00:04देश भर में 15 अगस की तयारिया जोर उपर है
00:08हर तरफ तिरंगा लहराने की होड है
00:10लेकिन कि आप जानते हैं कि दिल्ली के सदर बाजार की एक छोटी सी दुकान से
00:15देश के करोडों घरों तक तिरंगा पहुचाने वाला परिवार कौन है?
00:19इनहीं क्लाग अंकल की नाम से जाना जाता है
00:22आज इनकी तीसरी पीड़ी इस देश भक्ती की विरासत को न केवल आगे बढ़ा रही है
00:28बलकि हजारों महिलाओं को रोजगार भी दे रही है
00:32देखे हमारी ये खास रिपूब
00:36सतंतिता दिवस आते ही सदर बाजार की गलिया ड्रॉनक बढ़ जाती है उनमें
00:40और हर तरफ तिरंगे और घर घर तरिंगा अभियान की अलग सी मुहिल की जलक दिखने लग जाती है
00:46मुहिस सदर बाजार में एक ऐसी ऐतिहासिक दुकाने जो बीचते 60 वर्सों से तिरंगा बना रही है
00:52और उसको रधान मंतरी नरेंद बोधी द्वारा भी सम्मानित किया गया है
00:56उनकी जो नीव रखी थी वो केवल इट पस्तरों के अलावा जंडे के कपड़े और सिलाई मशीन और धागों से
01:03रखी गई थी
01:03जब अब्दुल गफर जी ने तिरंगा बनाना शुरू किया था और एक दिन में डेढ़ लाग तिरंगे बनाने का रिकॉर्ड
01:10तो रहा था
01:26आजादी के अमरित महोसब तक हर अदम पर अपना योगदान दे रही है
02:16दिल्ली के सदर बाजार की संक्री गलियों में इस दुकान में हर दिन करीब डेढ़ लाग तिरंगे सिलाई जाती है
02:23इस काम में लगे हैं देशभक्ती की दिवाने जिन में से अधिकतर महिलाएं हैं
02:28जो अपने परिवाय के साथ इस विरासत को आगे बढ़ा रही है
02:58या दुकार
03:001962 में भारत चिन युद के समय शुरू हुई थी
03:04जब दिवंगत अब्दुलरह्मान ने अपने परिवार के साथ फौजी कपरे सिलने का काम शुरू किया
03:10धीरे धीरे या काम तिरंगे की सिलाई में बदला
03:13और आज ये परिवार देशभक्ती का प्रतीक बन चुका है
03:18प्रधान मंत्री नरे नर्मोदी ने इस परिवार को फ्लाग अंकल का नाम दिया
03:22और हर घर तिरंगा अभियान के दौरान उन्होंने देश भर में करीब एक करोड तिरंगे पहुचाए
03:28इस काम से लगभग पांच हज़ार स्थानिय कारिगर जिनमें 80 प्रतिशत महिलाएं हैं रोजगार पा रही हैं
03:37दिल्ली से ETV भारत के लिए स्रशिकला सिंग की रिपोम
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