00:00।
00:30दो हजार पचीस में फर्स्ट डिवीजन से मैट्रिक पास करने वाला दीपक पैर तूटने के बाद भी अब साइकल के
00:39सहारे अपने सपनों को जिन्दा रखे हुई है
00:44अभी पास मैट्रिक तकलिट दे दीए
00:46क्या बनना था सपना था कि कुछ बने कोई बड़ा जी बनने का सौक था
01:03क्या कि मेरा ओपीस में बैट के कुछ लिखे हो इंजिनियर भी जो होता है
01:09अभी भी सौक थे
01:27साड़े तीन फिट की करिश्वा ने बताया कि बारिश में इसकूल नहीं जाती है
01:32पुल नहीं होने के कारण नदी पार करके इसकूल जाना पड़ता है
01:37लेकिन बारिश में पानी भरने पर वह रास्ता भी बंद हो जाता है
02:11कितना दूर पड़ता है यहां से?
02:22दीपक और करिश्वा का कहना है कि अपना सब कुछ बच्चों का भविश्य सवार्दे के लिए बेचना पड़ रहा है
02:32अधिलाए हैं महिती के फार जिवेनल धिपक कुमार करिश्मा कुमारी सकेंड लाई है
02:39तो उसका सोच रहे हैं कि कुछ हम पढ़ा देंगे तो कुछ उच्चा अधिलाएगा इंजिनियर बनेगा
02:48तो खेती बारी तो पहले बेचिवक बात के पढ़ा रहे हैं मगर अभी भी सोच रहे हैं कि उच्चे अधिलाइंग
02:55इन मुख्री जड़ा कि हमको भी कुछ राहत मिले
03:00दिपक तीन फिट का है अपकरिसमा साड़े-तिन फिट की है लेकिन दोनों के ज़ड़े काफी उचे है दोनों की
03:07जो जीध है वो काफी ऊचई है
03:09but when you say that, first, when the government is a boss,
03:17the government is a boss,
03:18so both of them will be engineers.
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