00:00सबसे पहले तो लापता, भाग गए, बगोडे हैं, इस प्रकार की बासा भारत की सारवजनिक जीवन में और संसद ये
00:10जीवन में अभी अभी सुनाई पड़ती हैं।
00:12जब से संसद सत्र सुरू हुआ तब से, लगातार मैं संसद में आता हूँ, मेरी चेंबर में बैठा हूँ, चुकि
00:21संसद भवन के अंदर विपक संसद को चलने ही नहीं दे रहा है, दोनों गुरुहों में, तो कोई जाकर क्या
00:29करेगा?
00:30जहां तक चर्चा का सवाल है, सरकार की और से किरन डिज्जू जी ने, जो हमारे परलामेंटरी अफेर्स मिनिस्टर है,
00:38उन्होंने बहुत पस्ट कर दिया है, कि जो नीट अंदोलन के छात्र प्रदेशन पर सभी प्रकार की चर्चा करने के
00:49लिए सरकार तयार है, और चर्च
01:00मेरी और से भी मैंने कह दिया है कि मैं किसी भी सवाल का जवाब लेने के लिए संसद में
01:07तयार हूं, मगर वो चर्चा ही नहीं होने देना चाहते हैं, अब जनता तय करे कौन भाग रहा है, आज
01:15भी मैं कहता हूं, आज तीन बजे तक, स्पीकर साब को वो पत्र दे दे, तीन
01:25प्रकार की चर्चा के लिए हम तयार है, मैं सदन में ही बैठूंगा, सब को सुनूंगा, और सब चीजों का
01:32जवाब दूंगा, सरकार के पास छुपाने के लिए कुछ नहीं, वो भी चर्चा करूंगा, कि आपने क्यूं चर्चा नहीं चाही,
01:44भारतिय जनता पार्टी की मो�
01:49सब्दी जी के नित्रूतों में सरकार हर चीज पर चर्चा के लिए तयार है, संसद वो चलने दे बस, आज
01:58मैं चैनलों के माध्यम से इन विपक्स को कहना चाहता हूं, कि आप एक पत्र दो बजे तक लिख कर
02:05दे दिजे, स्पिकर साहब को, तीन बजे से चर्चा चालू कर द
02:19हैं, अब मुझे कोई कहता है कि आप एक स्टेट्मेंट दे दो, इतने गंबिर मस्टले पर इस तरह से चर्चा
02:26नहीं हो सकती है, साइध आपके पध्धती में होगा, मगर संसद ये पध्धती ये नहीं है, संसद में एट लेंट
02:33चर्चा होती है, आज तीन बजे से देर रा
02:49ये तैयारूं, मैं खुद बैठूंगा, हर चीज लिखूंगा और हर चीज का जवाब दूगा, जिससे देश की जनता के सामने
02:55सारी चीजे सपस्ट्र हो जाए, दूद का दूद और पानी का पानी हो जाए, अब विपक्सने तरह करना है कि
03:02उनको चर्चा करनी है या हंगाम
03:04करना है
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