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  • 1 day ago
संभल जाइए! पिज्जा बॉक्स से लेकर नॉन-स्टिक पैन तक में है 'धीमा जहर'

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00:00लखनो इस्थित IITR के वैग्यानिकों ने पानी से PFAS को निकालने के लिए एक PUBG करके एक equipment launch किया
00:11है जो पानी से PFAS को निकाल देगा दरसल PFAS अगर पानी में है तो वो शरीर में जाकर के
00:19कैंसर जैसे घातक बीमारियों को जर्म देता है और लोगों को परेशानी होती है वो RO और इ
00:29RO में इस PUBG को लगा देंगे तो PFAS को वो निकाल देगा लोगों के घरों तक जहर जा रहा
00:39है किचन में जहर जा रहा है जो food contact materials है उसकी packing में भी जहर मिल रहा है
00:48तो उसको निकालने के लिए अलग करने के लिए अभी तो पानी पर भी काम हुआ है पानी में लखनों
00:55में कितना PFAS
00:56पाया जा रहा है पीफास से क्या-क्या खतरनाक बीमारियां उत्पन हो रही है इन तमाम चीजों पर वैग्यानकों ने
01:03काम किया है और पानी से अलग करने के लिए पीफास को अलग करने के लिए इस equipment को launch
01:09किया है यह बेहद जरूरी equipment है चुकि इनसान समझता ही नहीं है कि उस
01:20जहरीली चीजें पहुंच रही है जिससे उसको आने वाले दिनों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है उन्हीं परेशानियों
01:27को उन्हीं घातक बीमारियों से बचाने के लिए यह equipment launch किया गया है तो आईए जानते हैं कि क्या
01:34है इसके फाइदे किस तरीके से लोगों क
01:37रूटीन में पीफास शामिल हो रहा है यह ऐसा chemicals है जो सौ साल तक जिन्दा रहता है इन्वारिमेंट में
01:45रहता है लोगों के जब जिस्न में चला जाता है क्या-क्या बीमारियां पैदा करता है और फिर लोगों को
01:51आखिर में परेशानियों का सामना करना पड़ता है पहले �
02:06पिर वाटर रेपलेंट, हीट प्रोटेक्शन और डस्ट प्रोटेक्टेंट के रूप में यूज किया जाता है और इसकी जो लाइफ साइकिल
02:20है वो मेरे हिसाब से एक सो साल है यदि पीफास आज प्रोड़क्शन में जाता है तो यह इस environment
02:29में कम से कम सो साल तक जीवित रहत
02:32है और इस केमिकल से हमारा environment जैसे की पानी, स्वाइल, सेडिमेंट यह सारा का सारा चीज दूसीत हो चुका
02:44है क्योंकि हम पीफास आज से 40-50 साल पहले से ही यूज कर रहे हैं तो यह जितने भी
02:52food contact material हो गया या पीने का पानी हो गया या स्वाइल हो गया या स्वाइल हो गया �
03:00से इसके harmful effect अब हमको पता चलने लगे हैं क्योंकि यह हमारे reproductive system को च्छतिग्रस्त कर रहा है,
03:09immune system को च्छतिग्रस्त कर रहा है, साथ में हमें prostate cancer, breast cancer and testicular cancer भी यह उत्पन
03:20कर रहा है, साथ में ही यह
03:24बच्चों में, या obesity को भी यह बढ़ावा देता है, तो इसकी जाच करना या इसको पहचानना एक अभी तक
03:31challenge बना हुआ था, और जिसके लिए CSIR, IITR ने एक टेकनलोजी, मिन्स एक analytical technique डेवलप करी है, जिसमें
03:43कि आप 45 PFAS molecule की analysis कर सकते हैं, वो भी 10 minute के अंदर,
03:50और साथ में हम लोगों ने एक nano composite material डेवलप किया है, जिसके मदद से आप पानी में से
03:5890% PFAS का removal किया जा सकता है, पानी को साफ किया जा सकता है, पीफास से, तो इसका
04:05नाम जो रखा है हम लोगों ने,
04:07पाप गार्ड, पाप गार्ड का मेंस persistent organic pollutants for PFAS गार्ड, जो कि पानी से पीफास को 90%
04:20से ज़्यादा रिमूव कर देता है,
04:22So, मेरा नाम अंशलतिवारी है, मैं यहाँ पर senior research fellow के पतपर हूँ, और मैंने एक material बनाया है,
04:31जो metal oxide और polymer के मिश्रण से बना हुआ है, जिसे हम nanocomposite material बोलते हैं, यह adsorption प्रणाली
04:39पर आधारित है, जो की drinking water में या पानी में मौझूद,
04:46जो विशैले तत्तो होते हैं, जिसमें मौकिता PFAS एक तत्तो है, जिसे persistent organic pollutant भी कहा जाता है, उसको
04:55adsorption technique के थूर रिमूवल करता है, पानी से हटाता है, और हमें पानी को पीने लाइक बनाता है,
05:01तो सबसे पहले हमें यह जानने के अवश्रकता है कि PFAS क्या है, PFAS एक carbon और fluorine compound है,
05:09बड़ी चैन का एक compound है, जो toxicity effect cause करता है, इवन यहां तक देखा गया है, जो cancer
05:16cause करता है, या मौकिता किसी भी तुचा को या किसी भी surface को water repellent बनाता है, heat resistant
05:24बनाता है या stain repellent बनाता है, जैसे
