल कर्मियों को स्टोर रूम में कथित तोर पर बड़ी मात्रा में जले हुए नोटों की
01:34बोरिया मिली
01:35मामले की जाज के लिए लोगसभा धक्ष ओम बिरला ने जज़िस इंक्वाइरी आक्ट के तेह तीन सदस्य जाज समीती गठित
01:44की थी
01:44समीती ने सबूतों और गवाहों के बयानों की जाज के बाद अब अपने निशकर्ष संसत के सामने रख दिये है
01:52ब्योरो रिपोर्ट ETV भारत
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