05:26कि आपने दिखा है होगा आज के time paints आते हैं, जो water repellent paints होते हैं, या apparels होते
05:32हैं, या carpets होते हैं, जो stain repellents होते हैं, या non-sticky pan एक बहुत बड़ा example है, जिसमें
05:37इसकी surface पे coating की जाती है, जिससे वो water repellent surface बनता है, ये leech होकर हमें water bodies
05:43में आता है, हमारे food में आता है, जिसकी व
05:56water या पानी में मौझूद इस विशहले तत्तों को adsorb कर लोगे इसकी surface पे और पानी से इसको हटा
06:02सकते हो, पानी को पीने लाइक बना सकते हो, US EPA की guidelines ने इसकी जो limit दी है, वो
06:084 PPT दी है, 4 nanogram पल लीटर जो की बहुत कम limit है, इस से जादा 4 PPT से
06:14जादा नहीं होना चाहिए पान
06:16अब ही दुरभागी की बात यह है कि इसके बारे में लोगों को जादा जानकारी नहीं है, कि पीफास है,
06:21क्या इसके दुश्परियर नाम क्या हो सकते हैं, अमेरिका और यूरोप में इसको लेके बहुत जागरुकता है, और वहां पे
06:27बहुत regulations भी जो आये है, वो 4 PPT level के आय
06:44उनको जादा डेली यूज में यूज करने की आउशकता नहीं है, जैसे सबसे बड़ा एक्जामपल है, हमें non-sticky pants
06:50से दूर रहना चाहिए, सर ने जैसे आपको भी दिखाया कि food packaging materials में भी इसकी coating की जाती
06:56है, जिसके तुरू वो लीच होकर हमारी शरीर के अंदर में आता है,
06:59अब बात करते हैं जो हमारा nano composite material है, ये absorption technique पर आधारित इसको हमने different parameters पर
07:07जाचा है, जैसे कि अगर पानी का pH अलग अलग हो, pH 4, 6, 8, 10, अगर different pH पे
07:14भी ये काम करता है, ये 10 mg dose एक लीटर पानी को हटाने के लिए काम करता है, अगर
07:20आप 10 mg भी इस material को लोगे तो ये 1 लीटर �
07:23पानी को पीफास युक्त पानी को clean कर देगा, तीसरा इसका जो contact time होता है, इसको 5-10 मिनट
07:30का एक contact time चाहिए होता है, पीफास के साथ, तब ये अपनी mechanism के तूरू इसको remove करता है
07:35पानी से, ये एक major point है, अब बारत में जो पानी पीते हैं आम सराथ, इसमें कितनी मात्रा में
07:41
07:42मैंने जैसे लखनो की मैं बात कर सकता हूँ, मैंने लखनो के groundwater का सर्वे किया है, तो लखनो के
07:46groundwater में इसकी मात्रा मुझे मतलब 5-10 नैनो ग्राम पर लीटर से लेके 200-300-500 नैनो ग्राम पर
07:55लीटर तक पाई गई है, इसमें मुखिता मैंने जो पाया, केसरबाग, अमीनाबा�
08:01पाईशली पॉपलेटेड एरिया है वहां के water bodies में मुझे, ground water में especially मुझे पीफास का concentration जादा मिला.
08:07यह मेरा नाम डॉक्टर जोतिका राजावत है और मैं साइन्टेस्ट हूं, DHR Division, King George Medical University में और हम
08:15Cancer Biology पर रिसर्च करते हैं.
08:18तो देखिए, PFAS जो है यह इन्वार्मेंट में भी प्रेजन है, बहुत सारे हमारे जो डे-to-day लाइफ में
08:24जो हम जितना भी यूज करते हैं, कुछ प्लास्टिक माटिरियल्स यूज करते हैं, डिस्पोजबल आइटम्स यूज करते हैं, उनमें जो
08:31अंदर लाइनिंग होत
08:44हैं, उस पे भी PFAS की कोटिंग रहती है, तो PFAS chemical environmental pollutant तो है ही, उसके साथ साथ
08:51वो health risk भी पोस करता है, तो अभी बहुत सारी latest research बताती है, कि PFAS किड्नी कैंसर कॉस
08:59करता है, कर सकता है, ऑल्दो अभी exact human trial में नहीं है, लेकिन animal based study है, उसमें बताया
09:07गया है, तो kidney का है, फिर हमार
09:10respiratory जो lung वाला cancers हैं, उससे भी associated रहता है, और कुछ digestive tract के जो cancer है, उसमें
09:18भी इसका role पाया गया है, तो क्योंकि यह ऐसा harmful chemical है, तो WHO ने इसको in the risk
09:26of possible carcinogen में डाला हुआ है, although pure carcinogen कैटेगरी में नहीं दिया है, तो possibility है कि यह
09:34carcinogen हो सकता है, तो इस पे अभी research जारी है, उसके बा�
09:39क्लासिफिकेशन हो सकता है, हाँ, डेफिनेटली टॉक्सिक है, तब ही से carcinogen की कैटेगरी में डालने के लिए बात चल
09:47रही है, क्योंकि यह हमारी बॉडी में जाके और chemical, यह क्या कर रहेगा, DNA mutations कर सकता है, तो
09:55DNA mutations होंगे, और वो mutations ही, ultimately जब खटे होते जाते हैं बॉडी में
10:00तो पर वो cancer में convert हो जाता है, ट्यूमर बन सकता है
10:04ETV भारत के लिए वीडियो जैनलिस्ट विजे बर्मा के साथ खुर्शीद एहमत लखनव
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